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Transcript [EN]: UPSC और MPPSC की एकीकृत तैयारी का विशेष व्याख्यान | आधुनिक शिक्षण पद्धति | डॉ. पुरुषोत्तम मेघवाल |

Author:Dr. PURUSHOTTAM MEGHWAL - Meghwal's IAS

Summary

यह व्याख्यान यूपीएससी और MPPSC की एकीकृत तैयारी पर केंद्रित है, जिसमें लेखक बताते हैं कि दोनों परीक्षाओं का सिलेबस एक है और प्रश्नों की शैली में फर्क थोड़ा है लेकिन तैयारी एक ही तरीके से करनी चाहिए। वे डाइवर्सिफाइड, इंटर-डिसिप्लिन पढ़ाई के महत्व पर जोर देते हैं, जैसे भूगोल के भीतर राजनीति, पर्यावरण, मौसम आदि विषयों को एक साथ पढ़ना फायदेमंद रहता है, ताकि एक मजबूत, बहु-आयामी उत्तर लिखा जा सके। साथ ही उन्होंने आधुनिक AI टूल्स (डीप सिक, चैट जीपीटी) के उपयोग से तैयारी की गति कैसे बढ़ती है, नोट्स-निर्माण कम पड़ता है और प्रीलिम्स से लेकर मेंस तक बेहतर क्वालिटी वाले उत्तर संभव होते हैं, यह समझाया। अंत में करंट अफेयर्स, ग्लोबल/नेशनल लेवल के उदाहरणों को शामिल कर संरचित प्रश्न-उत्तर बनाने की रणनीति और दैनिक होमवर्क के साथ आज के पेपर की तैयारी कैसे तेज हो सकती है, इस पर मार्गदर्शन दिया गया।

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प्री देख रहे हैं तो उसके हिसाब से भी कुछ बात करते हैं जनरल आपने एमपीपीएससी का सीरीज देखा होगा पूरा 15 क्लासेस हैं 2019 की है लेकिन बहुत सारी चीजें उसमें ऐसी है जो अभी की जा सकती पिछली क्लासेस में भी हमने एमपीपीएससी के हिसाब से बहुत सारी चीजें वैसे हमारा पढ़ाने का तरीका ऐसा है कि हम यूपीएससी एमपीपीएससी दोनों को एक साथ लेकर चलते हैं और दोनों एग्जाम सिविल सेवा परीक्षा ही है सिलेबस दोनों का एक है पूछने का तरीका थोड़ा सा क्वेश्चंस का स्टैंडर्ड जो है वो आपको पांच क्वेश्चन ऐसा यूपीएससी के प्री में भी मिल जाएंगे जो आपको एमपीपीएससी में मिलते हैं पांच क्वेश्चन मिल जाएंगे ऐसे बहुत सिंपल उतने व इसका जो हाईएस्ट होता है टफ एमपीपीएससी में जो हाईएस्ट अप है व वहां सबसे सिंपल है वहां सबसे सिंपल क्वेश्चन है वो यहां यूपीएससी में सबसे टफ क्वेश्चन है एमपीपीएससी में सबसे टफ है यूपीएससी में सबसे सिंपल है तो यह रेंज है तो पांच क्वेश्चन ऐसे ज्यादा नहीं होते तो दोनों में बैलेंस क्या बना है दोनों में बैलेंस यह है कि थोड़ा सा आगे जाना पड़ेगा आपको जैसे यहां रूफ रूफ टॉप सोलर की बात आती है तो रूफ टॉप सोलर में कौन सी योजना है क्या है सरकार की कौन सी योजना है उसका नाम पूछ लिया है यह पूछ लिया है जबकि रूप टॉप सोलर में जो फिर पूरा जो उसका ल जो लगाया जाता है उसका मैकेनिज्म क्या है कौन-कौन से टूल्स होते हैं क्या मैकेनिज्म है और वह काम कैसे करता है उससे जुड़े हुए क्वेश्चन जो है आपको यूपीएससी में मिल सकते हैं थोड़ा सा मैकेनिज्म के लेवल पर चला जाता है यहां जैसे कोई रिएक्शन हो रही है तो रिएक्शन का नाम और प्रोडक्ट क्या बन रहा है वह एमपीपीएससी में पूछ लेते हैं और होल रिएक्शन कि प्रोडक्ट क्या था यानी कि कंटेंट क्या था कैटालाइजर कौन है कैटालिस्ट कौन है यह जो सारी चीजें है यह यूपीएससी का क्वेश्चन है थोड़ा सा वो डीप में चला जाता है मैकेनिज्म चला जाता है जैसे हार्ट के बारे में मैंने आपको बताया ऐसे ही रेस्पिरेटरी सिस्टम के बारे में है ब्लड के बारे में है थोड़ा सा डीप हो जाता है क्वेश्चन उसका जेनेटिक्स का क्वेश्चन है तो आपको डीप में तैयारी करने का क्या फायदा है ीप में तैयारी करने का यह फायदा है कि एमपीपीएससी का जब आप मेंस देंगे तो वहां डीप और शैलो तैयारी नहीं होती वहां तो आपका क्वालिटी क्वेश्चन जिसका होगा उसको ज्यादा मार्क्स मिलेंगे क्वालिटी आंसर होगा आपका तो आपको मार्क्स ज्यादा आएंगे तो अगर प्रीलिम्स में आपने बहुत डीप में पढ़कर यूपीएससी के लेवल पर पढ़ के और फिर अगर एमपीपीएससी का प्री निकाला है तो आपके लिए मेंस निकालना बहुत आसान हो गया क्योंकि मेंस में आप आंसर डीप में लिख पाएंगे अच्छे से लिख पाएंगे अच्छे से एक्सप्लेन कर पाएंगे तो ज्यादा मार्क्स आएंगे तो यह बहुत आसान है दोनों चीजें तो बैलेंस ये करिए तो इसलिए हम यहां जब ज्यादातर बच्चों को देखते हैं कि जो एमपीपीएससी निकाल कर के डिप्टी कलेक्टर बन रहा है अब वो क्या होता है कि डिप्टी कलेक्टर पोस्ट जवाइन कर लेता है छोड़ता तो है नहीं एक्सटेंशन भी नहीं लेता वो डरता है अच्छा पहली बार नौकरी लगती है तो आदमी को ट्रेनिंग करने की भी इच्छा होती है और जब वो फील्ड में लगता है तो उसको लगता है कि कलेक्टर साहब ने मुझे ये काम बताया है मेरे बॉस हैं और मैं एसडीएम हूं यहां का तो वो दौड़ दौड़ के काम करता है रात दिन एक कर लेता है थक जाता है यूपीएससी की तैयारी नहीं कर पाता तो व यूपीएससी कभी नहीं निकाल पाता अदर वाइज वह यूपीएससी का ही मटेरियल था वह एक साल और अगर पेशेंस रख लेता यहां डिप्टी कलेक्टर बना है एक साल पेशेंस रख लेता तो वह यूपीएससी निकालता और आईएस बनता और बॉस की जगह व बैठा रहता लेकिन उससे गलती य हो जाती है कि वह अपने ऊपर कंट्रोल नहीं रख पाता और वह उस चक्कर में आ जाता है ट्रेप में आ जाता है ठीक है तो इसलिए जितने बच्चे यहां एमपीपीएससी में डिप्टी कलेक्टर निकालते हैं वो सब आई निकाल सकते हैं यूं समझ लो उल्टा बोल दू मैं कि वो सब आईएस निकालने लायक थे इसलिए व व डिप्टी कलेक्टर बने ठीक है जितने बच्चे डीएसपी निकाला वह सब आईपीएस बनने लायक थे वहा आईपीएस बनते एक साल और मेहनत कर लेते अच्छे से यूपीएससी की तैयारी करते एक साल वो बन जाता इसलिए हम कहते हैं दोनों की तैयारी एक ही है अगर आपको टॉप फिर क्या होता है कोई कोई व्यक्ति अगर एमपीपीएससी को स्पेशल फोकस करे केवल एमपीपीएससी को फोकस करे और खूब अच्छे से ही एमपीपीएससी को यूपीएससी को टच ही ना करें तो मुझे लगता है वो नायब तहसीलदार से ऊपर कभी जिंदगी में नहीं पहुंच सकता ज्यादा से ज्यादा वो नायब तहसीलदार बनेगा तो जितने लोग ऊपर डीएसपी बने हैं जितने लोग ऊपर डिप्टी कलेक्टर बने हैं वो कौन लोग हैं जिन्होंने यूपीएससी की तैयारी बहुत अच्छे से कर रखी है उसके सिलेबस को बहुत अच्छे से डीप में उसी स्टाइल में कर रखा है इसलिए मैं यह बार-बार बोलता हूं कई लोग सोचते हैं कि ये बोलते हैं कि एमपीपीएससी की तैयारी तो बहुत लाइट होती है सर तो बहुत टफ पढ़ाते तो हम डिप्टी कलेक्टर के लिए पढ़ा रहे हैं ना आपको हम डीएसपी के लिए आपको पढ़ा रहे हैं डिप्टी कलेक्टर के लिए हम नायब तहसीलदार के लिए क्यों टारगेट करेंगे वो तो 100 लोग बनते हैं कई बार 100 पोस्ट होती है नायब तहसीलदार की और बहुत फिसड्डी पोस्ट होती है अभी तो कम है लेकिन कई बार 300 रैंक के आसपास नायब तहसीलदार शुरू होता है ठीक है 200 रैंक पर नायब तहसीलदार शुरू होता है तो हम तो टॉप 20 रैंक या टॉप 50 रैंक के हिसाब से पढ़ाई कराएंगे तो हम वही पढ़ाई करा रहे हैं तो फिर क्या यूपीएससी वाला बहुत टफ हो जाता है नहीं कल कल मेरा एक लेक्चर था हमारे पेड क्लास में मैं उसको डालूंगा भी सही कल डालूंगा मैं उसको कल थोड़ा एमपीपीएससी का एग्जाम हो जाए फिर आप लोग देखना उस लेक्चर को उसमें मैंने बहुत अच्छे से बायोम को भी लिया है उसमें मैंने कोपेन का क्लासिफिकेशन ऑफ क्लाइमेट जो है उसको बहुत अच्छे से लिया है और इसके अलावा जियोग्राफी का जो क्लाइमेट क्लासिफिकेशन अलग से जो क्लाइमेट होते हैं टाइप्स ऑफ क्लाइमेट्स या जो भी हम लोग मेडिटरेनियन और वह जो हॉट डेजर्ट और इक्वेटोरियल वाले जो जो हम जलवायु की बात करते हैं तो क्लाइमेटिक रीजन तो वह क्लाइमेटिक रीजन तीन तरीके से मैंने उसमें एक्सप्लेन किया और तीनों तरीकों को एक साथ चलाया है तीनों तरीकों को एक नया एक्सपेरिमेंट है जनरली बहुत कम लोग करते हैं मैंने नया एक्सपेरिमेंट किया उसमें फ्लोरा भी लिया है फोना भी लिया है समथिंग एग्रीकल्चर इंडस्ट्री बहुत सारी चीजें एक साथ चलाइए एक ही लेक्चर में हालांकि वो लेक्चर हाफ है हाफ नहीं है बल्कि न थर्ड है उसके बाद दो लेक्चर और उसी लेवल के होंगे तब जाकर के वो पूरा कंप्लीट होगा लेकिन एक सिंपल है आप उसमें देखना कल वाले में यह स्टाइल यदि आप रखेंगे तो एमपीपीएससी क्या और यूपीएससी क्या दोनों निकल जाएगा और अतिरिक्त मेहनत भी नहीं है तो थोड़ा सा इंटर डिसिप्लिन कब बोलते हैं हम लोग इंटर डिसिप्लिन या मल्टी डिसिप्लिन हम तब बोलते हैं जब हम एक सब्जेक्ट को दूसरे सब्जेक्ट के साथ जोड़ रहे हैं लेकिन हम इंट्रा डिसिप्लिन की बात कर रहे हैं एक ही डिसिप्लिन के अंदर यानी ज्योग्राफी के ही अंदर हम एक चैप्टर दूसरे चैप्टर तीसरे चैप्टर चार चैप्टर को जोड़ के पढ़े जैसे कि आप पॉलिटी में पॉलिटी से ज्यादा अच्छे से समझ में आएगा तो थोड़ा सा यूपीएससी स्टाइल हो जाता है जैसे लोकसभा तो लोकसभा से हम सांसद को अलग क्यों करें लोकसभा से हम पार्लियामेंट्री कमेटी को अलग क्यों करें संसदीय समिति जो होती तो हम जब पार्लियामेंट पढ़ रहे हैं संसद पढ़ रहे हैं तो हम पार्लियामेंट्री कमेटी को भी पढ़े तब हम विधेयक बनने की प्रक्रिया को भी पढ़े तब हम सांसद की भी पढ़े और साथ साथ हम यह भी पढ़े डिस क्वालिफिकेशन कैसे होता है फिर हम लोकसभा अध्यक्ष को भी पढ़े ठीक है तो एक चैप्टर जब आप पढ़ रहे तो दूसरे को उस समय में अलग करके नहीं पढ़ना बल्कि लोकसभा अध्यक्ष कौन-कौन सी समितियों का अध्यक्ष होता है पदेन वह हम उसी समय बताते उसको ठीक है और जब कोई विधेयक बन रहा है तब लोकसभा अध्यक्ष का क्या रोल है जब चर्चा हो रही है तब लोकसभा अध्यक्ष का क्या रोल है संसद को जब पढ़ा रहे हैं तब लोकसभा अध्यक्ष का क्या रोल क्या रोल है ठीक उसी समय में सांसद का तो कैसा हो जाएगा तैयारी डिफरेंट हो जाएगी अभी हम उसको अलग-अलग सेगमेंट में पढ़ते हैं यह जो ये जो तरीका है ये थोड़ा सा यूपीएससी में बहुत काम आता है उसमें आप मिक्स कर देते हैं सबको और खास करके मिक्स करना होता है और जो नहीं करते उनको देर लगती है सिलेक्शन होने में व तीसरे चौथे अटेंप्ट में मिक्स कर पाते हैं फिर सिलेक्ट होते हैं इसलिए वो कई सारे अटेंप्ट लग जाते हैं लेकिन करना आपको वही होगा और यही अप्रोच यद आप यहां ले आए थोड़ा सा यहां पर पेपर कई बार ऐसा आता है कि लोकसभा के अध्यक्ष की शक्तियां बताई है तो बहुत ज्यादा वो नहीं करना होता लेकिन यदि डायनेमिक है आप तो फिर आप निकाल लेंगे तरीका तो वही आएगा लोकसभा की शक्तियां संसदीय समितियों के संदर्भ में विधेयक बनाने के संबंध में सांसदों के डिस क्वालिफिकेशन के संबंध में विधेयक में चर्चा हो रही या स्थगन आ रहा है या प्रस्ताव जो मोशन आते हैं उनके बारे में डिसीजन लेने के संबंध में फिर जो सांसदों के जो विशेषाधिकार होते हैं प्रिविलेज होते हैं है ना उनके बारे में फिर उसकी एस जुडिशरी लोकसभा अध्यक्ष स्पीकर एस जुडिशरी ठीक है ऐसे आपको डावर्स तो करना ही पड़ता है तो फिर जब करना ही पड़ता तो उसी समय में सांसदों का क्यों नहीं कर देते उसी समय लोकसभा उपाध्यक्ष भी क्यों नहीं कर देते हम डरते हैं एक्सपेरिमेंट करने से हम लोग डरते हैं हमको जो सेगमेंट में जैसे एक थाली होती है जिसमें अलग-अलग खाने होते हैं और उसमें अलग-अलग चीज मिक्स होती है अलग-अलग चीज डालने की जगह होती है ठीक है और हमारे दिमाग में भी वैसे सेगमेंट्स है कि हम जो है दाल वाले खाने में दाल होनी चाहिए वो अगर इधर आ गई तो फिर वह डिस्टर्ब हो एक थाली होती है वो वाली जिसमें सब मिक्स हो सकता है फैल जाता है इधर उधर कई बार उसमें भी फैल जाता है जब ओवरफ्लो होता है तो होता है ना फैलता है तो लेकिन वह जो सेगमेंट बना के पड़ने की जो आदत है वह फिर आपको दिक्कत पैदा करती है खास करके आंसर की क्वालिटी खराब करती है हा उसी सेगमेंट का अगर क्वेश्चन आ गया दाल के विशेषताए बताओ तब तो ठीक है लेकिन भोजन की विशेषताएं बताओ तब दिक्कत हो जाएगी तब आप नहीं बता पाएंगे तो मैंने जो उदाहरण दिया उससे आप समझने की कोशिश करिए और एमपीपीएससी और यूपीएससी की तैयारी को इस तरह से ना लेकर के एक साथ करने की कोशिश करिए ज्यादा फायदा आपको एमपीपीएससी में मिलेगा सोचने का तरीका मजबूत होगा तो फिर भी हम जो उसमें आप जब हमारा कल का लेक्चर जब आप देखोगे कल यह जो एग्जाम हो जाएगा आपका उसके बाद उस लेक्चर को डालेंगे दिन में कभी तो शाम को आप देखिएगा कल उस लेक्चर को तो उसमें आपको मिलेगा कि स्ट्रक्चर कैसे बनाना है आंसर का स्ट्रक्चर कैसे बनाना है और प्रीलिम्स का गिराव भी कैसे होता है तो मैं आज उसके बारे में इसलिए बात कर रहा हूं क्योंकि कल एग्जाम है वो तो कल डालेंगे हम लेक्चर तो आज क्या मसाला मिल सकता है तो आज यह हो सकता है कि आप करंट अफेयर्स को देख कर के जाए सभी चीजों का करंट अफेयर्स देख के जाए नेशनल लेवल का भी इंटरनेशनल लेवल का भी और मध्य प्रदेश लेवल का भी तीन लेवल आपको पकड़ने हैं मध्य प्रदेश लेवल का इंडिया लेवल का और इंटरनेशनल लेवल का इंटरनेशनल लेवल का करंट अफेयर्स आपको खास करके वह वाला पकड़ना है जिससे भारत का कोई न कोई रिलेशन है घटना चाहे अंतरराष्ट्रीय स्तर की हो इंटरनेशनल लेवल का करंट अफेयर्स हो हो लेकिन भारत के ऊपर क्या अभी जैसे ट्रंप जो है वोह एंटी टैरिफ वाला वो वाला जो लेकर आ रहे हैं है ना तो पहले भी ला लेकर आए थे भारत विरोधी था कानून और इतने सारे अगर काउंटरवेलिंग ड्यूटीज अगर इतनी सारी लग जाएंगी तो फिर क्या होगा हमारा यहां से जो सामान जाएगा वह महंगा हो जाएगा या कई सारे सामान तो जा ही नहीं पाएंगे बिकने के लिए बल्कि उनकी सामग्री हमारे यहां बहुत आसानी से बिक पाएगी तो ये तो भारत के व्यापार के विरोध में और मोदी वहां जब बैठे हुए हैं तो उन्हीं के सामने जो है वो यह वाली घोषणा कर रहा है व व्यक्ति ठीक है अभी हम यही लेकर बैठे हैं कि ट्रंप खड़ा है और मोदी कुर्सी पर बैठा है और ट्रंप खड़ा हुआ है तो देखो भारतीय प्रधानमंत्री की झांकी ऐसे तो बनिया भी आपको अपनी कुर्सी पर बिठा देगा लेकिन आपका ब्याज तो लगा देगा ना ब्याज लगा देगा सौदा बहुत महंगा दे देगा बनिया कितना स्वागत करता अरे अरे आइए आइए आप बैठिए दुकान मुकान वाले को देखो आपके लिए चाय मंगवाते हैं यह करते हैं वो करते हैं स्वागत करता है लेकिन ब्याज कितना खतरनाक लगाता है मुनाफा कितना खतरनाक वसूल करता है तो ट्रंप एक बनिया है वह चीज सबके समझ में नहीं आएगी ठीक है ना उनको लग रहा कि यह वाला फोटो हम दिखा दे तो हमारी झांकी हो गई झांकी नहीं हो गई उसने अंदर से खोखला कर दिया उसने जो कानून लागू किया उसको देखिए ना आप कानून क्या लागू कर रहा है उसकी लैंग्वेज समझ में आती है क्या पहले तो विकिपीडिया पर जाकर व कानून खोल के देखो कि वह है क्या केवल ऐसे सोशल मीडिया पर सुनने से थोड़ी होता तो ऐसी जो चीज जिसका अंतरराष्ट्रीय टना है लेकिन भारत पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है जी 20 की समिट हुई थी हमारी य हमने उसको बहुत बड़ा इवेंट बनाया इंटरनेशनल इवेंट था इंटरनेशनल खबर थी लेकिन भारत का करंट अफेयर्स बना था कौन से मंडपम में हुआ था भारत मंडपम में हुआ था ऐसे क्वेश्चन अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रश्न लेकिन भारत के अब आप कहेंगे नहीं हम इंटरनेशनल करंट अफेयर्स तैयार करेंगे वो बहुत महंगा पड़ेगा क्योंकि 100 हज घटनाए हुई होंगी छोटी मोटी तो हम क्याक कर लेंगे लेकिन 10000 में से 100 घटना ऐसी हुई होगी जिनका भारत से सीधा संबंध है हम उन 100 घटनाओं का करंट अफेयर्स तैयार करें ठीक है एक तो यह कभी-कभी यूपीएससी क्वेश्चन पूछता था कि साउथ अमेरिका के किसी एक देश में तूफान आया था कीचड़ वाला और उसमें इतने लोग मर गए और वह बताइए तो ऐसे क्वेश्चन यूपीएससी पूछता है कभी-कभी अंतरराष्ट्रीय स्तर के जिसका भारत से कोई ज्यादा रिलेशन नहीं होता लेकिन वो क्वेश्चन पूछ लेता है एपीपीएससी में ऐसी चीजें कम देखने को मिली है जो जिसका भारत से संबंध नहीं है और फिर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की चीज पूछी है लेकिन अगर पूछता है तो थोड़ा अंदाजा आपको लगाना होगा दूसरा नेशनल लेवल का करंट अफेयर्स नेशनल लेवल का करंट अफेयर्स थोड़ा सा सेकुलर टाइप का चुनना आप लोग पार्टी पॉलिटिक्स वाले करंट अफेयर्स नहीं करने हमको धर्म वाले भी नहीं करने ठीक है हमको कौन से वाले सेकुलर टाइप के जैसे कि पर्यावरण के ऊपर सबसे ज्यादा क्वेश्चंस जो है करंट अफेयर्स के आते हैं एनवायरमेंट को लेकर के दिल्ली एनसीआर की हवा को लेकर के काफी क्वेश्चंस आए थे कि आखिर ऐसा क्या था जो दिल्ली एनसीआर में हमको परेशान करता है दिसंबर के महीने में हवा बहुत खराब हो जाती है सीवियर कंडीशन तो 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे कौन से रूल दिए थे जिसके आधार पर चलना था ठीक है एक दूसरी चीज आईटीसी जड का और जेट स्ट्रीम्स का क्या रोल है व्ट आर रोल्स ऑफ आईटीसी जड एंड आईसीटी जड और जेट स्टम्स जेट स्ट्रीम्स इन डेल्ली एनसीआर डेल्ली एनसीआर क्लाइमेटिक कंडीशंस इन विंटर सीजन इन विंटर सीजन तो यह जो होता है विंटर में एकदम से डेली एनसीआर में जो है यह हो जाता है तो क्या हो सकता है तो जेट स्मस मदद करती है ऊपर जो पोल्यूटेंट्स है डेली एनसीआर के सामान्य दिनों में ऊपर अंतरिक्ष तक पहुंचाने में दिक्कत नहीं आती पोल्यूटेंट ऊपर निकल जाते हैं लेकिन उस समय में जेट स्ट्रीम्स और नॉर्थ में नॉर्थ इंडिया में जो दबाव बनता है और जो प्रेशर का खेल होता है जो टेंपरेचर की वजह से खास करके इन सब की वजह से तो एक तो ठंडक भी बहुत बढ़ जाती है और दूसरे पोल्यूटेंट अटक जाते हैं ऊपर नहीं जा पाते उनको पैसेज नहीं मिलता तो वह पोल्यूटेंट जब नीचे रह जाते हैं तो सांस लेने में दिक्कत आती है वो सारे के सारे हमको सांस की बीमारी सिगरेट पीने के बराबर यानी आपने सैकड़ों सिगरेट प ऐसी स्थिति आपकी हो जाती है और ऐसे में फिर हम बच्चों का स्कूल बंद करते हैं पराली तो गर्मी के दिनों में अभी गेहूं की कटाई होगी तो अभी भी अभी भी पराली जलाएंगे पराली दो बार जलाते हैं चावल की कटाई होगी तब भी पराली की बात आती है पराली दो बार आती है लेकिन जो गर्मी के दिनों में जो पराली वाली बात है वोह उतना नुकसान पैदा नहीं करती क्योंकि उस समय में जेट स्ट्रीम्स आटी सी जड और ऊपर जो एक कटोरा जैसा बन जाता है दिल्ली के ऊपर एक कटोरा नुमा स्ट्रक्चर बन जाता है खास करके इस तरह की चीज हो जाती है टेंपरेचर और उन सबकी वजह से जेट स्ट्रम्स की वजह से जिसकी वजह से वो पोल्यूटेंट तो आपको इस स्टडी को कहीं कहीं पढ़ना है तो फिर स्टेबल बर्निंग और या जिसको हम पराली जलाना कहते हैं यह सब मुद्दे नहीं है यह मुद्दे हैं लेकिन यह बहुत छोटे हैं दरअसल वह जो मुद्दा है फिर पोल्यूटेंट नहीं होंगे तो जो कटोरा है उसके पार चलो नहीं भी जा रहे तो पोल्यूटेंट है नहीं तो फिर समस्या भी नहीं है तो इसलिए पोल्यूटेंट तो समस्या है पोल्यूटेंट्स तो हमारे द्वारा एंथ्रोपोजेनिक है ह्यूमन के द्वारा ही निकाले जा रहे हैं तो वह पैदा तो समस्या वही कर रहे हैं लेकिन आम दिनों में क्या होता है केवल विंटर में क्यों प्रॉब्लम होती है तो यह इस लेवल पर समझना है अभी हम लोग पॉलिटिक्स के हिसाब से सोचते हैं कि हरियाणा सरकार ने यह कर दिया है पंजाब सरकार पराली बंद नहीं करा पा रही केजरीवाल यह कर रहा था बीजेपी ने यह कर दिया यह जो है यह सब चीजें पॉलिटिक्स वाली नहीं आपका करंट अफेयर्स जो है व साइंटिफिक होना चाहिए ठीक है जो मैं इसलिए कह रहा था कि आप ऐसी चीजें नेशनल लेवल की पकड़ है फिर जो बड़ी दुर्घटनाएं हुई है सारी देश भर की तो अब आपके पास मैं इस लैंग्वेज में बात क्यों कर रहा हूं मैं पहले भी इसी लैंग्वेज में बात कर रहा था लेकिन उस समय में चट जीपीटी नहीं था मैं पिछले 30 साल से इसी स्टाइल से पढ़ाता हूं और अब यह स्टाइल बहुत काम का है यह स्टाइल अब जाकर बहुत काम का है अब जाके एकदम ही फ्रुक्टिफाई कर स एकदम काम का है क्यों क्यों काम का है क्योंकि अब मैं जिस लैंग्वेज को बोल रहा हूं वो लैंग्वेज एजेपीटी में क्वेश्चन टाइप करने की लैंग्वेज है आप जाकर के क्वेश्चन इस टाइप से टाइप कर सकते हैं जो मैं बोल रहा हूं फिर आपको आंसर मिल जाएगा पहले क्या था पहले मैं ऐसा बोलता था लेकिन आपको कलेक्ट करना पड़ता था मेहनत ज्यादा करनी पड़ती थी अब आपकी मेहनत बहुत कम है आपको केवल चैट जीपीटी का फ्री वाला वर्जन भी पेड ले लेंगे तो बहुत अच्छा कुछ का खर्चा है महीने का और अगर आप पेड नहीं भी ले रहे हैं तब भी आप व डीप सीक वाला तो और ज्यादा दे रहा है ब ही थोड़ा वेट करा रहा है परेशान कर रहा है व कनेक्टिविटी लेकिन बाकी वह और ज्यादा अच्छे से डिटेल में दे रहा है उससे चार गुना दे रहा है डीप सिक वाले ने क्या किया है कि जितनी भी एलएलएम स्टाइल थी जितने भी लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स थे जितने भी उन सारे मॉडल्स को उसने कॉपी कर दिया है तो जीपीटी का बाप हो गया है उसने क्या किया है कि और दो साल में ही हो गया है सिर्फ दो साल में जबक किसी कोई सात साल से काम कर रहा था कोई 8 साल से कर रहा था कोई पा साल से कर रहा था एआई के ऊपर और उन कंपनियों ने अपने यहां तो यानी उसने क्या किया कि दुनिया के जितने भी लोगों ने क्वेश्चन पूछे और चेट जीपीटी से लेकर के दूसरे जितने भी एआई कंपनी के जो टूल्स है उन सबने जो आंसर्स दिए उन सारे आंसर्स को और उन सारे क्वेश्चंस को उसने अपने सिस्टम में ले लिया अब चार अलग-अलग प्लेटफॉर्म पे लाखों के करोड़ों की संख्या में आंसर पड़े हुए हैं डिटेल आंसर है और उन सब ने बड़ी मेहनत से अपना एआई बना कर के और बहुत इवोल्यूशन हुआ उनका उन्होंने बनाया उधर किसी दूसरे ने बनाया फिर तीसरे ने बनाया एक ही मुद्दा का ले लें जैसे मान ली जाए यही कि दुनिया भर में इनकम टैक्स कितने प्रकार के होते हैं अलग-अलग प्रकार के इनकम टैक्स बताइए दुनिया के यह क्वेश्चन है मान ली चार प्लेटफार्म पर पूछा गया कम से कम 50 हज लोगों ने पूछा दुनिया में पिछले तीन सालों में चार सालों में अब डीप स क्या कर रहा है कि उन सारे क्वेश्चन को जितने भी क्वेश्चन थे और जितने भी आंसर्स थे उन सबको अपने सिस्टम में फिट कर दिया उसने अब उससे आप पूछो तो 99 पर एक्यूरेसी आ गई और उसका आंसर सबसे बेस्ट है कुछ समझ में आई क्या किया उसने तो अब जो मैं बता रहा हूं यह क्वेश्चन आप अगर डीप सी से जाकर पूछेंगे फ्री है वो तो उसका पेट तो अभी उस तरह से कर ही नहीं रहा प्रचार लेकिन वो तो फ्री है अब रात को दो बजे करेंगे तो बहुत आसानी से लग जाएगा हालांकि हमारी यहां रात है तो दूसरी जगह दिन है तो ऐसा कुछ नहीं है लेकिन फिर भी इंडियस के हिसाब से बात करें यहां के लोकल के हिसाब से तो रात में आप करेंगे तो ज्यादा आसानी से आंसर देगा तो मैं जो आपसे बात कर रहा हूं उसको आप वहां से निकाल लीजिए और हमारी पुरानी क्लासेस अब सब काम की हो गई क्योंकि उनमें सिर्फ गाइडेंस दिया गया है उसमें टोटल हम इस तरह से एक्सप्लेन नहीं कर रहे लेकिन आईडिया तो उसम ऐसे ही दे रहे हैं जैसे डीप सिक मौजूद है और चट जीपीटी मौजूद है मैं पढ़ा तो वैसे ही रहा हूं जैसे अभी बोल रहा हूं मैं आपको ठीक ऐसे ही तो पढ़ा रहा हूं मैं उसमें भी उसमें मैं आपको कह रहा हूं यह कर लीजिए घर जाकर के पर वह मैं आपको पूरे सप्ताह का होमवर्क दे रहा था यह सा मिनट का होमवर्क है आपके लिए जो पहले पूरे सप्ताह के लिए जो दिया जाता था एक एक क्लास अब आप सात मिनट में निपटा सकते हैं मेरी क्लास सुनिए पूरी क्लास का सार निकालिए उसमें जो होमवर्क दिया गया है उस होमवर्क को करिए कहां जाकर के डीप सीक में और चेट जीपीटी में सात मिनट में हो जाएगा आपका काम और सात मिनट में वह मसाला आपके पास हो जाएगा जिसको तैयार करने में सात दिन लगते थे तो अब सात दिन आप उसको रटने में लगाओ तो आपका तो क्वालिटी बढ़ गई पहले सात दिन तैयार करने में लगता था रट कब अगले साल तो इसलिए दो दो तीन तीन साल का प्रोग्राम था अब तो आप एक साल में आईएस बन सकते हो अब मैं कैसे किसी को भी कोई मेरे पास बच्चा आए और कहे सर कितने साल में आईएएस बन सकते तो पहले मेरा जवाब होता था छ महीने से 6 साल तक कोई भी कितना भी समय लग सकता है आपके ऊपर डिपेंड करता है लेकिन अब मैं कह सकता हूं एक साल से दो साल तक में बन सकते हो कोई भी आदमी एक साल में आईस हो सकता है दो साल में तो हो ही जाना चाहिए उसको क्योंकि अब उसका श्रम जो है बहुत कम रह गया नोट्स बनाने की जरूरत ही नहीं है उसको अब गधा हो गई है नोट्स बनाना डोर मेहनत है हार्ड वर्क स्मार्ट वर्क क्या है चटपटी कई लोग बोल रहे इसकी एक्यूरेसी नहीं इसमें गलत आ रहा अरे गलत आ रहा तो आपने पढ़ पढ़ना भी तो है ना भाई पढ़ोगे ना पढ़ोगे तो फिर जो गलत आ रहा है उसको ठीक करो जो गलत आ रहा है उसको ठीक करो क्रॉस चेक तो करना ही पड़ेगा नहीं तो रटो ग कैसे तो आपको ऑथेंटिक बुक्स तो लेनी है स्टंड बुक स्टैंडर्ड बुक्स तो लेनी है बुक्स में जाकर के देखना ही है लेकिन आप देखोगे ओनली 1 पर एरर और डीप सीक वाली तो मुझे लगता प 5 पर ही है बहुत कम एरर है क्योंकि अब एरर का सवाल नहीं उसने तो पूरा फाइन ट्यूनिंग कर लिया उसका शानदार हो गया उसका एकदम ही फाइन ट्यूनिंग है ह्यूमन ही है व बल्कि ह्यूमन से मैंने पहले भी बताया था ह्यूमन से कई ज्यादा है मैं इन चीजों से इसलिए बात कर रहा हूं आपको कि अगर आप यह नहीं करेंगे तो आप पिछड़ जाएंगे इसलिए मैं जो यहां क्वेश्चन आपके साथ डिस्कस कर रहा हूं उस क्वेश्चन को जाकर के उसमें करिए और कुछ कुछ चीजें ऐसी हो सकती है जैसे पंचायती राज तो पंचायती राज का डटा जो है इंडियन डाटा है क्योंकि पंचायती राज रशिया नहीं डालेगा पंचायती राज चाइना नहीं डालेगा पंचायती राज जापान में चर्चा नहीं होगी पंचायती राज की बात होगी तो अमेरिका में नहीं होगी यूरोप में नहीं होगी अफ्रीका में नहीं होगी पंचायती राज की बात होगी तो इंडिया में होगी और इंडिया में भी तमाम यूनिवर्सिटीज तमाम लेक्चरर सब लोग अपने अपने रीजन में पढ़ा रहे हैं कोई आंध्र प्रदेश का पढ़ा रहा है कोई क्योंकि स्टेट का विषय है तो हम मध्य प्रदेश में रहते हैं यूपीएससी पूछेगा तो नेशनल लेवल पर पूछेगा तो एक्ट से संबंधित पूछेगा 73 और 74 अमेंडमेंट की बात करेगा तो इसका मैटर जरूर थोड़ा सा यूनिक हो सकता है कंसाइनमेंट ज्यादा करना पड़े लेकिन जब मैं बात करूंगा ग्लोबल वार्मिंग क्लाइमेट चेंज हीट आईलैंड इफेक्ट ठीक है और या फिर पोलर वर्टेक्स पोलर वर्टेक्स में कटोरा कहां आ जाता है ला कटोरा जो दिल्ली के य ज्यादा ठंड बढ़ाता है और पोल्यूटेंट रोक के रखता है वह कटोरा नॉर्दर्न इंडिया नॉर्दर्न अमेरिका पर आ जाता है कनाडा के ऊपर और यूएसए के ऊपर नॉर्दर्न यूएसए और कनाडा उसके ऊपर आ जाता है तो वहां पर दो महीने तक आइस जमा रहता है सारी कारें और आधे मकान बर्फ में रहते हैं पोलर वर्टेक्स आ गया ठीक है ध्रुवीय भवर तो जो जो स्थिति आर्कटिक रीजन में होनी चाहिए जो ग्रीनलैंड में होनी चाहिए जो स्थिति अलास्का में होनी चाहिए वह स्थिति आकर के कनेडा और नॉर्थ अमेरिका में हो जाती है नॉर्थ अमेरिका के अंदर भी नॉर्थ वाले नॉर्दन रीजन में सदर्न वाले में नहीं तो उसको हम पोलर वर्टेक्स कहते हैं क्योंकि वो घूम फिर के हवा को उसने बांध के रख दिया और वो उस टेंपरेचर को जाने नहीं देता बढ़ने नहीं देता टेंपरेचर को वही लो टेंपरेचर माइनस 4 माइ 20 माइन 10 बनाकर रखता तो कारें आपकी फसी हुई है जमी हुई है ठीक है घरों में रहना मुश्किल नहीं है घर ऐसे बने होते हैं लेकिन तो यह जो घटनाए है ऐसी घटना इनको आप समझिए ना उन पर जाकर समझिए कि आप मुझे एक्सप्लेन कीजिए जाकर के उनको आर्डर दीजिए आपका जियोग्राफी कितना आसान हो गया अंतरराष्ट्रीय घटनाए कितनी आसान ग तो किन में ख्याल रखना एंडम घटनाओ में खल रख जैसे चीता इंट्रोडक्शन की बात आती है जो मैंने पहले भी आपको बताया था पिछली बार डिस्कस किया था तो वह ग्लोबल इवेंट नहीं है लेकिन उसके बावजूद भी हम लेकर तो आए नामीबिया से तो ग्लोबल इवेंट जैसा तो हो ही गया है ना क्योंकि अफ्रीका का उसमें जिक्र आ गया तो दुनिया भर में साइट्स क्या है सीआईटी साइट्स क्या है जानवरों का व्यापार कैसे होता है ऐसे क्वेश्चन जो होते हैं वो अब बढ़ेंगे और उनके ऑथेंटिक आपको मेंस के हिसाब से यहां पर मिलेंगे ठीक है तो इनको आप पकड़िए फिर खास करके सोलर प्रोब ऐसे ऐसे से प्रोब मून प्रोब मून के ऊपर जो रिसर्च है सोलर यानी इसरो इसरो की जब हम बात करेंगे तो सीधा सधा हम नासा से जोड़ सकते हैं रॉस कॉस्मस से जोड़ सकते हैं इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जोड़ सकते हैं आईएसएस से जोड़ सकते हैं इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन अभी सुनीता विलियम्स लौटने वाली है उनकी खबर पूरे साल भर चली है क्योंकि वो पहले लौटने वाली थी किसी कारणवश वोह नहीं लौट पाई अभी भी रिस्की है अब उनकी हेल्थ थोड़ी डिटेट हो रही है तो उनको लाना बहुत जरूरी हो गया है तो उनकी जान दाव पर लगी हुई है तो वह एक बहुत बड़ा मुद्दा हो सकता है कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष स्टेशन में भारत का रोल क्या है दूसरे देशों का रोल क्या है उसमें हमारे भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के क्या-क्या रोल है उन्होने क्याक रिसर्च किया है ठीक है तो यह अब पर यही है कि अब आपका लेबर बच गया लेकिन कंपटीशन जो का क्यों है समझिए कंपटीशन क्यों है मान ली जाए किसी को रनिंग करना है लेकिन रनिंग करने के लिए 10 किलोमीटर तक के लिए बस अवेलेबल है आगे 5 किलोमीटर तक ट्रेन जाएगी आगे फिर एक कार मिलेगी वो 10 किलोमीटर और ले जाएगी तो 25 किलोमीटर बाद रनिंग ट्रैक आएगा बात समझ में आई तो जेट जीपीटी 10 किलोमीटर का फिर कोई दूसरा 5 किलोमीटर का फिर अगला कोई एआई टूल इन सबको यूज किए बिना यदि आपने यहीं से पैदल चलना शुरू किया यहीं से साइकिल यूज किया यहीं से बाइक यूज किया तो आप रनिंग ट्रैक तक जाते जाते बहुत देर हो जाएगी तब तक रनिंग शुरू हो चुकी होगी उससे पहले तो कंपटीशन में तो आप लेट हो गए तो कंपटीशन में हमको यह सब चीजें यूज करनी है इनसे परहेज नहीं करना है लेकिन केवल इन्हीं में डूब जाना भी गलत है इसलिए कंपटीशन बढा है घटा नहीं है ध्यान रखिए देखिए यह जो भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है यह सब है यह क्रांति है पूरी दुनिया बोल रही है कि भारत एक बहुत बड़ी जगह है इसका प्लेग्राउंड है इस क्रांति का तो कई लोग सवाल उठाते हैं किसे नौकरियां टेंगी यह घटेगा वो घटेगा देखिए यह चीज मैं बता बता दूं आपको कि यह जो क्रांति है इस क्रांति की वजह से जो बिजनेस है वह बहुत बढ़ जाएगा बिजनेस बहुत बढ़ जाएगा बिजनेस की अपॉर्चुनिटी बहुत ज्यादा हो जाएंगे उसका स्पान बहुत ज्यादा हो जाएगा आउटपुट बहुत ज्यादा हो जाएगा प्रोडक्शन बहुत ज्यादा हो जाएगा यूज बहुत हो जाएंगे एप्लीकेशंस बहुत हो जाएंगे नौकरियां टेंगी एक संदर्भ में क्योंकि बिजनेस वाले के लिए बहुत आसानी होगी क्योंकि अब उसे टाइ पीस रखने की जरूरत नहीं है उसे कम्युनिकेटर रखने की जरूरत नहीं है उसे ट्रांसलेटर रखने की जरूरत नहीं है उसे बहुत कम लोगों की जरूरत पड़ेगी बहुत सारी नौकरियां एक तरह से खत्म होगी एक तरह से बोल रहा हूं लेकिन अगर आप बिजनेस माइंडेड है तो आपको बहुत फायदा है आपका बिजनेस बहुत तेज गति से चलने वाला है यह वह क्रिटिकल समय है यह वह पॉइंट है टपिंग पॉइंट इस पॉइंट पर आकर के यदि किसी ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र को मजबूत कर लिया और अगर वह इसमें कूद गया और उसने इसके माध्यम से एसेट्स क्रिएट करना शुरू कर दिया तो बहुत लोगों से आगे हो जाएगा दूसरे लोगों से आगे हो जाएगा बाकी कंपटीशन बहुत है कंपटीशन बढ़ जाएगा जॉब्स एलिमि बहुत सारे लोग फाय होंगे बहुत लोगों को निकाला जाएगा क जरूरत ही नहीं होगी कुछ भी जरूरत नहीं होगी बहुत सारे लोगों की जरूरत खत्म हो जाएगी लेकिन जो फर्टाइल माइंड है जो खुद स्टार्टअप में विश्वास रखते हैं इनोवेशन में विश्वास रखते हैं जिनका आईडिया जनरेशन खुद का है उन लोगों के लिए चांदी है वह लोग बहुत आगे निकल जाएंगे यह बात मैं इसलिए बता रहा हूं क्योंकि यह भी क्वेश्चन है मेंस का तो इसलिए इस चीज को पकड़िए कि क्या इससे नौकरियां खत्म होंगी हां एक सेंस में नौकरियां खत्म होंगी लेकिन अगर एंटरप्रेन्योरशिप आप करेंगे और अगर आप ब्रिलियंट है अगर आप अपॉर्चुनिटी को बनाना जानते अपॉर्चुनिटी कॉस्ट को जानते हैं तो आप बहुत आगे निकल जाएंगे दूसरों से इतने आगे निकल जाए कोई पकड़ ही नहीं पाएगा डिजिटल डिवाइड से बड़ा डिवाइड होगा ए आई डिवाइड ए आई डिवाइड ए यूजर्स और डू नॉट यूजर जो डू नॉट यूज कर यूज नहीं करते और एक यूज करते हैं एक बहुत बड़ा डिवाइड एआई डिवाइड व डिजिटल डिवाइड का बाप है रिजल डिवाइड ने उतना भेदभाव नहीं किया था जितना एआई डिवाइड करने वाला है आम जनता को भी फायदा होगा यूजर्स को भी होगा जैसे अभी आपको मैं बता रहा हूं चैट जीपीटी यूजर्स उनको भी होगा लेकिन सबसे ज्यादा फायदा जो लोग उठा लेंगे मैन्युफैक्चरिंग में प्रोडक्शन में आईडिया जनरेशन में और भी कुछ बिजनेस में और अगर उन्होने चीजों को कैपिट इज कर लिया अगर एसेट क्रिएशन कर लिया तो तो इतना आगे निकल जाएंगे कि उनका मुकाबला करना बहुत मुश्किल हो जाएगा तो नए तैयार होने वाले इंडिया में नए बिग टेक आने वाले हैं दुनिया में बिल्कुल ही नए टाइप के और य ये ट्रांजिशन पॉइंट है अब आप सिविल सर्विसेस में इससे अगर परहेज करेंगे तो बहुत पीछे रह जाएंगे दो तीन साल की जो तैयारी आपकी छ महीने में एक साल में कवर हो रही है नोट्स बनाने का टं खत्म हो गया है कलेक्शन का और इनका और बहुत सारे नोट्स को देखना और उसको आपने देखा पीडीएफ सिस्टम आया उसमें सर्च मारने काया अगर आपको ह्यूमैनिटी सर्च चाहिए ह्यूमन चाहिए ह्यूमन बीइंग ह्यूमन बीइंग लिखिए एकदम से वही पेज खुलेगा पीडीएफ का जिस पर ह्यूमन बीइंग लि चार जगह लिखा है तो चार लिख देगा व कि पूरे जो 200 पेज का पीडीएफ है इसमें चार जगह पर ह्यूमन लिखा है बताओ कौन सा वाला चाहिए चार पर जंप करा देगा वह आपको एकदम से तो यह क्रांति थी ना नहीं तो 200 पेज पढ़कर ह्यूमन ढूंढना कितना बड़ा टास्क था ऐसे ही वर्ड की फाइल में भी था यह उससे बड़ी क्रांति है यह उससे भी बड़ी क्रांति है जहां आप यह बोल सकते हो कि जो चार पे ह्यूमन लिखा है इनके जो चार पैराग्राफ है वह मुझे एक साथ चाहिए उन चार पैराग्राफ को उठा कर के वहां पेस्ट कर देगा कुछ बात समझ में आई ना तो ये तो और बड़ी क्रांति हो गई व मटेरियल थोड़ी उठा पा रहे थे आप केवल लोकेशन ढूंढ पा रहे थे अब बताइए नोट्स बनाना कितना आसान हो गया ठीक है तो मुझे लगता है कि डीप सीक अभी खूब चर्चा में था पिछले और अगर पेपर नहीं बने थे और अभी अभी हाल ही में पेपर बने तो डीप सी का क्वेश्चन आ सकता बाकी चेट जीपीटी का कौन सा वर्जन अभी चल रहा है वह क्वेश्चन में आ सकता है क्योंकि आईटी के क्वेश्चन आएंगे ठीक है तो थोड़ा सा नॉलेज को अपना बढ़ाइए व्ट इज एलएलएम लार्ज लैंग्वेज मॉडल क्या होता है शॉर्ट लैंग्वेज मॉडल क्या होता है एसएलएम क्या होता है एलएलएम क्या होता है मशीन लर्निंग क्या है वर्चुअल लर्निंग क्या है डीप लर्निंग क्या है डीप लर्निंग का मतलब और डीप अभी अभी वह जो आप कभी डीप सीख पर जाएंगे तो वह नाम ही उसका डीप सीख है सीख मतलब खोजना और डीप में जाकर खोजना लेकिन डीप सक वाला एक ऑप्शन देता है नीचे एक तो आपको सर्च करने को देता है व और दूसरा बोलता है डीप थिंक जब आप डीप थिंक वाला लेते हैं तो और ज्यादा अच्छे से वह आंसर निकाल के लाता है मान लीजिए किसी चीज के फेलर के कॉसेस पूछ रहे हो आपकी कॉसेस ऑफ फेलर तो तीन कॉसेस पकड़ा रहा है आपको ले जब आप डीप थिंक में जाते हो तो एक एक कॉज को एक एक दो दो पैराग्राफ में दे रहा है वो डीप थिंकिंग करके दे र है कुछ बात समझ में आ रही ना कितना आसान हो गया मैं मैं मानता हूं कि टीचिंग का सब मामला खत्म हो गया हमारी तरह की टीचिंग खत्म नहीं होगी क्योंकि हम क्रिएटिविटी की बात करते हैं हम इंटर डिसिप्लिन की बात करते हैं मल्टी मैं तो गाइड ही करता हूं मैं तो शुरू से ऐसे ही गाइड कर रहा हूं मैंने आपको बताया ना जैसे कि आपके पास डीप सिक है और ऑलरेडी चपटी है आप बर कर रहे ऑलरेडी आपके पास है आपके मोबाइल फोन में आपके पास बहुत फा यह मैं 30 साल से ऐसे ही पढ़ाता हूं पहले भी ऐसे ही पढ़ाता था जबक वो मुझे लगता है कि अब ज्यादा काम का है वैसा पढ़ाना अब ज्यादा काम का है अभी बहुत बहुत लोग सोचते होंगे कि हम डिसिप्लिन करें लेकिन मैं तो 30 साल से कर रहा हूं मैं 30 साल से इसी स्टाइल से पढ़ा रहा हूं अब बहुत लोग सोचते हैं कि हम चेट जीपीटी से बहुत अच्छे से अगर हम बहुत सारे डिसिप्लिन में बात करेंगे तो ब शानदार आंसर निकाल पाएंगे जैसे मैं एक क्वेश्चन की बात करूं अगर मुझे पता है हिस्ट्री की वजह से कि पारसी लोग भारत में कब आए थे और अगर मैंने कोई ऐसी किताब पढ़ी हुई जिसमें पर्शिया से पारसियों के आने की बात आई है पर्शिया से ईरान और पारसी लोग वहां से आए इसलिए वह परसन थे तो पारसी हुए और जो भी ईरानी थे याय यूं कहे कि वह पारसी धर्म जो था वह जलस्रोत को मानने वाला और अग्नि को अग्नि मंदिर को मानने वाला दूसरा मैंने थियोलॉजी में भी पढ़ रखा या एंथ्रोपोलॉजी में पढ़ रखा कि पारसी लोग किस प्रकार से अपने धर्म को मानते तीसरा मैंने ज्योग्राफी में डेमोग्राफी में पढ़ रखा है और इधर मैंने पॉपुलेशन जेनेटिक्स और यह सब पढ़ा है तो मैं जानता हूं कि पारसी भारत में कुछ परसेंटेज है पट व प इतने परसेंट और कम है 05 या इस टाइप के कुछ परसेंटेज 04 पर बहुत छोटी पॉपुलेशन है ऐसी पॉपुलेशन को मैं चकि जेनेटिक्स पढ़ाता हूं इसलिए मैं बोलूंगा कि यह जो पॉपुलेशन होती है जेनेटिक ड्रिफ्ट कहलाती है क्योंकि मैं वहां जेनेटिक्स में पढ़ता हूं और मैं जैसे नेटिव मेरा नीमच है तो नीमच एक छावनी थी कैंट था और वहां पर अंग्रेज लोग पारसियों को लेकर आए थे यह बात मुझे पता है और अभी चकि रतन टाटा का देहांत हुआ है वह पारसी थे तो उनका वह फ्यूनरल वैसा नहीं हुआ जैसा पारसियों का होता है यह चीज मैंने अगर बहुत ज्यादा पढ़ी है और अगर मैं पारसी लोगों के व्यापार के ऊपर कोई थीसिस पढ़ चुका हूं या रिसर्च पेपर पढ़ चुका हूं या मैंने कोई पार्स मैरिज अटेंड की है जैसे मैंने की थी मेरी एक स्टूडेंट थी व आईआरएस बनी थी तो वह पारसी थी मैंने उसकी मैरिज अटेंड की थी उसके रिचुअल्स मुझे पता थे मैंने पारसियों का मोहल्ला देखा जिसको पारसी अजारी कहते हैं मोहल्ले को अरी कहा जाता है वह हमारे यहां है अगर मैं पारसियों के बारे में 15 चीजें जानता हूं और अब मैं चेट जीपीटी पर जाता हूं मेरे लिए चेट जीपीटी वरदान है और अगर आप केवल य पूछते पारसी क्या होते हैं पसी क्या करते हैं पारसियों का धर्म क्या है ऐसे सिंगल सिंगल क्वेश्चन करते हैं अब मैं उससे क्वेश्चन दूसरे टाइप से करता हूं पारसियों का फ्यूनरल जहां होता है उसका नाम उसको मैं लिखकर बताता हूं पारसी जहा पूजा करते हैं उसका नाम फायर टेंपल में लिख के बताता हूं पारसियों के मैरिज के रिचुअल्स के मैं चीजें उसको बताता हूं प्रमुख पसी महान पुरुषों के बारे में मैं उससे बात करता हूं जमशेद जी टाटा से लेकर तमाम होमी जहांगीर बाबा और यह सब पारसी थे फिर मैं पारसी खानपान से उसके बारे में उसी उसी क्वेश्चन में चर्चा करता हूं सेम क्वेश्चन में मैं 152 चीजें पारसियों के बारे में इनपुट के तौर पर डालता हूं मेरा जो आंसर होगा वो इतना यूनिक और इतना शानदार आंसर होगा कोई टीचर नहीं दे सकता वसान से गारंटी अब आपको समझ में आ रहा है वो कितना बड़ा जादू है तो अब मल्टी डिसिप्लिन आदमी की तो चांदी हो गई मल्टी डिसिप्लिन आदमी तो बहुत अच्छे से आंसर निकाल पाएगा आपको मैं बता रहा हूं कि आप इस वाली चीज को करिए यह मैंने एग्जांपल देक बताया आपको ऐसा आप जियोग्राफी में कर सकते हो आप हीट बजट के ऊपर कर सकते हो ऐसे सनलाइट के ऊपर कर सकते हो ऐसा आप फोटोसिंथेसिस पर कर सकते हो ऐसा आप विकिरण पर कर सकते हो ऐसा आप ग्लोबल वार्मिंग पर कर सकते हो यही चीज फर क्लाइमेट चेंज में बदल जाएगी तो मैं यहीं पर आपको 16 तरह की चीजें ड वही फोटोकेमिकल स्मोक हो जाएगा वही स्मोक हो गया वही फॉग हो गया वही चीज अर्बन ही टाइलैंड हो गया और पता नहीं कितने तरह के इफेक्ट और यह और वह करके और मैं तो उसको इतना जटिल मेरा प्रश्न जटिल होगा आंसर सिंपल होगा और मेरी सारी गुथ निकाल करके निकाल के रख देगा क्योंकि उसके पास सब कुछ मटेरियल है उसको एक डायरेक्शन चाहिए कुछ बात समझ में आई यह वाला जो गाइडेंस है मैं आपको दे रहा हूं यह कोई नहीं दे पाएगा उसका कारण है कि एक उसकी प्रैक्टिस में नहीं है वह साइलोस में रहा है उसने ऐसे चश्म लगा रखे अपने दोनों तरफ भी उसने बंद कर रखा है वह किसी एक सब्जेक्ट को पढ़ाता है कई लोग मेरी आलोचना इसी बात पर करते थे कि सारे सब्जेक्ट यही पढ़ा लेते हैं आज उसकी जरूरत आ गई है माहौल ऐसा हो गया कि वह जो नहीं पढ़ा पाएगा सारे सब्जेक्ट वो रोएगा वो स्ट्रगल करेगा क्योंकि अब इनपुट बेस्ड है इनपुट लाओगे कहां से इतना सारा इनपुट तभी होगा एक आदमी के पास अगर सब कुछ नहीं होगा तो करेगा क्या वहां एक आदमी हिंदी साहित्य में हजार प्रसाद द्विवेदी को जानता है जो इंजीनियर है व हजारी प्रसाद द्वेदी को नहीं जानता हिंदी साहित्य वाला मैकेनिकल इंजीनियरिंग की चीजों को नहीं जानता वो डायोड एनोड उसके समझ में नहीं आते मुझे आते हैं मुझे सिलिकॉन िप आती है समझ में मुझे मोर्स लाव पता है 00 चीज पता है सेकड़ो मेरे लेक्चर देखो कितना डावर्स है मैं यह इसलिए बता रहा हूं आपको कि यह बनना होगा और अच्छा एक स्टूडेंट को तो एग्जाम सारे सब्जेक्ट के देनी है उसको थोड़ी एक सब्जेक्ट पढ़ाना है वहां जाके उसको तो हरफ मला एग्जाम चाहिए एग्जांपल चाहिए ना उसको तो एग्जाम देनी है ऐसे लिखना है सुबह ये पेपर देना है दोपहर में इसका देना है फिर सुबह इसका देना है फिर दोपहर में इसका देना है और आदमी कौन है वो सिंगल है तो जो आदमी विंडो एक सिंगल विंडो खोल के बैठा है या ऐसे वही तो दे पाएगा ना सारी चीजें जो अलग-अलग विंडोज के साथ है तो तो वो कैसे देगा उसने तो कभी सिखाया नहीं स्टूडेंट को कि देते कैसे हैं देखा कैसे उसको कुछ हजारी प्रसाद द्वेदी के अलावा उसको कुछ आता नहीं है उसके टीचर को व हिंदी साहित्य पढ़ाता है उसको फोटोकेमिकल स्मोक बोलो हवा निकल जाएगी उसकी बताओ उसको बताओ टॉप कंज्यूमर्स के नाम अलग-अलग इकोसिस्टम में उसको बताओ टेंपरेट बायोम में क्या होता है उसको बताओ अगर इतनी ह्यूमिडिटी 80 पर ह्यूमिडिटी है इतना टेंपरेचर इतना है तो कौन सा बायोम हुआ बता वो जियोग्राफी वाला बता पाएगा हिंदी वाला नहीं बता पाएगा अब हमको फ्लोरा पूछिए फना पूछिए केमिकल पूछे डिटी पूछिए जियोग्राफी पूछिए हिस्ट्री पूछिए पॉलिटी पूछिए एमेंट इकोलॉजी पूछे साइंस टेक्नोलॉजी पूछिए ननो पूछिए या को कोई सी भी चीज पूछे हमने सब चीज पढ़ा रखी है आप हमारे लेक्चर देखिए पुराने इतने ड्राइवर्स है शायद कोई टॉपिक हो जिसके ऊपर लेक्चर नहीं है शायद कोई महापुरुष हो जिसका हमने जिक्र नहीं किया हो शायद कोई सिद्धांत हो वो सिद्धांत हमने य डिस्कस ना किया हो अब बताइए अब आपके पास महा समुद्र सूचनाओं का ज्ञान का भंडार आक पड़ा हुआ है अब आपको वहां से खोज के रत्न और मोती और व निकालने 14 रत्न निकालने तो निकाल मंथन करके तो यह समुद्र मंथन है ए आई के जो टूल्स है यह समुद्र मंथन है इससे रत्न निकलते हैं समुद्र मंतन के लिए जो पर्वत माला लगी थी ना वह ज्ञान का पर्वत वह आपके पास होना चाहिए और वो ज्ञान का पर्वत है मल्टी डिसिप्लिन नॉलेज इंटर डिसिप्लिन नॉलेज और वो हम अचीव करके बैठे हुए हैं और 30 साल का हमारा प्रैक्टिस है इसलिए मुझे लगता है कि हम जितनी आसानी से आप लोगों को तैयार कर सकते हैं जितनी आसानी से आपको भविष्य बता सकते हैं तो हम चाहते हैं कि और यह हर परीक्षार्थी को तो ऐसा होना ही पड़ता है टीचर चाहे कोई किसी एक सब्जेक्ट का हो जाए लेकिन जो एग्जाम दे रहा है उसको तो वैसा ही होना पड़ेगा ना तो जैसे हम हैं वैसा आपको होना पड़ेगा और हम हैं वैसा हम आपको बना भी सकते हैं हम वैसा है तो आप यहां से कॉपी कर सकते हैं हमारे पुराने लेक्चर अब सारे के सारे रिलेवेंट होने वाले हैं अब जाग जाएंगे व जो शक्तिपीठ की य जो क्लास है हमारी यहां खड़े होकर के हमने जितने भी लेक्चर दिए हैं व लेक्चर उस समय में मोनोटोन हो सकते हैं उस समय में ऐसा लग सकता है कि यह क्या बता रहे हैं इसमें कौन बातें हो रही है लेकिन आज की तारीख में वह रिलेवेंट हो गए हैं क्योंकि उन लेक्चर में जो होमवर्क है उसको सीधा-सीधा आप क्वेश्चन के फॉर्म में डालिए आपको सारा महासागर जो हमने 30 साल की जर्नी में सीखा है इतने पूरे समय में जो महासागर में जो समुद्र मंथन किया और जो रत्न निकाले और जो हमने यूज किए हैं उन रत्नों को लाइफ में वह अब आप भी यूज कर सकेंगे उसके लिए आपको 30 साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा केवल आपके पास क्वेश्चन होना चाहिए और वो क्वेश्चन हमने उसम बोल रखा है तो जिन लोगों ने अभी तक लेक्चर नहीं देखे हैं हम कोशिश करेंगे जहां साउंड खराब है अभी हमारे पास टूल आ गया है एआई टूल तो हमने उससे आवाज ठीक करना सीख लिया है तो अभी आप देख रहे होंगे पुराने लेक्चर जब हम नए फॉर्म में डाल रहे हैं तो उसमें वो आवाज बैकग्राउंड साउंड वगैरह कुछ नहीं है तो नए लेक्चर हम नए तरीके से डाल रहे हैं उनको आप यह सोच के अवॉइड ना करें कि हमने पहले देख रखा है नए तरीके के नए क्लेवर में है वो नई टेक्नोलॉजी के साथ है तो बातें वही है लेकिन होमवर्क जो है वह नए टूल्स के साथ है तो इन टूल्स के साथ में उस होमवर्क को करिए और फिर चमत्कार देखिए जो डायमेंशन हम आपको सोचना सिखा रहे हैं वह 25 सालों का जो उस समय का जैसे 5 साल पहले की हमने किया तो 25 सालों का एक्सपीरियंस था 10 साल पहले हमारा 20 साल का एक्सपीरियंस था तो जो 20 सालों का एक्सपीरियंस के बाद जो हमने अगर कोई क्वेश्चन आपको 2014 में बताया 2017 से शायद शूटिंग है तो 2017 से आपको क्वेश्चन अवेलेबल है तो हमारे 20 2 सालों एक्सपीरियंस वाले क्वेश्चंस आपको वहां मिलेंगे तो उसमें वह 25 सालों का स्पेक्ट्रम आपके सामने कलर का इतना कलर का स्पेक्ट्रम आपको वहां दिखाई पड़ेगा सेवन कलर्स आपको वहां दिखाई पड़ेंगे सब तरंगी है वह दुनिया तो एक बार पकड़ के रखिए लैंग्वेज सुधार अपने लैंग्वेज पर कमांड करिए ज्यादा से ज्यादा उदाहरण वहां से लीजिए एग्जांपल लीजिए उनको करंट अफेयर से रिलेवेंट करिए डेफिनेशंस उसमें जो बताई गई है उसको क्रॉस चेक कीजिए एक-एक पैराग्राफ उससे कहिए कि बना बना के दे एकएक टेबल बना बना के दे रिजेंस बनाइए उसके साथ में सिमिलरिटीज डिसिमिलरिटीज एफिनिटीज नॉन एफिनिटीज सब जोड़िए उनके अंतर संबंध स्थापित कीजिए इंटरेक्शन स्थापित कीजिए राष्ट्रीय स्तर की चीज है तो अंतरराष्ट्रीय से जोड़िए अंतरराष्ट्रीय है तो लोकल से जोड़िए और अपने ज्ञान को बढ़ाइए आंसर बहुत मजबूत होंगे और एमपीपीएससी के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं आपके लिए कल आप पेपर दीजिए और टिप्स जो है मैंने लास्ट लेक्चर में शायद कल वाले में आज वाले में शाम को अभी जो डला होगा 6:00 बजे उसमें टिप्स दिए हुए हैं उन टिप्स को फॉलो कीजिए मैं फिर रिपीट नहीं करना चाहता उसमें बहुत सारे टिप्स दिए हुए हैं चलिए तो आज की बात यही समाप्त करते हैं ओम दे

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