The video, a recorded lecture for IAS/MPPSC on Ethics from Modern History, surveys how ethical ideas emerge from historical processes, focusing on colonialism, nationalism, and the formation of the nation-state. It contrasts various strands of nationalism (economic, cultural, spiritual, constitutional) with the dangers of exclusive or violent nationalism, and discusses how colonial exploitation, imperialism, and global power dynamics shaped modern India. The speaker emphasizes the need for inclusive development, gender and caste equity, and strong domestic capacities in education, industry, and technology to achieve true national progress. He critiques simplistic patriotic rhetoric and argues for grounded, equitable growth, with a call to build self-reliance (Make in India) and invest in human potential to compete globally.
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पिछले सबसे पहला गायत्री मंत्र बोलेंगे तो 159 ऊपर भार है स्वाह तट सावितुर वारे दम भर गोलमेज़ स्वस्थ मीडियम आंच ही लिए जो MyJio ना हां प्रचोदयात् आधे लोग बात करने की कोशिश करेंगे है तो हम लोग देख रहे थे मॉडर्न हिस्ट्री से कैसे हम लोग नैतिकता के विषय निकाल सकते हैं तुम दोनों चीज कवर करने की कोशिश कर रहे थे मैंस के लिए फीस का पेपर और प्रिलिम्स और मेंस दोनों में मॉडर्न हिस्ट्री से कौन-कौन से प्रश्न आ सकता है है कि सौरभ तीन तरह की तैयारी के तीन भाग होते हैं पहले भी मैंने आपको बताया है फेक्चुअल तरीका होता है उसमें से फैक्स निकाले जाते हैं दूसरा कौन सच्चा होता है जिसमें से कौन से ऐप से लिए जाते हैं और पीछे हटा कॉन्ट्रेक्चुअल यानि कि रिलायंस देखा जाता कि उसका कांटेक्ट क्या है किस कांटेक्ट में काम कर रहा है है तो तीन तरह का आंसर का 35 मान सकते हैं आप लोग पहला पिक्चर परफेक्ट यानी कि तथ्यों हैं उसमें फेंक सकते हैं दूसरा कांसेप्ट होता है सिद्धांत अपने पति से मैं संदर्भ में है क्योंकि इस संदर्भ में बात की जा रही है अन्नप्रसंग देखा जाता रेलवे का संदर्भ और प्रसंग तो Reliance देखा जाता है कांटेस्ट देखा जाता है तो यह मैंने इसमें आंसर लिखते समय में आपको यह तीन तरीके से उसको आंसर को सजाना पड़ता है और जो इसको बैलेंस कर पाता है वह चम्मच ले जाता है थे मॉडर्न हिस्ट्री अपने देख रहे हैं कि को सबसे ज्यादा विवाद होता है उसके ऊपर पशुओं पर मत भी है बहुत सारे लोगों के मत है उसके ऊपर अ है ऐसे में आप देखते हो कि कंगना रणावत का बयान आता है तो एक छुपी जो है वह इस तरह से समर्थन के रूप में उसको मिलती है बहुत सारे लोग चुप रहते हैं सपोर्ट करते हैं है कि आजादी पंद्रह अगस्त उन्नीस सौ सैंतालीस को नहीं मिली है के प्रति जो मिला था वह भीख में था था है तो उसे सपोर्ट करने वाले लोग भी मिल जाता है विरोध करने वाले तो नहीं है क्योंकि पर वह राजनीतिक प्रतिबद्धता है उनके पॉलिटिकल कमिटमेंट दिल से जितना लोग सपोर्ट कर रहे हैं कितना विरोध कर रहे हैं और विरोध कर रहे हैं तो क्यों कर रहे हैं इतना महत्व क्यों दे रहे हैं तो अभी चुकी है विवाद आप मीडिया में देख रहे होंगे उस पर मैं भी आ रहा है और तमाम पॉलिटिशन इसके ऊपर बोल रहे हो हम भी चुकीं मॉडल स्टेन पड़ रहा है तो मैं इस विवाद के ऊपर तो बहुत ज्यादा खास बात नहीं करूंगा क्योंकि उसमें ज्यादा गुंजाइश नहीं है है लेकिन मैं अभी अफगानिस्तान भी छोड़ना पड़ा अमेरिका को है है तो रुकेगा अफगानिस्तान छोड़ना पड़ा वह बीच में छोड़ना पड़ा नहीं कई बार जो ताकतें होती है साम्राज्यवादी ताकतें उपनिवेशवाद जो होता है कि उनको मजबूर होना पड़ता है कि वह टिक नहीं सकते तो बहुत समय हो गया अब उनकी जड़ें उखड़ चुकी है क्वांटिटी ना बहुत मुश्किल है तो उनको वह जगह छोड़नी पड़ती है कि ऐसे समय में थैंक यू दया करके जा रहे हमारे ऊपर भी की जोंग यह गलत है यह इसलिए गलत हो जाता है कि तुम मजबूरन छोड़ना पड़ा है द्वितीय विश्व युद्ध के बाद में भारत के आजादी लगभग तय है थी कि अंग्रेजों से इस तरह नहीं थे कि वह भारत को गुलाम रख पाते दूसरा आपको पता है थे क्वालिटी आफ जो फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट जो थे दिलाना रुजवेल्ट भूत ने पावर पुत्र सेकेंड वर्ल्ड वॉर में बनकर निकले थे डीआर अमेरिका के प्रेसिडेंट कि अमेरिका की बात तो माननी पड़ती चर्चिल को भी सभी को मान्य पढ़ते दूसरा माउंटबेटन और यह जो लोग हैं यह अगर आपने फ्रीडम अट मिडनाइट पड़ा है नहीं पड़ा तो नोबेल के फॉर्म में इंटरनेट पर होले होले पीडीएफ वह पढ़ सकते हैं ऐसा लगे कि हमने बुलाया है माउंटबेटन को आजादी लग पूरा प्लांट हमारी आजादी तो ठीक प्लांट थी हमको मालूम था कि अभी आजाद करेंगे कि आज यदि हमको करेंगे तो कहीं भी ज्यादा गड़बड़ ना करदे अा और जैसे जैसे मालिक है पति-पत्नी का झगड़ा है या आपकी परिवार में आपकी बहन का और आपके जीजा का झगड़ा चल रहा है और आप कुछ मैटर सुलझाना चाहते हैं तो आप ऐसे रिश्तेदार को इन्वाइट करते हैं जो आपके फेवर का और थोड़ा सा छोटा सा आदमी हो यानि जो आपके जीजा को बेवर करेगा यह आप मामले जाए सब काम बिगाड़ देगा या अपने परिवार का दुश्मन है यह जो आदमी हमेशा जाता है और काम बिगड़ जाता है जगह सही होती है ऐसे व्यक्ति को कभी भी आप उस मैटर को सजाने के लिए इन्वाइट नहीं करोगे हमेशा ऐसा आदमी को इनवाइट करोगे जो काम को ठीक करके जाता है कि उपाय हो मौसा हो चाचा और कोई भी जो सीनियर है ताकि वह उनमें से हम ऐसे आदमी को बुलाते हैं घर पर कि देखो ऐसा है दामाद जी भी आए हैं और दी जाती है अब दीदी भी जाना नहीं चाहती है और ऐसा है तरफ इसका कुछ ऐसा बैठ कर हम यहीं पर सुलझा लें कि तो हम ऐसे आदमी को बुलाते हैं जो हमारी जगह सही ना करें हमारी ज्यादा फ्रूट्स न डाले हमको ज्यादा आर्थिक नुकसान झेलना पड़े और हमारी इंसल्ट ना हो समाज में हमें ऐसे व्यक्ति को घर पर बुलाना चाहेंगे ठीक वैसे ही हमने हमारे देश के विभाजन से पहले आजादी से पहले माउंटबेटन को बुलाया कि वह समझदार व्यक्ति था उसका रिकॉर्ड अच्छा था हिस्ट्री अच्छी थी और सबसे बड़ी चीज है कि नेहरू के बहुत क्लोज से तो नेहरू को इसका फायदा होता है हो चुके नेहरू के इकलौते और नेहरू सम्मान करते थे गांधी का तो गांधी का सम्मान वह भी करते थे थे है और क्योंकि बारिश करते हैं और सब कानून की पढ़ाई किए हुए लोग थे तो जब जिन्ना के बाद भी समझ सकते हैं ऐसे में अंबेडकर की बात को समझ सकते हैं ऐसे में पटेल को भी समझ सकता है हैं तो इन सब की बातों को समझने का उसके पास मार दिया था उसके पास वह कहेंगे कि दम था उसके पास और इसीलिए हमने इनवाइट किया हमको मालूम है खतरा रहा है अंग्रेज अगर ऐसे ही छोड़ कर चले गए तो क्या होगा कि अ बहुत नुकसान होगा अ है और 500 सारे 500 से ज्यादा रिया सकते हैं के रियासतें बात मानेंगे नहीं और अगर इतने सारे देश आजाद हो गए 1947 को तो एक सारे 500 देश आजाद होते तो हम क्या कर लेते थे कि प्रभु यूनाइट करना भी यूनिफिकेशन बहुत बड़ा चैलेंज था हमारे लिए आ है तो हम लोगों ने केवल आजादी पाई नहीं है आजादी पाई उस प्रोसेस ना बहुत कुछ किया है अब हमारी आजादी बहुत बड़ी प्रॉब्लम करेंगे उसके पीछे सब कुछ बहुत कुछ लगा है उसके पीछे बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ था इसलिए यह जो इस प्रकार के बयान आते हैं वह तो मैं छोड़ नहीं है लेकिन एक चीज मैं बता दूं आपको की हैं जो हम लोग बाढ़ यूज करते हैं इतनी सिटी इतनी सी टीम में धर्म आता है जाति आती है नस्ल आती है हमारी भाषा आती है कि हम बहुत फ्लोरेंस के टो रिस्टिक र सोसायटी हैं वह ड्राइवर साइटिंग ओं कि बॉलीवुड अभिनेता हैं हमारे यहां अ है और जो राष्ट्र का कंसेप्ट है वह आया है यार ऑप्शन ए कि राष्ट्रगान सप्तम अध्याय का नहीं मोहन भागवत जी भी अपने बयान में कई जगह बोल चुके राष्ट्र का कंसेप्ट हमारी आन है राष्ट्रीय करते वक्त कहां से है वह यूरोप का देना है और यूरोप में जर्मनी है कि सांसद है तो जो एक जैसी भाषा बोलते हैं जैसे नस्ल के जो लोग हैं जैसे दिखते हैं एक जैसा हाईट तो उनके एक जैसा कलर है लगभग नाक-नक्श भी एक जैसे होते उनके फैशन लेबल इंडेक्स रिडक्स तमाम प्रकार के NSS अगर आप पढ़ोगे कि किसी-किसी नस्ल का इंडेक्स कैसे होते हैं बालों का कलर यह रेसिपी ट्रैक्स नहीं और प्लस रिलिजन लैंग्वेज और जाती थी यहां पर जाते भी होती तुम्हारे सोते ब्लैक और व्हाइट की तरह इस तरह की प्रॉब्लम होती है हैं उन लोगों के बीच में डिस्क्रिमिनेशन होना है या अनटचेबिलिटी और यह सब चीजें बहुत ज्यादा नहीं होती है आज भी मैं अजीत डोभाल का जो बयान पढ़ रहा था कि युद्ध के तरीके बदल गया आजकल देश को नष्ट करने के लिए जरूरी नहीं कि बॉर्डर पर लड़ाई हो आप देखोगे साथ कल के न्यूज़ पर मैं हूं बयान दिया जाएगा देश के अंदर सामाजिक सद्भाव को तोड़कर के भी देश को खत्म किया जा सकता है तो युद्ध लड़ा जा सकता है जिस पोजीशन हो सकता है सिंह और सामाजिक ताने-बाने को पिकअप दिखे तो यूनिटी को और इंटिग्रिटी को खत्म कर दो बेस्ट का यह खत्म हो जाएगा दृष्टि से है तो अंदरूनी तौर पर हम देश को खत्म कर सकते हैं किसी भी देश को तो इसके लिए यूनिटी बहुत जरूरी है है और हमारी यूनिट हुआ और यूरोप के देशों की यूनिटों में बहुत अंतर है कि वहां ऐसे मतभेद नहीं है वहां से डाइवर्सिटी नहीं है लोग इस ट्रिक सोसायटी नहीं सोसायटी एक जैसे कलर के लोगों से एक जैसे धर्म के लोगों से एक जैसी भाषा बोलने वाले लोगों से बनी हुई है उसमें भी प्रोटेस्टेंट और केथोलिक और व हो जाते हैं इसी में भी और उनके भी जग रहे हैं मुसलमानों में भी आप देखते हो शिया-सुन्नी हो जाते हैं उनके झगड़े हो जाते हैं मतलब एक धर्म में भी कई तरह की प्रॉब्लम है तो वह तो उसमें भी है लेकिन हमारे यहां जो विभाजन है वह बहुत ज्यादा है है और हम राष्ट्र का कंसेप्ट वहां से उठा कर लिया है है तो क्या हमारे राष्ट्र धर्म से इतना ही तापमान याददाश्त का कैंसर था लेकिन मैं इसे राजपूताना था वह राजपूत लोगों का राज्य था और बाकी सब प्रजा थी कि तो हमारी यहां ऐसे इस प्रकार का कोई एक संवैधानिक देश होगा यहां पर मौलिक अधिकार होंगे तो पूरी दुनिया में था कि पूरी दुनिया में कि अगर आप हिस्ट्री को देखते हैं तो पूरी दुनियां में छोटे-छोटे कबीले थे या फिर बड़े राज्य थे जिनके राजा हुआ करते थे बाकी प्रजाति राजा हमेशा रॉयल सुकुन को मिलता था और वह उस प्रिविलेज को उस विशेष अधिकार को इंजॉय करते थे उस जमाने में हाथी-घोड़ों के चला करते थे या भी आरोप में जब करें तो कारों में वह लोग करने लगे और उनका महल होता था पैलेस पूरी दुनियां महल बनाए जाते थे राजा होंगे कि है और मामलों में हो रहा करते थे आम जनता बाहर रहते थे खेती करते थे मजदूरी करते थे खदानों में खुद करके लाते थे यह काम होते ही पूरी दुनिया में था है लेकिन वहां पर राष्ट्र-राज्य का कंसेप्ट है nation-state की संकल्पना आएं और नेशन एंड कंसेप्ट ऑफ नेशन स्टेट इग्नोर में जाकर सर्च करिए का ज्ञान को इसका मटर पड़ी है का यह ज्ञानकोश वेबसाइट पर जाइएगा वहां पर नेशन आफ नेशंस पे कंसेप्ट ऑफ नेशंस पेट राष्ट्र-राज्य की संकल्पना क्या है आखिर राष्ट्र-राज्य आए कहां से है तो राष्ट्र-राज्य की रिसेप्शन घटनाए तब यह रहा कि कहीं अगर राजा है भी तो हम उनको नाम मात्र के एग्जिक्यूटिव बना देंगे जैसे कि हमारी हमने राष्ट्रपति को बनाया ब्रिटेन में हमने देखा कि करूंगी है वह नाम मात्र के रानी जो होते थे कोई न यह जो है यह सब नाम मात्र के कार्यपालिका रहते राष्ट्रपति बेहतर और बाकी के लिए पार्लियामेंट बना देते थे यह हो गया था और वह लोकसभा और स्वस्थ निदेशक यह दोनों को मन ही मन कि चलाता है यह पता चला कि मैं प्रधानमंत्री होता है कि तुम कार्यकारी है पूरा एग्जिक्यूटिव मैंने एग्जीक्यूटिव कौन हो गया प्रधानमंत्री हो गया लेकिन राजा का इंपोर्टेंट सर्दी भी है वह सुप्रीम माना जाता है लेकिन उसको सिग्नेचर करने जैसे हमारे राष्ट्रपति करते स्टांप एक्ट तो वही चीज जो है कई देशों में लागू हुई तो उन्होंने राजाओं को दरकिनार किया यूरोप में खास करके और उनका नहीं फ्रेंच रिवॉल्यूशन हुआ यह सब हुआ यह सब माया चौधरी पंद्रहवीं और सोलहवीं शताब्दी जिसको हम बोलते हैं प्रबोधन का योग रहने था रेनेसा पुनर्जागरण है है और यूरोपीय पुनर्जागरण जब आया कि तो उसके साथ विज्ञान के क्रांति थे विज्ञान आया अब मैं वर्ल्ड हिस्ट्री का कुछ हिस्सा आपको बता रहा हूं तो आप चैप्टर जो है कंपलीट करते जाइए प्रबोधन न्यू यॉर्क में प्रबोधन कार्यक्रम यूरोप में पुनर्जागरण तो यह पूंछा जाए रत्न रेनेसां पढ़ोगे तो यह हमारा देने सा उसी से प्रभावित तक हमारा गणेशा हमने यहां से लिया है कहां से यह आपसे ह हैं तो यह पहले ने सामने एक तो प्रेस का बहुत इंपोर्टेंट योगदान था प्रिंटिंग प्रेस आ गई विज्ञान की कॉपरनिकस के साथ जो हुआ और तमाम जो आप वैज्ञानिकों को देखते थे कोई यह मानने को तैयार नहीं था चर्च के लोग के पृथ्वी घूमती है वह बोलते नहीं सूर्यग्रहण था अभियान खड़े हुवे को सूर्य का शिकार चला गया तुम तो यही हो ठीक है ना तू कौन होता है बताओ कि अ फिर भी नहीं मानते तो मार डालेंगे लोगों की गर्दन काट दी फांसी पर चढ़ा दिया लोग तो वैज्ञानिक दृष्टिकोण जगाया साइंटिफिक टेंपरामेंट जब आया तो उसका स्वागत बाद गलत तरीके से किया गया है कि चरणों में प्रबोधन आया लोगों में ज्ञान आ रहा था विज्ञान आ रहा था तुम कहते हैं और उनको मजबूर किया जा रहा था कि नहीं यह तुम ठीक नहीं हो हैं लेकिन फिर भी वह आया और जब आया तो उसी का नतीजा यह हुआ कि इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन हुआ भाप का इंजन बना कि खाना सुनते रहना बीच में ऐसा साउंड चला नजर आ है तो जैसे यह सब चीजों हो गई तो उसके बाद वहां पर उस रिवोल्यूशन का फायदा हुआ इकोनामिक प्रोग्रेस हुई आर्थिक प्रगति हुई है है और वह विकसित देशों की तरह व्यवहार करने लगे उत्पादन के साधन बढ़ गए और कृषि पर निर्भर करने वाली अर्थव्यवस्था मैन्युफैक्चरिंग पर आ गई मशीनों पर निर्भर करने लगे और लोगों को जो है वह उद्योगों में रोजगार मिलेगा आर्थिक समानता भी परे कुछ लोग गरीब हो गए लेकिन शहरों का निर्माण हुआ और बना एडिशन बड़ा कलर चेंज हुआ थे ऑब्जेक्टिव टाइप की चीजें थी रुढ़िवादी चीजें थी स्टॉक रेट से वह सब खत्म है जुआ ID आ जाए महिलाओं को अधिकार मिले तो विषय करार हो गया तो गांव में प्रतिबंध रहता है महिलाओं पर दलितों पर या यूं कहें कि छोटे जो लोग कम आय वाले जो लोगो हैं गरीब लोग होते हैं पर ज्यादा प्रतिबद्ध हैं शहरों में आकर के वह खुलापन आ गया तो यह सारी चीजों से कि जो फैमिली थी वह पहले जॉइंट फैमिली स्त्री अब क्या हो गया यह फैमिली बन गई थी है और सबसे लो फैमिली कमिटमेंट स्कूटर को चेंज हो गया और मैं अपने बच्चों को पढ़ाने लगे इसे खाने लगे इंडस्ट्री में काम करने लगे रेगुलर इनकम हो गई सैलरी हो गई इंडिपेंडेंस आया है तरीका इकोनॉमिकल और वैचारिक रूप से भी तो उन्होंने कहा कि हमारे कुछ नाइट होने चाहिए तो फिर कॉन्स्टिट्यूशन बनने लगे हालांकि मैग्ना कार्टा तो पहला इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन से पहले फंडामेंटल राइट्स का जो फोरफादर कहा जाता है पर अक्सर कहते हैं वह क्या है मैग्ना कार्टा यह तो आपका 12वीं 13वीं शताब्दी का है मैं तो इतना जो चेंज आया वहां से पर तरह-तरह के कॉन्स्टिट्यूशन निकल रहे थे और फ्रेंच रिवॉल्यूशन फिर गौरवपूर्ण क्रांति इंग्लैंड की और यह सब चीजें यह सब को उलट कर रख दिया था का गठन हुआ जो रहेगी स्टॉक रेट पर जो पादरी तेज चलाने वाले जो सुप्रीम लीडर ते फोन सारे लोगों को और जो है और सुरंगों से उन सबको बुला बुलाकर के को गिलोटिन किया गया होती खजूर एक धारदार हथियार होता है उसे गर्दन हिला दी गई उन सबके यानि जो बहुत पैसे वाला जो भी बहुत ताकतवर जो भी पहला आदेश देता था उन सबको उसकी गर्दन काट दी गई आम जनता का इसलिए टीपू भी जो है वहां से प्रभावित था खैर इंटरपोलेशंस है तो वह बोलता था नागरिक हूं मैं राजा टिप्पणी टीपू सुल्तान हूं मैं क्या हूं नागरिक प्रेसिडेंट तू अपने आप को सिटीजनशिप को दबा हर आदमी आज सिटीजन कहेगा अपने आप को व जाएगा जनता के गुस्से से पक जाए तो जबरदस्ती समानता स्वतंत्रता भाईचारा जबरदस्ती अ है ताकत के बल पर जनता में रिपोर्ट कर दिया ना तरह की पॉजिशन है है और हिंदी भूषण के कारण जो माहौल योरोप का बदला उसमें आर्थिक प्रगति थी मशीनों की आवाज मे है अब यह लोग साहसिक अभियानों के निकले कि आप समुद्र के नए रास्ते खोजे जा यह किया जाए कुछ खोज लिए गए थे और जो देश जहां पर अभी यह विज्ञान का और ज्ञान का प्रकाश नहीं पहुंचा अब आप कहेंगे कि क्यों भारत में तो बहुत पहले से ज्ञान था बहुत खुश था लेकिन तरह के आक्रमणों के कारण वह सब कुछ ऐसा हो गया था हमारे यहां मुसलमानों का आक्रमण हुआ और आपने देखा कि सल्तनत काल जो आप देखते हो फिर गुलाम वंश अक्षर तत्काल और फिर लोदी वंश और फिर यह प्रेम मुगल यहां पर मुगलों का इतने समय तक शासन का इस बीच में जिस आप गौरव पूर्ण ज्ञान की बात करते हैं हम कि हम ज्योतिष में बहुत आगे तक विज्ञान में बहुत आगे तक केमिस्ट्री में थे फिजिक्स में मे है वह दो में उपनिषदों में बहुत ज्ञान था लेकिन वह फैक्ट्री में तो नहीं बोला था उत्पादन के साधनों में तो उन दिनों में नहीं बदल पाया कि हम जो है गुलाम तो थे किसी न किसी रूप में गुलाम थे तभी तो हमारे जो आज से साहित्य व पुराना जो ज्ञान हमारा उसको कभी भी इस रूप में लेकर नहीं आ पाए हैं थे इंडस वैली सिविलाइजेशन और ज्यादा व्यक्ति इससे ज्यादा डिवेलप थे जवारे आए और हरी और नहीं जो वेदों का ज्ञान दिया अपने दोस्तों को दिया उससे भी पहले इंडस वैली सिविलाइजेशन तो और ज्यादा सिटी प्लान हमारे पास 1000 नगर थे हिमालय से लेकर के तक चेन्नई तक 1000 नजर से मर पर 1000 सिटीज कि खुदाई में निकलते हैं कि नगर के व्यवस्था थी जो मार्क्स आए हो तो कबीरा व्यवस्था थी झोपड़ी बनाकर रहते थे वह यायावर टाइट उनकी तो मस्ती आर्थिक कभी नहीं थे या तो क्षितिज के तो इसका मतलब पड़ता है जूनियर टैगोर फेज़ उस स्टूडेंट अगर हम देखें तो बहुत ज्यादा सोचते हम लोग अ एक बहुत अच्छा ट्रेड था कि आपको का बहुत गुस्सा आ है लेकिन वह गलत हुआ कई कारण हैं उसके उसको फिर हम लोग अभी डिस्कस करेंगे कल्चर में दी और दूसरी जगह करनी है है और उसके बाद का जो हमारा इंडस वैली के बाद का जो वेदिक सिविलाइजेशन और यह इसको भी चीज माना जा सकता है गुप्त साम्राज्य कम लोग बहुत ज्यादा डिवेलप मानते हैं है लेकिन उसके बाद खास करके इस्लाम के आक्रमण के बाद अब कि इस्लामिक लोग जो है उनके आक्रमण के बाद में जो तोड़फोड़ मचाई और जो यह हुआ तो परंपरागत हमारा ज्ञान जो है वह आर्थिक रूप से हम को समृद्ध नहीं रखता है लेकिन फिर भी जो लोग आए वह हमारे यहां रह गए खास करके मुगलों के बात करें तो मुगलों को वापस जाना था बुधवार को जाना था जाने के लिए आया था भगत लेकिन किन्हीं कारणों से बाबर जान नहीं पाया और वही रहेगा तो मुगलों के समय में यह साक्षी नहीं होते हैं कि यहां से वह लूटकर ले गए बल्कि मुगलों के समय में संपन्नता बहुत ज्यादा टेबल तो वह तो अंग्रेजों को आकर्षित करते थे यह पीएम लोगों को मुगलों के शानो-शौकत आकर्षित करते थे कितना आसान से रहते हैं मुगल सम्राट हमारे तो हमारे तो ब्राह्मण भी नहीं रहते हैं हमारी मारा नहीं भी इतने अच्छे अ नहीं रहते जितने मुगल रानी रहती हैं और इनकी जो बेगम होती है वह इस तरह से रहती है उनके यहां के महल की जो शानो-शौकत वह कि यूरोप के किसी देश में देखने को नहीं मिलते इसका मतलब उस समय तक भारत का बहुत कुछ बिगड़ा नहीं था हालांकि नादिरशाह और अहमदशाह अब्दाली इनको हमले में पर आप बोलते हैं कि लुटेरे के रूप में है कुछ दिन या लूटपाट करते थे और भाग जाते हैं फिर संध्या के नार्म बोल दो ना है तो यह जो पूरा हिस्ट्री में आपको बता रहा हूं और मुगलों के समय में हम लोग यह मानते हैं कि भारत फिर भी समृद्ध था लेकिन जो योरोपियन तात्या आए उनको यह देखिए आपको यहां पर भी अगर कोई किसी के खेत पर कब्जा कर लेता है किसी के मकान पर कब्जा कर लेता है कोई सूना मकान बड़ा हो उसमें जाकर रहने लगता है या फिर और कोई प्लॉट पड़ा होता है उस पर अपने कुछ लोगों को खड़ा कर देता है गुड्डू को खड़ा कर देगा धीरे-धीरे उस पर कुछ कंस्ट्रक्शन करने लगते हैं और प्लॉट एक रिटायर्ड टीचर का था या रिटायर आदमी क्रिमिनल बहुत लोगों की जमीनें सुनवाई है इसलिए बता रहा हूं इसी तरह से तथा हमने ज़मीन चलाई जिसमें टीचर का प्लॉट का अलॉटमेंट आकर प्लॉट की कीमत हो गई थी यह करो तो प्यार है जो अलार्म जेल के बाद मौके पर था वह मकान बना नहीं पाया कि पैसा नहीं था उसके पास है तो झगड़ा था उसने अपने लोगों को वॉलीबॉल खेल खेलने के लिए उसने दो पिलर लगाए और नेट लगा दिया था है रोज शाम को 20 लोग आते थे रोहित बल करते थे और कुछ नहीं करता बिल्कुल धीरे धीरे उन्होंने वॉलीबॉल खेलते खेलते हैं उस प्लॉट में एक पानी की टंकी रख दी पानी पीना पड़ता है बीच-बीच में खिलाड़ियों को पानी की टंकी रखी है मैं तेरे बिना नहीं है एक छोटा सा करेक्शन कर देते हैं घूमते देखा जिसमें चाय-वाय भी बना करेगी कुछ नाश्ता बना करेगा तो वह बनाते दूसरे की चटनी बन गए तर्क प्रभाव देर तक पहले ऑलिव ऑयल करके 7:30 चले जाते थे अब 11:00 बजे तक बैठकर शराब पीने लगे थे है कि धीरे-धीरे उन्होंने कठिन कर लिया अब पूरा-पूरा प्लॉट टैकरों कब्जे में कर लिया तो यह तरीका था कब जाता मेकअप हां हम लोग भी खाली कराया है है तो ऐसे ऐसे कई तरीके होते हैं और यह जो ताकत होती है ना ही ताकत होती है कि से का प्लाट कब्जा करने की किसी के खेत पर बैठ जाने की मकान में बैठ जाने कि उसके किसी की लड़की को उठा लिया है और कब्ज जानता है कि मैं लड़की को उठाकर ले जा इसके बावजूद पुलिस कुछ ना करे और घी ताकत आती कहां से किसी को छोटा उपनिवेशवाद कह सकते हैं है कि मैसेज विजय कि एक तरह का सामना यह साम्राज्यवादी ताकत inter-relationship लूप होता है चीन की विस्तारवादी नीति जो 15 मिनट पॉलिसी उसके वह यही है कि हिमाचल में बैठ जाएंगे इस यादव चौक में जुट जाएंगे यहां बैठ जाएंगे इधर लद्दाख में यहां तक पहुंचाएंगे क्या कर लेगा कोई यह ताकत आती विकास है चीन में यह सारी ताकत क्यों आई कि युवक ने यह ताकत क्यों आई थी कि यूरोप के लोग आएंगे और इंडिया परांठे कब्जा कर लेंगे यह ताजा 365 व्यापार व्यापार से विश्व व्यापार से में नहीं आएगी मामूली मुनाफा है आप रुके ₹10 में 110 में बहते हुए आंसुओं का मुनाफा कमाते हैं उस नहीं आती है अगर वह सूखा 300 करने लगा तो आती है बास मैन अ और दूसरा पानी में ताकत आती है जो प्रोडक्ट ₹100 का होता है 300 में बेचता है का पुष्प चढ़ाते हैं जब मार्जिन बहुत ज्यादा हो जाता है किसी के पास इसी लिए करप्शन की लड़ाई होती है तौर पर आ गया अधिक पैसा किसी भी अधिकारी के पास आएगा आ कि अब वह आतंक मजा आएगा आ मैं आपको एक अधिकारी को तनख्वाह 1 लाख रुपए मिलते delt मिलती है बेचारा क्या करें अब है उसको चाहिए 10 लाख हां तो 10 लाख लेकर अपने वह 10 लाख तक सीमित नहीं रहता तो 10 करोड़ पर पहुंचना चाहता बात समझ में आने से कि यह अवश्य ढूंढ हवस तैयार होती है है कि जितना आईएस आपको देखना है अधिकांश ₹5000 का मौलिक अधिकार है कि अधिकांश लोग छोटा मोटा पैसा नहीं है मेरे पास के पास 1000 करोड़ से नीचे कोई नहीं है को क्यों क्योंकि उनके अधीन होती है छोटी दिन तो पटवारी करता है तहसीलदार करता है हजारों में डील करता पटवारी और तहसीलदार गिरदावर पटवारी में लाखों में कर जाता बैठकर लोकायुक्त के छापे पड़ रहे हैं उत्तर प्रदेश वगैरह के ऊपर थोड़ी सी लाखों वाली उसकी करो मैं हत्या यह इसकी होती है करोड़ों करोड़ों में डाल लेते हैं सेट करो प्रिंसिपल सेक्रेटरी बन जाए याचिका कहते हैं इसलिए उन पर आकर तो और और बढ़ा मारता है कि जगत कि आज भी तय जनसंख्या के बढ़ते जाते हैं इसका लेवल पर तरफ आ कि पेपर के हिसाब से बता रहा हूं उसको जो रहूं मैं उसे इंपीरियलिज्म से इसको जोड़ रहा हूं मैं उस उपनिवेश हाथ पर जो यह रूप में सपना देखा था उसको मैं बोल रहा हूं चीन की विस्तारवादी नीति जब यह प्रवृत्ति किसे कास्ट में आती है तो दूसरे राष्ट्र को गुलाम बनाना चाहिए इसलिए महाराष्ट्रवाद पहले आया था जर्मनी में हिटलर राष्ट्रवाद के लिए जाना जाता नेशनल बस के लिए नेशन फर्स्ट जर्मन फर्स्ट यहूदियों को गैस चेंबर मेडल फॉलो का आप उसको फलों का सत्य कि जर्मन नस्ल जो है वह सर्वश्रेष्ठ है मैं जब भी कोई रास्ता अपने आप को सर्वश्रेष्ठ बताता है बोलता हम विश्व गुरु हैं या सर्वश्रेष्ठ है यह मास्टर है हम चलाएंगे पूरी दुनिया को यह जो भी लेकर आता है कि यह बहुत बड़ा खतरनाक बात यह कि मिट्टी के बहुत अगस्त होता है मानवता के बता कहां पर है इसमें मानवता खत्म हो जाते तो क्या राष्ट्रबोध नहीं होना चाहिए राष्ट्र का भाव नहीं होना चाहिए है लेकिन अभी तक जिन लोगों में राष्ट्र का भाव आया है जहां से अपने उठा लिया है कॉपी की है वह ठीक लोग नहीं थे उन्होंने राष्ट्रीय भावना करके बढ़िया काम किया है कि यह मानवता को शर्मसार करने वाले इसमें रविंद्र नाथ टैगोर अपने राष्ट्रवाद को बिल्कुल अलग तरीके से प्रेस करते हैं कि वहां रविंद्रनाथ टैगोर जो है वह बोलते हैं कि राष्ट्रवाद की कोई आवश्यकता ही नहीं और ज्यादा राष्ट्रभक्ति की आवश्यकता नहीं मानवता की जरूरत है कि तुम जवाब राष्ट्र की बात करते हो तो मानवता बहुत पीछे छोड़ देते इंसानियत को बहुत पीछे छोड़ थे विमेन नीड ए रीजन है पहुंचने रहते हैं आप अ 500 1000 बातें भी नहीं रहते कल्याणकारी भी नहीं रहते हैं मानवतावादी रहे थे तो उदारवादी भी नहीं रहती और लिबरल में रहते हैं सिर्फ है तो क्या नेशन फर्स्ट नहीं होना चाहिए नेशन फर्स्ट इन लोगों के लिए होना चाहिए कि नेशन को फर्स्ट में रखने से किन लोगों को फायदा सबसे पहले ही सभी को फायदा होगा नहीं सभी को फायदा तो होगा लेकिन क्या आप कहीं उपनिवेशों की तरह काम तो नहीं करने लग जाओगे तो है कई बार कई लोग बोलते थे यार भगत सिंह बोलते थे कि ऐसा ना हो कि कहीं यह गोरे अंग्रेज जाए और काले अंग्रेज हमारे पर शासन करने लगे हमारे बहुत सारे फ्रीडम फाइटर चिंतित इस बात कि देश की आजादी के बाद ऐसा नहीं हमने गोरे लोगों को यहां से प्रस्थान कर दिया और यही के जो डोमिनेंट क्लास यही के जो डोमिनेंट लोगे यहीं पर धर्म के रूप में जो ज्यादा संख्या में है यहीं पर जो जाति के रूप में बहुत ऊपर डोमिनेंट वह अमर ऊपर रूल करने लगे और बाकी सब काम शुरू करने लग जाता है कि ऐसा तो नहीं होगा ऐसे में तो आजादी बेमानी हो जाए कोई मतलब ही नहीं रहेगा कि जो घंटे बाद का कंसेप्ट है यह हमने जो कॉपी किया है उसके बाद हमने उसका देसी वर्जन निकाला हमारी यहां जो 45 तरह का राष्ट्रवाद आप लिखिएगा मैं अपने बच्चों को भी लिखा था का जवाब दादा भाई नौरोजी को किताब लिखते हुए देखते हुए थे और इनके बारे में धन के निष्कासन का सिद्धांत तो जब देते हैं और कहते हैं कि अंग्रेज हम को लूट कर ले गए थे 9th लूटे जा रहे गोपाल कृष्ण गोखले की अपने बजट भाषणों में बोला करते थे मॉडरेट ओर एक्सट्रीमिस्ट्स को पढ़ते हो ना आप लोग को कुछ समझ में गोपाल कृष्ण गोखले है दो बजट भाषण में बोलते थे तब भी कहते थे कि भारत का जो धन है यह आप कैसे यूज कर रहे हो मुझे किस प्रकार से बना रहे हम भारतियों को बताओ हमारा पैसा कहां का यूज हो रहा है कई बार रेलवे का उदाहरण है ताकि रेलवे बनाने में कर रहे हैं तो रेलवे में है तुम्हारे लिए बना रहे हो सेना को तेज गति से पहुंचाने के लिए व्यापार के लिए रोमांचक लेने के लिए इसके लिए बना रखे हमको क्या फायदा रेलवे भारतीयों को क्या फायदा तुम्हारा पैसा इस काम में लगभग यह तो तुम अपने फायदे के लिए कर रख इसमें आप अपना ब्रिटेन का पैसा लगाओ इंडिया का पैसा तो इस काम में लगाओ तो यह जो राष्ट्रवाद ताकि हमारा देश हमारा पैसा हमारा देश हमारा पैसा हमारा पैसा हमारे देश में रहेगा हमारे देश के लगाओ इस टाइप की एक बात करते थे यह आर्थिक राष्ट्रवाद कैसे तक इकोनॉमिक नेशनल जब अ कि इस प्रकार की बात करना एक तरीका इकोनॉमिक नेशनल एंथम अजय को कि स्वामी विवेकानंद है दयानंद सरस्वती है अरविंदो घोष है वह भारतीय भारतीय धर्म को यानी कि हमारे उपनिषदों को हमारे वेदांत के दर्शन को सर्वश्रेष्ठ मानते थे तो मानते थे कि भारत का वेदांत अगर आप उपयोग में लेकर आओगे तो आप अच्छे साइज बनोगे एक हिस्सा हैं आप इस आई हो अपने धर्म रॉक स्वामी विवेकानंद के धर्मांतरण की बात नहीं करता स्वामी विवेकानंद बोलते हैं आप इस आई हो ही रहा हो लेकिन कहीं अगर आप वेदांत को पढ़ोगे तो मजा आ जाएगा अब आप अच्छे इसाई बनोगे अच्छे वाले सही बनते हैं कि हिंदू बनने की जरूरत नहीं है है लेकिन हमारा वेदांत करवाता हमारे शंकराचार्य के सिद्धांतों को है ताकि गुरु शंकराचार्य ने जो लिखा है उसको पढ़ो ब्रह्म सूत्र को प्रभजीत को पढ़ो अपनी जिंदगी बदल गई है एक मुसलमान को भी कहते अच्छा मुसलमान बनना है तो वेदांत देखो हैं तो कई बार इसका मतलब व श्रेष्ठता की बात तो नहीं कर रहे लेकिन फिर भी कहीं-कहीं उनके अंदर गौरव का भाव तो है अपना धर्म के प्रति वेदांत के प्रति इसको बोलेंगे हम लोग स्प्रिचुअल नेशनल लेकर आध्यात्मिक राष्ट्रवाद है राष्ट्रवाद का स्वरूप समझ में आया आपको एक मैंने बताया आर्थिक राष्ट्रवाद एक हो गया है आध्यात्मिक राष्ट्रवाद माल गंगाधर तिलक को देखेंगे तो पुरानी संस्कृति को पुनर्जीवित करते थे कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जवाब लिख इसमें हम स्वदेशी की ओर सब बात कर रहे थे उस समय लोगों को इकट्ठा करने के लिए शिवाजी उत्सव गणेशोत्सव इन सबको लागू करना और हमारी संस्कृति को पुनर्जीवित करना यह तरीका सांस्कृतिक राष्ट्रवाद था कई चैनलों को अपनी हमेशा अपनी कल्चर के प्रति गौरव का भाव अपनी पुरानी कल्चर के प्रति प्राचीन संस्कृति के प्रति गौरव का भाव अपने पर्व-त्योहारों के प्रति गौरव का भाव और उसको माध्यम से कहीं राष्ट्र में कि जो है वह लोगों को इकट्ठा करने का आ और एक एकता बनाए रखने के लिए और राष्ट्र के लोगों को इकट्ठा करना और उनको जो बताना ऐसे समय में कि अंग्रेजों है बाहर से हवन को भगाना बहुत जरूरी है और स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है हैं दरअसल हमारा होमरूल होना चाहिए हमारा खुद का रोल होना चाहिए हमारे ऊपर कोई दूसरी राज कैसे करें यह तो हमको बहुत मिला है कि जम्मू से हमारा अधिकार है तो जन्म के साथ ही वो जाता है कि कि हमारा होना चाहिए हम स्वतंत्र हैं जन्म से स्वतंत्र तो यह सारी बात करने के लिए उनको कहा जा सकता है कि एक तरह के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बात करते हैं है और गांधी गोखले और तमाम जो दूसरे लोग हैं उन लोगों को अब राजनीतिक राष्ट्रवाद की बात क्योंकि वह कॉन्स्टिट्यूशन की बात करते हैं संवैधानिक राष्ट्रवादी या फिर राजनीतिक राष्ट्रवाद पॉलिटिकल नेशनलिज्म या फिर कांस्टीट्यूशनलिस्ट नेशनल एंथम ऑफ हैं तो यह इतने तरह के निगम के प्रकार है इन सबको मिला दें तब भी नशे दम है लेकिन इस बीच में रविंदनाथ टैगोर बिल्कुल वह बोलता नहीं ही वैनिटी सबसे ऊपर है और वसुदेव कुटुंबकम होना चाहिए इसलिए पूरा विश्वास सदा ही एक परिवार है वहीं एक राष्ट्र पूरी दुनियां एयरक्राफ्ट आखिर आप एक राष्ट्र की टेरिटरी घोषित करके किसी न किसी को तो एक्सप्लोइट करते तो जैसे हमने राष्ट्र घोषित किया हुआ है तो अभी उसमें अफगानिस्तान नहीं है मैं तो अफगानिस्तान के लोग यहां आ सकते थे आ कर दो है लेकिन यूरोप में बहुत सारे अफगानिस्तानी गए अभी भारत में अपने नहीं है भारत में वादा भी किया था कि हम दोनों को लेंगे और अफगान सबसे अधिक उम्मीद लगाए हुए थे लेकिन फिर भी हमने नहीं लगा कि एक राष्ट्र की मांग ली थी उसमें हम कुछ लोग एकजुट हो जाता है और यह NRC की जब बात आती थी तो यह उसमें कानून में हमने क्या कहा था कि हिंदू आ सकता है जैन आ सकता है बहुत आ सकता है भी क्वेश्चन आ सकता है एक भी आ सकता लेकिन मुसलमान नहीं आ सकता मुस्लिम को छोड़कर बाकी कोई भी भारत का नागरिक बन सकता है इसका मतलब अफगानिस्तान से तो नहीं बन सकता था जबकि हमारे परम मित्र और हम लोगों ने वहां यह अरबों डालर लगाया है है इसके बावजूद हम उसको नहीं ले सके ना अ कि यह जो सारी चीजें हैं यह हुआ आपका कॉन्स्टिट्यूशनल नेशनल एंथम या पॉलिटिकल नेशनल स्कूल तो नेशन के कई प्रकार है अच्छा ठीक है तो फिर राष्ट्रवाद और राष्ट्रभक्ति जो मैंने पेशाब बता सकता एक्टिविज्म एंड नेशनलिज्म तो भगतसिंह जो प्रतिनिधि हैं वह पैट्रियोटिज्म के प्रतिनिधि हैं कि इसके राष्ट्रभक्ति के राष्ट्रवाद के नहीं राष्ट्रवाद में बहुत सारे लोग स्कूल धोते हैं कि राष्ट्रवाद में हम बहुत सारे लोगों को बाहर करते थे कि पिछले मिनल मैक्रम है जो कमेंट किया था ट्रंप के ऊपर तक यही किया था कि ट्रंप का जो राष्ट्रवाद है अमेरिका अमेरिका अमेरिका से गरीबों अमेरिका कोई नौकरी तो यह अमेरिका का राष्ट्रवाद प्रबल राष्ट्रवाद है तो ट्रंप का राष्ट्रवाद और भारतीय राष्ट्रवाद अब डिफरेंस है कि तुम ट्रंप के राष्ट्रवाद में भारी गलती की कोई गुंजाइश नहीं है है क्योंकि बटन के कनेक्शन प्रॉब्लम है वह कहता है कि इस राष्ट्र की उन्नति में इंडियंस का भी काफी योगदान है थे इंडियंस ने इस राष्ट्र को बहुत आगे पहुंचा है चाहे कई तरह के नॉलेज के मामले में में आईटी का पूरा चैप्टर खोल कर दिए इतना बिकता है Google है यह इंक के सीईओ आज तक इंडियंस बनाम है माइक्रोसॉफ्ट को यहां तक पहुंचाने में इंडियंस का बहुत योगदान है पूरी दुनिया की इकोनॉमी में इंडिया को अमेरिका को बहुत आगे पहुंचाने में इंडियंस का बहुत योगदान है तो जैसे हमारे देश के बारे में बात कर रहे हैं वैसे ही ट्रंप जो है बैक अट थे राष्ट्रवाद के प्रति अमेरिका के राष्ट्रवाद के प्रति इस ने उन्हें वीजा पॉलिसी के साथ भी खेला था आपको पता है और कई तरह के नियम तो आपने देखा था हैं और अब व्यापार के नियमों में बदलाव देखा था इंडिया को कितना नुकसान हुआ तो ट्रंप की वजह से भारत को कई मोर्चों पर नुकसान हुआ उसका कारण था उसकी नेशनल पॉलिसी ओं कि उसके राष्ट्रवादी नीतिया बहुत ही खतरनाक नीति हम कट्टर निधियां पर यह चीन का राष्ट्रीय चीनी राष्ट्रवाद जो है वह चीन को इस तरह से मिल जाता है में कार्यरत के राष्ट्रवाद में उपनिवेश तैयार किए आकर ईयर और के लोग तो काफी खुश हुए होंगे ना कि भारत से लूट-लूटकर इतना ले जा रहा है और यूरोप को समृद्ध बना रहे हैं इंग्लैंड को समृद्ध बना रहे हैं कौन ब्रिटिश मैंने आपको बताया था कि इंग्लैंड में जैसे हमारे यार यह साहित्य का सपना देखते ना एलिमेंटल के बाद में बच्चों के लिए कथा जब ट्वेल्थ का रिजल्ट आता है अधिकांश बच्चे बोलते हैं मैं आईएएस की तैयारी करूंगा बोलता है दोनों के बाद जो टॉपर बनता है है वैसे एक ब्रिटेन में प्रत्येक बच्चा और पेरेंट्स यह सपना देखते थे कि हमारा बच्चा इंडिया जाए इस्ट इंडिया कंपनी के लिए काम करेगा योग टैलेंटेड शार्प माइंड होता था इसमें लगता है इसमें पूरा ऐसा लगता है कि बचपन में पूत के पैर पालने में नजर आते हैं इसके लक्षण ऐसे बताते हैं कि एक दिन यह दिया जाएगा और कि मैं लेट इंडिया कंपनी में काम करना क्योंकि ईस्ट इंडिया कंपनी में मार दी है वह पांच सौ गुना हो जाता है हजार गुना हो जाता है प्रॉफिट बहुत है कमाई बहुत है सैलरी बहुत है और वह लूटपाट करने का मौका मिलता है ऐसी तैयारी करते थे और इंडिया थे कलेक्टर बन जाते थे फिर खूब लूटपाट करते थे इस करते हैं तो यह था है इसका मतलब यह फॉर्चूनेटली है उनका कंट्री तक छुपा है सर ओ कि उनका कंट्री तो छोटा सा श्रीलंका ऐसा भी छोटा है कि चोटी छोटे राज्य छोटे-छोटे बेशक और वह शासन कितने प्रकार लिए बहुत बड़े परदे तो यह तो उसके पास अपॉर्चुनिटी तो यहां पर है कमाने की रिसोर्सेस तो यहां पर है जंगल है कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाना है तो भी रेलवे में कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाकर अगर इंडिया का ठेका ले लिया है तो भारत सरकार इन उस समय का जो गवर्नमेंट आफ इंडिया फॉर था ब्रिटिश है वह इसको प्ले करेंगे तो ठेकेदार बनना हो तो कंपनी बनाना हो तो सर्विस करना हो तो व्यापार करना है और कुछ भी करना ही नहीं आओ ये तो अपने-अपने बैठो में लाते थे हैं तो मैंने दोनों को साथ जोड़ दिया आप सो राष्ट्रवाद के बदल जाते हैं अपने देश के प्रति गौरवपूर्ण भाव तभी तो कहते थे कि तुम इंडियन स्पर्म शासन कर रहे हैं यह हमारी तरफ से एहसान मानो कि हमारा एहसान मानो कि हम तुम पर शासन करने तुम जैसे गंदे लोग इतनी दूर रहते हो तुम सांसो पैरों का देश शामिल थे साधु बाबा कि सियासत के फोटो ले जाते थे यह ले जाते थे देखो ऐसा पहले वाला देस आप न चाहते हैं बंद करना चाहते हैं मदारी का खेल दिखाते हैं ऐसा देश है बता सदृश इंदौर मनोरंजन के लिए वह थिएटर नहीं नहीं तो वहां पर व होने लगे थे यह तो चलता है कि टीम के पास सभी नाटक करना नहीं आता है इनको जबकि हमारे यहां कालिदास बहुत पहले लिखे गए पर बीच में हमारी संस्कृति को धूमिल कर दिया गया उसको दबा दिया गया था है लेकिन वह संस्कृति जो है अंग्रेजों ने कभी लड़ाई नहीं है है और नहीं हमारे आजादी के बाद में उस गौरवपूर्ण संस्कृति को खोज करके यहां की सरकारों ने कोशिश की इसने आरोप भी लगता है कांग्रेस के ऊपर की ओर स्नेह है तो संस्कृति को दबा के रखा जान-बूझकर दबा कर रखा है और मुस्लिम और वह जो करती है इस्लामिक वाली बहुत ज्यादा ठीक उसी को इस्लामिक तुष्टीकरण कहते हैं वह अपिजमेंट कि मुस्लिमों का तुष्टिकरण अब हम इसमें कितनी सच्चाई है तो कमीने लेकर उनका तो एक पूर्वाग्रह होता है आप जानते हो कमीनी जमुका और हिंदुइज्म का झगड़ा तो बहुत पुराना है ना एक तरीका कि कम्युनिज्म और उसमें तो सीधा-सीधा वह संग्रह करने की बात नहीं करता और हम लोग संघ को प्रभावित करते हैं जो कि हमारे यहां जैन धर्म में तरह-तरह की बात करता है हिंदू धर्म के दुरुपयोग की बात आती है लेकिन वह त्याग नहीं करता लेकिन करता है और कमीज का रंग की थी जहां पर भी हो जाएंगे तो इधर हो जाएंगे तो यह मुसलमानों में तो हम लोग बोलते हैं कि नॉर्मल हो जाएंगे कुछ मैक्सिमम नहीं होना चाहिए अपनी बात नहीं होना चाहिए पति बाद जब भी आएगा मैक्सिमम जब आएगा तब दिक्कत आएगी तो कि नेशनल गेम का व्यक्तिवाद आ जाएगा तो चाइनीस सब हो जाएगा तो है उसमें अंबेडकर मुसलमानों को शिनजियान से निकाल देंगे या उनको मार देंगे या उनको हान समुदाय के लोगों से उसकी शादी करेंगे हमारे यहां की जनसंख्या बनाएंगे और मुस्लिम जनसंख्या को - देंगे शिनजियांग नहीं कर रहा है ए पप्पु दुनिया का करंट अफेयर्स मैंने जोड़ दिया है और तमाम प्रकार का राष्ट्रवाद भी आपको समझाने की कोशिश की है और 65 मर्डर है के साथ इंटर्मिंगलिंग हो चुका है तुम का यह सारे जो आइडियोलॉजी जितने विचारधारा है तो क्या सुधरा शुरुआत नहीं हो सकता सीधा-सीधा अपने अपना राष्ट्र से हम लोग प्रेम करें और राष्ट्र की बात करें राष्ट्र से नहीं अब देखिए जब से कि ग्लोबलाइजेशन हुआ है और लिबरलाइजेशन आया उदारीकरण और वैश्वीकरण यह जो दो शब्द है कि इन दो जिलों के बाद में एक शुद्ध राष्ट्रवाद का होना एक बहुत मुश्किल काम है आप और हम सब गूगल यूज कर रहे हैं फेसबुक यूज कर रहे हैं जब अमेरिका की कंपनियो है कि हमने जितना मोबाइल फोन बनाते हम लोग आठ प्रतिशत मोबाइल फोन बना पाते हैं ब्रिटिश अर्थ मोबाइल फोन हम बाहर से खरीद के बेचते हैं है तो आप एक रात को आप कैसे आएगा कि आप निर्भरता कैसे आएगी माता टेक्नोलॉजी नहीं है ना मैन्यूफैक्चरिंग में हम डिसटीब्यूशन एंड ट्रेड में सपोर्ट में तो सवाल ही नहीं उठता है मैं इंडिया का फोन एक्सपोर्ट हो रहा होगा पॉसिबल नहीं है माइक्रोटेक कितने लोग यह वाला कितना कि माइक्रोमैक्स कौन कर सकता है कि कोई निकल लीटर इंटेक्स का फोन को खरीदना है इस सेंटेंस और माइक्रोमैक्स और यह जो कि तेल कंपनियां इंडियन कंपनियां यह बहुत स्पेशल करें लेकिन जबरदस्त है तो हम लोग जब तक राष्ट्रवाद हमको तब सौंप देगा जब हम कम से कम यूएस के लेवल पर पहुंचा का प्रयोग केवल पर पहुंचने के लिए आपको मैन्युफैक्चरिंग को बहुत ऊंचे लेवल पर ले जाना पड़ेगा आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा तब जा करके होगा देगा आ कि गरीबी से बहुत सारे संख्या लोग गरीबी रेखा से नीचे है रूरल एरिया में रहती है बहुत पिछड़े हुए लोग है वैभव मौजूद है महिलाओं की स्थिति ठीक नहीं है पब्लिक पार्टिसिपेशन नहीं है फीमेल पार्टिसिपेशन रेट जो आपका जो रोजगार में एंप्लॉयमेंट में होना चाहिए वह नहीं है भारत में आठ प्रतिशत महिलाएं काम करते हैं बैनर प्रतिशत महिलाएं कामकाजी क्षेत्र में नहीं है मैं तो अभी जनसंख्या 50% जनसंख्या में आठ प्रतिशत यानि कि 4% हैं तो इस मैच के 40% जनसंख्या जो है एक्टिवली पार्टिसिपेट नहीं करती है या फिर उसको रोजगार को रोजगार नहीं समझा जाता काम तो करते हैं चाहे सारी महिलाएं आलस्य कमी नहीं करते लेकिन उनके काम को काम की श्रेणी में लिया नहीं जाता वह जीडीपी का पार्टनर है एक व्यक्ति दूसरे देशों में ऐसा नहीं है कि यह उनका काम काट कर दिया यह कि आपको परिवार संभालना है खाना बनाना है घर पर रखना है एक गरीब व्यक्ति भी कई बार कई बार हम खुद ने कोई गरीब आदमी है तो वह अपनी पत्नी से भी काम लेगा नहीं उबल तब्बू को मर जाएंगे काम नहीं करते हैं मैं जब तक जिंदा हूं तब तक मैं जितना भी लड़ा उसमें एक रोटी कम डालेंगे यह तुम घर पर रहोगे प्ले इस प्रकार का भाव है है तो बहुत खतरनाक भागे तो जब तक हम महिलाओं को पार्टिसिपेशन में नहीं लेते काम में दलितों को नहीं ले जाते कमजोर वर्गों को नहीं लिया पर सुभाष ने मिटा देते जातिवाद नहीं मिटा देते और जो धार्मिक जग रहे हैं फसाद हैं उन सब चीजों को खत्म नहीं कर देते कॉन्स्टिट्यूशन के पूरे सिद्धांतों को लागू नहीं करते थे तब तक कट्टर राष्ट्रवाद की बात करना या गोरखपुर राष्ट्रवाद की बात करना पड़ा खतरनाक है कि उसमे वह लोग पर जाएंगे तो है क्योंकि उनकी आवाज को राष्ट्रवाद के नाम पर धब्बा दिया जाएगा कि दोस्तों सर्वोपरि है तुम्हारा चर्चा है अभी जो तुम जो अपना मुद्दा उठा रहे हो यह सर्वोपरि नहीं है कि यह दिक्कत हो जाएगी अमेरिका जैसे देश की मैं बात इसलिए कर रहा है क्योंकि वह शिक्षा और स्वास्थ्य लगभग फ्री कर दिया गया शिक्षा और स्वास्थ्य पर क्लिक करने के बाद में अगर कोई अधिकारी भी है तो 8 10 डॉलर लेकर तो उसका यह दिखे के प्रति काफी है मतलब भारत के हिसाब से देखें तो मतलब आप देखें तब हजारों रुपये हो जाता है बीच में खाना तो हजारों रुपये लेकर अगर वह इसका है ₹2000 भी नहीं भारतीय कई सारे भाग हैं तो उनके हजारों रुपये नहीं मनरेगा में नहीं मिलता मनरेगा से भी दस गुना ज्यादा लेकर उत्तर यानी पांच गुना होता तो इसका मतलब है कि ऐसे समय में हम यह चीज ठोकते हैं मैं उसको बोला लोगों को तैयार करें कि केवल राष्ट्र का गौरव का भार कविता करना वैसे देखा जाए तो सुरक्षा के लिए अच्छी चीज है कि चीन का हमला कर देगा हम को ऐसे समय में हमारे प्रधानमंत्री को कमजोर नहीं करना चाहिए राष्ट्र को कमजोर नहीं करना चाहिए क्योंकि हम चीन से लड़ने वाले हैं और हम पाकिस्तान हमारा पड़ोसी जो यह क्रॉस में ताक में बैठा रहता है युद्ध के लिए और आप अपना चेहरा लेकर बैठे हो चुप रहो तो फिर आपको दूसरों को मौका नहीं देना चाहिए अडानी अंबानी जिस गति से आगे बढ़ रहे हैं और दुनिया के अभी बोलते हैं कि आधुनिक कि अब संपत्ति लैपटॉप एंड में पहुंचने वाली अंबानी की तो उनके उस विजय रथ को भी रोकना चाहिए अष्टमी अधिक इसको हीरो को थे किंतु उनका तो बहुत तेज गति से गुणा भाग रहा है और वह जितनी तरह में जाता हूं तो उनके हो जाती है और एक तरफ में लोगों में ज्योतिषी नीरज और समानता है तो चार पांच बातें ले जाएगी राष्ट्रवाद कम उचित रहेगा इंक्लूसिव ग्रोथ पहली चीज पहली शर्त है कि को टैंकों से ग्रोथ समावेशी विकास और विकास का प्रकार सबका साथ सबका विकास मोदी जी का नारा है सबका साथ सबका विकास इसी को बोलेंगे उनको सोशल ग्रुप हैं तो यह हो और दूसरा जो डिस्प्ले संविधान के संरक्षक के रूप में ईमानदारी से काम करें तो से जुड़े दूसरे ठीक से काम करें न्याय हो अभी न्याय नहीं मिल पा रहा लोगों को हैंड्स फ्री को इंक्लूसिव ग्रोथ शब्दों में एक दूसरे से छुपी परियों के एक्सक्लूसिव ग्रुप में होना चाहिए तो दो कंसंट्रेशन आफ वेल्थ है जो आपने क्वेश्चन भी देखा एग्जाम में अपने फ्री में देखा ना कौन सा शॉप खोल संपत्ति का संकेत नहीं करा था हैं तो धन का संकरीकरण नहीं होना चाहिए इसको बोलेंगे इंक्लूसिव ग्रोथ धन अगर एक जगह इकट्ठा हो गया एक ही व्यक्ति के पास या कुछ लोगों के पास तो इसको बोलेंगे कॉन्संट्रेशन आफ वेल्थ धन का एकत्रीकरण एवं केंद्रीकरण है तो यह एक्सप्लूसिव ग्रुप नहीं होना चाहिए तो आप कह सकते हैं कि उनका संगठन रिकार्ड नहीं होना चाहिए कंसंट्रेशन आफ वेल्थ नहीं होना चाहिए डिस्क्रिमिनेशन कैसे टाइप का न होना चाहिए कि यदि कॉटन लागू करो फंडामेंटल राइट लागू करो ह्यूमन राइट्स का कि की रक्षा होनी चाहिए मानवाधिकारों की रक्षा होनी चाहिए आप जिस विषय प्रॉपर काम करेंगे और अगर आप कंसंट्रेशन आफ वेल्थ नहीं होने दोगे मैंने बताया ना मसल पावर कैसे बढ़ता है पैसे सिर्फ ठीक है जब किसी बच्चे को लगता है कि पापा ने आज 5000000 रुपए रिश्वत लिए पहले से 50 करोड़ है और मुझे बोल रहे थे कि 20 करोड़ में तुम्हारी यूनिवर्सिटी खुलवा देंगे हमने जमीन ले लिया तो वह पढ़ना लिखना क्या उसको द्वितीय व सिटी का मालिक होने जा रहा है पढ़ाई लिखाई वाले लोगों को तो किराए पर रखेगा आ कौन सा बिल्कुल लो अब जिद करेगा इस बार बर्थडे पर पिताजी ने को तीन करोड़ वाली गाड़ी चाहिए को चे अ करोड़ वाली कार चाहिए मोटे-मोटे कई वाली बड़ी गाड़ी चाहिए अब उसकी निगाह अगर किसी लड़की पर तो उसको गायब कर दिया कि तो थाना खरीदने की क्षमता रखता पिता ने थाने में फोन कर देंगे डक्शन अभियुक्त हो जाएगा तो है और कि किसी का मर्डर करने से निष्क्रिय किसी को ऊपर कार्य करने से बिल्कुल नहीं करेगा अगर उसका छोटा मोटा कोई दुश्मन है तो उसको निपटा दिया हो यह ध्यान से मसल पावर एक अलग प्रकार की अपराध करने की प्रवृति क्रिमिनलाइजेशन होता है अपराध की प्रवृत्ति पैदा होती है धन के साथ धन का संग्रह जाता है उसके साथ संस्कार नहीं है इसलिए तो लक्ष्मी के साथ सरस्वती और गणेश जी बिठाने में अकाल की वजह से ही व्यक्ति देवता बिठाया और विद्या की देवी इसमें मिठाई उसके साथ-साथ अक्ल का भी प्रोग्रेस बहुत जरूरी है लिंक करो कि मैं ऑफिस पर में यह दिक्कत है कि नैतिकता वाली बात इसलिए की जाती है क्योंकि मनाया जाता है तो क्लाइव को लाइक करें जानता है ब्रिटेन ब्रिटेन के जितने टीचर से से कि पुलाव से चिढ़ते थे ए क्लासिक 500 सालों में शामिल हो गया ब्रिटेन की सारी संपत्ति अच्छे-अच्छे अपलोड अच्छे से मकान व हटाने अंबानी था उस समय का एक तरीका है [संगीत] मैं पढ़ा नहीं हूं रानी बरसों पहले आदमी से पढ़ाई-लिखाई में क्या है अच्छा लगेगा और वह कितना अमीर आदमी हो गया अब किसी बच्चे को गोद लेकर बैठक पढ़ोगे तो अ ज्ञानी बढ़ाएगा मोदी पड़ा है अगर सबसे पहले अ इस सीरम तो वह बनेंगे ना कि वह लेंगे पहले भी कोई जरूरत नहीं है कि खिलाड़ियों के पहुंचाया तो क्लाइव की दो संपत्तियां उतनी ज्यादा संपत्ति थे कि वहां के टीचर कॉलेज के प्रोफेसर यूनिवर्सिटी के प्रोफैसर स्कूल में पढ़ाने वाले टीचर परेशान हो गए कि क्या है वह संसद के पार्लियामेंट के मेंबर्स को खरीदने तथा पहला क्लाइव का बैंगल का पैसा है और क्लाइव ने बंगाल में जो पैसा अर्जित किया तो पैसा इतना ज्यादा पैसा था है कि ब्रिटेन के पार्लियामेंट में उसकी इच्छा के बिना कोई कानून नहीं बनता है कि उत्तर मां का हर युवा जो अपराध करना चाहता है टक लेना चाहता है उस जमाने में कुछ शराब पीकर यह करना चाहता है उसका जो अगर एक मात्र अगर उसका अगर आपको कि उसका हीरो कौन है तो वह लाइक थिस यह हो गया और अपने जिंदगी में कुछ करना है तो क्लोज में कुछ करना है हैं तो उन्हें मिल गए जबकि खिलाफ जाता है तरह के जो लोगों से मथुरा कांड से उसको मिलता है तो उसको एरिया बांध देता हूं उसके नाम के हफ्ता वसूली होती होगी तो वहां जितने भी टीचर है और नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले लाइब्रेरी में बैठने वाले लोग सब बोलते थे क्या गंदगी में चार कि हमारे देश में कितना करप्शन कितने आवारा गर्दी यह सब तो पहले नहीं था यह खिलाड़ियों का पूरा गन्ना कर दिया थिस ए और क्लाइव के ऊपर मक्खन कर गुस्सा तो वहां के लोग खुश भर के लोग पढ़ी-लिखी जमा थी मानेंगे और जो अपने बच्चों में संस्कार देखना चाहते थे मेहनत से पैसा कमाओ ऐसे लोग बोलते थे वह क्लोज लूप का एक्सांपल देते थे वह चुप हो जाते थे वहां है तो सही और ईस्ट इंडिया कंपनी ने बनाई थी उसकी शर्त रखी थी 1627 कि टेस्ट इंडिया कंपनी में कोई भी नैतिकता की बात नहीं करेगा एथिक्स की बात नहीं करेगा यह क्लब है शाम को मौज-मस्ती के लिए आते हैं हम लोग इस्ट इंडिया कंपनी का निर्माण कोई भारत पर राज करने के लिए नहीं हुआ था इसलिए कंपनी का निर्माण था पैसे वाले लोगों के ऐसी संस्थाएं जिनके पास अतिरिक्त पैसा है वह ईस्ट इंडिया कंपनी के शेयर खरीद लेंगे तो क्लब जैसा होगा शाम को मीटिंग करेंगे पार्टी आऊंगी शराब होगा सब कुछ होगा महारानी उसकी सदस्य थे मेंबर थे इनको क्राउन है वह इसका मेंबर दिखाओ लुट क्लब के सदस्य और यहां चुके हैं मौज मस्ती के लिए आ रहा है और अगर देश के लिए आ रहा है तो कोई भी कि यहां पर नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ा तो टीचर नहीं आएगा कम जगह इसमें जिसको भी नैतिकता की बात करनी है एक बात करनी है वह क्लब से बाहर जाए प्रेशर कथित मेंबर बनने के लिए आ और क्या तू नैतिकता की बात नहीं करनी है अच्छा अब समझ में आ रही है तभी तो ऐसे लोग किसी दूसरे देश को अपने पेस्ट बनाएंगे और वहां के अधिकारों का हनन करेंगे वहां के लोगों को जानवरों जैसा बर्ताव करेंगे तो कि पृथ्वी लोक तो कर सकते हैं तो आपको पता होगा 1773 में रेगुलेटिंग एक्ट आया था तो इसलिए बाहर इतना करप्शन हुआ इतना करप्शन हुआ जो कंपनी हजार गुना पॉकेट कमा रहे थे हजार गुना डैंड्रफ में शेयर होल्डर को उन लोगों ने रखा था कि आप सौंठ और स्वप्न लगाओ हम आपको यार कौन देंगे not-for-profit आप ईस्ट इंडिया कंपनी में लगा पैसा तो लोगों का पैसा लगाते तो ग्रुप का प्रॉफिट फॉर थे डिविडेंड मिलता था तो इतना प्रॉफिट कमाने वाले संस्था खरीदार के से होगी इस्ट इंडिया कंपनी कर दे मैं चली गई तो करप्शन करप्शन हो गया है और करेक्शन इतना हुआ है कि जो अधिकारी थे वह अपना खुद का पर्सनल व्यापार करने लगे थे कि बंगाल में आते थे कोई सामान लेकर तक कंपनी का प्रोडक्ट भी भेज सकते हैं यदि आपको कोई शोरूम पर रखें किसी और आपको कहेगी आप इसमें स्कूटी बेचना है यहां पर मोबाइल फोन भेजना यह पर्सनली आप बोले देखो इससे अच्छा मोबाइल मेरे पास नेट यह तुमको 9 में दे यह 9000 में तेरा मैं तुमको साथ जान दे दूं अगर आप पीछे ठीक है और आप सेल्स मैन है उसके तो विजय सेल्स मैन जितने भी तो उसे इंडिया कंपनी के यह बंगाल में आकर के भारत में आ करके अपना प्रोडक्ट में स्थित तो अपना माल लाते थे तो कंपनी को नुकसान हो रहा था कि तुम लोग कंपनी के प्रोडक्ट नहीं भेजोगे कंपनी का प्रॉफिट में लगाने की कोशिश कर उसी को नोच पाओगी उसी के उसमें करेक्शन करोगे प्रॉफिट में से तो कंपनी घाटे में चली गई घाटे में रही तो उसने संसद से कहा कि पार्लियामेंट से कि हमको कुछ उदार दो मैं बेल्ट करो जैसा मारियो कंपनियां बेल्ट मानती है के मध्य मांग रहा था या उसने तमाम लोग मांग रहे थे सब गए तो बिलकुल देते हैं ड्रिंक बेल्ट किया हमने भी पिछले ढाई लाख करोड़ मार्क किया मोदी ने प्राइवेट बड़ी कंपनियों का डेढ़ लाख करोड़ पर उन्हें मालूम था कि यह बात पता है ना ही नहीं करते और ऊपर से अ [प्रशंसा] मैं अभी भी तो माफ किया था उनका आ कि अक्टूबर 2019 में फॉर जनवरी 2019 में यह हो गया चार महीने बाद को रोना आ गया तो उन्होंने अपनी कंपनियों के कर्मचारियों को निकाल दिया संख्या कम कर दी वेतन देना नहीं पड़ा बेल्ट मिल गया था डेढ़ लाख करोड़ का तो कंपनियां प्रॉफिट में लगे तभी तो टॉप टेन में पहुंचे अड़ाने हमारे अ कि खर्चा कम कर दिया रोजगार कम करते हुए उन्होंने लोगों को नौकरी से निकाल दिया था है और वह जो पैसा था डेढ़ लाख करोड़ माफ इसलिए किया था कि तुम किसी को नौकरी से मत निकालना बल्कि और रखना इसमें डेढ़ लाख करोड़ माफ किया था इन्होंने बल्कि निकाल दिया और उसको प्रॉफिट बता देगा तो वो था उसको कंपनी का प्रॉफिट दिखा दिया तो लोगों ने का पेंडेंट में प्रॉफिट में चलो पैसा लगाओ तो बैंक का पैसा लगाए लोग ना शेयर खरीदने के कंपनी है मैं तेरा आसमान छूने लगे व्हाट्सएप मैसेज भेजना प्रॉफिट बता दिया जो बेनिफिट है उसका प्रॉफिट बता दिया था कि चेंजेस बार का प्रॉफिट हमारा इतना बैलेंस शीट में लेना है तो यह था तो वही प्रॉब्लम होती थी और कहा कि अच्छा तुम लोग लाइन के गुंडे पूरे देश में आतंक मचा रहे हैं यह संसद सदस्यों को खरीद रहेगी कर्मचारी-अधिकारी है कि वह किसका इस्ट इंडिया कंपनी का और उसका एक नुमाइंदा एक कर्मचारी एक भरकर है वह उसका पूरा सिक्का चल रहा है पूरे ग्रुप में वह तो हमसे कर दिया मांग रहे हो अब हम कंट्रोल करेंगे तुमको फ्लाइट की फिर इंक्वायरी और वही विडियो और सीआईडी ब्यूरो सीबीआई और वह सब जवानियां से होती वैसी तो तुम्हारी गैर लेकिन उनकी समाधि केंद्रास अ में रिकवरी जो देखोगे तो वह फिर से स्थान है बेबी ऐसे युवाओं का है अच्छा ठीक है तो यह है तो उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद राष्ट्रवाद इन सब चीजों को यदि आप देखेंगे तो इसके पीछे शोषण है लेकिन कहें कि राष्ट्रवाद की भावना तो बहुत अच्छी चीज है लेकिन आप फिर भी रविंद्र नाथ टेगोर बोलते हैं कि मानवतावाद पोस्ट तो कृपया यह जितने लोग राष्ट्रवादी तो यह सब गलत है कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना गलत है देश को सबसे पहले नहीं रखना चाहिए रखना चाहिए तो रखना चाहिए उसी में सुरक्षा का भाव गई है उसी से तो फिर से ना होती है किसी भी राष्ट्र की सेना होती है और राष्ट्र की रक्षा भी करती है तो राज्य की रक्षा करती है सीमाओं की रक्षा होती है हम सबका एक राष्ट्रगान होता है नेशनल एंथम होता है राष्ट्र की पहचान होती है राष्ट्र का झंडा होता है और राष्ट्रभावना कुर्बान हुए राष्ट्रवाद नहीं होता तो इतने सारे लोगों को बांध के होते जो हम जो बात कर रहे हैं उसमें जब हम केवल इकनॉमिक्स और उस तक बात करते हैं इसलिए मैंने कई तरह का विभाजन आपके सामने करके बता दिए कि जवान उसकी बात करते हैं तो इस तरह का वह इकोनॉमिकल नेशनल एंथम हुआ पॉलीटिकल एक्टिविज्म ओं स्पिरिचुअल नेशनलिज्म हुआ तो क्या वाकई मैं पूर्व राष्ट्रपति के साथ नहीं आ झाल आ सकता लेकिन उसका और इसे बढ़ाकर पर आपने जो घोड़ों किया है वह ठीक नहीं किया है आज हम जिस प्रकार की प्ले लिस्ट इक्साइटेड हैं जिस तरह के बहुलतावादी समाज में हम लोग रहते हैं इस प्रयोग को पॉइंट लीजिएगा समतामूलक समाज वह जो आपने लिखा है वह ऊपर गली के इंडियन सोसायटी हैं कि अब राष्ट्रवाद इन शर्तों के साथ ठीक रहेगा तो क्या राष्ट्रवाद में भी शर्त होनी चाहिए लेकिन नागरिक सबसे इंपोर्टेंट राष्ट्रपति बनता कैसे हैं कि नागेश को हुआ था अगर आप महात्मा गांधी की बात करें और अगर आप ज्वाला नेहरू के बाद लाल नेहरू का कथन है कि नर और नारी तो जन्म लेते रहते हैं मरते रहते हैं लेकिन राष्ट्र में रहता इसका मतलब राष्ट्रध्वज धृतराष्ट्र पर कुर्बान हो जाना चाहिए नर और नारी और नागरिक की कोई वैल्यू नहीं राष्ट्र पर उसको कुर्बान हो जाना चाहिए संयुक्त राष्ट्र के नागरिक महत्वपूर्ण है और राष्ट्र महत्वपूर्ण है मैं क्यों झूठ बोलते हैं भारत माता के अपने कंसेप्ट में जवाहरलाल नेहरू तब पुलिस भारत माता पहला चैप्टर आप देखकर भारत एक खोज का भारत माता कौन है तो बोलता है जो खेत खलियान में जो काम कर रहें हैं जो किसान है मजदूर हैं जो कि लोग हैं इसे भारत माता [संगीत] जबकि आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा में हम लोग भारत-माता एक ऐसी देवी के रूप में दुर्गा के फॉर्म में उसको चित्रित करते तो उन्हें पीछे छोड़ कर सवारी करवा देते हैं और वह विचित्र किसने बनाया था तो उनके रवीना टैगोर के भाई है ना जिसमें भारत माता है जो है गेहूं की बाली एक हाथ में हंसी आई हैं और भारतमाता करी हुई दिखाई दे रे चार हाथ बताया उसमें एक खेत में गेहूं की बाली एक रात में ऐसी आएगा इसमें तब है तो वह थोड़ा-थोड़ा मैच करता है भारत माता जो जवारलाल नेहरू भाषण दे रहे हैं उससे भारत माता का पहला चित्र देखेगा अवनींद्रनाथ टैगोर चाहता था अवनींद्रनाथ टैगोर देखिए अगर गूगल में जाकर अ गिफ्ट और जब हम बंधन की बात करते हैं तो वह वंदे मातरम लिखते हैं और वंदेमातरम गाते गाते ही रवीना टैगोर बढ़े हुए रविंदनाथ टैगोर की पूरी जवानी में रवीना टैगोर गायक थे सिंगर भी थे और कोई भी फंक्शन होता था कोई एडिशन होता था कहीं पर भी रविंद्र नाथ टैगोर वंदेमातरम गाते रविंद्र रविंद्र नाथ टैगोर की राष्ट्रभक्ति पर भी आप संदेश ले नहीं कर सकते क्योंकि गुड नाइट वापस लौट आते हैं जलियांवाला बाग के बाद उनको बहुत दुख होता मैसेज करो आता है तो वह तुरंत नहीं ढूंढ और अपनी उपाधि लौटाते वक्त मुझे नहीं चाहिए तो इसका मतलब आप उनको अंग्रेजों का पिट्ठू नहीं कह सकते और अंग्रेजी से ज्यादा बांग्ला से भाषा से प्यार करते हैं इसका मतलब अंग्रेजों के प्रति इतने समर्पित पर नहीं सकती है जमींदार परिवार से थे तो अच्छा ठीक है तो आप किसी को भी नजरअंदाज नहीं कर सकता इसीलिए कई लोगों को मैं कमेंट देख रहा था जब है यह 15 अगस्त को आजादी नहीं मिली अधिक में मिली है साहब ने बोला कंगना राणावत ने तो वह कमेंट में देख रहा था मामलों के तब लोग बोलते थे कि नहीं विभिन्न धाराओं के लोगों ने सबने अपनी-अपनी तरीके से योगदान कि हम सावरकर के योगदान को भी नहीं निकालते हम गांधी के योगदान को भी निकालते हम क्रांतिकारियों के योगदान को भी नहीं निकालते हम किसी भी पक्ष को यह नहीं कह रहा कि उसने कमजोर काम किया है या उसने देश के साथ गद्दारी के सब ने ईमानदारी से काम किया जितना जो कर सकता था जिसमें जैसी योग्यता थी उन सब ने अपना कॉन्ट्रिब्यूशन दिया है और सबने मेहनत कीजिए और उसके बाद हम को आजादी मिले हैं है उसमें अदृश्य शक्तियों का भी आता है मैंने अभी बताया कि यार उन का भी दबाव था चर्चिल को बोल दिया था उन्होंने कि यह तो सोना पड़ेगा तुमको पहले थोड़ी चलता और सबसे बड़ी बात है कि पूरी दुनिया के जितने भी देश हैं उसे 1947 से 50 तक 90% देश आजाद हुए तिल भारत अकेला यादव ने हुआ दुनिया में अधिकांश उपनिवेश 4750 के बीच में का क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद सभी को बोरिया-बिस्तर उठा नहीं था जो कि दैवी शक्तियां दीप जो पॉवर पास है वह सब खत्म हो गए उसी के बाद फिर आप बोलते घोषित युद्ध चला और यह सरकारी निवेश का शोल्डर चलता रहा है कि पोकेमोन बातचीत वाला था दावत है और उसमें हथियारों की हॉटफिक्स परमाणु बम को गिराना हिरोशिमा नागासाकी के बाद मैं उसके बाद लोगों को लगा कि यह बहुत खतरनाक चीजें जापान का राष्ट्रवाद कितना खतरनाक है मैं तेरे को नेहरू चला दे कि आते हैं वहां पर गांधी सलाह देते हैं नेहरू सलाह देते हैं कि आपको राष्ट्रवाद काजू है स्वरूप बदलना पड़ेगा और आपको इकनॉमिक स्लोडाउन धर्म इसलिए आप देखोगे कि चीन भी जो अपने राष्ट्रवाद को इकनॉमी में डाल देता डेंग जियाओपिंग को सबसे जिंदगी निकल सम्मेलन किया और अपने आप को फिर से आजीवन राष्ट्रपति बना दिया उससे पहले 10 साल के लिए होते हैं संविधान में वहां के नियंता चीन में कि 10 साल से बड़ा कोई राष्ट्रपति ने रहेगा शी जिनपिंग ने पहले ही संशोधन कर दिया था कि मेरी इच्छा है तब तक मैं रहूंगा ना कि कल फिर और बड़ा सम्मेलन हुआ और उनको सबसे बड़ी महाशक्ति घोषित करके उन्होंने कर दिया और अब निकाल दिया इस तरह का यह सम्मेलन में हो सबने जो शपथ ले ली कि हां बिल्कुल हम तैयार है ओर आप जब तक जिंदा है तब तक राष्ट्रपति रहेंगे ऐसे तीन बार हुआ है तीसरी बार हुआ है पहले बहुत से उड़ मौजूदा मक्खन शॉपिंग और यह शिवलिंग है तो बेंजो बेंजो बेंजो थे वह पहले भगवन जाते थे और उन्होंने पहली बार का कि समुद्र के किनारे जो जो बड़े शहर है वह हमको मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने चाहिए तब जवाहरलाल नेहरू के यह कि विदेशी को इंदिरा गांधी ने आगे बढ़ाओ के दौरान नेहरू जो है वह प्राइवेट लोगों को आगे नहीं आने देना चाहते थे वो चाहते तो सरकारी क्षेत्र में ही इंडस्ट्री रहे सरकारी क्षेत्र में मेरी फंक्शनिंग रहे पब्लिक सेक्टर की चीजें इंदिरा गांधी उसी को कंटिन्यू कर रही थी तो राजीव गांधी आकर के सिस्टम को तोड़ते हैं कि इंदिरा गांधी वाले सिस्टम को लेकिन राजीव गांधी 1985 में सिस्टम को तोड़ते हैं डेंग जियाओपिंग उसको 1975 के आसपास उसको शुरू कर देते हैं बहुत लेट हो चुके होते हैं वो 80 के दशक में हमको शुरुआत में उसको करना था देन जो पिन के समय में तो चाइना से लेकिन कि जो राजू बनाने का प्लान आपको एक रहस्य नहीं है तो एग्रेसिवनेस कहां से आती है जब हम एलपीजी करते हैं और पीवी नरसिंहाराव लेकर आते हैं मनमोहन सिंह वित्त मंत्री बनते और पीवी नरसिंहाराव 1992 तरह में हम बड़े आर्थिक सुधार दूसरी पीढ़ी के आर्थिक सुधार की बात करते हैं लोग थे सेकंड जेनरेशन के इकोनामिक रिफॉर्म्स जाता है यहां आ करके हम लाइसेंस कोटा परमिट पूरी तरह से ख़त्म करते थे नहीं तो प्राइवेट सेक्टर कि हमने ले रखा था कि आपके लाइसेंस रखना पड़ेगा आपको परमिट लेना पड़ेगा और आपका एक कोटा होगा इससे ज्यादा आप निर्माण नहीं कर सकते मैन्युफैक्चरिंग यह कर सकते अगर हम यह कोटा 15 साल पहले कौन दिया होता धन चीन के कंपटीशन में होते लेकिन चीन के कंपटीशन में नहीं रहता है क्योंकि डेंजर ओपन हमसे आगे निकल गया और उसने अपने प्राइवेट सेक्टरों को सबको सरकारी सेट करो कि बनाओ बनाओ बनाओ मेकिंग मेकिंग मैं सिर्फ बनाना है आपको बस कौन कितना खरीद रहा है उससे उनका कोई लेना देना रात दिन सारी जनसंख्या को लगा दो बनाने में लगा दो वह 70 से बना रहा था तो आइए सुपर पावर बन गया 24 एवं 25 बड़ा पांच गुना बड़ी कहानियां कि शूटिंग के लिए एंट्री करनी है हम 3 ट्रेलर में नहीं पहुंच पा रहा है तू पॉइंट 4 2.2 पंकज को रिड्यूस होंगे तो कि अमेरिका 2511 की इकोनॉमी और ऐसा माना जा रहा है 2030 से पहले चाइना जो है वह क्रश कर जाएगा तो कि अमेरिका को पीछे छोड़ दे कर दो इस दुनिया की सबसे बड़ी कमी बन जाए किलोमीटर का भी नहीं परवाह भी नहीं करता तो हम लोग ताकतवर जब तक नहीं बनेंगे आर्थिक रूप से तब तक किसी भी प्रकार के राष्ट्रवाद से कोई उम्मीद नहीं की जा सके राष्ट्रवाद बेईमानी तो क्या वास्तुदोष दूर रखने से तो राष्ट्रवाद के रूप में कट्टर होने से हम ताकतवर बन जाएंगे मैं अपनी सारी जनसंख्या को काम पर लगाना पड़ेगा महिलाओं को मौका देना पड़ेगा महिलाओं के लिए अवसर बनाने पढेंगे कमजोर वर्गों के लिए अवसर बनाने पड़ेंगे रोजगार देना पड़ेगा का यह सबसे बड़ी चीज आरएंडडी में और टेक्नोलॉजी में और एजुकेशन में में को सबसे ज्यादा बजट में अहम को स्थापित करना पर हमने कम कि है पिछले दिनों में कि हमारे पेटेंट कम हुए हैं पहले से तो हम लोग को जितनी हमारी रिसर्च इंस्टीट्यूट है उनको बढ़ावा देना पड़ेगा यूनिवर्सिटीज में जो हिसाब से उसको बढ़ावा देना पड़ेगा साइंटिस्ट को आगे लेकर आना पड़ेगा साइंटिफिक टेंपरामेंट लोगों में डेवलप करना पड़ेगा एजुकेशन को युद्ध को बहुत आगे रखना पड़ेगा हंड्रेड परसेंट एंप्लॉयमेंट की कोशिश करनी पड़ेगी रूरल एरिया में भी हमको और बने में डिटेल्स और उनको भी आगे बढ़ने का अवसर देना पढेंगे शिक्षा में जो डिस्क्रिमिनेशन इन इंग्लिश मीडियम हिंदी मीडियम रूरल अर्बन वाला स्कूलिंग मैं इसमें वह सब खत्म करना पड़ेगा टीचर्स को और ज्यादा है लिंग और को बनाना पड़ेगा टीचर्स की अच्छी कि न्यू रजिस्ट्रेशन पॉलिसी का तो प्राप्त तो बहुत अच्छा लग रहा है लेकिन आप उसको इंप्लिमेंट करना पड़ेगा तब जाकर राष्ट्रवाद का असली मतलब निकलेगा न केवल से लाठी बजाने से चिल्लाने से और चमकाने से और यह पीएम डालने से लोगों को ऐसे टि्वटरट्विटर खेलने से और इन सब चीजों से कुछ नहीं होगा ग्राउंड लेवल पर करना पड़ेगा और ग्राउंड लेवल पर करना है तो हमारे साथ कुछ सूना ना रिलीजस प्रॉब्लम यह कार्टिज और मैं कल्चरल प्रॉब्लम है में चार दलितों को इतना मौका दे सकते हैं क्या निम्न वर्ग को इतना मौका दे सकते हैं क्या गरीब वर्ग को इतना मौका दे सकते हैं का महिलाओं को बाहर निकाल सकते हैं क्या रात को 8:00 महिला घर काम करने जाएगी और सुबह 5:30 लूटेगी तो हमें जरूर मिली तो नहीं उठाएगा सोसाइटी में है कि अगर बिल्डिंग में प्रवेश करेगी सुबह 6 बजे है देर रात को 8:00 बजे काम पर निकलेगी जैसा अब तमाम दूसरे देशों में होता है मैं तो मर यहां का कल्चर के कार्य को बहुत कुछ बदला है अभी मैंने कहा है कि बिल्कुल नहीं बदला हैदराबाद में बदल गया है बेंगलुरु में बदल गया है खासकर के हमले इंडिया की सिलिकॉन वैली जिनको कहते हैं और काफी कोई बदलाव का विचार है बैंगन कल्चर चेंज हुआ हैं तो आपके प्रॉब्लम आने लगे सुसाइडल प्रॉब्लम भी है मेरिट वाले भी है लिव इन रिलेशनशिप वाले जड़े हैं कई जगह डेड बॉडी मिलती है लिव-इन रिलेशनशिप में फिर आप उसका बच्चा अगर हो गया तो उसको आपके पैटरनल बहुत सारे प्राधिकार नहीं दिला पाए तो कई जगह विस्फोट में आपको कानून में संशोधन करना पढेंगे इस तरह की होगी तो फिर मैरिज की उम्र की महिलाओं के बड़े दुख कई तरह के प्रॉब्लम आएंगे और भी कई तरह की दिक्कतें आएंगी सोसाइटी में तो फिर हमारा जो सॉफ्ट परंपरागत ट्रेडिशनल ढांचा है जिसको भारतीय संस्कृति के डाटा हिंदुइज्म कहते हैं वहीं जाएगा इस बीच में तुम जातिवाद देगा तो आधा तो वह जाएगा तो वह जातिवाद और उस पर तो टिका हुआ है कि प्राइमरी नातेदारी और यह पूरी जो किंशिप और यह सारी जो सोसाइटी में गए होता है कि रिश्तेदार है वह रिश्तेदार है शादी में इतने लोग जाते हैं यह होते हैं उनका बुलाना तो बहुत जरूरी है इधर देख लेना बहुत जरूरी है उधर जाना कोई जरूरी परंपराएं बहुत सारे तो पिछड़ने की वजह से दोस्त हो गई कोनों में आपने देखा किसी 40 किसी इस चैनल को हम लोग ठीक से नहीं कर पाए शादी भी उस पर टांग से हो रही थी ठीक से नहीं हो पा रहा था विमान रहते कहां हो रही है अंतिम संस्कार नहीं हो रहा है पर भी हो रहा था है ना बहुत कुछ हो रहा था है तो वह चीजें जो है अब आप मेरी बात को समझ पा रहे होंगे कि है कि अगर आप अपनी जनता को इन पावर नहीं करते रोजगार नहीं देते और अगर उनको सबको मुख्यधारा में लेकर नहीं आते इकोनामिक डेवलपमेंट नहीं होता दुनिया में हम केवल बिना पैसे के लौटे बजाते रहेंगे कुछ नहीं होगा आ कि हमारे पास ढेरों सोना चाहिए कि हम दुनिया के इतनी बड़ी जनसंख्या लेकर बैठे हैं दूसरे नंबर की टीम दूसरे नंबर के पावर भी होने चाहिए लेकिन हम दूसरे नंबर की पावर नहीं है कि हम बहुत छोटी पावर हमारे ऊपर बहुत लोग है और जनसंख्या बोतल आ को चोटें भी समझ आप आराम से ऊपर विकास की जनसंख्या पर थोड़ी सी है मध्यप्रदेश जितनी भी नहीं है कि तुम लखन और भारत से ज्यादा पैसा कमाता है प्रति व्यक्ति आय में हम को आगे आना पड़ेगा गरीबी अभी हमलों को दीपावली तक तो फ्री भाषण देना पड़ेगा देश के बहुत बड़ी जनसंख्या है 40 करोड़ लोगों को 40 करोड़ लोगों को आपको फ्री में राशन ले करके जिंदा रखना पड़ रहा है है ऐसे ना सुपर पावर कैसे बन जाएगा मैं अभी मैं न्यूज़ पढ़ रहा था कि 2 करोड़ 20 लाख बच्चे इस साल अफगानिस्तान में भूख से मर जायेंगे हम तो टाइपिंग हम को राशन नहीं मिलेगा तो है कि आतंकवादियों की सरकार हो गई तालिबान के अ [संगीत] यहां पर चुनौतियां बेन कर और फिर जब आपका काम हो रहा है वह केवल धार्मिक क्षेत्र में हो रहा है कभी आप मंदिर बना रहे हैं कभी आप यह कॉरिडोर बना रहे हैं वह बना रहे हैं यह तीर्थयात्रा के लिए काम कर रहे हैं उसको कर रहे हैं आए दिन आप मंदिर में बैठे रहते हैं तो फिर ऐसे में 1950 में वह प्रधानमंत्री था कि बोलता है कि आधुनिक भारत के मंदिर बांध होंगे यह कल-कारखाने होंगे यह सारे वह प्रधानमंत्री था इस कॉर्नर उस समय मैं जो काम किया वह उस समय में जितने लोगों को रोजगार दिया उसी से आप सब हम सभी आप बैठे हुए आप यह पर बाद आप में से कोई न कोई किसी न किसी अच्छे सेक्टर में काम करता था इसी पृष्ठभूमि में जाकर देखो 1950 में उसने यह नहीं सोचा होता तो वह लोग नौकरी पर थोड़ी लगता है वह नौकरी करने लगते तो क्या होता है कि अगर तो मैं काम करूं तो मजदूर वर्ग होता है एक तु 250 में हटा दें उसमें भी तरीके से कल-कारखाने बना सकता है डैम कोई सब कुछ बता सकता है इतना निर्माण काम कर सकता है और हम अगर ट्वेंटी-20 में आ करके अगर इस तरह की सोच है किंतु के अध्यात्मिक नहीं होना चाहिए सांस्कृतिक नहीं होना चाहिए अभी मैंने आपको बताया आर्थिक भी होना चाहिए तो राजनीति तेज होना चाहिए ऐसे कोई चमकेगा नियम से अ कि दुनिया में जो देश है हम सब बहुत आगे आ कि अब विश्व गुरु का सपना देखना तो यथार्थ में देखना पड़ेगा ऐ के साथ एक चीज है जो मुझे पर्सनली बहुत त में बहुत तो आकर्षित करती है भारत के प्रति जैसा हमारी आंखों पैसे वाले हो जाता है लेकिन शो नहीं करता दिखावा नहीं करते हैं अ तो अभी आपने डिमोनिटाइजेशन के समय में देखा कि बहुत सारा जो पैसा था वह बाहर आया तो छुपा हुआ था अ का पर्व तो मरता था पहले भी अगर नहीं आता तो मिठाई के प्रति महिला के पास पैसा रखा हुआ था 75 हजार रुपए तक वैभव पति को नहीं देना चाहती थी लेकिन दिखाना पड़ेगा उसको हैं तो कई बार हम बोलते हैं कि अमेरिका के खजाने में जितना सोना नहीं से ज्यादा सोना तो हमारे घरों में पड़ा हुआ है यह बात समझ महीना मुझे अभी भी विश्वास है कि भारत यदि अपनी सारी संपत्ति की घोषणा कर दी डैंड्रफ जो अकाउंट नहीं हो रहे तो यह टेक्स आ जाएगा है तब आप जीडीपी और तब trillion-dollar में और उसमें जवाब सुनोगे तो बार अधिकतम सर्वोच्च हो जाएगा और खैर अब मैम मैं निराशावादी नहीं हूं और मुझे लगता है कि हमारे प्रधानमंत्री को यह पता है इसलिए वह कॉन्फिडेंट हैं है लेकिन कि मुझे ऐसा लगता है कि हमलों को उसके बावजूद में कोशिश करनी चाहिए जो हमारा वो तो है ही है अब हम इसमें गलत भी नहीं है दुनिया में लेकिन असमानताओं बहुत है जिनके पास नहीं है उनके पास बिल्कुल नहीं है जिसके पास है उनके पास बहुत है और मंदिरों में बहुत देना उसको काम नहीं किया जाता है उसको राष्ट्र की संपत्ति के तौर पर हम लोग अकाउंट नहीं करता है कि कल हम सारी चीजों को अकाउंट कर रहे हैं और सारे धन को करना है सारे हीरे जवाहरात वो सब जो कुछ कुमार है लेकिन यह सब करेंगे तब ना पैसा आएगा आ को कैसे बदलें नाम पेट्रोल खरीद रहा है कैश के बदले मोबाइल खरीद रहा है इसे भारत पर विश्वास तो सबको एक इनके पास है बहुत है आपको कई लोगों में अगर फटेहाल मिल जाएंगे जिनको अ करोड़ रुपए लाखों रुपए एवं फटेहाल रहते हैं और गिड़गिड़ाते रहते हैं नंबर पास कुछ नहीं है मैं कई बार आपको लगे कि बाबा को कुछ देर है और आप कौन खर्च ऑपरेटिव पता चले तो कोई बात नहीं पता चलेगा कि हम कहीं नहीं लगते हैं कि हम मत लेंगे नौकर भी नहीं सकते इतने पैसे वाले हैं है ऐसे लोग गया लेकिन हमारे युवाओं को मैंने पैकिंग में लगाना पड़े दुनिया में थे कंपटीशन करना है तो एक्सपोर्ट से तुलना होती है उसका ये दुनिया में कंपटीशन इन से नहीं होता कि आपके पास कितना सोना रखा हुआ है आपके पास कितना कुछ रख या फिर भी मैं आशावादी इसलिए हमको भारत के पास बहुत कुछ है इतना लूटने के बाद भी सब लोग ले आए नाजिर साहब है सराय और मुगल भी मुगल तो कोई नहीं है लेकिन और भी कोई मुस्लिम लुटेरे भी फिर अंग्रेज भी बहुत कर लिया अपने पास रखा है कि भर्तियों के पास बहुत कुछ है लेकिन यह दुनिया भर के इंडेक्सेस में नहीं आता आ कि अगर आपको है तो अपने आप वाकई में भूखमरी खत्म करनी पड़ेगी वाकई में लोगों को आत्मनिर्भर बनाना पड़ेगा मेक इन इंडिया को यथार्थ पर करना पड़ेगा और बारे में बहुत पैसा खर्च करना पड़ा जिस मैंने बताया कि आठ प्रतिशत मोबाइल ही हम लोग बना पाते कम से कम भारत में 80% मोबाइल भारतीय कंपनियों के बिछेगी तो आपको टैक न्यूज में आगे बढ़ना पड़ेगा और जो लोग बार-बार विदेश जाते हैं अमेरिका में अवसर देखते हैं उनको यह जो कर रखो अपना खुद का विकास करो वातावरण बना ऐसा कुछ हमारी कंपनियां जो है हमारा खुद का गूगल हो मालिक खुद का Facebook और हमारे उसका व्हाट्सएप पर और हमारे खुद के पेमेंट बैंक को अभी पेमेंट बैंक हमारा वाला भीम को यूज करता है फोन पर किसका है हमारा नहीं है गूगल पर गूगल वाले का है तो अलमारी का है आप जितने यूज करना पेमेंट बैंक 9960 यूज करते होंगे इनमें से कौन करता और आप सब लोग क्या करते हो अमेजॉन करोगे Google पर करोगे और यह करोगे व्हाट्सएप वाला अपना लिए व्हाट्सएप पर फेसबुक का पहले ही था अ ए प्री प्रेग्नेंसी में हमारी एंट्री कंपटीशन में ही नहीं है अब न तेरी अहम बैठक है ना कोई है आने वाला समय क्रिप्टो करेंसी का बॉक्सिंग टेक्नोलॉजी का हमारा रिजर्व बैंक पर विचार कर रहा है और अमेरिका या प्रेमिका चाइना लेकर आगे तो मेरी काम यदि किसी को कॉफी पीनी है तो वह तो चाइना करेंसी मैं को करेंसी में पैक कर लेगा बिटकॉइन में का ढक्कन लगाएंगे कर लेंगे इंडियन रूपी का कोई डिजिटल को इस टाइप कर लेकर आओ ना तो हम लोग टेक्नोलॉजी में भयंकर पिछड़े हुए है और यह आने वाला जो युद्ध है वह टेक्नोलॉजी का युद्ध आर्टिफिशल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री 4.0 और उसमें इंडिया की हालत खराब है है तो मैं निराश नहीं हूं बहुत कुछ है हमारे पास और लेकिन मैं हमको यथार्थ में आना पड़ेगा और यह लिपस्टिक तो मुझे लगता है राष्ट्रवाद मेरा राष्ट्रवाद कि है मेरा राष्ट्रवाद के प्रति का विचार मैं राष्ट्रवादी हूं लेकिन मैं केवल गौरव नहीं करना चाहता अपने राष्ट्र का मैं आपको बेवकूफ बनाना चाहता है राष्ट्र के गौरव को बढ़ाना चाहता हूं राष्ट्र गौरव को स्थिति में है कि ले जाना चाहता हूं और उसके लिए वाकई में काम करना चाहता था है लेकिन आप मुझे कहते हैं कि नहीं अभी जो है उसी तो गौरव करो तो यह थोड़े मेरे लिए मुश्किल होगा कि अभी वाले स्थिति में चाइना हमसे डरता नहीं है पाकिस्तान में मजाक नहीं लेता ध्यान रखिए कि जो गुपचुप वाले स्ट्राइकर स्ट्राइक है उस पर मेरा विश्वास नहीं है अच्छा ठीक है खुलेआम होना चाहिए 721 वाला के सामने पाकिस्तान को तोड़ कर अलग कर दिया बांग्ला तो उसका एक ही तोड़ दिया मामला देश अलग करके देसी बना दिया दूसरा इस टाइप की कोई भिन्न हो तो फिर मजा आता है अगर हम गए थे राजपूत तुमको विश्वास नहीं हो रहा रखना कि यह हम बढ़िया से अगर यह फालतू बात रहेगी तब तक क्यों करते हुए थे करो अच्छा हुआ करो ना थोड़ा चैट को दिन में ठोकर न दिखाओ हमको भी लाइव टेलिकास्ट करो एक मजेदार वाला करो जो निकालना ठोक-बजाकर करो दिन में करोड वाले नहीं तुमको दिखता नहीं यह हो रहा है अरे क्यों नहीं सकता है हो सकता है हमको बीच बेचैन लगता है नेहरू ने बनाया भी एक शब्द देता है हमको डैम सार्वजनिक उद्यम सब काम देखते हैं लव वाला भरे हुए डैम देखना है इरिगेशन प्रोजेक्ट चलते निफ्टी हमको प्रदेश में कैद नहीं दिखता काम तो है नहीं दिखता आपको अपनी वह हुआ है काला धन है कैसे है कहां है बताओ कि यह चिरू यह से यह सब खत्म हो गया कहां खत्म हो गया है नहीं हुआ नक्सलिज्म पूरा खत्म हो गया है आतंकवाद पूरा खत्म हो गया है यह दो बार करके बैठ गए हैं वह हो गया है यह हो गया है यह राष्ट्रवाद नहीं है पिंपल्स राष्ट्रवाद है मुझे ऐसा आशीर्वाद तो विश्वास में मुझे यथार्थ का राष्ट्रवाद चाहिए अनुभव करना चाहिए बिलकुल हाईवे समय देखना है सेंसिबल चाहिए सॉलिड चाहिए प्रखर चाहिए चिल्लाता हुआ होना चाहिए बुलाता हूं इस तरह से नहीं आ कि जब सफलता आती तो चिल्लाते रहती है सारे टेलिविजन चैनल लेकर बेटे ने इंडिया टॉप करता है कोई यूपीएससी है कि वह सुप्रीम कोर्ट में जज कैसे बना है उसका प्रोसेस जरूरी नहीं पता वो स्ट्रांग नहीं चाहिए सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट में वह कैसे जज बनते हैं किसी को पता चलता है कैसे बनता है कि पतंजलि का हमारे यहां तो बनता वह दिखता है आदमी टेस्ट में 65 नंबर आता है तो पूरी निकलता है तो यह सिर उसका नाम जाता है मेंबर्स लिस्ट देता है वह यू पी एस सी का रिजल्ट देखो पहले दिन तो रोल नंबर आता है तीसरे दिन नाम वाले लेते जाकर नाम देख सकते हो फ्री हो गया अब बंदा मैन की तैयारी करता है 3 महीने तक दिखता नहीं है एक कमरे में बंद रहता है सूखकर कांटा हो जाता है हालत खराब हो जाती है एक हाथ ज बी देखो तो हाथ ऐसे करते Thank you like जाता है पांच घंटे में ऐसा लिखता रहता है उसके हाथ में देगा हैडर दिखेगा है तो इनका कि अ गंदा हो जाता है पेन किलर का के लिखना पड़ता है को पका हुआ आदमी तपस्वी लगता है अगले तरह से बनी है वापिस आ रहा है पूरे ऋषिकेश से इधर से उतरकर हरिद्वार से अ कि हिमालय से उतरने अधिकतर शुरुआत में ऐसा दिखता हो तो इंटर्व्यूअर आता है तो सूट के साथ देता फिरता है तब पता चलता है विस्तार पूरे मोहल्ले को पता चलता घरवालों ढूंढते हुए सफलता होती है यूपीएससी की सफलता और प्रतिबद्घता लैपटॉप प्राइस निकालता सबको पता चलता है गुपचुप Pani safed Pani होती है ढूंढो आप रोते हुए सफलता और हम तैयारी कराते हैं वहीं बच्चों को देता है उसी तरह की बात करता है तो ऐसी सफलता आपको जीएसटी से भी दिखनी चाहिए सफलता आपको डिमोनिटाइजेशन सभी देखने ही वैसे आप कि सर्जिकल स्ट्राइक सभी दिखना चाहिए वैसे आपकी मेक इन इंडिया से भी देखने चाहिए वैसे आपकी इसके लिए सभी दिखने चाहिए आपकी योगा में भी देखना चाहिए जो आपने इंटरनेशनल दो बनाया तो देश के सारे लोग भी हो जाता है तो फिर बात कर देगी कम हो जाता है और हम है तो सब लोग योगा प्राणायाम करते सारे कौन मरेगा हाइपरटेंशन वाले डायबिटीज के मरीज जो कुमार बिट थे सब की डेथ हो गई थी 15 लाख लोग मर गए 50 पहला बता दो ना कि यह सब नाटक बंदिनी होना चाहिए कि आगे छुपाना पड़े ऐसी राष्ट्रवाद में राष्ट्रवाद प्रकट होना चाहिए बोलता हुआ होना चाहिए सॉलिड होना चाहिए मैं सिर्फ पैसा नहीं दुश्मन को आपको चिल्ला कर बोल ना पड़े दुश्मन आपको वैसे ही माने तो अ कृष्ण अंदर आकर बैठा हुआ है बस्तियां बना लिया गांव बनाने सैटेलाइट दिखाना दुनिया का मीडिया दिखा रहा अमेरिका का मीडिया बोल रहा है को चैनल चाइना कोतुहल का या चैनल को तो अच्छा लगेगा कि प्रधानमंत्री मानने को तैयार नहीं कि हम कुछ है तो हम लोग उसे चलो कोई रोकने वाला नहीं आ मैं आपके घर के अंदर कोई आकर बैठने आप शिकार मत करो सिकंदर है तो फिर की चिंता का जाएगा और है कि वह तो मन ही नहीं कर रहा था है तो खतरनाक स्थिति है तो इसका मतलब कहीं ना कहीं वह ब्रह्म है और जब कहीं नुकसान होगा तो वह बैंक वाले नुकसान हो गया तब सब लोग से घूम रहे होंगे तो ट बोलने का कोई मत