0:00 हाय एवरीवन एंड वेलकम टू द कंप्लीट Python 0:02 क्रैश कोर्स जिसके अंदर हम Python के वन 0:04 ऑफ़ द मोस्ट इंपोर्टेंट प्रोग्रामिंग 0:05 कॉन्सेप्ट्स को कवर करने वाले हैं। अ 0:07 Python इज़ अ रियली वर्सटाइल लैंग्वेज। 0:09 काफी सारी लार्ज ऑर्गेनाइजेशनंस के अंदर 0:11 ये यूज़ होती है वेदर इट बी Microsoft, 0:13 Google, Amazon, YouTube, Instagram एंड 0:15 मेनी अदर ऑर्गेनाइजेशनंस आउट देयर। एंड 0:18 Python एस्पेशली इन द एआई एरा और भी काफी 0:20 ज्यादाेंट हो गई है। पाइthन को यूज़ करके 0:23 हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग 0:25 हो गया, डेटा साइंस हो गया या इनफैक्ट 0:27 डेवलपमेंट को भी कर सकते हैं विद [संगीत] 0:29 फ्रेमवर्क्स लाइक जेंगो एंड फ्लास्क। तो 0:31 आज के सेशन के अंदर हम पाइथन के वन ऑफ द 0:32 मोस्टेंट कॉन्सेप्ट्स को कवर करेंगे। 0:34 [संगीत] एंड दिस सेशन इज़ फॉर एवरीवन। मतलब 0:37 वेदर वी आर समबडी जो फर्स्ट टाइम किसी 0:39 प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीख रहे हैं या 0:40 फिर हम ऐसे स्टूडेंट हैं जिसने थोड़ी बहुत 0:42 कोई प्रोग्रामिंग की हुई है या फिर वी आर 0:44 अ वर्किंग प्रोफेशनल जिसको ऑलरेडी दूसरी 0:46 प्रोग्रामिंग लैंग्वेज आती हैं जैसे 0:47 जावास्क्रिप्ट हो गई, C++s हो गई, जावा हो 0:49 गई। हम सब आकर आज के सेशन [संगीत] से 0:52 Python को पढ़ सकते हैं एंड उसको 0:53 अंडरस्टैंड कर सकते हैं। आज का सेशन इज़ 0:55 गोइंग टू बी रियली बिगिनर फ्रेंडली एंड 0:56 देयर आर गोइंग टू बी नो प्रीरक्व्विज़िट्स। 0:58 सो दिस क्रैश कोर्स [संगीत] इज़ डिवाइडेड 1:00 इंटू सिक्स पार्ट्स। एंड इन सिक्स पार्ट्स 1:01 को हम अपने सिक्स लेवल्स की तरह समझ सकते 1:03 हैं। सो, वी विल स्टार्ट विद द 1:04 फंडामेंटल्स। एंड एक-एक पार्ट के अंदर हम 1:07 धीरे-धीरे पाइथन में लेवल अप करते जाएंगे 1:09 अपनी प्रोग्रामिंग [संगीत] स्किल्स को एंड 1:10 अपने कोडिंग स्किल्स को। उसके साथ में 1:12 देयर आर गोइंग टू बी सेवन प्रैक्टिस 1:14 एक्सरसाइजज़ जिससे जितने भी कांसेप्ट्स आज 1:16 हम सीख रहे हैं उनको हम सेल्फ प्रैक्टिस 1:17 [संगीत] भी करेंगे। प्लस हम दो मिनी 1:20 प्रोजेक्ट्स को यूजिंग पाइthon आज के ही 1:22 सेशन के अंदर बिल्ड करने वाले हैं। जिससे 1:24 हमें पता चलेगा कि जितने भी पाइthन के 1:26 अंदर हम कांसेप्ट्स को सीख रहे हैं उनको 1:27 लॉजिकली प्रोग्रामिंग [संगीत] 1:29 में किस तरीके से हम अप्लाई कर सकते हैं। 1:31 प्लस जितना भी हमारा आज का कोड होगा, 1:33 जितने भी हमारे आज के लेक्चर्स के 1:35 कांसेप्ट्स होंगे जिनको हम कवर करेंगे। 1:37 एंड द सॉलशंस [संगीत] फॉर ऑल द प्रैक्टिस 1:38 असाइनमेंट्स ये सारी की सारी चीजें हमें 1:41 ऑलरेडी नीचे डिस्क्रिप्शन [संगीत] बॉक्स 1:42 के अंदर मिल गई होंगी। तो नीचे 1:44 डिस्क्रिप्शन बॉक्स के अंदर देयर इज गोइंग 1:45 टू बी अ कंप्लीट लिंक फॉर ऑल ऑफ दीज़ 1:47 रिसोर्सेज जिसको जाकर हम डाउनलोड भी कर 1:49 सकते हैं। अब Python का कोड लिखने से पहले 1:51 देयर आर टूेंट थिंग्स जिनको हमें अपने 1:53 लैपटॉप के अंदर सेटअप करना पड़ेगा व्हिच इज़ 1:55 Python [संगीत] 1:56 एंड अ कोड एडिटर। कोड एडिटर के लिए हम 1:59 विज़ुअल स्टूडियो कोड को इंस्टॉल करने वाले 2:00 हैं। बिकॉज़ इट इज़ फ्री [संगीत] टू यूज़। इट 2:02 इज़ ओपन सोर्स। इट इज बिल्ट बाय Microsoft 2:05 एंड मिलियंस ऑफ प्रोग्रामर्स ऑल ओवर द 2:07 वर्ल्ड वीएस कोड को यूज़ करते हैं। तो उसी 2:08 को भी हम अपने सिस्टम के अंदर इंस्टॉल 2:10 करने वाले हैं। सो वी हैव कवर्ड द कंप्लीट 2:12 स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस ऑफ इंस्टॉलिंग 2:14 Python एंड इंस्टॉलिंग वीएस कोड ऑन आवर 2:16 सिस्टम बोथ फॉर Windows यूज़र्स एंड फॉर 2:18 मैक यूज़र्स। अगर हम ऐसे स्टूडेंट हैं 2:20 जिसके पास ऑलरेडी पाइथन इंस्टॉल्ड है। अगर 2:22 हमारे पास विजुअल स्टूडियो कोड भी 2:24 इंस्टॉल्ड है तो हम डायरेक्टली जाकर इस 2:26 टाइम स्टैंप से अपने लेक्चर को अपने क्रैश 2:28 कोर्स को स्टार्ट कर सकते हैं। नहीं तो इफ 2:30 वी आर समबडी जो फर्स्ट टाइम Python एंड 2:32 वीएस कोड को इंस्टॉल कर रहे हैं तो वी कैन 2:33 स्टार्ट विद द इंस्टॉलेशन अकॉर्डिंग टू 2:35 आवर सिस्टम। तो सबसे पहले वी आर गोइंग टू 2:37 स्टार्ट विद Python इंस्टॉलेशन। फर्स्ट वी 2:38 विल इंस्टॉल इट ऑन अ मैक्स सिस्टम एंड देन 2:40 ऑन अ Windows सिस्टम। तो मैक्स सिस्टम के 2:42 लिए वी हैव टू सिंपली गो ऑन द ब्राउज़र एंड 2:43 सर्च फॉर डाउनलोड Python. जो फर्स्ट लिंक 2:46 हमारे पास आएगा उस लिंक को हमें क्लिक 2:47 करना है। एंड दिस लिंक विल बी Python 2:49 डॉटorg डाउनलोड्स। यहां पर डाउनलोड्स पर 2:52 जाकर टॉप में हमें एक बटन दिख रहा होगा 2:54 व्हिच इज़ टू डाउनलोड द लेटेस्ट Python 2:56 वर्जन। हो सकता है इफ यू वाचिंग दिस 2:58 लेक्चर लेटर तो ये लेटेस्ट वर्जन चेंज हो 3:00 जाए। पर जो भी टॉप लेटेस्ट वर्जन Python 3:02 का हमारे पास होगा उसी को हमें डाउनलोड 3:03 करना है। वी विल क्लिक ऑन द बटन एंड इट 3:06 विल डाउनलोड अ फाइल फॉर अस। तो इस पैकेज 3:08 को हम सेव कर लेंगे। जैसे ही डाउनलोड 3:09 कंप्लीट हो जाएगा, वी विल डबल क्लिक हियर 3:11 एंड उसके बाद द इंस्टॉलेशन प्रोसेस इज़ 3:13 गोइंग टू स्टार्ट। वी विल क्लिक ऑन 3:14 कंटिन्यू कंटिन्यू एंड अग्री टू ऑल द 3:18 टर्म्स। उसके बाद इंस्टॉल करने के लिए वी 3:20 हैव टू एंटर आवर पासवर्ड। उसको हम एंटर कर 3:22 देंगे। तो हमारी इंस्टॉलेशन सारे के सारे 3:24 स्क्रिप्ट्स एंड फाइल्स की स्टार्ट हो 3:25 जाएगी। वी कैन क्लोज़ दिस। एंड फाइनली 3:29 हमारा इंस्टॉलेशन सक्सेसफुली हो गया है। 3:30 वी विल क्लोज़ द विंडो एंड मूव द इंस्टॉलर 3:32 टू द बिन। अब वेरीफाई करने के लिए कि 3:34 Python सक्सेसफुली सिस्टम पे डाउनलोड हुई 3:36 है या नहीं। वी विल ओपन द टर्मिनल फ्रॉम 3:38 आवर मैक सिस्टम एंड वहां पर वी आर गोइंग 3:40 टू टाइप अ कमांड Python 3 hfन hfन वर्जन। 3:43 तो जैसे ही Python का कोई वैलिड वर्जन 3:46 हमारे पास स्क्रीन पर प्रिंट होकर आ जाएगा 3:47 उसका मतलब है कि Python सक्सेसफुली हमारे 3:50 सिस्टम के अंदर डाउनलोड एंड सेटअप हो चुका 3:51 है। नाउ लेट्स स्टार्ट विद द Windows 3:53 इंस्टॉलेशन ऑफ़ Python। हमें ब्राउज़र पर 3:54 जाना है। वी हैव टू सर्च फॉर डाउनलोड 3:56 Python। जो भी टॉप लिंक हमारे पास आएगा 3:58 उसको हम क्लिक करेंगे। दिस विल बी Python. 4:01 डाउनलोड्स। अब Python को डाउनलोड करने के 4:02 दो तरीके हैं ऑन Windows सिस्टम। हम 4:04 स्टैंड अलोन इंस्टॉलर के थ्रू Python को 4:06 डाउनलोड करने वाले हैं। जिसके लिए वी हैव 4:08 टू क्लिक ऑन द लेटेस्ट वर्जन ऑफ़ Python जो 4:10 हमें दिखाई दे रहा है। वी विल नॉट यूज़ द 4:12 इंस्टॉल मैनेजर। हमें डायरेक्टली Python 4:14 का जो भी लेटेस्ट वर्जन हाईलाइटेड है उस 4:16 पर क्लिक करना है। एंड इट विल आस्क अस टू 4:18 सेव दex फाइल। इसको हम सेव कर देंगे एंड 4:22 हमारे लिए फाइल डाउनलोड हो जाएगी। उसके 4:24 बाद वी हैव टू डबल क्लिक एंड ओपन इट। तो 4:26 पूरा इंस्टॉलर विंडो हमारे पास आ जाएगा। 4:28 अब इस विंडो के अंदर हमारे पास दो ऑप्शंस 4:31 हैं जिसको हमें टिक करना है। सबसे पहला 4:33 ऑप्शन है टू ऐड Python.exe टू पाथ एंड 4:36 सेकंड वन इज़ टू गिव इट एडमिन प्रिविलजेस। 4:38 दोनों ऑप्शंस को हमें टिक करना है। उसके 4:41 बाद वी आर गोइंग टू क्लिक ऑन इंस्टॉल नाउ। 4:43 जैसे ही हम इंस्टॉल नाउ पर क्लिक करेंगे 4:44 हमारा सिस्टम हो सकता है हमसे एडमिन 4:46 प्रिविलजेस मांगे। तो वहां पर हमें यस एंड 4:48 नो का ऑप्शन दिखेगा। वी हैव टू क्लिक ऑन 4:51 यस। जैसे ही हम यस पर क्लिक करेंगे हमारा 4:53 डाउनलोड स्टार्ट हो जाएगा। वी कैन आल्सो 4:55 लुक एट द प्रोग्रेस बाय क्लिकिंग ऑन द ऐप 4:58 एंड जैसे ही द प्रोग्रेस गोइंग टू कंप्लीट 5:00 द सेटअप इज़ नाउ सक्सेसफुल वी विल क्लोज इट 5:02 एंड अपने इंस्टॉलेशन को वेरीफाई करने के 5:03 लिए वी विल गो टू आवर एप्स वहां पर जाकर 5:05 वी विल सर्च फॉर टर्मिनल टर्मिनल को हम 5:07 ओपन करेंगे एंड टर्मिनल के अंदर हम एक 5:09 कमांड टाइप कर सकते हैं व्हिच इज़ Python 5:11 hfन hइफन वर्जन टू चेक द वर्जन ऑफ़ Python 5:13 इंस्टॉल्ड इन आवर सिस्टम। अगर कोई वैलिड 5:15 वर्ज़न हमारे पास प्रिंट हो कर आ जाता है, 5:16 मतलब Python सक्सेसफुली सिस्टम के अंदर 5:18 सेटअप हो गया है। हमारे पास एक और 5:19 अल्टरनेट कमांड भी होती है व्हिच इज़ 5:21 Python 3 Hन Hन वर्ज़न। उसमें भी हमारे पास 5:24 सेम ही वर्ज़न प्रिंट होकर आएगा। एंड वी 5:25 हैव सक्सेसफुली सेट अप Python इन आवर 5:28 सिस्टम। नाउ वी आर गोइंग टू कवर द 5:29 इंस्टॉलेशन एंड सेटअप ऑफ़ विजुअल स्टूडियो 5:31 कोड ऑन आवर सिस्टम। तो सबसे पहले हम मैक्स 5:33 सिस्टम्स के लिए कवर करेंगे। एंड देन फॉर 5:34 Windows। तो मैक सिस्टम के लिए वी कैन 5:36 सिंपली गो ऑन द ब्राउज़र। सर्च फॉर डाउनलोड 5:38 Visual Stud कोड। जो भी टॉप लिंक हमारे 5:40 पास आएगा उस पर हमें क्लिक करना है। दिस 5:41 लिंक विल बी code. Visual studio.com 5:44 डाउनलोड्स। वी कैन गो ऑन द मैक सिस्टम। अब 5:47 अगर हम Windows पर हैं हम Windows के लिए 5:48 भी डायरेक्टली कर सकते हैं। Linux के लिए 5:50 कर सकते हैं। Mac के लिए कर सकते हैं। 5:52 डिपेंडिंग अपॉन हम Intel चिप यूज़ कर रहे 5:53 हैं। Apple सिलिकॉन यूज़ कर रहे हैं। उसके 5:55 बेसिस पर हम सेलेक्ट कर सकते हैं। नहीं तो 5:56 वी कैन डायरेक्टली क्लिक ऑन द डाउनलोड 5:58 ऑप्शन। डाउनलोड बटन पर जब हम क्लिक करेंगे 6:00 तो इट विल आस्क अस टू सेव द पैकेज। जैसे 6:03 ही हमारा पैकेज डाउनलोड हो जाएगा उस पर 6:04 हमें डबल क्लिक करना है एंड वी विल 6:06 ट्रांसफर द ऐप टू एप्लीकेशनेशंस। 6:12 फाइनली विजुअल स्टूडियो कोड हमारे सिस्टम 6:14 के अंदर सेटअप हो गया है। उसके बाद वी कैन 6:16 क्रॉस आउट दिस विंडो एंड वी कैन सर्च फॉर 6:18 विजुअल स्टूडियो कोड बिकॉज़ आई ऑलरेडी हैड 6:20 वीएस कोड सेटअप ऑन दिस सिस्टम। इसीलिए 6:21 मुझे दो ऑप्शंस दिख रहे हैं। नहीं तो 6:23 डायरेक्टली हमें विजुअल स्टूडियो कोड के 6:25 लिए सर्च करना है। एंड जो भी ऑप्शन हमें 6:26 दिखाई देगा फाइंडर के अंदर वी हैव टू 6:28 क्लिक ऑन इट। एंड उसके बाद वीएस कोड की 6:29 वेलकम विंडो हमारे लिए ओपन हो जाएगी। सो द 6:31 वेलकम विंडो इज़ गोइंग टू लुक समथिंग लाइक 6:33 दिस एंड दैट मींस दैट वी हैव सक्सेसफुल्ली 6:35 सेट अप वीएस कोड ऑन आवर मैक सिस्टम। नाउ 6:37 लेट्स कवर द इंस्टॉलेशन ऑफ वीएस कोड ऑन 6:39 आवर विंडोज सिस्टम। तो हमें ब्राउज़र पर 6:41 जाना है वी हैव टू सर्च फॉर डाउनलोड 6:42 विज़ual स्टूडियो कोड। क्लिक ऑन द टॉप 6:44 लिंक। द टॉप लिंक इज़ गोइंग टू बी कोड डॉट 6:46 visual.com डाउनलोड्स। यहां से वी कैन 6:48 क्लिक ऑन द इंस्टॉलेशन फॉर विंडोज़। जैसे 6:51 ही हम उसपर पर क्लिक करेंगे। इट विल आस्क 6:53 अस टू सेव द डॉट exc फाइल। हम फाइल को सेव 6:56 कर देंगे। फाइल हमारे लिए डाउनलोड हो 6:57 जाएगी। डाउनलोड होने के बाद वी हैव टू 6:59 क्लिक ऑन द exec एंड द इंस्टॉलेशन प्रोसेस 7:02 विल स्टार्ट। इंस्टालेशन के अंदर सबसे 7:04 पहले वी विल एक्सेप्ट ऑल द टर्म्स ऑफ़ द 7:06 अग्रीमेंट। क्लिक ऑन नेक्स्ट सारी चीजों 7:08 को हम एज़ इट इज़ डिफ़ॉल्ट रख के चल रहे हैं। 7:11 उसके बाद दोबारा से नेक्स्ट करेंगे। 7:12 अच्छा, यह जो पेज आएगा, दिस पेज इज़ गोइंग 7:14 टू बी इंपॉर्टेंट। यहां पर जितने भी हमारे 7:16 पास टिक बॉक्सेस हैं, मतलब जितने भी 7:17 ऑप्शंस हैं, उन सबको हम टिक करने वाले 7:19 हैं। सो, वी विल ऐड, ओपन विद कोड एक्शन 7:21 वंस अगेन एंड क्रिएट अ डेस्कटॉप आइकॉन भी 7:24 कर लेंगे। वी विल क्लिक ऑन नेक्स्ट एंड 7:25 फाइनली स्टार्ट द इंस्टॉलेशन। तो 7:27 इंस्टॉलेशन हमारे लिए स्टार्ट हो जाएगा 7:30 एंड द इंस्टॉलेशन इज़ कंप्लीट। लेट्स फिनिश 7:32 दिस ऑफ। एंड नाउ वी हैव टू गो ऑन आवर 7:34 सिस्टम एंड सर्च फॉर विज़ुअल स्टूडियो कोड। 7:36 जैसे ही हम सर्च करेंगे एंड क्लिक करेंगे 7:38 हमारे पास ये वेलकम विंडो ओपन होकर आ 7:40 जाएगी। एंड नाउ वी हैव सक्सेसफुल्ली सेट अ 7:42 वीएस कोड ऑन आन आवर सिस्टम। नाउ लेट्स 7:44 स्टार्ट विद पार्ट वन ऑफ़ पाइथन 7:45 प्रोग्रामिंग जिसके अंदर हम इन चार 7:46 कॉन्सेप्ट्स को कवर करेंगे। एंड वी विल 7:48 स्टार्ट बाय अंडरस्टैंडिंग कि हम चीजों को 7:50 Python के अंदर प्रिंट या आउटपुट कैसे 7:53 करते हैं। उसके लिए वी हैव ओपन विजुअल 7:54 स्टूडियो कोड। वीएस कोड ऑलरेडी हम सेट अप 7:56 कर चुके हैं। Python को ऑलरेडी हम डाउनलोड 7:58 कर चुके हैं। फर्स्ट टाइम जब हम वीएस कोड 8:00 को खोलेंगे तो ये वेलकम विंडो हमारे पास 8:02 अपीयर हो कर आएगी। अब आई हैव सम फाइल्स 8:04 एंड फोल्डर्स हियर बिकॉज़ आई हैव बीन 8:05 यूज़िंग वीएस कोड फॉर अ लॉन्ग टाइम। पर 8:07 इसको हम चाहें तो क्रॉस आउट कर सकते हैं। 8:09 सबसे पहली चीज़ जो हम करने वाले हैं दैट इज़ 8:11 टू क्रिएट अ फोल्डर। यहां पर आ जाते हैं। 8:13 ऊपर जाकर जब हम हवर करेंगे तो फाइल्स में 8:15 वी कैन ओपन अ फोल्डर। ओपन फोल्डर में 8:17 जाएंगे तो डेस्कटॉप पर जाकर आई एम गोइंग 8:19 टू क्रिएट अ न्यू फोल्डर जिसको हम नाम 8:21 देंगे Python क्रैश कोर्स। तो इस तरीके से 8:25 यू कैन क्रिएट अ फोल्डर फॉर योरसेल्फ एंड 8:27 वी विल ओपन दिस फोल्डर इन वीएस कोड। अब ये 8:30 फोल्डर हमारे लिए ओपन हो गया है। कभी भी 8:32 अगर हमें देखना है कि हम कौन से करंट 8:34 फोल्डर के अंदर हैं? हमारी वर्किंग 8:35 डायरेक्टरी क्या है? कौन सी फाइल्स पर हम 8:37 काम कर रहे हैं? तो वी कैन गो टू दिस 8:39 एक्सप्लोरर ऑप्शन इन वीएस कोड। इस 8:41 एक्सप्लोरर पर जाकर हम यहां देख सकते हैं 8:43 कि वी आर करेंटली इन दिस फोल्डर। अब इस 8:45 फोल्डर के अंदर वी आर गोइंग टू क्रिएट अ 8:47 न्यू फाइल। जिस फाइल के अंदर हम अपना सारा 8:49 कोड लिखेंगे। तो फाइल्स को क्रिएट करने के 8:51 लिए वी हैव दिस ऑप्शन व्हिच इज़ टू क्रिएट 8:53 अ न्यू फाइल। हम चाहें तो सब फोल्डर्स को 8:55 भी क्रिएट कर सकते हैं यूजिंग दिस ऑप्शन। 8:57 सो लेट्स क्रिएट अ फाइल एंड इस फाइल को 8:59 नाम दे देते हैं कोड डॉट py। अब कोड इज़ द 9:02 फाइल नेम। हम चाहते तो इसको कुछ भी नाम दे 9:04 सकते थे। फर्स्ट प्रोग्राम नाम दे सकते 9:06 थे। प्रोग्राम डॉटpy नाम दे सकते थे। एंड 9:08 डॉट py इज़ द एक्सटेंशन। एक्सटेंशन हमें 9:11 बताती है कि फाइल के अंदर एग्जैक्टली किस 9:13 तरीके का कंटेंट है। जैसे अगर हमारे पास 9:15 टेक्स्ट फाइल है तो उसकी एक्सटेंशन होगी। 9:18 इफ वी हैव html वी हैव एचtml अगर हमारे 9:20 पास जावास्क्रिप्ट फाइल है तो जेएस होगा। 9:22 C++s फाइल है CP होगा। उसी तरीके से डॉटpy 9:26 एक्सटेंशन हमें बता रही है कि ये हमारी 9:28 Python फाइल है जिसके अंदर हम अपना Python 9:31 का प्रोग्राम या Python का कोड लिखने वाले 9:33 हैं। सो लेट्स क्लोज़ दिस पैनल। तो हम 9:36 शुरुआत करने वाले हैं बाय आउटपुटिंग और 9:38 प्रिंटिंग समथिंग ऑन द स्क्रीन। पython के 9:40 अंदर हमें जब भी कुछ प्रिंट करना होता है 9:41 स्क्रीन के ऊपर तो हम सिंपल सी कमांड 9:43 लिखते हैं व्हिच इज प्रिंट। उसके बाद 9:45 लिखते हैं पैरेंथेसिस। एंड पैरेंथेसिस के 9:47 अंदर हम डबल कोट्स या फिर सिंगल कोट्स के 9:49 अंदर जो चीज हमें प्रिंट करनी होती है 9:52 उसको एज़ इट इज़ टाइप करते हैं। जैसे डबल 9:54 कोट्स आई प्रेफर डबल कोट्स। जैसे हमें 9:56 टाइप करना है। लेट्स सपोज़ हेलो वर्ल्ड। 9:58 जनरली हम कोई भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के 10:00 साथ स्टार्ट करते हैं। दिस इज़ द फर्स्ट 10:01 थिंग दैट वी प्रिंट ऑन द स्क्रीन। तो हमने 10:03 हेलो वर्ल्ड को डबल कोट्स के अंदर लिख 10:05 दिया। एंड ये ऐसी चीज है जिसको हम एज इट 10:07 इज प्रिंट करवाना चाहते हैं। तो इसको सेव 10:09 कर लेते हैं। एंड दिस इज द रन बटन। रन 10:12 करने के लिए हम क्लिक करेंगे रन पर। एंड 10:14 वी कैन सी कि बॉटम में हमारे पास एक 10:16 आउटपुट पैनल है या आउटपुट टर्मिनल है 10:18 जिसके अंदर हमारे पास ये हेलो वर्ल्ड एज 10:21 इट इज़ प्रिंट होकर आ गया है। इनफैक्ट 10:23 कुछ-कुछ रिलेटेड कमांड्स भी हमें दिख रही 10:25 होंगी कि हमारी फाइल जो है वो रन हुई। 10:28 उसके बाद हेलो वर्ल्ड प्रिंट हुआ। उसके 10:30 बाद हम कोड से एग्जिट कर गए। और ये पूरा 10:32 कोड कितने टाइम में एग्जीक्यूट हुआ? 10:34 024 सेकंड्स के अंदर पूरा का पूरा कोड 10:36 हमारा एग्जीक्यूट हो गया। सो दिस इज़ व्हाट 10:38 वी मीन बाय प्रिंटिंग समथिंग ऑन द 10:40 स्क्रीन। जब हम प्रिंट करने की बात कर रहे 10:42 हैं, तो आउटपुट कुछ इस तरीके से प्रिंट 10:43 होकर आएगा। अब हमारे कोड को रन करने का 10:45 हमारे पास एक और तरीका होता है व्हिच इज़ 10:47 जनरली द वे दैट वी आर गोइंग टू फॉलो कि हम 10:49 यहां पर आउटपुट के बाद एक टर्मिनल ऑप्शन 10:51 हमारे पास होता है। हम टर्मिनल में 10:53 जाएंगे। एंड टर्मिनल में हमें दिख रहा 10:54 होगा कि हम कौन से फोल्डर के अंदर हैं। सो 10:57 वी आर इनसाइड Python क्रैश कोर्स। उसी के 10:59 अंदर अभी हम हैं तो वो टर्मिनल में लेफ्ट 11:01 साइड पर लिख कर आता है बिफोर दिस परसेंटेज 11:03 साइन। एंड उसके बाद अपने इस पाइथन कोड को 11:06 रन करने के लिए हम एक कमांड लिखते हैं। ये 11:09 स्पेशल कमांड होती है जिससे हम किसी भी 11:10 पाइथन कोड को रन कर सकते हैं। वी विल राइट 11:12 पाइथन एंड उसके बाद अपनी फाइल का नाम। 11:15 फाइल का नाम है कोड डॉटpy। अच्छा अगर 11:17 हमारे पास कभी-कभी बड़ी फाइल्स का नाम 11:19 होता है या फिर हमारी फाइल्स फोल्डर के 11:21 अंदर होती है तो हम ऑटो कंप्लीट को भी यूज़ 11:23 कर सकते हैं टर्मिनल में। जैसे आई विल 11:25 राइट सीओ एंड आई विल जस्ट प्रेस टैब। टैब 11:28 प्रेस करेंगे तो ये सर्च कर लेगा सीओ से 11:30 स्टार्ट होने वाली कौन सी पाइथन फाइल्स 11:32 हैं एंड एक ही फाइल है तो उस फाइल का नाम 11:34 आ जाएगा एंड वी विल प्रेस एंटर। जैसे ही 11:36 हम एंटर प्रेस करेंगे जो भी चीज प्रिंट 11:38 होने के लिए हमने कमांड दी थी पाइथन कोड 11:41 के अंदर वो चीजें हमारे पास यहां पर 11:43 टर्मिनल पर प्रिंट होकर आ जाएंगी। सो दिस 11:45 इज़ हाउ वी प्रिंट एनीथिंग ऑन द टर्मिनल। 11:47 इसके अलावा हम चाहें तो कुछ और भी प्रिंट 11:49 कर सकते हैं। जैसे लेट्स सपोज़ आफ्टर हेलो 11:51 वर्ल्ड आई वांट टू प्रिंट माय नेम। तो आई 11:53 कैन राइट अनदर प्रिंट स्टेटमेंट इन द 11:55 नेक्स्ट लाइन। हम यहां पर लेट्स सपोज़ आई 11:57 राइट माय नेम। लेट्स सेव इट। एंड इस कोड 12:00 को दोबारा रन करने के लिए हम क्या कर सकते 12:02 हैं? एरो कीज़ में से अपवर्ड एरो की प्रेस 12:05 करेंगे तो पुरानी वाली कमांड टर्मिनल पर 12:07 वापस आ जाती है। वी विल एंटर। एंड इस बार 12:09 हमारे पास ये दोनों चीजें प्रिंट होकर आ 12:11 गई। अगर कभी भी वी वांट टू क्लियर द 12:13 टर्मिनल स्क्रीन वी कैन जस्ट राइट क्लियर। 12:15 एंड सारे जो आउटपुट हैं वो हमारे लिए 12:17 क्लियर हो जाएंगे। एंड इफ वी वांट हम दो 12:19 चीजों को सेम लाइन पर भी प्रिंट करवा सकते 12:21 हैं। जैसे अगर ये दोनों वैल्यूज़ मुझे सेम 12:23 लाइन पर प्रिंट करवानी है तो आई कैन 12:25 सेपरेट देम विद अ कॉमा। इसको यहां से 12:29 कॉपी कर लेते हैं। एंड लेट्स सेव इट एंड 12:31 नाउ लेट्स प्रेस द एरो कीज़ एंड दोबारा से 12:35 ये हमारा कोड इस तरीके से रन हो जाएगा। 12:36 एंड हमारे पास वैल्यूस प्रिंट होकर आ 12:38 जाएंगी। अच्छा व्हाट एक्ज़ैक्टली आर दीज़ 12:40 डबल कोड्स? डबल कोट्स के अंदर कोई भी चीज 12:42 अगर हम पाइथन के अंदर लिखते हैं तो उसको 12:44 हम अपनी स्ट्रिंग्स कहते हैं। स्ट्रिंग्स 12:45 को अभी हम पढ़ेंगे आगे जाकर डिटेल में। बट 12:47 स्ट्रिंग्स को हम ऐसे सोच सकते हैं कि कोई 12:49 भी अगर हमें सेंटेंस लिखना है, कोई भी 12:51 वर्ड लिखना है, कोई भी कैरेक्टर लिखना है, 12:52 कोई भी पैराग्राफ लिखना है तो वो सारी 12:55 चीजें पाइथन के अंदर डिफाइन होती है इन द 12:56 फॉर्म ऑफ़ स्ट्रिंग्स। स्ट्रिंग्स हम डबल 12:58 कोट की हेल्प से भी लिख सकते हैं, सिंगल 12:59 कोट की हेल्प से भी लिख सकते हैं। नाउ, वन 13:01 मोरेंट थिंग टू नोट इन Python इज़ कि 13:03 Python एक केस सेंसिटिव लैंग्वेज है। 13:06 व्हाट एग्जैक्टली डू वी मीन बाय केस 13:08 सेंसिटिव? केस सेंसिटिव का मतलब है कि 13:10 हमारे जो अपर केस है एंड हमारा जो लोअर 13:13 केस है उसको डिफरेंट तरीके से पाइथन 13:15 इंटरप्रेट करता है। मतलब यहां पर प्रिंट 13:17 कमांड के लिए अगर हम यहां कैपिटल पी लिख 13:20 दें तो ये कमांड वर्क नहीं करेगी। अगर हम 13:22 इसे रन करें तो वी आर गोइंग टू गेट एन एरर 13:24 हियर प्रिंट इज़ नॉट डिफाइंड। क्योंकि 13:26 कैपिटल पी वाला जो प्रिंट है वो पाइथन के 13:28 अंदर डिफाइन नहीं है। तो लोअर केस वर्ड्स 13:30 एंड अप्पर केस वर्ड्स आर टू सेपरेट थिंग्स 13:32 इन द लैंग्वेज। तो यहां पर लोअर केस कर 13:34 देते हैं। एंड दिस इज़ हाउ वी आर गोइंग टू 13:36 एग्जीक्यूट आवर प्रोग्राम। तो ये तो हमने 13:38 देख लिया किस तरीके से हम पाइथन के अंदर 13:39 आउटपुट को प्रिंट करते हैं। नाउ लेट्स टॉक 13:41 अबाउट वेरिएबल्स। वेरिएबल्स हमारे 13:43 कंटेनर्स होते हैं जिसके अंदर हम कोई भी 13:45 वैल्यू स्टोर करा सकते हैं। जैसे मैथ के 13:47 अंदर हमने काफी सारे वेरिएबल्स पढ़े होंगे। 13:49 मैथ के अंदर कभी भी अगर हमें कोई वैल्यू 13:51 लिखनी है। जैसे हमने लिख दिया x = 10। तो 13:53 हम यहां पर x को एक वेरिएबल कहते हैं। 13:56 वेरिएबल क्यों? क्योंकि आज x की वैल्यू 10 13:58 है। लेकिन कल को x की वैल्यू 15 भी हो 14:01 सकती है। बढ़कर 20 भी हो सकती है। सो ये 14:03 वैल्यू क्या कर रही है? कि ये वैल्यू 14:05 वेरीरी कर रही है, चेंज हो रही है। दैट इज़ 14:07 व्हाई वी कॉल दिस अ वेरिएबल। इसी तरीके का 14:10 सेम कांसेप्ट हम प्रोग्रामिंग के अंदर 14:11 फॉलो करते हैं। प्रोग्रामिंग के अंदर जैसे 14:13 रियल लाइफ में इन आवर हाउस वी माइट हैव अ 14:15 लॉट ऑफ़ कंटेनर्स। कंटेनर्स के अंदर हम 14:17 क्या करते हैं? कुछ ना कुछ सामान को स्टोर 14:19 कराते हैं हमारे किचन के अंदर या हमारी 14:21 स्टडी के अंदर। तो जब भी हमें वो सामान या 14:23 वो चीज़ चाहिए होती है, वी कैन जस्ट गो एंड 14:26 डायरेक्टली लुक फॉर द कंटेनर। यही सेम 14:28 कांसेप्ट हमारे कंप्यूटरटर्स के अंदर फॉलो 14:29 होता है। जैसे लेट्स सपोज़ दिस इज़ माय 14:32 कंप्यूटरटर्स मेमोरी। अब इस मेमोरी के 14:34 अंदर हमारे पास हम विजुअलाइज कर सकते हैं 14:37 कि हमारे पास डिफरेंट कंपार्टमेंट्स हैं 14:39 जिसके अंदर हम कोई ना कोई वैल्यू स्टोर 14:41 करा सकते हैं। जैसे अगर हमें अपने मार्क्स 14:44 स्टोर कराने हैं और लेट्स सपोज माय 14:45 सीजीपीए इज़ 9.6 तो ये क्या हो गई? ये 14:48 हमारी सीजीपीए हो गई। उसी तरीके से अगर 14:50 हमें कोई नेम स्टोर कराना है। लेट्स सपोज 14:52 द नेम इज़ टोनी। तो यहां पर हमने क्या 14:54 किया? यहां पर हमने नेम स्टोर करा लिया। 14:56 तो ये क्या हो गई? ये हमारी वेरिएबल्स हो 14:58 गई। वेरिएबल्स नेम्ड स्टोरेज होती हैं कि 15:00 वैल्यू तो हमने ये स्टोर कराई। पर ये जो 15:03 जगह है जहां पर हमारी ये वैल्यू स्टोर हुई 15:05 है उसको हमने ये नाम दे दिया। तो दिस इज 15:07 कॉल्ड अ वेरिएबल नेम एंड दिस इज कॉल्ड अ 15:09 वेरिएबल वैल्यू। जैसे कोड के अंदर किस 15:11 तरीके से लिखते हैं? बिल्कुल वैसे ही 15:13 लिखते हैं जैसे हम मैथ के अंदर वेरिएबल्स 15:14 को डिफाइन करते हैं। जैसे लेट्स डिफाइन सम 15:17 ऑफ़ आवर वेरिएबल्स। लेट्स सपोज़ एक वेरिएबल 15:19 हमने डिफाइन किया नेम नाम से जिसके अंदर 15:22 हम वैल्यू स्टोर करवा सकते हैं श्रद्धा। 15:24 तो नेम हमारे वेरिएबल का नाम है और उस नेम 15:27 के अंदर क्या वैल्यू है? श्रद्धा वैल्यू 15:29 स्टर्ड है। इक्वल टू का साइन होता है 15:31 वैल्यूज़ असाइन करने के लिए। इन टेक्निकल 15:33 टर्म्स इट्स कॉल्ड एन असाइनमेंट ऑपरेटर। 15:35 पर हमें उतना टेक्निकल नहीं होना। इक्वल 15:37 टू का काम प्रोग्रामिंग के अंदर होता है 15:38 कि राइट साइड में जो भी वैल्यू है उसको 15:40 लेफ्ट साइड में जाके स्टोर कर देना। तो 15:43 राइट साइड में श्रद्धा वैल्यू है उसको नेम 15:45 नाम के वेरिएबल के अंदर जाकर स्टोर कर 15:47 दिया। हम अपने वेरिएबल्स का कुछ भी नाम रख 15:49 सकते हैं। यहां पर हम चाहते तो इसको माय 15:51 नेम भी बोल सकते थे। यहां पर हम चाहते तो 15:54 इसको फर्स्ट नेम भी बोल सकते थे। तो कुछ 15:56 भी नाम दिया जा सकता है जनरली वेरिएबल्स 15:58 को। एज लॉन्ग एज वो डिजिट से या किसी 16:00 स्पेशल कैरेक्टर से स्टार्ट नहीं होता। तो 16:02 सिर्फ इंग्लिश लेटर से ही हमारे वेरिएबल 16:04 के नाम स्टार्ट हो सकते हैं या फिर 16:05 अंडरस्कोर से। तो पाइthन में किसी भी 16:06 वेरिएबल को क्या नाम दिए जा सकते हैं? 16:08 उसके कुछ स्पेशल रूल्स होते हैं जो हर 16:09 लैंग्वेज के डिफरेंट होते हैं। तो पाइthन 16:11 के जो स्पेसिफिक रूल्स हैं फॉर नेमिंग 16:13 वेरिएबल्स। तो उनको हमने ऑलरेडी नोट्स के 16:15 अंदर इंक्लूड कर दिया। उसको भी जाकर हम 16:16 चेक कर सकते हैं। बट दिस इज हाउ वी डिफाइन 16:18 अ वेरिएबल। अब हम मल्टीपल वेरिएबल्स 16:20 डिफाइन कर सकते हैं। लेट्स सपोज हम ऐज 16:22 डिफाइन कर रहे हैं एज 27। तो ये दो 16:25 वेरिएबल्स हो गए। हम चाहें तो वेरिएबल 16:27 वैल्यूज़ को प्रिंट भी कर सकते हैं। अब 16:29 वेरिएबल वैल्यू को प्रिंट करने के लिए 16:30 लेट्स ट्राई द सेम वे जैसे हमने पहले 16:33 प्रिंट किया था। मतलब हमने डबल कोट्स लिए 16:35 और हमने अंदर नेम लिख दिया। इसको एक बार 16:37 क्लियर करके रीरन करते हैं। तो हमारे पास 16:39 क्या प्रिंट होकर आया? नेम प्रिंट होकर 16:41 आया। नाउ दिस इज़ नॉट द करेक्ट वे टू 16:43 प्रिंट अ वेरिएबल नेम। क्योंकि डबल कोट 16:45 क्या होती है? एक स्ट्रिंग होती है। 16:46 स्ट्रिंग के अंदर जो भी वैल्यू हम लिखेंगे 16:48 वो एज़ इट इज़ प्रिंट होगी। पर हमें नेम 16:50 नहीं प्रिंट करवाना। हमें तो नेम वेरिएबल 16:52 की वैल्यू प्रिंट करवानी है। तो जब भी 16:54 हमें वेरिएबल्स की वैल्यूज़ को प्रिंट 16:56 करवाना होता है, हम सिंपली उनको बिना 16:57 कोड्स के लिखते हैं। लाइक दिस एंड इस 17:00 तरीके से वी विल गेट द नेम वैल्यू। 17:03 सिमिलरली, हम चाहें तो ऐज की वैल्यू को भी 17:05 प्रिंट करवा सकते हैं। एंड इस तरीके से 17:06 हमारे पास नेम एंड ऐज दोनों वैल्यूज़ 17:08 प्रिंट होकर आ जाएंगी। हम चाहें तो इन 17:10 वैल्यूज़ को चेंज भी कर सकते हैं। बिकॉज़ 17:12 देयर वेरिएबल्स। तो कल को हो सकता है हमने 17:14 नेम को चेंज करके कुछ और कर दिया एंड एज 17:17 को चेंज करके भी कुछ और कर दिया। एंड वी 17:20 कैन प्रिंट द सेम थिंग्स अगेन। तो अब 17:23 हमारी जो न्यू वैल्यूज़ हैं वो हमारे पास 17:25 इस तरीके से प्रिंट होकर आ जाएंगी। तो 17:27 जैसे ही वैल्यूज़ हम चेंज करते हैं, वैसे 17:30 ही पुराने वाली वैल्यूज़ ओवराइट हो जाती 17:32 हैं हमारी मेमोरी के अंदर। एंड नाउ द 17:34 मेमोरी इज़ गोइंग टू होल्ड द न्यू वैल्यूज़। 17:36 मतलब पहले अगर यहां पर कुछ भी नाम था, तो 17:38 अब हमारे पास एक डिफरेंट नाम आ जाएगा 17:41 हमारे कंटेनर के अंदर। मतलब मेमोरी के 17:43 अंदर। अच्छा देयर इज़ वन मोरेंट थिंग टू 17:45 नोट जब भी हम वेरिएबल्स को क्रिएट करते 17:46 हैं एक अच्छे प्रोग्रामर की निशानी ये 17:48 होती है कि उनके जो वेरिएबल्स हैं उनका 17:51 नाम पढ़ के ही समझ में आ जाता है कि उस 17:52 वेरिएबल के अंदर क्या वैल्यू स्टोर्ड है। 17:54 मतलब ये जो वेरिएबल नेम हमने डिफाइन किया 17:56 है, इसको हम X भी बोल सकते थे। इसको हम Y 17:59 भी बोल सकते थे। इसको हम जी भी बोल सकते 18:01 थे। बट जनरली इस तरीके के रैंडम नेम्स हम 18:04 वेरिएबल्स को नहीं देते। हम वेरिएबल्स को 18:05 थोड़ा डिस्क्रिप्टिव नेम देते हैं। जैसे 18:07 अगर हम नेम या फर्स्ट नेम या फुल नेम 18:09 स्टोर करवा रहे हैं तो उसको हम नेम नाम दे 18:11 सकते हैं। जैसे ये 27 वैल्यू कुछ भी हो 18:13 सकती थी। पर इस वेरिएबल को हमने ऐज नाम 18:15 दिया। उससे हमें पता चल रहा है कि इसके 18:17 अंदर ये जो नंबर 27 है, दिस इज़ नॉट 18:20 मार्क्स। दिस इज़ नॉट समथिंग एल्स। दिस इज़ 18:22 नॉट द प्राइस ऑफ़ एन आइटम। दिस इज़ द एज ऑफ़ 18:25 अ पर्सन। एंड क्योंकि आज के लेक्चर को देख 18:27 के हम भी एक स्किल प्रोग्रामर बनने वाले 18:28 हैं। इसीलिए इट्सेंट टू गिव डिस्क्रिप्टिव 18:31 नेम्स टू ऑल आवर वेरिएबल्स। नाउ वेरिएबल्स 18:33 किस तरीके की वैल्यू स्टोर करते हैं उसके 18:34 पाइथन के अंदर कुछ ऑलरेडी डिफाइन टाइप्स 18:36 होते हैं। अगर हम C++ C या जावा 18:38 बैकग्राउंड से आ रहे हैं तो हमें आदत होगी 18:40 कि जब भी हमें कोई इंटीजर वैल्यू स्टोर 18:42 करनी होती है। हम दूसरी लैंग्वेजज़ में 18:44 जनरली इस तरीके से डिफाइन करते हैं कि हम 18:46 एक इंटीजर वेरिएबल बना रहे हैं। पर Python 18:48 के अंदर ऐसा नहीं होता। Python के अंदर 18:50 हमें एक्सप्लसिटली लिखकर नहीं बताना पड़ता 18:52 कि हम कौन सा टाइप स्टोर करना चाहते हैं। 18:54 लेकिन एक बार हमने वैल्यू स्टोर करा ली तो 18:56 उसके बाद हम चेक कर सकते हैं कि हमारा जो 18:58 वेरिएबल है वो कैसी वैल्यू को स्टोर करता 19:00 है। जैसे एग्जांपल के लिए इफ वी हैव दीज़ 19:02 टू वैल्यूज़। तो नेम हमें ऑलरेडी पता है एक 19:04 स्ट्रिंग है। एज हमें ऑलरेडी पता है एक 19:06 इंटीजर नंबर है। तो इनके हम चाहें तो टाइप 19:08 भी चेक कर सकते हैं। जैसे इफ आई प्रिंट 19:11 टाइप ऑफ़ ये एक फंक्शन होता है पाइथन के 19:13 अंदर जो किसी भी वेरिएबल का हमें टाइप 19:15 बताता है। अब फंक्शंस एग्जैक्टली क्या 19:16 होते हैं? उसको लेक्चर के अंदर अभी हम आगे 19:18 जाकर पढ़ रहे होंगे। बट अभी के लिए वी विल 19:20 जस्ट राइट टाइप ऑफ नेम। तो हमारे पास नेम 19:23 का टाइप आ जाएगा व्हिच इज़ एसटीआर। एसटीआर 19:27 का मतलब है स्ट्रिंग। अभी के लिए क्लास 19:29 क्या है और दूसरी चीजें क्या है उसको 19:30 इग्नोर कर देना है। बट एसटीआर स्टैंड्स 19:32 फॉर स्ट्रिंग। क्योंकि हमने यहां पे एक 19:34 स्ट्रिंग स्टोर कराई है। तो हमारे पास 19:35 टाइप स्ट्रिंग आ गया। ऐज के लिए भी चेक 19:37 करेंगे। तो इसके लिए हमारे पास क्योंकि ये 19:40 इंटीजर वैल्यू है। तो द टाइप इज़ गोइंग टु 19:43 बी इंट। तो ये इंटीजर वैल्यूज़ के लिए। तो 19:45 हम जब भी टाइप की बात करते हैं, हम चार 19:46 मेन टाइप्स को कंसीडर करते हैं। सबसे पहला 19:49 मेन टाइप हमारे पास हो जाता है स्ट्रिंग 19:51 व्हिच इज़ एसटीआर। दूसरा मेन टाइप हो जाता 19:53 है इंट व्हिच इज़ इंटीजर। उसके साथ में वी 19:55 आल्सो हैव फ्लोट। फ्लोट का मतलब होता है 19:57 कोई भी डेसिमल वैल्यू। जैसे अगर हम किसी 19:59 चीज़ का प्राइस स्टोर करवा रहे हैं 99.5 तो 20:02 वो एक फ्लोटिंग वैल्यू हो जाएगी। या फिर 20:05 अगर हमें कोई ट्रू एंड फॉल्स वैल्यूज़ को 20:07 स्टोर कराना है तो हमारे पास एक और टाइप 20:09 होता है व्हिच इज़ बुल और बुलियन। बुलियन 20:12 का मतलब होता है कोई भी वैल्यू जब ट्रू या 20:14 फिर फॉल्स हो। ट्रू या फॉल्स स्टोर कराने 20:17 का क्या लॉजिक है? उसको अभी आगे जाकर हम 20:19 इफ एल स्टेटमेंट्स को पढ़ेंगे। हम अपने 20:20 लूप्स को पढ़ेंगे तो हमें और ज्यादा अच्छे 20:22 से समझ में आएगा। बट अभी के लिए एग्जांपल 20:24 अगर देखें तो ये हमारी स्ट्रिंग टाइप हो 20:26 गया। ये हमारा इंटीजर टाइप हो गया। हम 20:28 चाहे तो फ्लोटिंग टाइप भी देख सकते हैं। 20:30 जैसे इफ आई वांट टू स्टोर सीजीपीए तो 20:31 सीजीपीए के अंदर लेट्स सपोज द सीजीपीए इज़ 20:33 9.6 एंड इफ आई प्रिंट द टाइप ऑफ़ सीजीपीए 20:39 तो वो हमारे पास आ जाएगा फ्लोट मतलब 20:41 फ्लोटिंग वैल्यू है डेसिमल आ गया है। उसके 20:44 साथ में आई कैन आल्सो से इज़ दिस अ 20:46 स्टूडेंट? इस स्टूडेंट के लिए लेट्स सपोज़ 20:49 हम वैल्यू स्टोर करना चाहते हैं ट्रू। जब 20:51 भी ट्रू को लिखना है Python के अंदर तो इट 20:52 स्टार्ट्स विद T से स्टार्ट नहीं करना। 20:55 वंस अगेन Python इज़ केस सेंसिटिव। तो ये 20:57 हमने एक वेरिएबल बना दिया जिसके अंदर हमने 20:59 ट्रू वैल्यू स्टोर कर दी। तो यहां पर इफ 21:01 आई प्रिंट द टाइप ऑफ दिस वेरिएबल तो इसका 21:06 टाइप आ जाएगा हमारे पास बुलियन के इक्वल। 21:07 तो इस तरीके से पाइथन के अंदर हमारे पास 21:09 ये चार प्रिमिटिव टाइप ऑफ डेटा टाइप्स 21:11 अवेलेबल होते हैं जिसकी फॉर्म में हमारा 21:13 डेटा स्टोर होता है। नेक्स्ट थिंग दैट वी 21:15 आर गोइंग टू टॉक अबाउट वेरिएबल्स को हमने 21:17 कवर कर लिया है। इज़ आवर इनपुट। हमने देख 21:20 लिया आउटपुट कैसे दिखाना है। हमने देख 21:22 लिया वेरिएबल्स को कैसे स्टोर करना है। पर 21:24 हम यूजर से इनपुट कैसे ले सकते हैं? यूजर 21:26 से इनपुट लेने का मतलब है कि इस टर्मिनल 21:27 पे जहां पर हमने प्रिंट किया यहां से हम 21:30 इनपुट को किस तरीके से ले सकते हैं? उसके 21:32 लिए वी हैव अ वेरी सिंपल कमांड व्हिच इज़ 21:34 इनपुट। हम सिंपली लिखते हैं इनपुट। एंड 21:36 डबल कोट्स के अंदर हम कोई भी मैसेज लिख 21:39 सकते हैं जो हम इनपुट लेने से पहले दिखाना 21:41 चाहते हैं। जैसे इफ आई वांट टू राइट एंटर 21:44 योर नेम। तो इस तरीके से हम दिखा सकते हैं 21:46 एंटर योर नेम। लेट्स सेव इट एंड रन द कोड। 21:50 तो यहां पर आ गया एंटर योर नेम एंड उसके 21:52 बाद लेट्स सपोज आई एंटर द नेम एज टोनी 21:54 स्टार्क। तो यह हमने नेम एंटर कर दिया। 21:57 जैसे ही एंटर करेंगे हमारा प्रोग्राम खत्म 21:58 हो गया। तो हमारा प्रोग्राम एज सच ज्यादा 22:00 कुछ नहीं करता। सिर्फ एंटर योर नेम प्रिंट 22:02 करवाता है। उसके बाद हम नेम प्रिंट करते 22:04 हैं और प्रोग्राम खत्म हो जाता है। पर हम 22:06 चाहें तो हमारी जो वैल्यूज़ हैं उनको कहीं 22:08 पर स्टोर कर सकते हैं। तो जो भी इनपुट हम 22:10 ले रहे हैं उसे हम स्टोर कर सकते हैं इन 22:12 सम वेरिएबल। तो लेट्स सपोज़ हमने नेम नाम 22:14 का वेरिएबल बनाया। हम जो भी इनपुट लेंगे 22:16 राइट से लिया जाएगा और लेफ्ट के अंदर जाकर 22:19 स्टोर हो जाएगा। सो लेट्स सेव इट रन द कोड 22:22 अगेन 22:25 एंड इस बार हम दोबारा से कुछ इनपुट देते 22:28 हैं। एंड वंस अगेन प्रोग्राम एग्जीक्यूट 22:30 हो गया। पर वो वैल्यू इस बार नेम के अंदर 22:32 स्टोर हुई थी। पर सिर्फ स्टोर करने का 22:34 पॉइंट नहीं है। हम क्या कर सकते हैं? उसे 22:35 प्रिंट भी करवा सकते हैं। इनफैक्ट लेट्स 22:37 प्रिंट हेलो 22:39 एंड उसके बाद जो भी नेम है। सो लेट्स रन द 22:43 कोड अगेन एंड 22:47 इस तरीके से हमारे पास हमारा मैसेज प्रिंट 22:49 होकर आ जाएगा। तो हम वैल्यूस को इनपुट ले 22:51 सकते हैं। उन्हें किसी वेरिएबल के अंदर 22:53 स्टोर कर सकते हैं। फिर उन वैल्यूस को यूज 22:54 कर सकते हैं। या तो प्रिंट करवाने के लिए 22:56 यूज कर सकते हैं। किसी कैलकुलेशन के लिए 22:58 यूज कर सकते हैं। अच्छा यही सेम मैसेज 23:00 प्रिंट करवाने का हमारे पास एक और तरीका 23:02 है पाइthon के अंदर व्हिच इज़ राइटिंग इट 23:05 लाइक दिस। हम क्या कर सकते हैं? हेलो प्लस 23:07 समथिंग कर सकते हैं। ये हमारे पास एक 23:09 स्ट्रिंग है। स्ट्रिंग के साथ जब भी हम 23:11 कुछ ऐड करते हैं, प्लस करते हैं तो उसका 23:13 मतलब है कि वी आर डूइंग समथिंग कॉल्ड 23:16 कॉन्कटिनेशन। 23:17 कॉनकटिनेशन। कॉन्कटिनेशन का मतलब है जब हम 23:21 एक स्ट्रिंग को दूसरी स्ट्रिंग के साथ ऐड 23:24 करते हैं तो दो स्ट्रिंग्स ऐड होकर एक 23:26 सिंगल स्ट्रिंग बन जाएंगे और वो सिंगल 23:27 स्ट्रिंग हमारे पास एज एन आउटपुट आ जाएगा। 23:30 जैसे एग्जांपल के लिए इफ आई क्लियर दिस 23:32 लेट्स रन द कोड अगेन एंड लेट्स सपोज़ आई 23:35 टाइप पीटर पार्कर। तो एंटर करेंगे तो इस 23:38 तरीके से हेलो पीटर पार्कर हमारे पास आ 23:41 जाएगा। एंड इस बार यू विल नोटिस दैट इज़ नो 23:43 स्पेस इन बिटवीन। हेलो और नेम के बीच में 23:45 स्पेस नहीं है। क्योंकि यहां पर एज़ इट इज़ 23:47 हमारी स्ट्रिंग ऐड होती है। तो अगर हमें 23:49 स्पेस चाहिए तो या तो इस स्ट्रिंग के बाद 23:51 हमें एक और स्पेस वाली स्ट्रिंग को ऐड 23:53 करना पड़ेगा। नहीं तो इस हेलो के बाद ही हम 23:55 एक स्पेस दे सकते हैं। तो लेट्स रीरन एंड 23:59 टाइप। तो इस तरीके से हमारा जो कोड है वो 24:02 रन हो जाएगा। एंड दिस इज़ व्हाट 24:03 कॉन्कटिनेशन इज़। सो, दिस इज़ हाउ वी टेक 24:06 इनपुट इन Python. प्लस लेट्स आल्सो टॉक 24:08 अबाउट समथिंग व्हिच इज़ इंपॉर्टेंट इन 24:09 प्रोग्रामिंग व्हिच आर आवर कॉमेंट्स। 24:12 कॉमेंट्स क्या होते हैं? कमेंट्स हमारे 24:13 कोड का वो पार्ट होते हैं जिसको Python का 24:15 इंटरप्रेटर इग्नोर कर देता है। मतलब कभी 24:17 भी अगर हमें बताना है कि हमारे प्रोग्राम 24:19 के अंदर एग्जैक्टली चल क्या रहा है तो 24:21 उसको हम लिखेंगे इन द फॉर्म ऑफ़ कमेंट्स। 24:23 कमेंट्स के अंदर हम कोड नहीं लिखते। 24:24 कमेंट्स के अंदर हम प्लेन इंग्लिश लिख 24:26 सकते हैं या कोई भी और लैंग्वेज लिख सकते 24:28 हैं जिसको हमारा एडिटर रीड कर सकता है, 24:30 अंडरस्टैंड कर सकता है। तो कॉमेंट्स 24:32 बेसिकली कोड को डिस्क्राइब करने का एक 24:34 तरीका होता है। जैसे इस कोड के अंदर हम 24:36 क्या कर रहे हैं? इस कोड के अंदर हम सीख 24:39 रहे हैं हाउ टू टेक इनपुट इन Python तो यह 24:44 हमारा कोड है। अब यह क्या हो गया? यह एक 24:46 कमेंट हो गया। यह Python का प्रोग्राम 24:48 नहीं है। यह प्लेन इंग्लिश है। तो, कभी भी 24:50 Python के अंदर हमें कमेंट क्रिएट करना 24:52 होता है, तो उसको हम स्टार्ट करते हैं विद 24:53 अ हैश। हैश के बाद हम चाहे तो स्पेस दे 24:56 सकते हैं। चाहे तो इग्नोर भी कर सकते हैं। 24:57 बट दिस इज़ हाउ वी क्रिएट अ कमेंट। जनरली 24:59 वीएस कोड के अंदर जितनी भी लैंग्वेजज़ के 25:01 कमेंट्स होते हैं, वो ग्रीन से हाईलाइटेड 25:03 होते हैं। तो, कोई भी ग्रीन कलर में हमें 25:04 वैल्यू दिख रही है इन पाइथन कोड व्हिच 25:06 स्टार्ट्स विद अ हैश। दैट इज़ अ कॉमेंट। 25:08 एंड इस तरीके से हम बहुत सारे कमेंट्स हैं 25:10 जो अपने प्रोग्राम के अंदर लिख सकते हैं। 25:11 जैसे हमारे कोड में यहां पर क्या हो रहा 25:12 है? हम डिस्क्राइब कर सकते हैं कि यहां पर 25:14 हम कॉन्कटिनेशन 25:16 को पढ़ रहे हैं। तो इस तरीके से चीजों को 25:18 डिस्क्राइब करने के लिए हम कमेंट्स को 25:20 यूज़ करते हैं। अब कमेंट्स काफी 25:21 इंपॉर्टेंट होते हैं क्योंकि जनरली हम 25:23 किसी भी बड़ी ऑर्गेनाइजेशन को ज्वाइन 25:24 करेंगे। तो वहां पर काफी सारा कोड बेस 25:26 होता है जो ऑलरेडी लिखा होता है। अब किसी 25:28 भी नए प्रोग्रामर को अगर वो कोड बेस समझना 25:30 है या लेट्स सपोज हम भी अपना कोई 25:32 प्रोजेक्ट बना रहे हैं एंड हमारे दोस्त को 25:34 अगर उस प्रोजेक्ट के अंदर कोड को समझना है 25:36 तो कोड के अंदर 100्स एंड थाउजेंड्स ऑफ 25:38 लाइंस ऑफ कोड होता है एक साथ एक फाइल के 25:40 अंदर। तो उन सारी चीजों को अंडरस्टैंड 25:42 करने के लिए कमेंट्स को ऐड करना बहुत 25:44 ज्यादा जरूरी है। जिससे कोड के डिफरेंट 25:46 पार्ट्स डिस्क्राइब हो सके कि कोड में 25:48 एग्जैक्टली चल क्या रहा है। अभी तो हमने 25:50 यहां पे दो-तीन लाइन लिखी हैं कोड के 25:51 अंदर। बट जनरली जब हम रियल लाइफ कोड बेसिस 25:54 देखेंगे ऑर्गेनाइजेशंस के या बड़े-बड़े 25:55 प्रोजेक्ट्स को बिल्ड करेंगे तो वहां पर 25:57 बहुत सारी लाइंस ऑफ कोड्स होती हैं। तो 25:59 ऐसे में कमेंट्स हमें हेल्प करते हैं टू 26:01 अंडरस्टैंड व्हाट एग्जैक्टली इज़ हैपनिंग 26:03 इन द कोड। तो थ्रू आउट द लेक्चर हम बहुत 26:05 सारे कमेंट्स को लिखने वाले हैं। सो दिस 26:06 इज़ व्हाट कमेंट्स आर इन पाइथन। एंड यहां 26:09 पर हमारा पार्ट वन कंप्लीट होता है। अब 26:11 पार्ट वन के बाद यू हैव टू पॉज हियर एंड 26:13 कंप्लीट दिस प्रैक्टिस एक्सरसाइज वन। 26:16 प्रैक्टिस एक्सरसाइजज़ हमारी एडिशनल 26:17 प्रैक्टिस के लिए हैं। एंड इन्हें हमें 26:19 सेल्फ प्रैक्टिस मतलब खुद से बैठकर 26:21 कंप्लीट करना है। एंड जितना ज्यादा हम 26:23 प्रैक्टिस एक्सरसाइजज़ को खुद से कंप्लीट 26:24 करेंगे उतना ज्यादा हमें प्रोग्रामिंग 26:26 लैंग्वेज के अंदर कॉन्फिडेंस आएगा चीजों 26:28 को खुद से करने में। अब जितनी भी 26:30 प्रैक्टिस एक्सरसाइजज़ लेक्चर के अंदर हैं 26:32 उन सबके सॉलशंस आर ऑलरेडी गिवेन इन द 26:34 डिस्क्रिप्शन बॉक्स। तो वहां से जाकर हम 26:36 अपने सॉलशंस को टैली भी कर सकते हैं। अगर 26:38 हमें कोई डिफिकल्टी आ रही है तो वहां से 26:40 जाकर हम सॉल्यूशन को चेक भी कर सकते हैं। 26:42 हेल्प भी ले सकते हैं। सो दिस इज द फर्स्ट 26:43 प्रैक्टिस एक्सरसाइज दैट वी हैव टू 26:45 कंप्लीट इन द लेक्चर एंड इज़ वेरीेंट कि 26:47 सारी चीजों को प्रैक्टिस के अंदर हम खुद 26:49 से पहले ट्राई करें एंड उसके बाद ही हमें 26:52 सॉल्यूशन पर या उसके बाद ही हमें नीचे 26:53 जाके नोट्स के ऊपर जंप करना है। एंड 26:55 नेक्स्ट लेट्स स्टार्ट विद पार्ट टू। अब 26:56 पार्ट टू के अंदर हम इन सारे कॉन्सेप्ट्स 26:58 को कवर करने वाले हैं। सो लेट्स स्टार्ट 27:00 बाय अंडरस्टैंडिंग व्हाट एक्जेक्टली इज़ 27:02 टाइप कन्वर्ज़न एंड टाइप कास्टिंग। अभी के 27:05 लिए हमने देखा कि कोई भी चीज अगर हमें 27:07 इनपुट लेनी होती है तो वी इनपुट इट इन 27:09 पाइthन लाइक दिस। जैसे अगर हम लिखें एंटर 27:11 अ नंबर तो उस नंबर को हम यहां पर आकर 27:14 स्टोर कर सकते हैं या लेट्स सपोज़ हम किसी 27:16 भी व्यक्ति की ऐज इनपुट करना चाह रहे हैं। 27:20 सो वी आर इनपुटिंग द ऐज लाइक दिस एंड 27:23 लेट्स आल्सो प्रिंट द ऐज। 27:28 सो ऐज हम इनपुट करेंगे। कोई भी वैल्यू 27:30 होगी वो हमारे पास आकर प्रिंट हो जाएगी। 27:32 नाउ इफ आई आल्सो वांट टू प्रिंट द टाइप ऑफ 27:35 दिस वैल्यू तो हम जनरली एक्सपेक्ट करेंगे 27:37 कि हम ऐज इनपुट कर रहे हैं तो हमारे पास 27:39 टाइप इंटीजर होना चाहिए या कुछ नंबर 27:41 रिलेटेड टाइप होना चाहिए या फ्लोट हो जाना 27:43 चाहिए पर यहां पर द टाइप इज़ गोइंग टू बी 27:46 स्ट्रिंग एवरीथिंग बाय डिफ़ॉल्ट जिसको हम 27:48 इनपुट फंक्शन से इनपुट लेते हैं वो एक 27:51 स्ट्रिंग की तरह जाकर स्टोर होता है 27:52 इरिस्पेक्टिव ऑफ़ कि हम किस तरीके की 27:54 वैल्यू वहां पे स्टोर कर रहे हैं। तो ये 27:56 जो 27 है ये एक स्ट्रिंग की तरह स्टोर हो 27:58 रहा है। मतलब कल को अगर हमें प्रिंट 28:00 करवाना हो कि ऐज़ 1 साल बाद क्या हो जाएगी? 28:03 इट विल बी ऐज़ + 1, तो वह चीज़ हम प्रिंट 28:05 नहीं करवा सकते बिकॉज़ इट विल लीड टू एन 28:09 एरर। यहां पे ये क्या करने की कोशिश कर 28:10 रहा है? हम तो चाह रहे हैं 27 में वन ऐड 28:13 हो के 28 हो जाए। पर Python क्या कर रहा 28:15 है? Python कह रहा है दिस इज़ अ स्ट्रिंग। 28:17 तो स्ट्रिंग के अंदर आप +1 एक इंटीजर 28:20 वैल्यू को कॉन्कटिनेट नहीं कर सकते। 28:22 स्ट्रिंग के अंदर स्ट्रिंग को ही 28:23 कॉन्कटिनेट कर सकते हो। और यहां पे Python 28:24 कॉन्कटिनेशन परफॉर्म करने की कोशिश कर रहा 28:26 है व्हिच इज़ रोंग। तो ये चीज फिक्स करने 28:29 के लिए हम क्या करते हैं? वी डू टाइप 28:31 कास्टिंग। बाय डिफॉल्ट जो टाइप का डेटा 28:34 इनपुट हमें दे रहा है दैट इज अ स्ट्रिंग 28:36 टाइप। पर स्ट्रिंग टाइप को हम चाहें तो 28:38 इंटीजर के अंदर कन्वर्ट कर सकते हैं। हम 28:40 चाहें तो स्ट्रिंग टाइप को फ्लोट के अंदर 28:43 भी कन्वर्ट कर सकते हैं। तो उसके लिए 28:45 हमारे पास डिफरेंट फंक्शनंस होते हैं। 28:46 फंक्शनंस वंस अगेन हम आगे जाके डिटेल में 28:48 पढ़ेंगे। पर फंक्शनंस कहने का मतलब है कि 28:50 हम सिंपली लिखते हैं इंट और पैरेंथेसिस और 28:53 उसके अंदर अपनी वैल्यू को पास करेंगे। तो 28:55 जो भी वैल्यू पास करेंगे वो इंटीजर के 28:57 अंदर कन्वर्ट हो जाएगी। जैसे एग्जांपल के 29:00 लिए यहां पर हमने ये ऐज लिया। अब इस ऐज को 29:03 हम क्या करने वाले हैं? वी विल कन्वर्ट ऐज 29:06 इज़ इक्वल टू इंटीजर ऑफ़ एज। हमने इस तरीके 29:09 से इसे कन्वर्ट कर दिया कि जो भी ऐज 29:11 वैल्यू है उसको इंटीजर में कन्वर्ट कर दो। 29:14 या इनफैक्ट कन्वर्ट करने के बाद +1 कर दो 29:17 और हमें न्यू ऐज दे दो। और हम क्या 29:20 करेंगे? प्रिंट कर देंगे हमारी न्यू एज 29:23 वैल्यू। लेट्स क्लियर दिस एंड रन। हमने 27 29:26 एंटर किया। तो हमारे पास नई एज आ गई 28 के 29:28 इक्वल। तो इंटरनली ये वैल्यू क्या हो गई? 29:30 ये वैल्यू इंटीजर के अंदर कन्वर्ट हो गई। 29:32 जैसे इंटीजर के अंदर वैल्यू कन्वर्ट कराते 29:34 हैं वैसे ही फ्लोट के अंदर कन्वर्ट करा 29:36 सकते हैं। जैसे इफ आई वांट टू कन्वर्ट माय 29:38 न्यू एज वैल्यू टू फ्लोट। तो वो कैसे 29:39 करेंगे? आई कैन प्रिंट फ्लोट ऑफ़ न्यू एज। 29:46 तो रन करेंगे 27। तो 28 तो नॉर्मल इंटीजर 29:50 वैल्यू थी। फ्लोट में जैसे ही कन्वर्ट 29:52 किया हमारे पास डेसिमल पॉइंट आ गया। तो 29:54 हमारे पास 28.0 हो गया। तो ऐसे हम इंटीजर 29:57 में कन्वर्ट कर सकते हैं, फ्लोट में 29:58 कन्वर्ट कर सकते हैं। बुलियन में कन्वर्ट 30:00 कर सकते हैं बाय राइटिंग दिस। एंड 30:02 सिमिलरली हम चाहें तो वैल्यूज़ को स्ट्रिंग 30:04 के अंदर भी कन्वर्ट कर सकते हैं। पर जनरली 30:06 जब भी हम ये कन्वर्ज़ कर रहे हैं, हमें 30:08 हमेशा कंपैटिबिलिटी देखनी है। मतलब ये 30:10 नहीं करना कि ए बी सी डी लिखा हुआ है और 30:12 इस वैल्यू को हम इंटीजर के अंदर कन्वर्ट 30:14 करने की कोशिश कर रहे हैं। तो इस तरीके के 30:16 एब्सर्ड कन्वर्ज़ंस हमें नहीं करने विदाउट 30:18 एनी रीज़न। पर जो लॉजिकल कन्वर्शनंस हैं 30:21 उनको हमें करना है। अच्छा ये जो टाइप ऑफ 30:23 कन्वर्शन होता है जहां पे हम एक फंक्शन 30:25 यूज कर लेते हैं। उसके अंदर कोई वैल्यू 30:27 पास करते हैं। मतलब पैरेंथेसिस में कोई 30:28 वैल्यू लिखते हैं और फिर वो वैल्यू 30:30 कन्वर्ट हो जाती है। इस तरीके के कन्वर्ज़ 30:33 को हम कहते हैं टाइप कास्टिंग। हमारे पास 30:36 दो तरीके के कन्वर्शनंस होते हैं पython 30:38 के अंदर। वन इज़ कॉल्ड टाइप कन्वर्ज़ एंड 30:42 अनदर इज़ कॉल्ड टाइप कास्टिंग। टाइप 30:45 कास्टिंग वो कन्वर्शन होता है जिसको हम 30:48 खुद करते हैं। मतलब प्रोग्रामर करता है एक 30:50 फंक्शन को लिखकर। जैसे इस तरीके से हमने 30:52 इंट के अंदर ऐज को लिखा या फ्लोट के अंदर 30:55 न्यू ऐज को लिखा तो ये कन्वर्ज़ हमने एज अ 30:57 प्रोग्रामर किया है। तो इसको हम टाइप 30:59 कास्टिंग कहते हैं। पर कुछ कन्वर्ज़ होते 31:01 हैं जो Python का इंटरप्रेटर ऑटोमेटिकली 31:03 कर लेता है। हमें बताने की जरूरत नहीं 31:05 पड़ती। उसे हम टाइप कन्वर्ज़ कहते हैं। 31:07 जैसे एग्जांपल के लिए लेट्स रिमूव दिस। इफ 31:11 आई ट्राई टू प्रिंट 1 + 2.5 तो ऑटोमेटिकली 31:14 Python क्या करेगा? इस 2.5 को 1.0 से ऐड 31:19 करके फाइनल जो रिजल्ट आएगा वो हमेशा 31:21 डेसिमल वैल्यू या एक तरीके से फ्लोटिंग 31:23 वैल्यू ही आएगी। जैसे इफ वी सेव इट 31:26 एंड रन। तो हमारे पास वैल्यू आई है 3.5। 31:30 वैल्यू हमारे पास वन के इक्वल नहीं आई। 31:32 जबकि अगर इसी चीज़ को मतलब 2.5 को अगर हम 31:35 इंटीजर में कन्वर्ट कर देते तो उससे क्या 31:37 होता है? उससे डेसिमल वैल्यू के बाद वाली 31:39 वैल्यूज़ कंप्लीटली इग्नोर हो जाती हैं। तो 31:41 अगर हम ये करेंगे तो 2.5 में से5 इग्नोर 31:45 हो जाएगा। तो इट विल बी 1 + 2 व्हिच इज़ 31:46 इक्वल टू 3। तो ऐसा नहीं है कि यहां पर 31:49 अगर हम 999 कर दें तो मैथ्स में तो क्या 31:51 होता है? इसको हम राउंड ऑफ करके थ्री ले 31:53 लेते हैं। पर Python के अंदर या इन जनरल 31:55 प्रोग्रामिंग के अंदर दिस इज़ कंसीडर्ड ऐज़ 31:58 टू। 999 कितनी भी बार भी लिखा हो वो पूरा 32:01 इग्नोर हो जाता है। सो इफ आई रन दिस कोड 32:03 अगेन इस बार हमारे पास वैल्यू प्रिंट होकर 32:05 आएगी थ्री के इक्वल। क्योंकि इस बार हमने 32:07 क्या किया? ये है टाइप कास्टिंग जिसमें हम 32:09 कह रहे हैं हमें आउटपुट इंटीजर ही चाहिए। 32:11 तो इस डेसिमल को फ्लोटिंग को इंटीजर बना 32:13 दो। ये है टाइप कन्वर्शन जिसमें पाइथन 32:16 इंटरप्रेटर ऑटोमेटिकली डिटेक्ट कर रहा है 32:18 कि एक वैल्यू इंटीजर है, एक वैल्यू फ्लोट 32:20 है। तो मेरा कोई भी जो पीस ऑफ़ इनेशन है 32:22 मतलब डेसिमल पॉइंट के बाद वाली वैल्यूज़ वो 32:24 लॉस्ट ना हो जाए। इसलिए पूरे आंसर को ही 32:26 मुझे डेसिमल बना के रखना है। तो इस वन 32:29 वाले इंटीजर को भी हम फ्लोट के अंदर 32:31 कन्वर्ट कर देंगे। सो दिस इज़ इंप्लसिट। 32:34 इसको हम क्या कहते हैं? इसको हम कहते हैं 32:35 ये इंप्लसिट है। ऑटोमेटिकली हो रहा है। 32:37 एंड दिस इज़ एक्सप्लसिट। ये ऑटोमेटिकली 32:40 नहीं हो रहा। इसको प्रोग्रामर कर रहा है। 32:41 तो ये कास्टिंग है जो हमें एक्सप्लसिटली 32:44 जाके करनी पड़ती है। आल्सो अभी तक हमारी 32:46 जितनी भी लर्निंग है, अब एक बार उस सारी 32:48 लर्निंग को कंबाइन करके लेट्स राइट अ 32:50 सिंपल प्रोग्राम। हम क्या करेंगे? एक सम 32:53 का प्रोग्राम लिखेंगे। प्रोग्राम लिखने का 32:55 लॉजिक ये है कि जितनी भी लर्निंग्स अभी तक 32:58 हमने ली हैं, उन सारी डिफरेंट कॉन्सेप्ट्स 33:00 को एक साथ हम कंबाइन कैसे करते हैं? तो, 33:02 हमारे सम के प्रोग्राम क्या करेगा? सम 33:04 प्रोग्राम में हम A एंड B दो इंटीजर 33:07 नंबर्स हैं जिनको इनपुट लेंगे टर्मिनल से 33:09 एंड फिर इन नंबर्स का जो सम है उसको 33:12 कैलकुलेट करेंगे और फिर उसे स्क्रीन पर 33:14 प्रिंट करवाएंगे। तो इसमें हम इनपुट भी 33:16 यूज़ कर लेंगे, आउटपुट भी यूज़ कर लेंगे। हम 33:18 अपना टाइप कास्टिंग भी यूज़ कर लेंगे। तो 33:19 मल्टीपल चीजें यूज़ हो जाएंगी। तो हाउ डू 33:22 वी डू दैट? सबसे पहले तो हमें दोनों 33:24 वैल्यूज़ को इनपुट लेना है। तो वी विल 33:25 डिफाइन टू वेरिएबल्स। फर्स्ट इज़ दिस। हम 33:28 ले लेंगे इनपुट एंटर ए अच्छा हम चाह तो 33:33 इनपुट के साथ में ही टाइप कास्टिंग कर 33:34 सकते हैं। मतलब जैसे ही वैल्यू हमने इनपुट 33:37 ली उसको इंटीजर से सराउंड कर देंगे 33:39 पैरेंथेसिस सेस तो वो ऑटोमेटिकली इंट के 33:41 अंदर कन्वर्ट हो जाएगा। उसके बाद सिमिलरली 33:44 हमने जैसे एंटर A किया वैसे ही वी कैन 33:48 इनपुट B एंड इनका हम सम कैलकुलेट कर लेंगे 33:51 व्हिच इज़ A + B एंड फाइनली हम प्रिंट कर 33:54 देंगे इस सम को तो सम इज़ इक्वल टू दिस 33:58 वैल्यू लेट्स सेव इट एंड रन द कोड तो हमने 34:03 A के अंदर एंटर किया 125 B के अंदर एंटर 34:06 किया 50 आंसर हमारे पास आ गया 1175 तो इस 34:10 तरीके से हमने एक तरीके से एक छोटा सा सम 34:12 कैलकुलेटर क्रिएट कर दिया है। बट यहां पे 34:14 हमने इनपुट के लॉजिक को कंबाइन किया है। 34:16 आउटपुट के लॉजिक को कंबाइन किया है। कुछ 34:18 कैलकुलेशन के लॉजिक को कंबाइन किया है। 34:20 कमेंट्स वगैरह लिखे हैं। एंड टाइप कन्वर्ज़ 34:23 टाइप कास्टिंग के लॉजिक को कंबाइन किया 34:24 है। सो दिस इज़ हाउ वी कैन राइट अ सिंपल 34:27 प्रोग्राम इन पाइथन। जैसे हमने यहां सम का 34:29 प्रोग्राम लिखा है। यू कैन पॉज द लेक्चर 34:31 हियर। आप वैसे ही माइनस करने का भी 34:33 प्रोग्राम लिख सकते हो। मतलब सब्सट्रैक्शन 34:34 का प्रोग्राम लिख सकते हो। या इनफैक्ट 34:36 मल्टीप्लिकेशन भी लिख सकते हो। 34:38 मल्टीप्लिकेशन के लिए कुछ नहीं करना। 34:40 सिंपली यहां पे एस्टिस्क यूज़ करना है 34:41 व्हिच इज़ यूज़्ड फॉर मल्टीप्लिकेशन इन 34:43 प्रोग्रामिंग। तो मल्टीप्लिकेशन, डिवीज़, 34:46 रिमेंडर इस तरीके के डिफरेंट ऑपरेशंस कैसे 34:48 करने हैं उसको भी अभी हम आगे जाकर नेक्स्ट 34:50 पार्ट के अंदर एक्सप्लोर करेंगे। तो अभी 34:51 तक वी हैव लर्नड अबाउट टाइप कन्वर्ज़न 34:53 कास्टिंग। वी हैव रिटन द सम प्रोग्राम। 34:55 नाउ लेट्स टॉक अबाउट स्ट्रिंग्स। तो 34:57 स्ट्रिंग्स को ऑलरेडी हम थोड़ा बहुत 34:59 एक्सप्लोर कर चुके हैं प्रिंट करते हुए। 35:01 पर लेट्स सपोज हमने कोई स्ट्रिंग क्रिएट 35:02 की। ये दिस इज़ लेट्स सपोज आवर स्ट्रिंग। 35:06 तो स्ट्रिंग को हम डबल कोट से भी क्रिएट 35:07 कर सकते हैं। सिंगल कोट से भी क्रिएट कर 35:09 सकते हैं। उसकी हम ऑलरेडी बात कर चुके 35:10 हैं। जनरली द कन्वेंशन दैट आई फॉलो इज कि 35:14 कभी भी अगर कोई वर्ड या कोई सेंटेंस लिखना 35:16 होता है तो उस केस में आई टाइप डबल कोट्स। 35:18 पर कभी भी कोई सिंगल कैरेक्टर लिखना होता 35:20 है। जैसे लेट्स सपोज़ कोई ग्रेड हमें स्टोर 35:23 कराना है। इट इज़ ग्रेड ए और ग्रेड बी। तो 35:26 उस सिंगल कैरेक्टर को आई स्टोर इट इन 35:29 सिंगल कोट्स। तो आप भी सेम कन्वेंशन फॉलो 35:31 कर सकते हो। नहीं तो सारी चीजें आप डबल 35:32 कोट्स या सारी चीजें सिंगल कोट्स में भी 35:34 लिख सकते हो। तो दैट इज़ आल्सो कंप्लीटली 35:35 फाइन। तो इस तरीके से हम अपनी स्ट्रिंग्स 35:38 को क्रिएट कर सकते हैं। अब जितनी भी 35:39 स्ट्रिंग्स को हम क्रिएट करते हैं उनके 35:41 ऊपर काफी सारे मेथड्स हैं। मेथड्स को कह 35:43 सकते हैं हम ऑपरेशंस हैं जो हम परफॉर्म कर 35:45 सकते हैं। तो लेट्स टॉक अबाउट स्ट्रिंग 35:48 ऑपरेशंस। स्ट्रिंग ऑपरेशंस मतलब क्या-क्या 35:50 उनके अंदर हम चेंजेस या मॉडिफिकेशंस लेकर 35:53 आ सकते हैं। जैसे कोई भी स्ट्रिंग अगर 35:54 हमारे पास है तो उसको पूरा का पूरा हम अपर 35:56 केस के अंदर कन्वर्ट कर सकते हैं। जैसे इफ 35:59 आई प्रिंट नेम डॉट अपर एंड सेव इट। तो 36:05 हमारे पास पूरी की पूरी जो स्ट्रिंग है वो 36:07 अपपर केस के अंदर कन्वर्ट होकर आ जाएगी। 36:09 सिमिलरली हम चाहें तो पूरी की पूरी 36:11 स्ट्रिंग को लोअर केस के अंदर भी कन्वर्ट 36:13 कर सकते हैं यूजिंग लोअर। तो इस तरीके से 36:15 सारी स्ट्रिंग लोअर केस के अंदर कन्वर्ट 36:17 होकर आ जाएगी। प्लस देयर आर लॉट मोर 36:19 ऑपरेशंस। अच्छा वन थिंग दैट यू विल नोटिस 36:22 इज़ कि जब हम स्ट्रिंग को अपर केस के अंदर 36:23 कन्वर्ट करेंगे एंड उसके बाद दोबारा से 36:26 अपनी स्ट्रिंग को प्रिंट करवाएंगे। लेट्स 36:28 क्लियर दिस एंड रीन द कोड। तो हमारी पहले 36:31 तो स्ट्रिंग सारी अपर केस में आ गई। पर 36:32 उसके बाद स्ट्रिंग नॉर्मली वैसे ही प्रिंट 36:34 हो के आई जैसी वो पहले थी। तो जब भी हम 36:37 कोई ऑपरेशन अप्लाई करते हैं स्ट्रिंग्स के 36:39 ऊपर वो हमारी ओरिजिनल स्ट्रिंग को चेंज 36:42 नहीं करता। एंड दिस इज़ रियली रियली 36:44 इंपॉर्टेंट। पython के अंदर जो स्ट्रिंग्स 36:47 होती हैं दे आर इम्यूटेबल। इम्यूटेबल कहने 36:52 का मतलब है कि हमने एक बार किसी स्ट्रिंग 36:55 को क्रिएट कर लिया तो उसको हम चेंज नहीं 36:58 कर सकते। हम चाहें तो कोई चेंज उसके अंदर 37:01 लेकर आ सकते हैं। पर जैसे ही कोई चेंज 37:03 लेके आएंगे एक न्यू स्ट्रिंग क्रिएट हो 37:05 जाएगी। पर ओरिजिनल स्ट्रिंग के अंदर कोई 37:07 चेंज नहीं हो सकता। जैसे यहां पर एक बार 37:09 नेम के अंदर हमने टोनी स्टार इस तरीके से 37:11 स्टोर करा दिया। तो यहां पर जब हम अपर 37:13 करेंगे दिस अपर इज एक्चुअली रिटर्निंग और 37:16 इट्स गिविंग अस अ न्यू स्ट्रिंग। ये 37:18 ओरिजिनल स्ट्रिंग के अंदर कोई चेंज नहीं 37:20 कर रहा। जिसकी वजह से जब भी हम नेम को 37:21 प्रिंट करवा रहे हैं दोबारा से हमारे पास 37:23 ओरिजिनल नेम प्रिंट होकर आ जाएगा। तो दिस 37:25 इज़ वन इंपॉर्टेंट थिंग दैट वी हैव टू 37:27 रिमेंबर कि पाइथन स्ट्रिंग्स आर इम्यूटेबल 37:29 इन नेचर। उसके अलावा स्ट्रिंग ऑपरेशंस में 37:31 हमारे पास एक और ऑपरेशन होता है। अच्छा, 37:33 देयर इज़ अ शॉर्टकट कमांड दैट वी कैन यूज़ 37:35 फॉर कमेंटिंग व्हिच इज़ कमांड स्लैश। या 37:38 कंट्रोल स्लैश को हम यूज़ कर सकते हैं। तो, 37:40 जितना भी पार्ट हम सेलेक्ट करते हैं वीएस 37:41 कोड में वो सारा एक साथ कमेंट आउट हो जाता 37:43 है। स्ट्रिंग ऑपरेशंस में एक और चीज़ होती 37:45 है कि हम कुछ भी चीज़ फाइंड करना चाहते 37:47 हैं, तो उसके लिए हमारे पास फाइंड फंक्शन 37:49 होता है। जैसे स्ट्रिंग के अंदर इफ आई 37:51 वांट टू सर्च कि क्या एआर के आर्क 37:53 एग्ज़िस्ट करता है? तो उसके लिए आई कैन 37:55 प्रिंट नेम डॉट फाइंड। तो जो भी हमारा 37:59 टाइप होता है या वेरिएबल होता है नेम उसके 38:01 साथ डॉट लिखकर हम अपने ऑपरेशन को लिखते 38:04 हैं। तो डॉट फाइंड करेंगे। क्या फाइंड 38:06 करना चाहते हैं? हम आर्क स्ट्रिंग या 38:08 सबस्ट्रिंग को फाइंड करना चाहते हैं। तो 38:10 क्या वो एग्ज़िस्ट करती है? अगर एग्ज़िस्ट 38:13 करती है तो उसका इंडेक्स हमारे पास रिटर्न 38:14 होकर आ जाएगा। तो फाइंड फंक्शन क्या 38:16 रिटर्न करता है? फाइंड फंक्शन इंडेक्स 38:18 रिटर्न करता है। व्हाट इज़ इंडेक्स? 38:20 इंडेक्स इज़ आवर पोजीशन। स्ट्रिंग का हर एक 38:23 कैरेक्टर एक पोजीशन पे स्टर्ड होता है। 38:25 एंड हमारे जो पाइथन होता है वो ज़ीरो बेस्ड 38:28 इंडेक्सिंग फॉलो करता है। ज़ीरो बेस्ड 38:29 इंडेक्सिंग कहने का मतलब है पोजीशन वन इज़ 38:32 इंडेक्स ज़ीरो। पोजीशन टू इज़ इंडेक्स वन। 38:35 मतलब ये जो टी लिखा हुआ है यहां पे दिस इज़ 38:37 इंडेक्स ज़ीरो। दिस इज़ इंडेक्स वन। इंडेक्स 38:39 टू, इंडेक्स थ्री, इंडेक्स फोर पे स्पेस 38:42 है। इंडेक्स फाइव पे एस है। सिक्स सेवन। 38:44 तो सेवन पे हमारे पास आर्क का ए आ जाएगा। 38:47 दैट इज़ व्हाई यहां पर हमारे पास सेवन 38:49 प्रिंट होकर आया है। इसी तरीके से लेट्स 38:50 सपोज़ आई सर्च फॉर T तो आई कैन प्रिंट नेम 38:55 डॉट फाइंड। मुझे एक सिंगल कैरेक्टर T सर्च 38:57 करना है। तो मुझे पता है t स्टार्टिंग 38:59 इंडेक्स पे ही है। तो आंसर क्या प्रिंट 39:01 होना चाहिए? आंसर हमारे लिए प्रिंट होना 39:03 चाहिए ज़ीरो के इक्वल। लेट्स क्लियर दिस 39:05 एंड रीडर। तो इस बार इंडेक्स क्या आ 39:08 जाएगा? ज़ीरो आ जाएगा। अगर हम ऐसी वैल्यू 39:10 सर्च करते हैं जो एग्ज़िस्ट ही नहीं करती। 39:12 जैसे लेट्स सपोज़ आई वांट टू सर्च फॉर x तो 39:15 x यहां पे एग्ज़िस्ट ही नहीं करता। तो उस 39:17 केस में हमारे पास -1 आएगा। -1 मतलब 39:19 इनवैलिड वैल्यू क्योंकि -1 कोई भी पोजीशन 39:22 नहीं हो सकती हमारी स्ट्रिंग्स के अंदर। 39:24 तो इसीलिए ये दिखा रहा है कि ये जो वैल्यू 39:26 आप फाइंड आउट करने की कोशिश कर रहे हो दिस 39:28 डज़ नॉट एग्ज़िस्ट इन द स्ट्रिंग। तो ये तो 39:30 फाइंड ऑपरेशन हो गया। इसके साथ में एक और 39:32 इंपॉर्टेंट ऑपरेशन होता है हमारे पास 39:34 व्हिच इज़ कॉल्ड द रिप्लेस ऑपरेशन। रिप्लेस 39:37 से हम किसी भी वैल्यू को किसी दूसरी 39:39 वैल्यू से स्ट्रिंग के अंदर रिप्लेस कर 39:41 सकते हैं। जैसे आई वांट टू रिप्लेस दिस 39:43 एंटायर स्ट्रिंग विद समथिंग एल्स। लेट्स 39:46 सपोज़ हम प्रिंट करना चाहते हैं नेम डॉट 39:48 रिप्लेस। हमारी जो भी स्ट्रिंग है मतलब 39:50 स्ट्रिंग के अंदर जहां पे भी टोनी स्टार्क 39:52 लिखा हुआ है उसको हम रिप्लेस करना चाहते 39:54 हैं विद आयरन मैन। तो इसको एक बार सेव कर 39:57 लेते हैं। एंड लेट्स क्लियर। तो जू प्रिंट 40:00 करवाएंगे। अब हमारी स्ट्रिंग क्या बन गई? 40:02 अब हमारी स्ट्रिंग आयरन मैन बन गई। सो दिस 40:04 इज़ रिटर्निंग अ न्यू स्ट्रिंग टू अस जिसके 40:06 अंदर ये पुरानी वैल्यू कंप्लीटली रिप्लेस 40:08 हो गई है। हम चाहें तो एक पार्ट को भी 40:10 रिप्लेस कर सकते हैं। जैसे सिर्फ स्टार्क 40:13 को अगर हम रिप्लेस करना चाहें तो इस बार 40:15 टोनी एज़ इट इज़ है। सिर्फ स्टार्क की जगह 40:17 हमारे पास आयरन मैन आ गया। या फिर इफ आई 40:20 वांट टू रिप्लेस टी विएच। 40:25 लेट्स क्लियर एंड रीरन। तो इंस्टेड ऑफ़ 40:28 टोनी स्टार्क नाउ टी इज़ रिप्लेस्ड विथ पीए 40:31 वीए। सो वी हैव फोनी स्टार्क। तो इस तरीके 40:33 से हम रिप्लेस ऑपरेशन को परफॉर्म कर सकते 40:36 हैं अपनी स्ट्रिंग्स पर। प्लस वी कैन 40:37 आल्सो चेक फॉर प्रेजेंस। मतलब हम ये चेक 40:40 कर सकते हैं कि कोई भी कैरेक्टर हमारी 40:42 स्ट्रिंग के अंदर या कोई भी सबस्ट्रिंग 40:44 मतलब छोटा पार्ट हमारी स्ट्रिंग के अंदर 40:46 एग्ज़िस्ट करता है या नहीं करता। एंड उसके 40:48 लिए बहुत सिंपल सा ऑपरेशन होता है। आई कैन 40:50 जस्ट चेक लेट्स सपोज़ हम इस नेम के अंदर 40:52 चेक करना चाहते हैं कि कैपिटल S करता है। 40:55 तो उसके लिए हम लिख सकते हैं लेट्स कमेंट 40:58 दिस आउट। उसके लिए हम लिख सकते हैं कैपिटल 41:00 S इन 41:03 जो भी हमारी स्ट्रिंग का नाम है। तो इन इज 41:05 अ कीवर्ड इन पython जो हमारे लिए प्रेजेंस 41:06 को चेक करता है। मतलब इन क्या चेक कर रहा 41:08 है? इन चेक कर रहा है कि क्या कैरेक्टर 41:10 कैपिटल एस नेम नाम की स्ट्रिंग के अंदर 41:12 एग्ज़िस्ट करता है। लेट मी रिमूव ऑल ऑफ़ 41:15 दिस। 41:18 तो सिंस हमें ऑलरेडी पता है कैपिटल एस 41:20 एक्सिस्ट करता है। तो यहां पे हमारे पास 41:22 ट्रू प्रिंट होकर आएगा कि यस दिस कैरेक्टर 41:24 एग्ज़िस्ट। इट्स रन द कोड एंड हमारे पास 41:26 ट्रू प्रिंट होकर आ जाएगा। अगर यहीं पर हम 41:29 x के लिए चेक करेंगे इट डज़ंट एग्ज़िस्ट। 41:31 तो, हमारे पास यहां पर फॉल्स प्रिंट होकर 41:32 आ जाएगा। तो, यह क्या रिटर्न कर रहा है? 41:34 यह हमें एक बुलियन वैल्यू ऐज़ द आउटपुट 41:36 रिटर्न कर रहा है। अच्छा, इन एक कीवर्ड 41:39 होता है। कीवर्ड क्या होते हैं? हैं पाइथन 41:40 के अंदर या किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज 41:42 के अंदर कीवर्ड्स हमारे रिजर्व्ड वर्ड्स 41:44 होते हैं। रिजर्व्ड वर्ड्स कहने का मतलब 41:46 है जैसे इंग्लिश के अंदर एक डिक्शनरी होती 41:47 है। डिक्शनरी के अंदर सारे के सारे 41:49 इंग्लिश लैंग्वेज के वर्ड्स पहले से 41:51 डिफाइंड होते हैं कि ये सारे के सारे 41:52 वर्ड्स हैं। वैसे ही पाइथन के अंदर या 41:55 किसी भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की अपनी एक 41:56 डिक्शनरी होती है। जिस डिक्शनरी के अंदर 41:58 उसके कुछ रिजर्व्ड वर्ड्स होते हैं। 42:01 रिजर्व्ड वर्ड्स या कीवर्ड्स वो वर्ड्स 42:02 होते हैं जिनका मीनिंग पहले से ही पाइथन 42:04 के अंदर डिफाइंड होता है। इनको हम एज 42:06 वेरिएबल नेम यूज़ नहीं कर सकते। तो इन का 42:09 मतलब इन ही रहेगा पाइथन के अंदर। मतलब ये 42:11 ऑपरेटर ही रहेगा प्रेजेंस को चेक करने के 42:13 लिए। जैसे पाइthन के अंदर इफ आई राइट ट्रू 42:15 तो ट्रू का मतलब ट्रू ही रहेगा। ये बुलियन 42:18 वैल्यू ट्रू दिखाने के लिए ही यूज़ होगा 42:20 पाइथन के अंदर। हम ऐसे नहीं कर सकते कि 42:22 ट्रू को हमने क्या बना दिया? एक वेरिएबल 42:24 बना दिया। और इसके अंदर कोई भी वैल्यू ए 42:26 बी सी हमने स्टोर कर ली। ये अगर हम करेंगे 42:28 तो इट्स गोइंग टू गिव अस एन एरर। एरर क्या 42:30 कि कैन नॉट असाइन टू ट्रू। हम कोई भी 42:32 वैल्यू ट्रू को असाइन नहीं कर सकते। 42:34 क्योंकि ट्रू एक कीवर्ड है जिसका ऑलरेडी 42:36 एक फिक्स्ड मीनिंग है। जबकि अगर यहां पर 42:39 हम कुछ भी ए बी सी डी लिख देते तो उस केस 42:40 में कोई एरर नहीं आता। बिकॉज़ ए बी सी डी 42:43 इज़ नॉट अ रिजर्व्ड कीवर्ड। ए बी सी डी इज़ 42:45 नॉट अ कीवर्ड इन पाइथन। तो कीवर्ड्स 42:47 रिजर्व्ड वर्ड्स होते हैं। एंड हमारे पास 42:49 बहुत सारे कीवर्ड्स होते हैं जिनमें से 42:50 मेजॉरिटी हम आज के सेशन के अंदर कवर ही कर 42:52 देंगे। जैसे ट्रू एक रिजर्व कीवर्ड होता 42:55 है या फिर इन एक रिजर्व कीवर्ड होता है या 42:57 फिर फॉल्स एक रिजर्व्ड कीवर्ड होता है। 42:59 अभी आगे जाकर हम देखेंगे नेक्स्ट पार्ट्स 43:01 के अंदर कि वाइल भी एक रिजर्व कीवर्ड होता 43:02 है। फॉर भी रिजर्व कीवर्ड होता है। ब्रेक 43:05 होता है, कंटिन्यू होता है। तो इस तरीके 43:06 से वी हैव अ लॉट ऑफ रिज़र्व्ड कीवर्ड्स 43:08 जिनको आज के सेशन के अंदर हम एक्सप्लोर 43:10 करेंगे। सो दिस इज़ व्हेयर वी हैव 43:11 कंप्लीटेड आवर पार्ट टू। एंड अब हमें अपनी 43:13 प्रैक्टिस एक्सरसाइज टू को सॉल्व करना है। 43:15 वंस अगेन यहां पे लेक्चर को पॉज करना है। 43:17 खुद से पहले सॉल्व करने की कोशिश करनी है। 43:19 एंड फिर उसके बाद अपने आंसर्स को जो भी 43:21 प्रैक्टिस क्वेश्चंस के आंसर्स नीचे दिए 43:23 गए हैं उसके साथ हमें टैली करना है। एंड 43:24 नाउ लेट्स मूव ऑन टू पार्ट थ्री। नाउ इन 43:26 पार्ट थ्री, दीज़ आर द टॉपिक्स दैट वी आर 43:28 गोइंग टू कवर। सबसे पहले बात करते हैं 43:30 अपने एरिथमैटिक ऑपरेटर्स के बारे में। 43:32 हमने मैथ्स के अंदर बहुत सारे ऑपरेटर्स 43:34 कवर किए हैं। मतलब मैथ्स के अंदर हमने 43:35 डिफरेंट-डिफरेंट ऑपरेशंस देखे होंगे। जैसे 43:37 कभी भी अगर हमारे पास कोई नंबर है वी वांट 43:39 टू डू 2 + 2 तो जब भी इस तरीके का 43:42 एक्सप्रेशन हम मैथ के अंदर लिखते हैं या 43:44 इवन प्रोग्रामिंग के अंदर लिखते हैं तो 43:46 इसके अंदर प्लस को हम कहते हैं अपना 43:48 ऑपरेटर। प्लस इज़ व्हाट? इट इज़ आवर ऑपरेटर। 43:51 एंड जिन भी वैल्यूज़ को हम ऐड कर रहे होते 43:53 हैं, सम ले रहे होते हैं, उनको हम कहते 43:55 हैं अपने ऑपरेंट्स। तो हमारे पास बहुत 43:56 सारे टाइप्स ऑफ़ ऑपरेटर्स होते हैं 43:58 प्रोग्रामिंग के अंदर जिसको हम 43:59 डिफरेंट-डिफरेंट ऑपरेशंस को परफॉर्म करने 44:01 के लिए यूज़ करते हैं। इसमें से सबसे पहले 44:03 टाइप ऑफ़ ऑपरेटर जिसको हम पढ़ने वाले हैं आर 44:06 कॉल्ड एरिथममेटिक ऑपरेटर्स। एरिथमैटिक 44:09 ऑपरेटर्स को हम जनरली मैथमेटिकल 44:11 कैलकुलेशंस करने के लिए यूज़ करते हैं। 44:12 जैसे मैथ के अंदर हम प्लस करते हैं, माइनस 44:14 करते हैं, मल्टीप्लाई करते हैं, डिवाइड 44:15 करते हैं। वही सारे काम प्रोग्रामिंग के 44:17 अंदर हम एरिथममेटिक ऑपरेटर से परफॉर्म 44:19 करते हैं। जैसे एग्जांपल के लिए लेट्स 44:21 सपोज़ वी हैव टू नंबर्स। हम एग्जांपल ले 44:23 लेते हैं फाइव एंड थ्री का। सो इफ वी वांट 44:25 वी कैन ऐड द टू नंबर्स। तो इसको हम कहेंगे 44:28 यह हमारा प्लस या एडिशन ऑपरेटर है 44:30 एरिथमैटिक में। तो ये क्या करेगा? हमें ऐड 44:32 करके रिजल्ट दे देगा। उसी तरीके से हम 44:35 चाहें तो माइनस भी कर सकते हैं। तो माइनस 44:37 के लिए हमारे पास सेम माइनस ऑपरेटर है। हम 44:39 चाहें तो दो नंबर्स को मल्टीप्लाई भी कर 44:40 सकते हैं। मल्टीप्लाई करने के लिए हमारे 44:42 पास एस्टर रिस्क होता है व्हिच इज़ द 44:43 मल्टीप्लिकेशन ऑपरेटर। हम चाहें तो दो 44:45 नंबर्स को डिवाइड भी कर सकते हैं। तो 44:47 डिवाइड करने के लिए वी हैव द स्लैश। तो 5 44:50 / 3 हमारे पास वन आ जाएगा। तो लेट्स लुक 44:53 एट द रिजल्ट्स। 44:55 तो यहां पर 5 + 3 8 आ गया है। 5 - 3 2 आ 44:58 गया है। 5 * 3 15 आ गया है। एंड 5 / 3 45:01 हमारे पास प्रॉपर डेसिमल वैल्यू में हमारी 45:04 कशंट वैल्यू आई है। व्हिच इज़ 1.67। 45:06 अच्छा अगर हमें डेसिमल के अंदर कोशेंट 45:09 वैल्यू नहीं चाहिए। हमें सिर्फ इंटीजर 45:11 पार्ट चाहिए तो उसके लिए व्हाट कैन वी डू? 45:14 वहां पर वी यूज़ डबल स्लैश। तो अगर हम डबल 45:17 स्लैश को यूज़ करते हैं तो हमारे पूरे 45:19 कोशंट में से जो भी डेसिमल के बाद वाला 45:22 पार्ट है वो कंप्लीटली रिमूव हो जाता है 45:24 और सिर्फ इंटीजर कोशंट हमारे पास आता है। 45:26 तो ये तो हमारे सिंपल एरिथमैटिक ऑपरेटर्स 45:28 हैं जो हमने मैथ के अंदर भी देखे हैं। पर 45:30 Python के अंदर कुछ और ऑपरेशंस ऐसे होते 45:32 हैं जो जनरली जिनके लिए डायरेक्ट सिंबल्स 45:35 हम यूज़ नहीं करते मैथ के अंदर। जैसे सबसे 45:37 पहला ऑपरेशन इज़ मॉड्यूलो। इसको हम क्या 45:41 कहते हैं? इसको हम मॉड्यूलो कहते हैं। और 45:43 मॉड्यूल का काम होता है रिमेंडर वैल्यू को 45:46 कैलकुलेट करना। मतलब यहां पे तो डिवाइड 45:48 करने के बाद हमें क्वेश्चन मिल रहा था। पर 45:50 यहां पर डिवीज़ के बाद जो भी रिमाइंडर 45:52 वैल्यू रह जाती है वो हमें मिलेगी। जैसे 45:54 फाइव को थ्री से डिवाइड करेंगे तो 45:55 रिमाइंडर में वैल्यू टू बचेगी। तो लेट्स 45:58 लुक एट द रिजल्ट। लास्ट में हमारे पास टू 46:00 प्रिंट होकर आ जाएगा। तो ये हमारा मॉड्यूल 46:02 ऑपरेटर होता है। इसके साथ में हमारे पास 46:04 पावर ऑपरेटर भी होता है। जैसे इफ आई वांट 46:06 टू कैलकुलेट 5 रेज़ टू द पावर 3 मतलब अगर 46:10 हम ये वैल्यू कैलकुलेट करना चाहते हैं 5 46:13 रेज़ टू द पावर 3 व्हिच विल बी 125 तो उसको 46:16 कैलकुलेट करने के लिए वी यूज़ डबल एस्टर 46:18 रिस्क जो पावर को सिग्निफाई करता है। तो 46:21 लेट्स क्लियर दिस एंड रीडर। तो हमारे पास 46:23 125 प्रिंट होकर आ जाएगा। सो दीज़ आर द 46:26 मेजर एरिथमैटिक ऑपरेटर्स जिनका हमें पता 46:28 होना चाहिए जब भी हम पाइथन के अंदर 46:30 प्रोग्रामिंग कर रहे हैं। प्लस जैसे हमारे 46:31 पास एररिथमैटिक ऑपरेटर्स होते हैं वैसे ही 46:33 हमारे पास कुछ शॉर्टकट्स भी होते हैं। 46:36 कैलकुलेशंस के अंदर वी हैव सम शॉर्टकट्स 46:39 जिनको हम अपने असाइनमेंट ऑपरेटर्स भी कहते 46:42 हैं। जैसे अगर हमें कोई भी वैल्यू किसी 46:45 वेरिएबल को असाइन करनी है तो हम सिंपली 46:47 क्या कर सकते हैं? जैसे आई कैन राइट CGP = 46:49 9.6 तो ये वैल्यू हमने क्या कर दी? अपने 46:52 वेरिएबल को असाइन कर दी। अब कभी भी अगर 46:54 हमें इस वैल्यू पर कुछ ऑपरेशंस परफॉर्म 46:56 करने हैं। जैसे लेट्स सपोज आई राइट x = 1 47:00 एंड अब x के अंदर हम फाइव को ऐड करना 47:03 चाहते हैं। लेट्स सपोज दिस इज़ द ऑपरेशन 47:05 दैट आई वांट टू परफॉर्म। तो फाइनली हमारी 47:07 x की वैल्यू क्या हो जाएगी? सिक्स हो 47:08 जाएगी। क्योंकि वन के अंदर ये वन है। यहां 47:10 पे हम फाइव को ऐड करेंगे। सिक्स हो जाएगा। 47:12 वो जाकर दोबारा से हमारे x के अंदर असाइन 47:14 हो जाएगा। अब इसी चीज को लिखने का एक 47:17 शॉर्टर तरीका होता है कि हम इसको लिख दें 47:20 x + = 5। इसी सेम लाइन को हम इस तरीके से 47:24 भी लिख सकते हैं कि उसी x के अंदर फाइव को 47:26 ऐड कर दो और उसी x के अंदर वेरिएबल के 47:29 अंदर स्टोर कर दो। उसको लिखने का तरीका 47:30 होता है x + = 5 एंड इसके बाद जब हम x की 47:34 वैल्यू को चेक करेंगे। लेट्स कॉमेंट दिस 47:38 आउट। तो इट इज़ गोइंग टू बी इक्वल टू 47:41 सिक्स। तो ये सिक्स हमारे पास यहां पर 47:44 प्रिंट होकर आ जाएगा। 47:47 तो हम चाह तो वैल्यूस को x = x + 5 को 47:51 शॉर्ट में x + = 5 कह सकते हैं। तो इसको 47:53 हम अपना एक असाइनमेंट ऑपरेटर कहते हैं। 47:56 यही सेम काम सबट्रैक्शन के लिए भी हो सकता 47:58 है, मल्टीप्लिकेशन के लिए भी हो सकता है। 48:00 जैसे इफ आई डू लेट्स क्लियर दिस। इफ आई 48:03 वांट टू डू x = x - 1 तो हमें पता है 48:07 हमारे पास आंसर हो जाएगा ज़ीरो के इक्वल। 48:09 तो इसी को शॉर्ट में लिखने का तरीका है 48:11 दैट वी डू x - = 1 एंड उसके बाद अगर हम x 48:15 की वैल्यू को प्रिंट करें तो हमारे पास 48:17 ज़ीरो आ जाएगा। यहीं पर हम चाहें तो 48:19 मल्टीप्लाई भी कर सकते हैं। मल्टीप्लाई 48:21 इक्वल टू फाइव करें तो 1 * 5 या इसको टू 48:24 ले लेते हैं। तो ये क्या हो जाएगा? दिस 48:26 विल बी इक्वल टू 2 * / 5 जिसका आंसर आना 48:30 चाहिए 10 के इक्वल। तो हमारे पास यहां पर 48:32 वैल्यू आ जाएगी 10 के इक्वल। तो यहां पर 48:35 हम मल्टीप्लाई इक्वल टू भी यूज कर सकते 48:36 हैं। सिमिलरली हम चाहें तो x डिवाइड इक्वल 48:40 टू भी यूज कर सकते हैं। डिवाइड इक्वल टू 48:42 एनी नंबर लेट्स सपोज फाइव। हम x पावर 48:46 इक्वल टू भी यूज़ कर सकते हैं। मॉड्यूल 48:48 इक्वल टू भी यूज़ कर सकते हैं। तो हमारे 48:50 पास मल्टीपल डिफरेंट असाइनमेंट ऑपरेटर्स 48:52 हैं जो एज शॉर्टकट्स यूज़ किए जा सकते हैं 48:54 हमारी कैलकुलेशंस के अंदर। तो अभी आगे 48:56 वाले पार्ट में हम लूप्स को पढ़ेंगे। तो 48:58 लूप्स के अंदर एक ऑपरेशन होता है जो हमें 49:00 बार-बार करना पड़ता है। लूप्स एग्जैक्टली 49:01 क्या होते हैं? अभी हम बात करेंगे। पर 49:03 उनके अंदर अगर हमारे पास कोई भी वेरिएबल 49:05 है लेट्स सपोज आई हैव अ वेरिएबल i तो i के 49:07 अंदर बार-बार हमें क्या करना होता है? i 49:09 के अंदर जनरली हमें बार-बार +1 करना होता 49:11 है। तो इसी चीज को शॉर्ट में लिखने का 49:14 तरीका होता है i + = 1 सो दिस इज़ वन 49:17 एक्सप्रेशन जो इन जनरल पython के अंदर या 49:20 इनफैक्ट प्रोग्रामिंग के अंदर हमें 49:21 बार-बार देखने को मिलेगा। तो काफी 49:24 इंपॉर्टेंट है इस तरीके के असाइनमेंट 49:26 ऑपरेटर शॉर्टकट्स को ध्यान में रखना। 49:28 अच्छा जब भी हम ऑपरेटर्स की बात करते हैं, 49:29 देयर इज़ वन मोरेंट कांसेप्ट जो ऑपरेटर्स 49:32 के साथ आता है। व्हिच इज़ कॉल्ड ऑपरेटर 49:36 प्रिसीडेंस। ऑपरेटर प्रिसीडेंस इज़ लाइक बड 49:39 मास इन मैथ। मैथ के अंदर हमने बड मास को 49:41 पढ़ा था। मतलब अगर हमारे पास कोई 49:43 एक्सप्रेशन गिवन होता है। लेट्स सपोज आई 49:45 हैव एन एक्सप्रेशन 2 + 5 * 3 तो इस तरीके 49:50 का हमारे पास एक्सप्रेशन है। अब इस 49:51 एक्सप्रेशन के अंदर चॉइस होती है कि या तो 49:53 हम मल्टीप्लाई पहले कर सकते हैं। अगर हमने 49:55 पहले मल्टीप्लाई किया तो उस केस में आंसर 49:57 क्या हो जाएगा? उस केस में आंसर 17 हो 49:59 जाएगा 15 + 2 लेकिन अगर हमने ऐड पहले किया 50:03 तो उस केस में हमारे पास आंसर हो जाएगा 7 50:05 * 3 21 के इक्वल। तो डिपेंडिंग अपॉन कौन 50:08 सा ऑपरेशन हम पहले परफॉर्म करते हैं। 50:10 हमारा रिजल्ट चेंज हो जाता है। तो मैथ के 50:12 अंदर तो उस चीज को बड मास सॉल्व करता है। 50:14 पर वही चीज प्रोग्रामिंग के अंदर हमारे 50:17 लिए ऑपरेटर प्रिसिडेंस सॉल्व करते हैं। 50:19 ऑपरेटर प्रिसिडेंस आर बेसिकली रूल्स। ये 50:21 रूल्स हमें बताते हैं कि कौन से ऑपरेटर की 50:24 हायर प्रिसिडेंस है। मतलब हायर प्रायोरिटी 50:27 है। कौन सा ऑपरेशन पहले परफॉर्म होगा, कौन 50:29 सा बाद में परफॉर्म होगा। जैसे इन जनरल जो 50:31 भी मल्टीप्लाई होता है या डिवाइड होता है 50:34 इनकी ग्रेटर प्रायोरिटी होती है एज कंपेयर 50:37 टू प्लस एंड माइनस। तो अगर कहीं भी 50:39 मल्टीप्लाई या डिवाइड है तो वो पहले 50:41 परफॉर्म होगा। प्लस माइनस बाद में परफॉर्म 50:43 होगा। इनफैक्ट मल्टीप्लाई डिवाइड अगर साथ 50:46 में है तो उस केस में हम लेफ्ट से राइट की 50:48 तरफ जाते हुए अपने ऑपरेशंस को परफॉर्म 50:50 करते हैं। जैसे यहां पर इफ आई राइट द सेम 50:54 थिंग व्हिच इज़ 2 + 5 * 3 तो मल्टीप्लाई की 50:59 हायर प्रिसिडेंस है तो सबसे पहले ये 51:01 वैल्यू कैलकुलेट होगी व्हिच इज़ 15 उसके 51:03 अंदर टू ऐड होगा और हमारा जो आंसर वैल्यू 51:05 निकल कर आएगी दैट इज़ गोइंग टू बी इक्वल टू 51:08 17 तो इसको रन करेंगे तो हमारे पास आंसर 51:10 आएगा 17 के इक्वल। अच्छा इस तरीके से जब 51:13 भी एक्सप्रेशनंस लिखे होते हैं तो जनरली 51:15 उसके अंदर कंफ्यूजन होता है। तो ऑपरेटर 51:17 प्रिसिडेंस के अंदर सबसे ज्यादा जो हायर 51:19 प्रिसिडेंस होती है वो हमारे पैरेंथेसिस 51:21 की होती है। वेरी सिमिलर टू मैथ कि अगर हम 51:24 चाहते हैं कि बाय डिफ़ॉल्ट तो 5 * 3 51:26 कैलकुलेट हो रहा है। पर हम चाहते हैं कि 2 51:28 * 5 पहले कैलकुलेट हो। तो उसके लिए हम 51:31 अपने ब्रैकेट्स को यूज़ कर सकते हैं। जैसे 51:33 इफ आई यूज़ ये पैरेंथेसिस हियर। तो 51:35 पैरेंथेसिस क्या कर देंगे? सारी चीजों को 51:37 ओवराइड कर देंगे। तो यहां पर पैरेंथेसिस 51:39 यूज़ हो गए। तो अब हमारे पास आंसर आ जाएगा 51:41 21 के इक्वल। तो कभी भी अगर हम कुछ 51:43 स्पेसिफिक कैलकुलेशंस को परफॉर्म करना 51:45 चाहते हैं तो वहां पर अगर हम चाहते हैं कि 51:47 आंसर वैसे ही कैलकुलेट हो जैसे हम सोच रहे 51:49 हैं। तो इट्स ऑलवेज अ गुड प्रैक्टिस टू 51:51 यूज़ पैरेंथेसिस इंस्टेड ऑफ़ लीविंग 51:53 ए्बिगुटी। तो हम हमेशा पैरेंथेसिस को यूज़ 51:55 कर सकते हैं जब भी हमारे पास कोई 51:56 कॉम्प्लेक्स कैलकुलेशंस आते हैं। नाउ द 51:58 नेक्स्ट टाइप ऑफ़ ऑपरेटर्स दैट वी हैव आर 52:00 कॉल्ड कंपैरिजन ऑपरेटर्स। कंपैरिजन 52:02 ऑपरेटर्स दो वैल्यू को कंपेयर करने का काम 52:05 करते हैं। तो ये हो गए हमारे कंपैरिजन 52:07 ऑपरेटर्स। कंपेयर करके ये हमें ट्रू या 52:10 फॉल्स रिटर्न करते हैं। जैसे एग्जांपल के 52:12 लिए अगर हमें चेक करना है इफ 3 इज ग्रेटर 52:16 दैन टू ऑ नॉट तो जब भी हमारे पास इस तरीके 52:18 का एक्सप्रेशन होगा यहां पे ये ग्रेटर दैन 52:20 इज़ कॉल्ड अ कंपैरिजन ऑपरेटर। तो यहां पर 52:23 हम प्रिंट करवा सकते हैं थ्री इज़ ग्रेटर 52:26 दैन टू। तो जब भी कंपैरिजन ऑपरेटर्स का 52:28 हमें आउटपुट चेक करना हो तो हमें सिंपली 52:30 इस तरीके से पढ़ना है कि क्या थ्री > 2 है? 52:32 इज़ 3 > 2 इफ द आंसर इज़ ट्रू। अगर इस 52:35 स्टेटमेंट को देखकर आंसर ट्रू आ रहा है तो 52:37 उस केस में हमारे पास ट्रू आ जाएगा। नहीं 52:39 तो हमारे पास फॉल्स आ जाएगा। जैसे इफ आई 52:41 प्रिंट द आंसर इज़ गोइंग टू बी ट्रू। बट 52:43 यहीं पर इफ आई डू वन इज़ ग्रेटर दैन टू तो 52:46 उस केस में द आंसर इज़ गोइंग टू बी फॉल्स। 52:48 बिकॉज़ दिस स्टेटमेंट इज़ अनट्रू। अब जैसे 52:51 हमारे पास ग्रेटर दैन होता है वैसे ही 52:52 हमारे पास लेस दैन भी होता है। जैसे इफ आई 52:54 वांट टू चेक टू इज़ लेस दैन फाइव। तो उस 52:57 केस में वी विल गेट ट्रू। बट इफ आई चेक टू 53:00 इज़ लेस दैन वन, तो उस केस में वी आर गोइंग 53:03 टू गेट फॉल्स। तो हमारे पास ग्रेटर दैन 53:05 होता है। कंपैरिजन ऑपरेटर्स में लेस दैन 53:08 होता है। हमारे पास ग्रेटर दैन इक्वल टू 53:10 भी होता है एंड लेस दैन इक्वल टू भी होता 53:12 है। जैसे इफ आई वांट टू चेक इज़ टू लेस दैन 53:14 इक्वल टू टू तो यस द आंसर इज़ गोइंग टू बी 53:17 ट्रू कि ठीक है लेस दैन तो नहीं है पर 53:19 इक्वल टू है तो उस केस में ट्रू हो जाएगा। 53:21 बट यहां पर अगर फाइव हो जाए तो उस केस में 53:23 भी वी विल गेट अ ट्रू वैल्यू। तो ये भी 53:25 हमारे पास ट्रू वैल्यू हो जाएगी। वैसे ही 53:27 हमारे पास ग्रेटर दैन इक्वल टू हो जाए तो 53:30 टू इज़ ग्रेटर दैन इक्वल टू फाइव डेफिनेटली 53:32 नो। तो उस केस में हमारे पास फॉल्स आ 53:34 जाएगा। इसके साथ में वी आल्सो हैव टू 53:37 मोरेंट ऑपरेशंस। फर्स्ट इज़ इक्वल टू इक्वल 53:40 टू। इक्वल टू इक्वल टू चेक करता है कि 53:42 दोनों वैल्यूज़ लेफ्ट एंड राइट इक्वल टू है 53:44 क्या? जैसे इज़ टू इक्वल टू इक्वल टू फाइव। 53:48 नो दिस इज़ फॉल्स। लेकिन अगर हम चेक करें 53:51 टू क्या इक्वल टू इक्वल टू टू है? तो उस 53:53 केस में वी आर गोइंग टू गेट ट्रू वैल्यू। 53:55 जैसे इक्वल टू होता है वैसे ही हमारे पास 53:57 नॉट इक्वल टू होता है। अच्छा वनेंट 54:00 डिस्टिंशन मैथ के अंदर जब भी हमें लिखना 54:02 होता है क्या a इक्वल टू b है तो हम सिंगल 54:05 इक्वल टू लिखते हैं। लेकिन प्रोग्रामिंग 54:07 के अंदर सिंगल इक्वल टू इज़ कॉल्ड एन 54:09 असाइनमेंट ऑपरेटर। जिसका काम होता है b की 54:12 वैल्यू को a के अंदर ट्रांसफर करना। तो जब 54:15 भी हमें इक्वल टू दिखाना होता है, हम 54:16 हमेशा डबल इक्वल टू यूज़ करते हैं। और जब 54:18 भी नॉट इक्वल टू दिखाना होता है, तो दिस 54:20 इज द सिंबल दैट वी यूज़ कि इज़ 54:23 टू नॉट इक्वल टू फाइव। मतलब क्या टू फाइव 54:26 के इक्वल नहीं है? तो यस दिस स्टेटमेंट इज़ 54:29 ट्रू। कि टू फाइव के इक्वल नहीं है। तो उस 54:31 केस में हमारे पास ट्रू आ जाएगा। बट इफ आई 54:34 राइट इफ टू इज़ नॉट इक्वल टू टू। तो उस केस 54:36 में वी आर गोइंग टू गेट फॉल्स। बिकॉज़ दिस 54:38 स्टेटमेंट इज़ फॉल्स। इसको हम एक स्टेटमेंट 54:41 कह रहे हैं कि ये एक्सप्रेशन क्या कहने की 54:43 कोशिश कर रहा है? ये कहने की कोशिश कर रहा 54:45 है कि टू टू के इक्वल नहीं है। व्हिच इज़ 54:47 एब्सोलुटली फॉल्स। तो इसीलिए हमारे पास 54:49 बुलियन में फॉल्स वैल्यू प्रिंट होकर आ 54:51 रही है। तो जब भी हमें प्रोग्रामिंग के 54:53 अंदर जनरली नॉट दिखाना होता है। किसी चीज़ 54:55 का ऑपोजिट दिखाना होता है तो उसके लिए हम 54:57 एक्सक्लमेशन सिंबल को यूज़ करते हैं। व्हिच 55:00 सिग्निफाइज़ और व्हिच डिनोट्स द नॉट सिंबल 55:03 और द नॉट मीनिंग। तो ये सारे के सारे 55:05 हमारे कंपैरिजन ऑपरेटर्स हैं। इसके बाद 55:07 हमारे पास एक और तरीके के ऑपरेटर्स होते 55:09 हैं व्हिच आर कॉल्ड लॉजिकल ऑपरेटर्स। 55:11 लॉजिकल ऑपरेटर्स तीन होते हैं पाइthon के 55:14 अंदर और ये हमारे एक्सप्रेशनंस 55:18 के लॉजिक को डिनोट करते हैं। कौन से तीन 55:21 लॉजिकल ऑपरेटर्स होते हैं? वी हैव थ्री 55:22 लॉजिकल ऑपरेटर्स 55:25 और एंड एंड नॉट। सबसे पहले और की बात करते 55:30 हैं। ये ऑपरेटर्स जो हैं वो एक्सप्रेशनंस 55:33 के ऊपर काम करते हैं कि ये एक्सप्रेशन वन 55:35 या स्टेटमेंट वन हो गई। ये एक्सप्रेशन टू 55:38 या स्टेटमेंट टू हो गई और दोनों के बीच 55:40 में हमने क्या किया? और लगा दिया। और हमें 55:43 ट्रू तब देता है जब स्टेटमेंट वन या 55:46 स्टेटमेंट टू में से कोई भी एक ट्रू हो 55:48 जाए। जैसे स्टेटमेंट वन ये हो सकती है, 55:50 स्टेटमेंट टू ये हो सकती है। अब इन जनरल 55:52 इंग्लिश के अंदर तो स्टेटमेंट्स कुछ भी हो 55:54 सकती हैं। जैसे लेट्स सपोज स्टेटमेंट वन 55:56 इज़ कि सन ऑलवेज राइज़ज़ फ्रॉम द ईस्ट। 55:59 स्टेटमेंट टू इज़ सन ऑलवेज राइज़ज़ फ्रॉम द 56:02 वेस्ट। अब हमें पता है ये स्टेटमेंट फॉल्स 56:04 है। पर ये स्टेटमेंट ट्रू है। तो दोनों 56:06 में से कोई भी एक ट्रू होगी। तो और क्या 56:08 करेगा? फाइनल रिजल्ट हमें ट्रू रिटर्न 56:10 करके दे देगा। जैसे हाउ डू वी चेक दिस? 56:14 लॉजिकल ऑपरेटर्स की बात करते हैं। जैसे 56:16 लेट्स सपोज हमारे पास हमारी स्टेटमेंट वन 56:20 है। लेट्स कॉल द स्टेटमेंट वन। स्टेटमेंट 56:22 वन है थ्री इज़ ग्रेटर दैन फाइव व्हिच इज़ 56:25 डेफिनेटली फॉल्स। एंड स्टेटमेंट टू है 56:28 थ्री इज़ ग्रेटर दैन ट्रू। व्हिच इज़ ट्रू। 56:31 तो हम लिख सकते हैं स्टेटमेंट वन और 56:35 स्टेटमेंट टू। तो स्टेटमेंट वन बेसिकली एक 56:38 इस तरीके का एक्सप्रेशन होना चाहिए जिसकी 56:40 अपने आप में एक बूलियन वैल्यू है और ये भी 56:43 ऐसा एक्सप्रेशन होना चाहिए जो कुछ ना कुछ 56:45 बुलियन वैल्यू दे रहा हो। तो दोनों 56:46 बुलियंस का फाइनल क्या बुलियन रिजल्ट 56:49 आएगा? ट्रू आएगा या फॉल्स आएगा वो और में 56:51 क्या लॉजिक है उसके ऊपर डिफाइन करता है। 56:53 तो और का लॉजिक यही कहता है कि दोनों में 56:55 से कोई भी एक ट्रू होगा तो ये ट्रू दे 56:56 देगा। नहीं तो ये हमें फॉल्स दे देगा। अगर 56:59 दोनों फॉल्स हैं। तो दोनों में से एक ट्रू 57:01 है तो उस केस में इसने ट्रू दे दिया। अगर 57:03 दोनों को ही हम फॉल्स कर दें। जैसे 3 > 12 57:06 कर दें तो उस केस में वी आर गोइंग टू गेट 57:08 अ फॉल्स वैल्यू। अच्छा ये जो स्टेटमेंट्स 57:10 हैं इनको डायरेक्टली हम यहां पर भी लिख 57:12 सकते हैं। आई कैन इनफैक्ट कॉपी दिस हियर 57:16 एंड जस्ट राइट इट लाइक दिस। तो उस केस में 57:18 भी वी आर गोइंग टू गेट अ क्लियर बुलियन 57:20 रिजल्ट। तो और के लॉजिक को अगर और डिटेल 57:22 में समझें तो और का लॉजिक क्या कहता है? 57:24 और बेसिकली सेज़ कि इफ लेट्स सपोज़ दिस इज़ 57:27 माय स्टेटमेंट वन एंड दिस इज़ माय 57:30 स्टेटमेंट टू। और यहां पर अगर हम अपने 57:34 रिजल्ट की बात करें तो स्टेटमेंट वन अगर 57:37 फॉल्स है, स्टेटमेंट टू भी फॉल्स है। या 57:39 तो ये फॉल्स हो सकती है, ट्रू हो सकता है 57:41 या ये ट्रू हो सकता है, ये फॉल्स हो सकता 57:43 है या दोनों ट्रू हो सकते हैं। जब दोनों 57:45 फॉल्स हैं, तब तो हमारा रिजल्ट फॉल्स ही 57:48 होगा। बाकी सारे केसेस में द रिजल्ट इज़ 57:50 गोइंग टू बी ट्रू। क्योंकि दोनों में से 57:51 कोई भी एक वैल्यू ट्रू है। तो, यह पूरा का 57:53 पूरा और का लॉजिक होता है। नेक्स्ट ऑपरेटर 57:56 इज़ द एंड ऑपरेटर। एंड क्या कहता है? एंड 57:58 कहता है कि दोनों एक्सप्रेशन जब ट्रू 58:02 होंगे तभी हम ट्रू वैल्यू रिटर्न करेंगे। 58:04 नहीं तो बाकी सारे केसेस में फॉल्स वैल्यू 58:06 रिटर्न करेंगे। मतलब यहां पर ये 58:08 एक्सप्रेशन क्या होगा? ट्रू होगा 3 लेस < 58:11 5 और ये एक्सप्रेशन भी ट्रू होगा। 3 लेस < 58:14 12 तो उस केस में तो वी आर गोइंग टू गेट अ 58:16 ट्रू। नहीं तो बाकी सारे केसेस में लेट्स 58:19 मेक दिस एंड बाकी सारे केसेस में चाहे एक 58:23 भी ट्रू हो वहां पर हम फॉल्स रिटर्न 58:26 करेंगे। जबकि अगर दोनों ट्रू हो तो उस केस 58:29 में हमारे पास ट्रू वैल्यू रिटर्न होकर आ 58:31 जाएगी। तो एंड कौन सा लॉजिक फॉलो करता है? 58:34 एंड लॉजिक फॉलो करता है कि दोनों फॉल्स 58:36 हैं। लेट्स मेक अ कॉपी ऑफ़ दिस। एंड लॉजिक 58:38 फॉलो करता है कि दोनों अगर फॉल्स हैं, उस 58:41 केस में तो फॉल्स आएगा। लेकिन जहां पर भी 58:44 एक भी वैल्यू फॉल्स है, वहां पर भी हम 58:46 फॉल्स वैल्यूज़ देंगे। जहां पर दोनों ट्रू 58:48 है, सिर्फ वहीं पर वैल्यू ट्रू होनी 58:50 चाहिए। एंड मतलब स्टेटमेंट वन भी ट्रू 58:52 होनी चाहिए और स्टेटमेंट ट्रू भी ट्रू 58:53 होनी चाहिए। उसके बाद आता है हमारा थर्ड 58:55 लॉजिकल ऑपरेटर व्हिच इज़ नॉट। नॉट क्या 58:57 करता है? नॉट बेसिकली डज़ दी ऑोजिट ऑफ़ 59:00 व्हाट द स्टेटमेंट इज़ सेइंग। जैसे अगर 59:02 हमारी कोई भी वैल्यू ट्रू है, जैसे यहां 59:05 पर इवन इफ आई डायरेक्टली राइट ट्रू। लेट्स 59:08 क्लियर दिस एंड रीरन। तो हमारे पास ट्रू 59:10 प्रिंट हो जाएगा। बट इफ आई राइट नॉट ऑफ़ 59:13 ट्रू, तो हमारे पास फॉल्स आ जाएगा। एंड इफ 59:15 आई राइट नॉट ऑफ़ फॉल्स, तो हमारे पास ट्रू 59:19 आ जाएगा। इस फॉल्स की जगह कोई भी 59:21 एक्सप्रेशन हम लिख सकते हैं। जैसे इफ आई 59:22 राइट थ्री इज़ > 2। अब मुझे पता है थ्री > 59:26 2 इज़ अ ट्रू स्टेटमेंट पर उसके आगे नॉट 59:28 लगा दिया तो हमारे पास फॉल्स प्रिंट होकर 59:31 आएगा। तो इस तरीके से वी विल गेट अ फॉल्स 59:33 वैल्यू। सो दीज़ थ्री आर द इंपॉर्टेंट 59:35 लॉजिकल ऑपरेटर्स दैट वी हैव इन पाइथन। एंड 59:37 नाउ लेट्स टॉक अबाउट वन ऑफ़ द मोस्ट 59:39 इंपोर्टेंट थिंग्स इन पाइथन प्रोग्रामिंग 59:41 व्हिच आर कंडीशनल स्टेटमेंट्स। कंडीशनल 59:43 स्टेटमेंट्स इनको हम कह सकते हैं या इफ 59:45 एल्स इनको हम कह सकते हैं। कभी भी 59:47 प्रोग्राम के अंदर लॉजिक के अंदर हमारे 59:48 पास वैसे बहुत सारी सिचुएशंस आती हैं जहां 59:51 पे एक कंडीशन के ट्रू होने के बेसिस पर 59:53 हमें कुछ काम करना होता है। जैसे अगर हम 59:55 किसी भी वेबसाइट पर जाकर लॉग इन करें। अगर 59:58 हमारा यूजरनेम एंड पासवर्ड सही होगा तभी 1:00:01 हम उस वेबसाइट के अंदर लॉग इन कर पाएंगे। 1:00:03 अगर गलत होगा तो उस केस में वेबसाइट पे 1:00:04 लॉग इन नहीं कर पाएंगे। तो इस तरीके का जो 1:00:07 लॉजिक होता है उसको हम प्रोग्राम के अंदर 1:00:09 किस तरीके से लिखते हैं? तो उसके लिए हम 1:00:11 यूज़ करते हैं अपनी कंडीशनल कंडीशनल 1:00:14 स्टेटमेंट्स का। कंडीशनल स्टेटमेंट्स मतलब 1:00:17 जिसके अंदर हम कोई कंडीशन चेक कर रहे हैं। 1:00:19 कोई एक्सप्रेशन चेक कर रहे हैं। जैसे 1:00:21 एग्जांपल के लिए लेट्स सपोज़ हमारे पास 1:00:24 किसी भी व्यक्ति की वी हैव ऐज ऑफ़ अ पर्सन। 1:00:27 लेट्स सपोज़ द ऐज इज़ इक्वल टू 24। अब इस ऐज 1:00:31 के बेसिस पे हमें बताना है इफ द पर्सन इज़ 1:00:33 एडल्ट ऑ नॉट। तो कंडीशन क्या होगी? अगर ऐज 1:00:36 ग्रेटर दैन इक्वल टू 18 होती है तो वो 1:00:38 व्यक्ति एडल्ट होता है। वो वोट भी कर सकता 1:00:40 है। वो ड्राइविंग लाइसेंस भी ले सकता है। 1:00:42 तो ये कुछ कंडीशंस हैं। अब इसी चीज को अगर 1:00:45 हम कोड में लिखना चाहते हैं तो कैसे 1:00:46 डिफाइन करेंगे? हम लिखते हैं इफ। इफ का 1:00:49 मतलब है कि हम एक कंडीशन को चेक कर रहे 1:00:51 हैं। तो इफ इज़ अ कीवर्ड इन पाइथन। एंड 1:00:52 इसके बाद जो भी चीज जो भी कंडीशन हमें चेक 1:00:54 करनी होती है उसको हम एक एक्सप्रेशन की 1:00:56 फॉर्म में लिखते हैं। जैसे हमें चेक करना 1:00:58 है क्या जो ऐज है क्या वो ग्रेटर दैन 1:01:00 इक्वल टू 18 है? अगर एज ग्रेटर दैन इक्वल 1:01:03 टू 18 है तो क्या काम परफॉर्म करना है? 1:01:06 उसे हम लिखते हैं आफ्टर कोलन। तो कोलन 1:01:08 करके हम नेक्स्ट लाइन में आएंगे और यहां 1:01:11 पर अगर कोई भी काम हमें करना है जैसे 1:01:13 लेट्स सपोज आई वांट टू प्रिंट यू आर एन 1:01:15 एडल्ट। कि अगर किसी भी व्यक्ति की ऐज 1:01:18 ग्रेटर दैन इक्वल टू 18 है तो प्रिंट कर 1:01:20 दो यू आर एन एडल्ट। सिर्फ इतना काम हमें 1:01:23 कराना है। तो वो काम हमारे लिए क्या होगा? 1:01:25 पॉसिबल हो जाएगा। यहां पर हमारे लिए 1:01:27 प्रिंट आ गया यू आर इन एडल्ट। पर यहीं पर 1:01:30 ऐज अगर 17 हो जाए तो उस केस में प्रिंट 1:01:32 नहीं होगा। उस केस में नथिंग इज़ गोइंग टू 1:01:33 गेट प्रिंटेड। बिकॉज़ ये जो एक्सप्रेशन है 1:01:35 ये फॉल्स हो जाएगा। तो इफ के आगे जो भी हम 1:01:38 एक्सप्रेशन लिखते हैं जब उस एक्सप्रेशन की 1:01:41 वैल्यू ट्रू होगी तभी बाद वाली जो कमांड्स 1:01:43 हैं वो सारी कमांड्स एग्जीक्यूट होंगी। 1:01:45 अच्छा ये कोलन के बाद जितनी भी हम कमांड्स 1:01:48 लिखते हैं, हम जरूरी नहीं है हम सिंगल 1:01:49 प्रिंट स्टेटमेंट लिखेंगे। हम मल्टीपल 1:01:51 प्रिंट स्टेटमेंट्स भी लिख सकते हैं। यू 1:01:52 आर इन एडल्ट यू कैन ड्राइव स्लश वोट। तो 1:01:57 मल्टीपल कमांड्स लिख सकते हैं, कैलकुलेशंस 1:01:59 कर सकते हैं, एक्सप्रेशनंस कर सकते हैं। 1:02:01 पर सारी की सारी जो हम लाइंस लिखेंगे वो 1:02:04 एक टैब के स्पेस के बाद होंगी। मतलब वो 1:02:06 फोर स्पेसेस का हमें यहां पे गैप देना है। 1:02:08 एंड इस चीज को हम प्रोग्रामिंग के अंदर 1:02:10 कहते हैं इंडेंटेशन। इंडेंटेशन का मतलब 1:02:13 होता है प्रॉपर स्पेसिंग देना, प्रॉपर गैप 1:02:16 देना। तो जनरली इफ वी आर कमिंग फ्रॉम अदर 1:02:18 प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे अगर हमने 1:02:20 जावास्क्रिप्ट में कोड लिखा है पहले या 1:02:21 C++s में लिखा है या जावा में लिखा है तो 1:02:23 वहां पर ब्लॉक ऑफ कोड हमारे पास होता है। 1:02:26 मतलब हम क्या करते हैं? हम जनरली दूसरी 1:02:28 प्रोग्रामिंग लैंग्वेजज़ में इफ लिखते हैं। 1:02:29 फिर कोई स्टेटमेंट लिखते हैं। उसके बाद 1:02:31 कर्ली बसेस लगाते हैं। जिसके अंदर अगर इफ 1:02:34 वाली स्टेटमेंट ट्रू है तो ये सारे के 1:02:36 सारे काम पॉसिबल हो जाने चाहिए। लेकिन 1:02:37 Python के अंदर कर्ली बसेस का कांसेप्ट 1:02:39 नहीं होता। Python के अंदर सिर्फ कोलन का 1:02:42 कॉन्सप्ट होता है कि वी पुट अ कोलन एंड 1:02:44 उसके बाद इंडेंटेशन करके प्रॉपर स्पेसिंग 1:02:46 करके हम एक ब्लॉक ऑफ़ कोड को क्रिएट करते 1:02:48 हैं। मतलब ये सारा का सारा कोड तभी 1:02:50 एग्जीक्यूट होगा जब ये वाली स्टेटमेंट 1:02:52 ट्रू होगी। सो इफ आई राइट 24 लेट्स सेव इट 1:02:57 एंड रन। तो हमारे पास सारी लाइंस प्रिंट 1:03:00 होकर आ गई। अगर हमें इसके बाद कुछ इस 1:03:02 तरीके की चीज़ प्रिंट करवानी है जो 1:03:04 इरिस्पेक्टिव ऑफ़ द एक्सप्रेशन प्रिंट होनी 1:03:06 चाहिए। तो उसको हम यहां पर लिख सकते हैं। 1:03:08 लेट्स कॉल इट एंड ऑफ़ कोड। तो एंड ऑफ़ कोड 1:03:11 क्योंकि इस ब्लॉक के बाहर है। ये स्पेस के 1:03:13 बाद नहीं है। बिना स्पेस के है। तो उसका 1:03:15 मतलब है ये इफ ब्लॉक के बाहर है। तो 1:03:18 इरिस्पेक्टिव ऑफ़ दिस कंडीशन ये प्रिंट 1:03:22 स्टेटमेंट एग्जीक्यूट होगी ही होगी। जैसे 1:03:24 इफ आई क्लियर दिस एंड रीरन। तो ये वैल्यूज़ 1:03:27 प्रिंट हुई और लास्ट में एंड ऑफ़ कोड आ 1:03:29 गया। अगर यहां पर 17 होता तो उस केस में 1:03:32 भी हमारे पास एंड ऑफ़ कोड प्रिंट होता ही 1:03:34 होता। तो कभी भी अगर हमें कोई कंडीशन चेक 1:03:36 करनी है और कंडीशन के बेसिस पर कोई काम 1:03:38 करवाना है तो उस केस में हम इफ कंडीशन को 1:03:40 यूज़ करते हैं। अच्छा जरूरी नहीं है हर बार 1:03:42 हमारे पास सिंगल कंडीशन हो। हमारे पास 1:03:44 मल्टीपल कंडीशंस भी हो सकती हैं। जैसे 1:03:46 लेट्स सपोज़ इफ द एज इज़ ग्रेटर दैन इक्वल 1:03:49 टू 18 या एल्स इफ मतलब अगर फर्स्ट 1:03:53 स्टेटमेंट अगर फॉल्स है तो एक और कंडीशन 1:03:56 चेक करो। फर्स्ट कंडीशन को चेक करने के 1:03:58 लिए हम हमेशा इफ को यूज़ करते हैं। उसके 1:03:59 बाद जितनी भी कंडीशंस हम चेक करना चाहते 1:04:01 हैं उन सबके लिए हम एल इफ को यूज़ करते 1:04:02 हैं। व्हिच मींस एल्स इफ। तो यहां पर हम 1:04:05 चेक कर सकते हैं इफ एज इज लेस दैन 18 तो 1:04:08 उस केस में प्रिंट कर दो 1:04:10 यू कांट वोट और ड्राइव। लेट्स सेव दिस 1:04:15 क्लियर एंड रन। तो इस बार क्योंकि ऐज 17 1:04:19 है तो ये कंडीशन तो फॉल्स हो गई। जिसका 1:04:20 मतलब है ये काम परफॉर्म नहीं होगा। पर 17 1:04:23 इज़ लेस दैन 18 तो उसका मतलब है यू कांट 1:04:25 वोट और ड्राइव। ये स्टेटमेंट हमारे पास 1:04:27 प्रिंट होकर आ जाएगी। तो हम चाहें तो 1:04:30 कितने भी इफ स्टेटमेंट्स लिख सकते हैं। हम 1:04:32 चाहें कितने भी एल इफ स्टेटमेंट्स लिख 1:04:34 सकते हैं। लेट्स टेक वन मोर एग्जांपल। 1:04:36 लेट्स सपोज हम इस तरीके का कुछ लॉजिक 1:04:38 इंप्लीमेंट करना चाहते हैं। जहां पर वी 1:04:40 हैव मार्क्स ऑफ़ अ स्टूडेंट। एक स्टूडेंट 1:04:42 के मार्क्स हैं आउट ऑफ 100 मे बी। अगर 1:04:45 मार्क्स 80 से 100 के बीच में हैं तो उस 1:04:48 केस में तो हमें ग्रेड ए प्रिंट करवाना 1:04:50 है। अगर मार्क्स 60 से 80 के बीच में हैं 1:04:52 तो उस केस में हम ग्रेड बी प्रिंट करवाना 1:04:54 चाहते हैं। एंड अगर लेस दैन 60 है तो उस 1:04:57 केस में हम ग्रेड सी प्रिंट करवाना चाहते 1:04:59 हैं। सो दिस इज़ द लॉजिक दैट वी वांट टू 1:05:01 इंप्लीमेंट। तो इसको इफ एल इफ से कैसे 1:05:03 इंप्लीमेंट करेंगे? उसके लिए पहले तो हम 1:05:05 एक मार्क्स वेरिएबल ले सकते हैं। मार्क्स 1:05:07 के अंदर अभी कोई भी रैंडम वैल्यू ऐड कर 1:05:09 देंगे। लेट्स सपोज़ मार्क्स 88 हैं अभी। तो 1:05:12 हम कंडीशन चेक कर सकते हैं। अगर हमारे 1:05:14 मार्क्स की वैल्यू ग्रेटर देन या इक्वल टू 1:05:17 80 है मतलब 80 या 80 से बड़े हैं तो उस केस 1:05:21 में आई कैन प्रिंट द ग्रेड एज़ A नहीं तो 1:05:25 सेकंड कंडीशन चेक करेंगे। अगर मार्क्स 1:05:29 आर लेस दैन 80 80 से कम है लेकिन 1:05:35 80 से तो कम है लेकिन 60 से बड़े हैं मतलब 1:05:38 मार्क्स आर ग्रेटर दैन इक्वल टू 60 तो 1:05:41 दोनों कंडीशन सेटिस्फाई होनी चाहिए सिर्फ 1:05:42 लेस दैन 80 नहीं ग्रेटर दैन इक्वल टू 60 1:05:44 की भी तो उस केस में आर ग्रेड इज़ B एंड 1:05:50 तीसरा केस होगा एल्स इफ मार्क्स आर लेस 1:05:53 दैन 60 तो उस केस में हमारा हमारा ग्रेड 1:05:56 हो जाएगा C के इक्वल। तो मल्टीपल एल्स 1:05:59 इफ्स हमने यूज़ कर दिए। लेट्स एग्जीक्यूट 1:06:01 दिस। तो 88 के लिए ग्रेड हो जाएगा A के 1:06:04 इक्वल। अगर हमारे मार्क्स 75 हैं तो उस 1:06:07 केस में द ग्रेड इज़ गोइंग टू बी बी। अगर 1:06:09 मार्क्स 55 हैं तो उस केस में द ग्रेड इज़ 1:06:12 गोइंग टू बी सी। अच्छा ये जो लास्ट 1:06:14 स्टेटमेंट होती है यहां पर वी कैन आल्सो 1:06:16 राइट एल्स। कभी भी अगर हमें पता होता है 1:06:19 कि ऊपर हमने सारी की सारी कंडीशंस चेक कर 1:06:21 ली है। अब बस एक लास्ट केस बचा है। मतलब 1:06:23 या तो मार्क्स ग्रेटर दैन 80 हो या 80 या 1:06:26 60 के बीच में हो या फिर जो बाकी के जितने 1:06:28 भी बचे हुए केसेस हैं उसके लिए अगर हम कुछ 1:06:30 काम परफॉर्म करना चाहते हैं तो वहां पर हम 1:06:33 एल्स को भी लिख सकते हैं। जब भी हम एल्स 1:06:35 को लिखते हैं एल्स को लिखने का मतलब होता 1:06:37 है कि ऊपर की जितनी भी कंडीशंस हैं अगर वो 1:06:40 फॉल्स हो जाती हैं। तो बाद में जाके जो भी 1:06:42 काम परफॉर्म करना होता है उसको एल्स में 1:06:44 लिख दो। मतलब ऊपर का नहीं इफ नॉट दिस देन 1:06:47 दिस एल्स हमें क्या करना चाहिए? तो एल्स 1:06:49 में हमें कोई एक्सप्रेशन कोई कंडीशन नहीं 1:06:51 लिखनी होती। एल्स तभी एग्जीक्यूट होता है 1:06:52 जब ऊपर की सारी की सारी स्टेटमेंट्स फॉल्स 1:06:54 होती हैं। तो इस पूरे लॉजिक को इंप्लीमेंट 1:06:56 करने के लिए हम यहां पर एल्स को भी लिख 1:06:58 सकते हैं। सो इफ आवर मार्क्स आर 55 तो 1:07:00 एल्स भी हमें सेम आंसर रिटर्न करके देगा। 1:07:04 तो इस तरीके से हमारे कंडीशनल स्टेटमेंट्स 1:07:06 वर्क करते हैं पाइथन के अंदर। एंड यहां पर 1:07:08 वी हैव कंप्लीटेड आवर पार्ट थ्री। सो 1:07:09 लेट्स मूव ऑन टू प्रैक्टिस एक्सरसाइज 1:07:11 थ्री। इसको हम क्लास के अंदर लेक्चर के 1:07:13 अंदर ही सॉल्व करेंगे। तो इसके अंदर वी आर 1:07:15 गोइंग टू बिल्ड अ मिनी प्रोजेक्ट यूजिंग 1:07:17 Python व्हिच इज़ गोइंग टू बी अ कैलकुलेटर। 1:07:19 एंड इस कैलकुलेटर को हम बिल्ड करेंगे 1:07:21 यूजिंग ऑल द लॉजिक जिसको हमने अभी तक सीखा 1:07:23 है। तो अभी तक हमने कंडीशनल स्टेटमेंट्स 1:07:25 को सीखा है, ऑपरेटर्स को सीखा है, इनपुट 1:07:27 आउटपुट को सीखा है, वेरिएबल्स को सीखा है। 1:07:29 इन्हीं सारे कॉन्सेप्ट्स को यूज़ करके हमें 1:07:30 एक कैलकुलेटर बनाना है। क्या कैलकुलेटर 1:07:33 बनाना है? वी हैव टू बिल्ड अ कैलकुलेटर 1:07:34 दैट कैन परफॉर्म द फॉलोइंग ऑपरेशंस। वो 1:07:36 कैलकुलेटर प्लस कर पाए, माइनस कर पाए, 1:07:38 मल्टीप्लाई कर पाए, मॉड्यूल ले पाए और 1:07:40 पावर ले पाए। और ये जो कैलकुलेटर है इसमें 1:07:43 यूजर इनपुट में हमें ए देगा, बी देगा एंड 1:07:46 हमारा ऑपरेटर भी देगा कि कौन सा ऑपरेशन 1:07:49 परफॉर्म करना है। एंड इन वैल्यूज़ के बेसिस 1:07:52 पर फिर हमें अपने कैलकुलेशंस को परफॉर्म 1:07:54 करना है। सो यूजिंग ऑल ऑफ द नॉलेज दैट यू 1:07:57 हैव गेन टिल नाउ। यहां पे हमें लेक्चर को 1:07:59 पॉज करना है और इस कैलकुलेटर को खुद से 1:08:01 बिल्ड करने की कोशिश करनी है। एंड अगर कोई 1:08:03 भी हमें डाउट आ रहा है या कोई भी परेशानी 1:08:05 आ रही है तो फिर हम आकर अपने सॉल्यूशन को 1:08:07 देख सकते हैं। या फिर इफ वी हैव ऑलरेडी डन 1:08:09 इट देन वी कैन डायरेक्टली लुक एट द 1:08:10 सॉल्यूशन। तो सॉल्यूशन के लिए सबसे पहले 1:08:13 तो इन तीनों वैल्यूज़ को एक बार इनपुट ले 1:08:15 लेते हैं। सो लेट्स स्टार्ट बिल्डिंग आवर 1:08:17 कैलकुलेटर। 1:08:18 लेट्स क्लियर ऑल ऑफ़ दिस एंड वी आर गोइंग 1:08:21 टू बिल्ड अ कैलकुलेटर। तो कैलकुलेटर में 1:08:23 हमें a वैल्यू चाहिए। सबसे पहले तो a क्या 1:08:26 है? A इज़ बेसिकली एंटर द फर्स्ट नंबर। A 1:08:31 हमारा फर्स्ट नंबर है जिसको हम डायरेक्टली 1:08:33 चाह तो इंटीजर के अंदर भी कन्वर्ट कर सकते 1:08:35 हैं या इसको हम चाहें तो एक फ्लोट की तरह 1:08:37 भी ले सकते हैं। लेट्स टेक दिस एज़ अ 1:08:38 फ्लोटिंग वैल्यू। उसके बाद हम अपनी B 1:08:40 वैल्यू को ले लेंगे व्हिच इज़ द सेकंड 1:08:42 नंबर। एंड फिर हम अपने ऑपरेटर को ले 1:08:45 लेंगे। उसको OP के अंदर स्टोर कर लेते 1:08:47 हैं। व्हिच इज़ एंटर 1:08:50 ऑपरेटर। ऑपरेटर में हम अपनी चॉइस दे देते 1:08:52 हैं कि ऑपरेटर में या तो हम प्लस एंटर कर 1:08:55 सकते हैं, माइनस हो सकता है, मल्टीप्लाई 1:08:57 हो सकता है, डिवाइड हो सकता है, मॉड्यूल 1:08:58 हो सकता है या फिर इट कैन बी अ पावर 1:09:00 ऑपरेटर। एंड इसे हम फ्लोट के अंदर नहीं 1:09:03 रखेंगे या टाइप कास्ट नहीं करेंगे। इसको 1:09:05 हम रखेंगे ऐज़ अ स्ट्रिंग। सो, दीज़ आर द 1:09:08 थ्री वैल्यूज़ दैट वी वांट टू टेक ऐज़ 1:09:09 इनपुट। अब डिपेंडिंग अपॉन कौन सा ऑपरेटर 1:09:12 हमारे पास आया है? उसके बेसिस पे हमें 1:09:14 ऑपरेशन परफॉर्म करना है। तो, हम कैसे चेक 1:09:16 करेंगे? हम यहां पर यूज़ करेंगे अपनी 1:09:18 कंडीशनल स्टेटमेंट्स का। कंडीशनल 1:09:19 स्टेटमेंट्स में चेक कर सकते हैं कि अगर 1:09:22 हमारे ऑपरेटर की वैल्यू इज इक्वल टू प्लस 1:09:25 मतलब ऑपरेटर के अंदर जो स्ट्रिंग आई है 1:09:27 क्योंकि सारी वैल्यू स्ट्रिंग की तरह 1:09:28 स्टोर होंगी। इफ दैट वैल्यू इज़ इक्वल टू 1:09:30 प्लस तो उस केस में हमें प्लस करना है। 1:09:32 मतलब हमें प्रिंट करना है a + b वैल्यू 1:09:35 को। नहीं तो एल्स इफ वाला केस क्या होगा? 1:09:38 एल्स इफ अगर प्लस नहीं है तो उस केस में 1:09:40 चेक करो इफ इफ इट इज़ माइनस। माइनस के केस 1:09:43 में हम क्या प्रिंट करेंगे? a - b को। 1:09:46 सिमिलरली यही स्टेटमेंट हमें बार-बार 1:09:49 रिपीट करनी है फॉर ऑल द डिफरेंट ऑपरेटर्स 1:09:51 कि अगर मल्टीप्लाई आया है तो उस केस में 1:09:53 मल्टीप्लाई करना है। अगर डिवाइड आया है तो 1:09:56 उस केस में हमें डिवाइड करना है। या अगर 1:10:00 एस्टिस्क आया है तो उस केस में हमें पावर 1:10:03 रिटर्न करनी है। एंड लास्ट में हम चाहें 1:10:05 तो एक एल्स स्टेटमेंट भी लिख सकते हैं कि 1:10:06 अगर इनमें से कोई भी नहीं है ऑपरेटर की 1:10:08 वैल्यू तो उस केस में क्या है? उस केस में 1:10:11 इट्स एन इनवैलिड 1:10:13 ऑपरेशन जो परफॉर्म नहीं हो सकता। 1:10:16 सो दिस इज द एंटायर लॉजिक फॉर बिल्डिंग 1:10:19 आवर कैलकुलेटर। लेट्स ट्राई दिस आउट। रन 1:10:22 करते हैं। फर्स्ट नंबर हमारे पास लेट्स 1:10:24 सपोज है सिक्स। सेकंड नंबर है थ्री एंड आई 1:10:27 वांट टू डिवाइड। तो डिवाइड किया तो आंसर 1:10:29 हमारे पास आ गया 2.2। लेट्स रिपीट इट वंस 1:10:32 मोर। फर्स्ट नंबर हमारे पास 10 है। सेकंड 1:10:35 नंबर है हमारे पास टू। एंड अब इस बार हम 1:10:38 पावर करना चाहते हैं। तो 10 टू दी पावर 2 1:10:40 इज़ 100। तो हमारे पास 100 आ गया। एक एल्स 1:10:43 वाला केस भी चेक कर लेते हैं कि फर्स्ट है 1:10:45 हमारे पास 12, सेकंड है हमारे पास टू एंड 1:10:48 ऑपरेटर में हमने लेट्स सपोज डबल mस टाइप 1:10:51 कर दिया जो कि कोई वैलिड ऑपरेटर नहीं है। 1:10:53 तो इस केस में हमारे पास आ गया इनवैलिड 1:10:55 ऑपरेशन। तो इस तरीके से वी कैन बिल्ड अ 1:10:57 सिंपल कैलकुलेटर फॉर आवरसेल्स। इन केस 1:10:59 हमारे पास कैलकुलेटर नहीं है। तो वी कैन 1:11:01 राइट अ सिंपल पाइथन प्रोग्राम व्हिच विल 1:11:03 टेक अस अबाउट अ मिनट टू राइट एंड उसमें हम 1:11:06 सारे अपने कैलकुलेशंस को परफॉर्म कर सकते 1:11:07 हैं। बट आई होप कि इससे हमें एक काफी 1:11:09 अच्छा खासा आईडिया मिल गया होगा कि किस 1:11:11 तरीके से जो भी कॉन्सेप्ट्स अभी हम पाइथन 1:11:13 के अंदर सीख रहे हैं। उनको लॉजिकली एक 1:11:15 प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए यूज़ किया 1:11:17 जा सकता है। कंबाइन किया जा सकता है। एक 1:11:19 कैलकुलेटर को बिल्ड करना अपने आप में एक 1:11:20 प्रॉब्लम है। पर हमने क्या किया? लॉजिकली 1:11:22 जितने भी कांसेप्ट्स को अभी तक हमने सीखा 1:11:24 है उन सबको कंबाइन किया और अपनी प्रॉब्लम 1:11:27 को यूजिंग दोज़ डिफरेंट कॉन्सेप्ट्स हमने 1:11:29 सॉल्व किया। सो दिस इज़ व्हेयर वी आर 1:11:32 कंप्लीटिंग आवर पार्ट थ्री एंड नाउ लेट्स 1:11:34 मूव ऑन टू पार्ट फोर। तो पार्ट फोर के 1:11:35 अंदर दीज़ आर द कॉनंसेप्ट्स दैट वी आर 1:11:37 गोइंग टू कवर। सो लेट्स स्टार्ट बाय 1:11:39 टॉकिंग अबाउट रेंज। रेंज हमारे पास एक 1:11:41 स्पेशल फंक्शन होता है जिसको हम जनरली 1:11:44 लूप्स के अंदर यूज़ करते हैं। अब बिफोर वी 1:11:46 टॉक अबाउट लूप्स वी आर टॉकिंग अबाउट रेंज। 1:11:48 रेंज क्या करता है? रेंज हमें जीरो से 1:11:52 लेकर किसी एक स्पेसिफिक नंबर तक एक नंबर्स 1:11:54 का सीक्वेंस रिटर्न करता है। जैसे इफ आई 1:11:57 राइट रेंज फाइव तो रेंज फाइव क्या रिटर्न 1:12:00 करेगा? रेंज फाइव हमें एक सीक्वेंस ऑफ़ 1:12:02 नंबर्स रिटर्न करेगा जिसके अंदर 0 1 2 3 1:12:06 एंड फोर होंगे। मतलब ये जो लास्ट नंबर 1:12:08 होता है दिस इज़ नॉट इंक्लूडेड। इससे एक 1:12:11 पहले वाले नंबर तक ज़ीरो से लेकर फोर तक 1:12:13 हमारे पास सीक्वेंस रिटर्न होकर आ जाएगा। 1:12:15 सो फॉर एनी रेंज ऑफ रेंज ऑफ n हमारे पास 1:12:20 क्या सीक्वेंस रिटर्न होकर आएगा हमारे पास 1:12:22 ज़ीरो से लेकर n - वन तक नंबर्स का 1:12:25 सीक्वेंस रिटर्न होकर आ जाएगा। मतलब 1:12:27 नंबर्स रिटर्न होकर आ जाएंगे। लेट्स सपोज 1:12:28 हमने लिखा रेंज फाइव। तो रेंज फाइव ने जो 1:12:32 भी रिटर्न किया उसको अपने नंबर्स के अंदर 1:12:34 स्टोर करा लेते हैं। एंड फिर प्रिंट 1:12:36 करवाते हैं नंबर्स को। तो नंबर्स के अंदर 1:12:38 क्या प्रिंट होकर आएगा? नंबर्स के अंदर 1:12:40 रेंज आएगी नंबर्स की फ्रॉम ज़ीरो टू फाइव। 1:12:43 यहां पर फाइव इज नॉट इंक्लूडेड, फाइव इज़ 1:12:45 एक्सक्लूडेड। तो जीरो से लेकर फोर तक ही 1:12:48 नंबर्स हमारे पास प्रिंट होकर आएंगे। इन 1:12:49 सारे नंबर्स को हम प्रिंट कैसे करेंगे? 1:12:51 उसके लिए देयर इज़ समथिंग कॉल्ड अ फॉर लूप 1:12:53 जिसकी अभी हम बात करेंगे। पर अभी के लिए 1:12:55 वी जस्ट अंडरस्टैंडिंग द लॉजिक ऑफ रेंज। 1:12:57 तो रेंज के अंदर बाय डिफ़ॉल्ट वैल्यूज़ 1:13:00 हमेशा ज़ीरो से स्टार्ट होती हैं। पर कभी 1:13:02 भी अगर हम चाहते हैं कि किसी और नंबर से 1:13:03 स्टार्ट हो। मतलब हम चाहते हैं कि हमारे 1:13:05 पास लेट्स सपोज़ वन से लेकर फाइव तक सारे 1:13:08 नंबर्स आ जाए। तो उस केस में हम लिख सकते 1:13:10 हैं रेंज शुड स्टार्ट फ्रॉम वन एंड शुड 1:13:13 एंड एट सिक्स। तो सिक्स लास्ट वैल्यू 1:13:16 क्योंकि हमेशा नॉट इंक्लूडेड होता है। तो 1:13:18 इस केस में हमारे पास वन से लेकर फाइव तक 1:13:20 वैल्यूज़ आ जाएंगी। तो रेंज जो हमारा 1:13:22 फंक्शन होता है उसमें पाइथन में हमें तीन 1:13:25 वैल्यूज़ पास करनी होती हैं। फर्स्ट वैल्यू 1:13:27 होती है स्टार्ट वैल्यू। सेकंड वैल्यू 1:13:29 होती है हमेशा स्टॉप वैल्यू एंड थर्ड 1:13:31 वैल्यू होती है स्टेप वैल्यू। स्टार्ट 1:13:33 वैल्यू मतलब हम कहां से वैल्यूज़ को 1:13:34 स्टार्ट करना चाहते हैं? स्टॉप मतलब कहां 1:13:36 पर हम रुकना चाहते हैं? दिस इज़ नॉट 1:13:38 इंक्लूडेड। एंड स्टेप मतलब हम कितना प्लस 1:13:41 करना चाहते हैं हर बार। बाय डिफॉल्ट 1:13:43 स्टार्ट वैल्यू जो होती है वो ज़ीरो होती 1:13:45 है कि अगर हमने कोई और स्टार्ट नहीं दिया 1:13:47 तो ज़ीरो से स्टार्ट होगा। बाय डिफॉल्ट 1:13:49 स्टेप वैल्यू वन होती है कि अगर हमने कुछ 1:13:51 और नहीं डिफाइन किया तो वन है तो नेक्स्ट 1:13:53 टाइम टू होगा। फिर थ्री होगा। तो हर बार 1:13:54 प्लस वन होता रहेगा। तो हम चाहें तो 1:13:56 स्टार्ट को भी चेंज कर सकते हैं। हम चाहें 1:13:58 तो स्टेप को भी चेंज कर सकते हैं। स्टॉप 1:14:00 वैल्यू हमें हमेशा पास करनी होती है। तो 1:14:02 स्टार्ट एंड स्टेप वैल्यू बाय डिफॉल्ट 1:14:04 ऑलरेडी डिफाइंड होती है। इनको चाहे तो हम 1:14:06 स्किप कर सकते हैं। पर स्टॉप वैल्यू को 1:14:08 हमें हमेशा पास करना होता है। तो ये तो हो 1:14:10 गया लॉजिक रेंज का। अब रेंज को इन डिटेल 1:14:12 अभी हम फॉर लूप को पढ़ते टाइम पढ़ेंगे। पर 1:14:14 उससे पहले लेट्स टॉक अबाउट द फर्स्ट टाइप 1:14:16 ऑफ लूप्स व्हिच आर कॉल्ड वाइल लूप्स। वाइल 1:14:20 लूप्स क्या होते हैं? या इन जनरल लूप्स 1:14:22 क्या होते हैं? लूप्स हमारे लिए किसी भी 1:14:24 काम को रिपीट करने का काम करवाते हैं। 1:14:27 जैसे कोई भी काम है जिसको प्रोग्राम के 1:14:29 अंदर बार-बार बार-बार हमें रिपीट करना है। 1:14:30 तो इंस्टेड ऑफ राइटिंग स्टेटमेंट्स अगेन 1:14:33 एंड अगेन हम क्या कर सकते हैं? उसका लूप 1:14:35 बना सकते हैं। जैसे एग्जांपल के लिए लेट्स 1:14:38 सपोज़ आई वांट टू प्रिंट अपना कॉलेज फाइव 1:14:41 टाइम्स। तो उसको करने का सबसे सिंपलेस्ट 1:14:43 तरीका क्या होगा? या ब्रूट फ़ोर्स तरीका 1:14:45 क्या होगा? कि आई राइट अपना कॉलेज। एंड इस 1:14:48 तरीके से हम क्या करें? पांच प्रिंट 1:14:50 स्टेटमेंट्स लिख दें। अब यहीं पर फाइव 1:14:53 टाइम्स प्रिंट करवाने की जगह अगर मुझे 1:14:55 1000 टाइम्स या 1 लाख टाइम्स प्रिंट करना 1:14:57 होता तो क्या मैं कॉपी पेस्ट करती 1 लाख 1:15:00 टाइम्स? डेफिनेटली नो। तो उसी को करने का 1:15:02 एक सिंपल आसान तरीका होता है हमारे लूप्स। 1:15:05 यही काम अगर हमें लूप से करना होता तो 1:15:06 कैसे करते हैं? हम यूज़ कर सकते हैं एक 1:15:09 वाइल लूप का। वाइल लूप क्या कहता है? वाइल 1:15:11 का मतलब होता है जब तक। वाइल के बाद हम 1:15:14 लिखते हैं कोई ना कोई कंडीशन। यहां पे 1:15:15 हमारी कोई कंडीशन आती है। जब तक ये कंडीशन 1:15:18 ट्रू रहेगी तब तक वाइल लूप के अंदर ब्लॉक 1:15:21 ऑफ कोड में जो भी काम होगा उस काम को हम 1:15:23 परफॉर्म करवाएंगे। जैसे हमें क्या काम 1:15:25 परफॉर्म कराना है? हमें अपना कॉलेज प्रिंट 1:15:28 करने का काम परफॉर्म कराना है। एंड कब तक 1:15:30 परफॉर्म कराना है? हमें फाइव टाइम्स 1:15:32 परफॉर्म कराना है। तो पांच बार का काउंट 1:15:35 ट्रैक करने के लिए हम क्या कर सकते हैं? 1:15:36 एक वेरिएबल क्रिएट कर सकते हैं। तो वी कैन 1:15:38 क्रिएट अ काउंटर वेरिएबल जिसको हम शुरू कर 1:15:41 सकते हैं वन से। और जब तक हमारे काउंटर की 1:15:44 वैल्यू इज लेस दैन इक्वल टू 5 तब तक की हम 1:15:47 कंडीशन नहीं लगा सकते हैं। एंड हर बार 1:15:49 जैसे ही हम प्रिंट करवा लेंगे हम क्या 1:15:51 करेंगे? अपने काउंटर को कर देंगे इंक्रीस 1:15:54 बाय वन कि काउंटर अभी वन है। काउंटर लेस 1:15:57 दैन फाइव है। यस। तो एक बार अपना कॉलेज 1:15:59 प्रिंट करवा दिया। फिर काउंटर की वैल्यू 1:16:00 को टू कर दिया। फिर उसके बाद जैसे ही 1:16:02 ब्लॉक ऑफ कोड खत्म हो जाता है, हम दोबारा 1:16:04 से वाइल कंडीशन को चेक करते हैं। तो 1:16:06 काउंटर फिर टू होगा। टू के बाद दोबारा से 1:16:08 प्रिंट करवा देंगे। फिर काउंटर को थ्री कर 1:16:10 देंगे। मतलब काउंटर की जो वैल्यू है 1:16:12 फर्स्ट टाइम लेट्स स्टार्ट फ्रॉम हियर। 1:16:15 फर्स्ट टाइम हमारा जो काउंटर है उसकी 1:16:17 वैल्यू स्टार्ट होगी फ्रॉम वन। उसके बाद 1:16:19 चेक किया जाएगा क्या काउंटर लेस दैन इक्वल 1:16:21 टू 5 है? यस। हम फर्स्ट टाइम अपना कॉलेज 1:16:23 प्रिंट करवा देंगे। काउंटर को इंक्रीस 1:16:25 करके कर देंगे टू। तो काउंटर अब टू हो 1:16:27 गया। काउंटर की दोबारा से वैल्यू चेक 1:16:29 करेंगे। काउंटर टू लेस दैन इक्वल टू फाइव 1:16:31 है क्या? यस। दोबारा से अपना कॉलेज प्रिंट 1:16:32 करवा देंगे। काउंटर को इंक्रीज़ कर देंगे 1:16:34 बाय वन। उसके बाद दोबारा कंडीशन चेक 1:16:36 करेंगे। ट्रू है। दोबारा से अपना कॉलेज 1:16:38 प्रिंट करवा देंगे। काउंटर को इंक्रीस कर 1:16:40 देंगे बाय वन। दोबारा कंडीशन चेक करेंगे। 1:16:42 ट्रू है। अपना कॉलेज प्रिंट करवा देंगे। 1:16:43 काउंटर को इंक्रीस कर देंगे बाय वन। इस 1:16:46 बार कंडीशन चेक करेंगे। इस बार भी कंडीशन 1:16:48 ट्रू है। फिफ्थ टाइम अपना कॉलेज को प्रिंट 1:16:50 करवा देंगे। काउंटर को इंक्रीस कर देंगे 1:16:51 बाय वन। तो सिक्स हो गया। अब कंडीशन चेक 1:16:54 करेंगे। तो सिक्स इज़ नॉट लेस दैन इक्वल टू 1:16:56 फाइव। तो उस केस में हम इस लूप से बाहर आ 1:16:58 जाएंगे। और फाइनली क्या प्रिंट हो जाएगा? 1:17:01 फाइनली हमारे पास प्रिंट हो जाएगा एंड ऑफ़ 1:17:04 कोड। तो काउंटर वेरिएबल से कितनी बार अपना 1:17:07 कॉलेज प्रिंट होगा? फाइव टाइम्स अपना 1:17:09 कॉलेज प्रिंट होगा। लेट्स रन द कोड एंड 1:17:11 लेट्स काउंट। यहां पर अपना कॉलेज इज़ 1:17:14 गेटिंग प्रिंटेड फाइव टाइम्स। उसको हम ऐसे 1:17:16 भी ट्रैक कर सकते हैं कि इंस्टेड ऑफ़ अपना 1:17:18 कॉलेज अगर हम काउंटर को ही प्रिंट करवा 1:17:21 दें, तो वन से लेकर फाइव तक सारी की सारी 1:17:24 वैल्यूज़ हमारे पास प्रिंट होकर आ जाएंगी। 1:17:26 अब जनरली जब भी हम लूप्स लिखते हैं, हम 1:17:28 काउंटर वेरिएबल को बहुत ज्यादा मीनिंगफुल 1:17:30 नाम नहीं देते। हम जनरली उसे छोटा सा 1:17:32 वेरिएबल बनाते हैं। तो जनरली उसको हम आई 1:17:34 या जे नाम देते हैं। तो हमारे लूप्स के 1:17:36 अंदर यू विल सी अ लॉट ऑफ़ वेरिएबल्स नेम्ड 1:17:39 आई एंड जे। तो काउंटर को जनरली हम आई से 1:17:41 डिनोट करते हैं एंड इज़ गोइंग टू परफॉर्म द 1:17:43 सेम वर्क। तो इस तरीके से हमारा काउंटर 1:17:45 वेरिएबल वर्क करता है। अच्छा, यहां पर ये 1:17:47 जो वाइल कंडीशन है, हम क्योंकि काउंटर को 1:17:50 बार-बार बार-बार प्लस वन कर रहे हैं। मतलब 1:17:53 इंक्रीस कर रहे हैं। तो एक पॉइंट ऐसा जरूर 1:17:55 आएगा जब काउंटर की वैल्यू फाइव को एक्सीड 1:17:56 कर जाएगी। जिसका मतलब है हमें फॉर श्योर 1:17:59 पता है कि लूप कभी ना कभी स्टॉप हो जाएगा। 1:18:02 लेकिन अगर कभी भी ऐसा लूप होता है जिसके 1:18:04 अंदर दिस कंडीशन ऑलवेज रिमेंस ट्रू। मतलब 1:18:08 अगर लेट्स सपोज गलती से हमने +1 करना छोड़ 1:18:10 दिया तो उस केस में i की वैल्यू वही की 1:18:13 वही रहेगी। इंक्रीस होगी नहीं। और ये 1:18:16 स्टेटमेंट हमेशा ट्रू रहेगी। तो ऐसे केसेस 1:18:18 में हम क्या करते हैं? ऐसे केसेस में एक 1:18:20 इनफाइनाइट लूप क्रिएट हो जाता है जो कभी 1:18:22 रुकता ही नहीं है। एंड हमें प्रोग्रामिंग 1:18:24 के अंदर कभी भी एक इनफाइनाइट लूप को 1:18:26 क्रिएट नहीं करना होता है। इनफैक्ट वी कैन 1:18:29 ट्राई इट आउट हियर। इसको क्लियर करेंगे और 1:18:31 रन करेंगे। तो यहां पर हमारी स्क्रीन पर 1:18:33 वन तब तक प्रिंट होता रहेगा जब तक हम 1:18:36 मैनुअली जाकर अपने कोड को स्टॉप नहीं 1:18:38 करेंगे। अगर इनफाइनाइट लूप है तो वी कैन 1:18:40 स्टॉप इट बाय टाइपिंग कमांड + C. एंड उसके 1:18:42 साथ में ये तो हमने देखा कि किस तरीके से 1:18:44 हम अपने लूप्स की हेल्प से वी कैन प्रिंट 1:18:46 सम स्ट्रिंग, वी कैन डू सम वर्क, वी कैन 1:18:48 प्रिंट इंटीजर्स। प्लस काफी बार लूप्स को 1:18:50 हम कुछ पैटर्न्स को प्रिंट करने के लिए भी 1:18:52 प्रैक्टिस कर सकते हैं। जैसे एग्जांपल के 1:18:55 लिए लेट्स सपोज़ 1:18:57 लेट्स फर्स्ट ऑफ़ ऑल कन्वर्ट इट इंटू अ 1:18:59 फाइनाइट लूप। 1:19:01 एंड क्लियर दिस। अभी के लिए हम वन से लेकर 1:19:05 फाइव तक नंबर्स को प्रिंट कर रहे हैं। बट 1:19:07 लेट्स सपोज अगर हमें एक ट्रायंगल पैटर्न 1:19:08 प्रिंट करना हुआ तो उसके लिए वी कैन टाइप 1:19:12 दिस। 1:19:13 लेट्स क्लियर दिस एंड रन। तो यहां पर क्या 1:19:16 होगा? हमारे लिए एक ट्रायंगल प्रिंट होकर 1:19:18 आ जाएगा। बेसिकली जो भी i की वैल्यू है 1:19:20 उतने एस्टर रिस्क एक सिंगल लाइन के अंदर 1:19:22 हमारे पास प्रिंट होकर आ जाएंगे। तो पहले 1:19:24 वन फिर टू फिर थ्री एंड इस तरीके से। एंड 1:19:27 यहां पर व्हाट एग्जैक्टली इज़ हैपनिंग इन 1:19:29 दिस एक्सप्रेशन। व्हनेएवर एन इंटीजर नंबर 1:19:32 गेट्स मल्टीप्लाईड बाय अ स्ट्रिंग तो उतने 1:19:35 ही टाइम्स वो स्ट्रिंग रिपीट हो जाती है। 1:19:38 तो यहां पर क्योंकि ये एक स्ट्रिंग है। 1:19:39 स्ट्रिंग से कोई इंटीजर नंबर के 1:19:41 मल्टीप्लिकेशन का सेंस नहीं बनता। तो ये 1:19:42 जो मल्टीप्लिकेशन यहां पर है ये एक्चुअली 1:19:44 कॉन्कटिनेशन के लिए यूज़ हो रहा है। कि 1:19:46 उतनी बार मतलब i नंबर ऑफ़ टाइम्स वो जो 1:19:48 स्ट्रिंग है वो कॉन्कटिनेट होकर प्रिंट हो 1:19:50 जाएगी। जैसे इफ आई प्रिंट हेलो हियर तो 1:19:53 हेलो बी क्या करेगा? हेलो बी एक ट्रायंगल 1:19:55 की फॉर्म में आ जाएगा। तो एक बार हेलो 1:19:57 प्रिंट होगा फिर दो बार प्रिंट होगा। फिर 1:19:59 थ्री इन बार प्रिंट होगा। एंड इस तरीके से 1:20:01 हमारे पास एक पैटर्न आ सकता है। सिमिलरली 1:20:03 हम चाहें तो वैल्यूज़ को रिवर्स पैटर्न में 1:20:05 भी प्रिंट कर सकते हैं। जैसे इंस्टेड ऑफ़ 1:20:08 वन टू फाइव इफ आई वांटेड टू गो फ्रॉम 1:20:11 लेट्स सपोज़ फाइव टू वन। तो उसका लूप कैसा 1:20:14 दिखता? उसके लिए i की वैल्यू को हम फाइव 1:20:16 से स्टार्ट कर सकते थे। एंड इस बार लेस 1:20:18 दैन इक्वल टू 5 की जगह हम ग्रेटर दैन ज़ीरो 1:20:21 की कंडीशन लगा सकते थे। एंड हर बार +1 1:20:24 करने की जगह हम -1 करेंगे। तो इस बार 1:20:27 हमारे पास जो पैटर्न प्रिंट होगा दैट विल 1:20:28 बी एन इनवर्टेड ट्रायंगल। तो पहले हमारे 1:20:31 पास फाइव स्टार्स प्रिंट होंगे, फिर फोर 1:20:32 प्रिंट होंगे, फिर थ्री प्रिंट होंगे। एंड 1:20:34 इस तरीके से हमारा पैटर्न डिक्रीजिंग 1:20:36 ऑर्डर के अंदर जाकर प्रिंट होगा। सो दिस 1:20:38 इज़ हाउ आवर वाइल लूप वर्क्स। नाउ ये तो 1:20:40 हमने अपने फर्स्ट टाइप ऑफ़ लूप को कवर कर 1:20:42 लिया। इसके अलावा वी आल्सो हैव अ फॉर लूप। 1:20:45 एंड जनरली प्रोग्रामिंग के अंदर मेजॉरिटी 1:20:47 टाइम्स हम अपने फॉर लूप को यूज़ करते हैं। 1:20:49 फॉर लूप क्या करते हैं? फॉर लूप्स को 1:20:52 जनरली हम किसी सीक्वेंस ऑफ नंबर्स या आगे 1:20:55 जाकर हम लिस्ट डेटा स्ट्रक्चर इन पाइथन के 1:20:58 बारे में पढ़ेंगे। अगर हमें लिस्ट पर या 1:21:00 किसी सीक्वेंस ऑफ वैल्यूज़ पर कलेक्शन ऑफ़ 1:21:02 वैल्यूज़ पर अगर लूप लगाना होता है तो वहां 1:21:05 पर हम अपने फॉर लूप को यूज़ करते हैं। 1:21:07 लेट्स सपोज़ आई वांट टू प्रिंट वैल्यूज़ 1:21:08 फ्रॉम ज़ीरो टू फोर। तो उसके लिए क्या 1:21:11 करेंगे? हम नंबर्स को स्टोर कर लेंगे 1:21:14 फ्रॉम रेंज। तो रेंज हमें क्या देगा? रेंज 1:21:17 ऑफ़ फाइव अगर हमें करें तो ये हमें ज़ीरो से 1:21:19 लेकर फोर तक नंबर्स का सीक्वेंस रिटर्न कर 1:21:22 देगा नंबर्स के अंदर। तो इन पर लूप लगाने 1:21:24 के लिए आई कैन राइट फॉर आई इन नंबर्स। 1:21:28 मतलब ये जो है आई ये एक तरीके से हमारा 1:21:31 आइटरेटर है। हमारा काउंटर है। लूप्स का 1:21:34 मतलब होता है आइटरेशन करना। या कभी भी 1:21:36 आइटरेशन वर्ड अगर हम सुने तो उसका मतलब 1:21:38 लूप्स ही होता है। तो आइटरेशन या लूप 1:21:40 लगाने का काम कौन करता है? आइटरेटर्स करते 1:21:42 हैं या काउंटर वेरिएबल्स करते हैं। तो आई 1:21:44 इज़ अ काउंटर वेरिएबल। तो जब तक i की 1:21:47 वैल्यू नंबर्स वाले सीक्वेंस के अंदर है 1:21:50 मतलब ज़ीरो से फोर की रेंज में है तब तक हम 1:21:52 क्या कर सकते हैं? तब तक हम i को प्रिंट 1:21:54 कर सकते हैं। सो दिस इज़ अ वेरी सिंपल लूप 1:21:56 दैट वी कैन अप्लाई। तो हमारे पास ज़ीरो से 1:21:58 फोर तक वैल्यूज़ प्रिंट होकर आ जाएंगी। तो 1:22:00 नंबर्स के अंदर क्या है? ज़ीरो से फोर तक 1:22:02 वैल्यूज़ हैं इस रेंज के अंदर। हम चाहें, 1:22:04 तो इंस्टेड ऑफ़ स्टोरिंग दीज़ वैल्यूज़ इन 1:22:06 नंबर्स, आई कैन डायरेक्टली राइट रेंज ऑफ़ 1:22:10 फाइव हियर। तो रेंज ऑफ़ फाइव का मतलब ज़ीरो 1:22:13 से फोर ही है। तो सिंपली ऐसे लूप लिखेंगे 1:22:16 तो भी हमारे पास ज़ीरो से फोर तक सारी की 1:22:18 सारी वैल्यूज़ प्रिंट होकर आ जाएंगी। तो 1:22:20 यहां पर वी आर प्रिंटिंग वैल्यूज़ फ्रॉम 1:22:22 ज़ीरो टू फोर। इसी तरीके से लेट्स सपोज़ आई 1:22:25 वांट टू प्रिंट वैल्यूज़ फ्रॉम वन टू फाइव। 1:22:27 तो वो कैसे करेंगे? उसके लिए रेंज में 1:22:29 स्टार्टिंग वैल्यू हम डिफाइन कर सकते हैं। 1:22:31 और एंडिंग वैल्यू को इंक्रीज़ कर देंगे बाय 1:22:34 वन। तो लास्ट जो वैल्यू होती है वो हमने 1:22:35 ऑलरेडी बात कर रखी है। इज़ नॉट इंक्लूडेड। 1:22:37 इट्स एन एक्सक्लूडेड वैल्यू। तो हमारा लूप 1:22:39 फाइव तक जाएगा। लेट्स सेव इट क्लियर एंड 1:22:43 रन। इनफैक्ट लेट्स कॉमेंट दिस आउट। तो अब 1:22:48 हमारे पास वन से लेकर फाइव तक हमारी 1:22:50 वैल्यूज़ प्रिंट हो जाएंगी। अब यहां पर हम 1:22:52 इवन दो एग्जांपल फाइव तक का ले रहे हैं। 1:22:54 पर फाइव की जगह यहां 5000 भी होता तो भी 1:22:57 हमें कोई खास चेंज नहीं करना था कोड के 1:22:59 अंदर। मतलब अगर हमें लेट्स सपोज़ 5000 तक 1:23:02 वैल्यूज़ को प्रिंट करना है। तो 50001 तक 1:23:05 हम अपना लूप चला सकते हैं। लेट्स क्लियर 1:23:07 दिस एंड प्रिंट। तो एकदम से ये 4999 1:23:11 4998 एंड लास्ट में 5000 तक सारी की सारी 1:23:15 वैल्यूज़ हमारे पास प्रिंट होकर आ गई। तो 1:23:17 आई होप वी आर अंडरस्टैंडिंग द लॉजिक कि 1:23:19 वही सेम काम जिसके लिए बार-बार 5000 1:23:21 टाइम्स हमें प्रिंट स्टेटमेंट लिखनी पड़ती। 1:23:23 उसके लिए हमने कुछ नहीं किया। वही सेम दो 1:23:25 लाइंस का कोड है जिसके अंदर बस एंडिंग 1:23:27 कंडीशन स्टॉपिंग कंडीशन को हमने चेंज कर 1:23:29 दिया है। तो इस तरीके से हमारे फॉर लूप्स 1:23:31 या हमारे लूप्स वर्क करते हैं। इनफैक्ट 1:23:33 यहां पर वी कैन ट्राई आउट समथिंग एल्स 1:23:35 ट्रू। जैसे लेट्स सपोज हमें वन से लेकर 10 1:23:38 तक सिर्फ इवन नंबर्स को प्रिंट करना है। 1:23:41 तो उसको हम कैसे प्रिंट करेंगे? सबसे 1:23:43 बेसिक तरीका सबसे ब्रूटफोर्स तरीका वो 1:23:45 प्रिंट करने का होगा कि हम वन से लेकर 10 1:23:47 तक एक लूप चलाएंगे और हर नंबर के लिए वी 1:23:50 आर गोइंग टू चेक इफ द नंबर इज़ इवन ऑ नॉट। 1:23:53 कोई भी नंबर इवन कब होता है? इवन नंबर्स 1:23:56 जैसे टू 4 6 8 या कोई भी इवन नंबर इवन तब 1:23:59 होता है व्हेन इट इज़ अ मल्टीपल ऑफ टू। कोई 1:24:03 भी नंबर जो टू की टेबल में आता है, टू का 1:24:05 मल्टीपल होता है, इज कॉल्ड एन इवन नंबर। 1:24:07 तो इवन नंबर्स को प्रोग्रामिंग में कैसे 1:24:10 चेक करते हैं? हम बेसिकली किसी भी नंबर को 1:24:13 टू से डिवाइड करके उसका रिमाइंडर चेक कर 1:24:15 सकते हैं। जो भी नंबर टू से कंप्लीटली 1:24:17 डिवाइड हो जाएगा, उसका मॉड्यूल वैल्यू 1:24:19 मतलब रिमाइंडर क्या रह जाएगा? उसका 1:24:21 रिमाइंडर इज़ ऑलवेज गोइंग टू बी इक्वल टू 1:24:22 ज़ीरो। तो जो भी इवन नंबर्स होते हैं, उनका 1:24:24 जब टू के साथ मॉड्यूल लिया जाता है, द 1:24:26 वैल्यू कम्स आउट टू बी ज़ीरो। कभी भी हमें 1:24:28 चेक करना है कि कोई भी नंबर n किसी दूसरे 1:24:30 नंबर की टेबल में आता है या नहीं आता। 1:24:33 जैसे अगर हमें चेक करना होता कि n 5 की 1:24:35 टेबल में आता है या नहीं आता। तो हम क्या 1:24:37 करते? n मॉड्यूल फाइव ले लेते। तो वैसे ही 1:24:39 हमें चेक करना है n टू की टेबल में आता है 1:24:41 या नहीं आता। तो हम n मॉड्यूल टू ले 1:24:43 लेंगे। एंड इफ द रिमेंडर इज़ ज़ीरो दैट मींस 1:24:46 दैट n इज़ अ मल्टीपल ऑफ़ टू। तो इवन नंबर्स 1:24:49 कैसे चेक करेंगे? सबसे ब्रूट फ़ोर्स तरीका 1:24:52 है कि हम एक लूप चलाएंगे। फॉर i इन रेंज 1:24:56 हम वन से लेकर 11 मतलब वन से लेकर 10 तक 1:24:58 वैल्यू्यूज के लिए चेक करेंगे। एंड लूप के 1:25:01 अंदर ही हम अपनी कंडीशनल स्टेटमेंट्स को 1:25:03 भी चेक कर सकते हैं। तो अगर हमारे कोई भी 1:25:05 i की वैल्यू i मॉड्यूल 2 बिकम्स इक्वल टू 1:25:08 0 मतलब ये एक इवन वैल्यू है तो उस केस में 1:25:10 हम प्रिंट कर देंगे अपने i की वैल्यू। तो 1:25:12 जोज i इवन होगा वही हमारे लिए प्रिंट हो 1:25:15 जाएगा। तो यहां पर 2 4 6 8 10 इस रेंज में 1:25:18 हमारे लिए प्रिंट हो गई। अब इसी को करने 1:25:20 का एक और सिंपलर तरीका है कि हम क्या 1:25:22 करें? अपनी रेंज फंक्शन की स्पेशलिटीज को 1:25:25 यूज़ करें। हमने बात की थी रेंज फंक्शन में 1:25:27 तीन वैल्यूज़ होती हैं। स्टार्ट, स्टॉप एंड 1:25:30 स्टेप। तो हमारी रेंज क्या है? हम वन से 1:25:33 लेके 10 तक जाना चाहते हैं। तो ये तो 1:25:35 हमारी स्टार्टिंग एंड स्टॉपिंग वैल्यू हो 1:25:36 गई। स्टेप का मतलब है कि कितना हम इंक्रीस 1:25:39 करेंगे? अगर स्टार्ट ही हम टू से करें 1:25:41 व्हिच इज़ एन इवन नंबर। एंड हर बार +1 मतलब 1:25:45 टू का थ्री, थ्री का फोर +1 करने की जगह 1:25:47 हम +2 करें। मतलब टू पर हैं फिर फोर पर 1:25:50 चले गए फिर प्लस टू करके सिक्स पर चले गए 1:25:52 तो वी गो टू ऑल द इवन नंबर्स एंड अगर हम 1:25:55 सिर्फ इतना लिखकर प्रिंट करें i की वैल्यू 1:25:58 लेट्स कमेंट दिस आउट एंड रन दिस कोड तो भी 1:26:01 हमारे पास सेम आंसर प्रिंट होकर आएगा 1:26:03 व्हिच इज़ 2 4 6 8 एंड 10. तो यहां पर रेंज 1:26:07 फंक्शन को हम यूज़ कर सकते हैं। तो रेंज 1:26:08 फंक्शन में तीन वैल्यूज़ पास की जा सकती 1:26:10 हैं। इनमें से स्टॉपिंग वैल्यू इज़ ऑलवेज 1:26:12 कंपलसरी। फर्स्ट वैल्यू एंड लास्ट वैल्यू 1:26:15 व्हिच इज़ द स्टार्ट पॉइंट एंड द स्टेप 1:26:16 वैल्यू। ये हमेशा ऑप्शनल होते हैं जिनको 1:26:18 हम अपनी मर्जी से डिपेंडिंग अपॉन द केस 1:26:20 डिफाइन कर सकते हैं। सो दिस इज़ हाउ अ फॉर 1:26:22 लूप वर्क्स इन Python। इसके साथ में हमारे 1:26:25 पास दो और इंपॉर्टेंट कीवर्ड्स होते हैं 1:26:27 Python के अंदर जो जनरली हम लूप्स के साथ 1:26:29 यूज़ करते हैं। व्हिच इज़ ब्रेक एंड 1:26:31 कंटिन्यू। ब्रेक कीवर्ड को हम तब यूज़ करते 1:26:34 हैं जब हमें लूप को कहीं भी स्टॉप करना 1:26:36 होता है। जैसे एग्जांपल के लिए लेट्स सपोज़ 1:26:38 आई वांट टू प्रिंट ऑल द मल्टीपल्स ऑफ़ 1:26:41 सेवन। 1:26:43 वी वांट टू प्रिंट ऑल द मल्टीपल्स ऑफ 1:26:46 सेवन। 1:26:47 या इसको और ईजी कर लेते हैं। वी वांट टू 1:26:50 प्रिंट ऑल द मल्टीपल्स ऑफ थ्री। पर जैसे 1:26:52 ही 21 आएगा वैसे ही हमें रुक जाना है। और 1:26:56 मल्टीपल्स कौन सी रेंज में प्रिंट करेंगे? 1:26:58 वन से 50 की रेंज में प्रिंट करने वाले 1:27:00 हैं। सबसे पहले तो स्मॉलर प्रॉब्लम देखते 1:27:03 हैं। स्मॉलर प्रॉब्लम इज़ कि हम वन से 50 1:27:06 की रेंज में सारे के सारे मल्टीपल्स ऑफ़ 1:27:08 थ्री को प्रिंट करना चाहते हैं। कैसे 1:27:09 प्रिंट करेंगे? सबसे पहले तो हम लूप चला 1:27:11 देंगे वन से 30 की रेंज के लिए। तो वन से 1:27:14 31 तक हमारा लूप चलेगा और मल्टीपल्स ऑफ़ 1:27:17 थ्री को प्रिंट करना है। उसका मतलब है कि 1:27:19 अगर कोई भी नंबर आए मॉड्यूल थ्री बिकम्स 1:27:23 इक्वल टू ज़ीरो तो उसका मतलब इट्स अ 1:27:25 मल्टीपल ऑफ़ थ्री। तो उसे हम यहां पर 1:27:28 प्रिंट कर सकते हैं। सो लेट्स टेस्ट इट 1:27:30 आउट। तो ये सारे के सारे मल्टीपल्स ऑफ़ 1:27:32 थ्री हमारे पास प्रिंट होकर आ गए। अच्छा 1:27:35 वन टू 50 तक लूप होना चाहिए। लेट्स क्लियर 1:27:38 दिस एंड रीन। सो वन से 50 तक सारे के सारे 1:27:41 मल्टीपल्स ऑफ़ थ्री आ गए। अब यहां पर वी 1:27:44 वांट टू स्टॉप जैसे ही हम 21 पर आ जाए 1:27:46 मतलब जैसे ही 21 आ जाए वहां पे स्टॉप कर 1:27:48 जाना है। तो हम एक और कंडीशन लगा सकते हैं 1:27:50 कि अगर i की वैल्यू बिकम्स इक्वल टू 21 तो 1:27:54 उस केस में क्या कर जाना है? उस केस में 1:27:55 ब्रेक कर जाओ। ब्रेक करने का मतलब है वी 1:27:57 आर नाउ आउट ऑफ द लूप। तो इनफैक्ट प्रिंट 1:28:01 भी करा सकते हैं आउट ऑफ़ लूप। लेट्स सेव इट 1:28:04 क्लियर एंड रीन। तो इस बार थ्री से लेकर 1:28:06 सिर्फ 18 तक वैल्यूज़ प्रिंट हुई। जैसे ही 1:28:08 21 आ गया, वी आर नाउ आउट ऑफ़ द लूप। तो कभी 1:28:11 भी लूप से ब्रेक करना होता है तो उस केस 1:28:12 में ब्रेक यूज़ करते हैं। एंड कभी भी अगर 1:28:15 हमें कुछ भी स्किप करना होता है। कोई भी 1:28:17 आइलिटेटरेशन या लूप का रन हमें स्किप करना 1:28:19 है तो हम कंटिन्यू करेंगे। जैसे एग्जांपल 1:28:21 के लिए हम वन से लेकर 50 तक सारे 1:28:24 मल्टीपल्स ऑफ थ्री को प्रिंट करवाना चाहते 1:28:26 हैं। बट जब भी 21 आएगा हम उसको स्किप कर 1:28:28 देंगे। बाकी सब प्रिंट करवाएंगे। बस 21 के 1:28:30 लिए स्किप करना है। तो कैसे करेंगे? 1:28:32 इंस्टेड ऑफ़ ब्रेक आई विल जस्ट डू 1:28:34 कंटिन्यू। कंटिन्यू कहने का मतलब है कि 1:28:36 लूप में बाद में जो भी काम लिखा हुआ है वो 1:28:39 परफॉर्म नहीं होगा। एंड हम नेक्स्ट 1:28:41 आइटरेशन के लिए ऊपर चले जाएंगे। सो लेट्स 1:28:44 क्लियर दिस एंड रीरन। तो इस बार 1:28:49 थ्री से लेकर एंड तक 50 तक सारे के सारे 1:28:52 नंबर्स प्रिंट हुए हैं। बस बीच में वी विल 1:28:54 नोटिस कि 18 के बाद सीधा 24 आ गया है। 21 1:28:56 के लिए हमने क्या कर दिया है? स्किप कर 1:28:58 दिया है। व्हाई? बिकॉज़ ऑफ़ दिस कंटिन्यू। 1:29:01 तो इस तरीके से हमारा कंटिन्यू कीवर्ड 1:29:03 वर्क करता है। सो दिस इज़ व्हेयर वी हैव 1:29:05 कंप्लीटेड आवर पार्ट फोर एंड अब हमें 1:29:06 लेक्चर को पॉज करना है एंड वी हैव टू 1:29:08 ट्राई एंड कंप्लीट आवर प्रैक्टिस 1:29:09 एक्सरसाइज फोर जिसका सॉल्यूशन हमें नीचे 1:29:12 डिस्क्रिप्शन बॉक्स के अंदर मिल जाएगा। 1:29:14 नाउ लेट्स मूव ऑन टू पार्ट फाइव। नाउ इन 1:29:16 पार्ट फाइव वी आर गोइंग टू कवर सम ऑफ़ द 1:29:17 कॉम्प्लेक्स डेटा टाइप्स इन पाइथन। जैसे 1:29:20 अभी तक जितने भी हमने डेटा टाइप्स के बारे 1:29:22 में बात की है, दे हैव बीन द प्रिमिटिव 1:29:25 डेटा टाइप्स। प्रिमिटिव कहने का मतलब है 1:29:27 सिंपल डेटा टाइप्स के बारे में हमने बात 1:29:29 की है। जैसे इंट हो गया, बुलियन हो गया, 1:29:33 फ्लोट हो गया या स्ट्रिंग हो गया। अब हम 1:29:36 बात करने वाले हैं अबाउट सम कॉम्प्लेक्स 1:29:38 डेटा टाइप्स। कॉम्प्लेक्स कह सकते हैं 1:29:41 इनको हम या नॉन प्रिमिटिव डेटा टाइप्स कह 1:29:42 सकते हैं जिसके अंदर हमारे पास लिस्ट, 1:29:44 टपल, सेट एंड डिक्शनरी आ जाते हैं। सबसे 1:29:47 पहले लेट्स टॉक अबाउट लिस्ट। लिस्ट को हम 1:29:50 एक कलेक्शन ऑफ डिफरेंट आइटम्स की तरह समझ 1:29:52 सकते हैं। तो वी आर टॉकिंग अबाउट लिस्ट। 1:29:55 लेट्स क्लियर दिस। तो लिस्ट हमारा कोई भी 1:29:57 कलेक्शन ऑफ आइटम्स हो सकता है। जैसे फॉर 1:29:59 एग्जांपल हमें एक क्लास के अंदर बहुत सारे 1:30:01 स्टूडेंट्स के मार्क्स को स्टोर करना है। 1:30:03 तो हम एक मार्क्स नाम की लिस्ट बना सकते 1:30:05 हैं। लिस्ट को बनाने के लिए वी यूज़ द 1:30:07 स्क्वायर ब्रैकेट्स। एंड स्क्वायर 1:30:09 ब्रैकेट्स के अंदर जितनी भी वैल्यूज़ को हम 1:30:11 लिस्ट के अंदर ऐड करना चाहते हैं, उन सबको 1:30:13 हम कॉमा से सेपरेट करके लिखते हैं। जैसे 1:30:15 मार्क्स के अंदर वी कुड हैव 98, 99, 97, 1:30:19 95 एंड 93। तो ये क्या हो गई? ये लिस्ट ऑफ़ 1:30:22 मार्क्स हो गई हमारे पास। इसको इनफैक्ट हम 1:30:25 प्रिंट भी करवा सकते हैं। इफ आई प्रिंट 1:30:27 मार्क्स तो हमारे पास ये सारी की सारी 1:30:30 लिस्ट प्रिंट होकर आ जाएगी। एंड वी कैन 1:30:32 आल्सो प्रिंट द टाइप ऑफ मार्क्स। तो वी 1:30:35 विल गेट अ लिस्ट। अच्छा इसके अंदर जब भी 1:30:38 हम लिस्ट की बात कर रहे हैं, इट्स अ 1:30:39 कलेक्शन ऑफ़ आइटम्स। पर जरूरी नहीं है उन 1:30:42 सारे के सारे आइटम्स का टाइप सेम हो। मतलब 1:30:45 यहां पर हो सकता है कि हम एक ग्रेड एबी 1:30:47 स्टोर करवा दें। यहां पर हो सकता है किसी 1:30:49 स्टूडेंट्स के मार्क्स 92.5 भी हो। मतलब 1:30:52 ये कैरेक्टर वैल्यू हो गई या स्ट्रिंग 1:30:54 वैल्यू हो गई। एंड दिस इज़ व्हाट दिस इज़ अ 1:30:56 फ्लोटिंग वैल्यू। तो यहां पर आइटम्स का जो 1:30:58 टाइप है इट कुड बी डिफरेंट एंड उससे हमारे 1:31:00 पास कोई एज़ सच एरर रिटर्न होकर नहीं आएगा। 1:31:03 तो लिस्ट के अंदर डिफरेंट टाइप्स ऑफ़ डेटा 1:31:04 को हम स्टोर करा सकते हैं। एंड इस तरीके 1:31:06 से आवर कलेक्शन वर्क्स। अब लिस्ट के ऊपर 1:31:08 बहुत सारे डिफरेंट ऑपरेशंस हैं जिनको हम 1:31:10 परफॉर्म कर सकते हैं। एंड दीज़ आर सम रियली 1:31:13 यूज़फुल ऑपरेशंस जो Python के अंदर आपको 1:31:15 काफी जगह देखने को मिलेंगे। सबसे पहले तो 1:31:18 एक इंपॉर्टेंट फंक्शन होता है जिसको हम 1:31:20 यूज़ कर सकते हैं टू प्रिंट द लेंथ ऑफ द 1:31:22 लिस्ट। हम लिख सकते हैं लेंथ ऑफ व्हाटएवर 1:31:25 इज़ द लिस्ट नेम लेंथ ऑफ़ मार्क्स एंड उससे 1:31:28 हमारे पास टोटल नंबर ऑफ़ आइटम्स प्रिंट हो 1:31:30 जाएंगे। जैसे सेवन क्योंकि हमारे पास 1:31:32 हमारी लिस्ट के अंदर सेवन आइटम्स हैं। इफ 1:31:34 वी रिमूव दीज़ टू तो अब हमारे पास सिर्फ 1:31:38 पांच ही आइटम्स बचेंगे। तो हमारे पास फाइव 1:31:40 प्रिंट होकर आ जाएगा। उसके साथ में वी 1:31:42 आल्सो हैव समथिंग कॉल्ड इंडेक्स वैल्यूज़। 1:31:46 जैसे स्ट्रिंग के अंदर इंडेक्स वैल्यूस 1:31:47 काम करती हैं, वैसे ही सेम इंडेक्स का 1:31:50 कांसेप्ट हमारी लिस्ट के अंदर एग्ज़िस्ट 1:31:51 करता है। मतलब हमारे जो इंडेक्स आइटम्स या 1:31:54 पोजीशंस है वो ज़ीरो से स्टार्ट होते हैं। 1:31:56 सो दिस इज़ एट इंडेक्स ज़ीरो। दिस इज़ 1:31:57 इंडेक्स वन, इंडेक्स टू, इंडेक्स थ्री एंड 1:32:00 इंडेक्स फोर। तो, हम प्रिंट कर सकते हैं 1:32:02 किसी भी इंडेक्स पर कोई वैल्यू। जैसे इफ 1:32:03 आई वांट टू प्रिंट मार्क्स ऑफ़ ज़ीरो। तो, 1:32:05 हमारे पास 98 प्रिंट होकर आ जाएगा। 1:32:08 सिमिलरली, लेट्स कॉमेंट दिस आउट। सिमिलरली 1:32:12 इफ आई वांट टू प्रिंट लेट्स सपोज मार्क्स 1:32:15 ऑफ टू तो सेकंड इंडेक्स पर जो वैल्यू है 1:32:17 वो प्रिंट होकर आ जाएगी व्हिच इज दिस 1:32:18 वैल्यू। अच्छा इंडेक्स को हम रिवर्स ऑर्डर 1:32:21 में भी काउंट कर सकते हैं। मतलब अगर हमें 1:32:23 लास्ट इंडेक्स की कभी भी वैल्यू चाहिए और 1:32:25 हमें पता नहीं कि हमारी लिस्ट के अंदर 1:32:26 कितने आइटम्स हैं। तो वहां पर आई कैन 1:32:29 सिंपली प्रिंट -1। जब हम -1 प्रिंट करते 1:32:32 हैं तो उसका मतलब होता है लास्ट इंडेक्स। 1:32:33 -2 मतलब सेकंड लास्ट इंडेक्स। -3 मतलब 1:32:36 थर्ड लास्ट इंडेक्स। तो इस तरीके से हम 1:32:38 प्रिंट कर सकते हैं। एंड आई विल गेट द 1:32:40 वैल्यू 93। तो -1 इंडेक्स मतलब 93। 1:32:43 सिमिलरली अगर हम -2 करेंगे तो हमारे पास 1:32:46 95 आ जाएगा। कुछ इस तरीके से। देयर इज़ वन 1:32:49 मोरेंट ऑपरेशन दैट वी कैन परफॉर्म ऑन 1:32:51 लिस्ट व्हिच इज़ स्लाइसिंग अ लिस्ट। स्लाइस 1:32:55 करने का मतलब होता है लिस्ट से कोई भी 1:32:57 टुकड़ा निकालना। जैसे रियल लाइफ के अंदर 1:32:58 हमारे पास फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स होते 1:33:00 हैं तो उनको हम स्लाइस करके एक पीस निकाल 1:33:02 सकते हैं। वैसे ही अपनी लिस्ट के अंदर भी 1:33:04 स्लाइस करके हम उसके पीसेस निकाल सकते 1:33:06 हैं। स्लाइस करने का जो हमारे पास फॉर्मेट 1:33:09 होता है दैट इज़ दैट वी राइट द लिस्ट नेम 1:33:12 एंड लिस्ट के अंदर हम स्टार्टिंग इंडेक्स 1:33:14 एंड एंडिंग इंडेक्स बताते हैं। जैसे हम 1:33:17 लिखते हैं अपनी लिस्ट का नाम। पहले हम 1:33:19 अपना स्टार्टिंग इंडेक्स पास करेंगे जहां 1:33:20 से हमारा स्लाइस जो पार्ट है वो स्टार्ट 1:33:22 होना चाहिए। एंड देन एंडिंग इंडेक्स। और 1:33:24 एंडिंग इंडेक्स जो होता है वो इंक्लूडेड 1:33:26 नहीं होता। मतलब दिस इज़ एक्सक्लूसिव। 1:33:28 स्टार्टिंग इंडेक्स इंक्लूडेड होता है। 1:33:30 जैसे एग्जांपल के लिए अगर मुझे 98 से 97 1:33:34 तक लिस्ट चाहिए। मतलब एक सब लिस्ट हम 1:33:36 क्रिएट करना चाहते हैं। छोटी लिस्ट आउट ऑफ 1:33:38 दीज़ आइटम्स। तो आई कैन प्रिंट मार्क्स ऑफ़ 1:33:41 0 टू 0 1 2 टू तक चाहिए तो हम थ्री 1:33:46 इंडेक्स तक अपनी लिस्ट को प्रिंट 1:33:48 करवाएंगे। तो यहां पर हमारे पास प्रिंट 1:33:50 होकर आ जाएगा 98, 99 एंड 97। सेम चीज़ हम 1:33:53 रिवर्स ऑर्डर में भी कर सकते हैं। मतलब 1:33:55 अगर मुझे 93, 95 एंड 97 चाहिए तो 1:33:58 स्टार्टिंग इंडेक्स क्या आ जाएगा? दैट विल 1:34:00 बी -3 1:34:02 तो इट विल बी इक्वल टू -3 एंड एंडिंग 1:34:04 इंडेक्स क्या हो जाएगा? -1 हो जाएगा। तो 1:34:08 -1 नहीं होगा। खैर ज़ीरो होगा। ये -3 है। 1:34:11 -2 है। -1 इंक्लूड नहीं होगा तो सिर्फ ये 1:34:13 दोनों प्रिंट होकर आएंगे। एंड अगर हमें 1:34:15 लास्ट तक वैल्यूज़ चाहिए। वी डोंट वांटेड 1:34:17 टू स्टॉप बिफोर द लास्ट एलिमेंट। तो उस 1:34:19 केस में हम क्या कर देते हैं? इसको ऑमिट 1:34:21 कर देते हैं। तो अब हमारे पास एंड तक 1:34:23 वैल्यूज़ आ जाएंगी। जहां पर भी एक वैल्यू 1:34:26 मिसिंग है वहां पर डिफॉल्ट वैल्यू यूज़ 1:34:27 होती है। तो स्टार्ट की डिफॉल्ट वैल्यू 1:34:29 होती है ज़ीरो। मतलब इफ आई डू फ्रॉम नथिंग 1:34:32 टू नथिंग तो उसका मतलब है हमारे पास पूरी 1:34:34 लिस्ट प्रिंट होकर आ जाएगी। मतलब 1:34:36 स्टार्टिंग की डिफ़ॉल्ट वैल्यू ज़ीरो है एंड 1:34:38 एंडिंग की डिफ़ॉल्ट वैल्यू इज़ पूरी लिस्ट 1:34:40 का लास्ट आइटम तक। उसके साथ में इफ आई ऐड 1:34:43 समथिंग हियर जैसे लेट्स सपोज़ इंडेक्स टू 1:34:45 तक वैल्यूज़ आ जाए। तो इंडेक्स टू तक 1:34:47 वैल्यूज़ आने का मतलब है ज़ीरो एंड वन। ये 1:34:49 दोनों वैल्यूज़ आ जाएंगी। क्योंकि बाय 1:34:51 डिफ़ॉल्ट स्टार्टिंग वैल्यू इज़ गोइंग टू बी 1:34:53 इक्वल टू ज़ीरो। तो 98 एंड 99 हमारे पास 1:34:55 प्रिंट होकर आ जाएगा। तो इस तरीके से द 1:34:57 स्लाइसिंग ऑपरेशन वर्क्स इन अ लिस्ट। उसके 1:34:59 साथ में हम अपनी लिस्ट पर एक लूप भी रन कर 1:35:02 सकते हैं। जैसे इफ आई वांट टू प्रिंट ऑल द 1:35:04 मार्क्स वन बाय वन। तो उसके लिए हम एक लूप 1:35:06 चला सकते हैं फॉर लेट्स सपोज़ स्कोर इन 1:35:09 मार्क्स। हम प्रिंट कर सकते हैं सारी की 1:35:12 सारी स्कोर वैल्यूज़ को। तो एक-एक करके 1:35:14 लिस्ट के अंदर जितने भी आइटम्स हैं वो 1:35:15 हमारे लिए प्रिंट होकर आ जाएंगे। एंड 1:35:17 प्राइमरी काम जो हमारे फॉर लूप्स का होता 1:35:19 है वो लिस्ट जैसे या टपल जैसे सीक्वेंसेस 1:35:22 के ऊपर ट्रेवर्स करने का है। यानी ट्रैवल 1:35:24 करने का ही होता है। उनके ऊपर लूप लगाने 1:35:26 का ही होता है। तो इस तरीके से हमारे 1:35:27 लूप्स वर्क करते हैं। प्लस वी कैन आल्सो 1:35:29 ऐड वैल्यूज़ टू द लिस्ट। हमारी जो लिस्ट 1:35:32 होती हैं पाइथन के अंदर दे आर म्यूटेबल। 1:35:33 म्यूटेबल मतलब उनको चेंज किया जा सकता है। 1:35:35 मतलब उनके अंदर हम वैल्यूज़ को ऐड कर सकते 1:35:37 हैं। लिस्ट को हम मॉडिफाई कर सकते हैं। 1:35:39 जैसे इफ आई वांट टू ऐड सम वैल्यू एट द एंड 1:35:42 ऑफ़ द लिस्ट। तो उस केस में व्हाट कैन वी 1:35:44 डू? हम कर सकते हैं मार्क्स डॉट एपेंड 1:35:47 लिस्ट के एंड में वैल्यू ऐड करने के लिए 1:35:49 या अपेंड करने के लिए हमारे पास एपेंड 1:35:50 फंक्शन होता है मेथड होता है। तो लास्ट 1:35:53 में जाकर लेट्स सपोज आई वांट टू ऐड अ 1:35:54 वैल्यू 50 एंड उसके बाद इफ वी प्रिंट आवर 1:35:58 मार्क्स 1:36:00 तो हमारे पास लास्ट में वी आर गोइंग टू 1:36:02 गेट दिस 50 वैल्यू। अगर हमें किसी 1:36:04 पर्टिकुलर इंडेक्स पर वैल्यू को ऐड करना 1:36:07 है तो हमारे पास इंसर्ट फंक्शन होता है। 1:36:09 जैसे इफ आई वांट टू इंसर्ट 50 एट द ज़ीरोथ 1:36:11 इंडेक्स दैट इज़ एट द स्टार्ट ऑफ़ द लिस्ट। 1:36:13 तो उस केस में हम इंसर्ट को यूज़ करेंगे 1:36:15 एंड हमारे पास 50 आ जाएगा। फर्स्ट पर ऐड 1:36:18 करना चाहते हैं मतलब 98 के बाद 50 आ जाए 1:36:20 फिर 99 आ जाए। तो उस केस में इंडेक्स 1:36:22 वैल्यू हमारे पास वन हो जाएगी। तो वी विल 1:36:25 गेट 98 देन 50 देन 99। तो इस तरीके से हम 1:36:28 वैल्यूज़ को इंसर्ट भी कर सकते हैं। एंड हम 1:36:30 ये भी चेक कर सकते हैं कि कोई वैल्यू 1:36:32 हमारी लिस्ट के अंदर एग्ज़िस्ट करती है या 1:36:33 नहीं। तो उसके लिए वी हैव द सिंपल इन 1:36:35 ऑपरेशन जिसको हमने स्ट्रिंग्स के अंदर 1:36:37 देखा था। मतलब इफ आई वांट टू चेक इफ दैट 1:36:39 97 एग्ज़िस्ट्स इन मार्क्स ऑर नॉट। तो 1:36:43 हमारे पास बुलियन ट्रू रिटर्न होकर आ 1:36:45 जाएगा क्योंकि 97 मार्क्स के अंदर 1:36:47 एग्ज़िस्ट करता है। बट इफ आई चेक फॉर 100 1:36:49 देन आई एम गोइंग टू गेट अ फॉल्स वैल्यू। 1:36:52 एंड हम चाहें तो लिस्ट को पूरा क्लियर भी 1:36:54 कर सकते हैं। मतलब इफ आई डू मार्क्स डॉट 1:36:57 क्लियर एंड देन ट्राई टू प्रिंट माय 1:36:59 मार्क्स वैल्यू। तो उस केस में द आंसर इज़ 1:37:03 गोइंग टू बी एन एम्प्टी लिस्ट। सिमिलरली, 1:37:06 हम ये जो एम्प्टी लिस्ट है, इसकी लेंथ भी 1:37:08 प्रिंट करवा सकते हैं। तो, उस केस में 1:37:09 हमारे पास लेंथ आएगी ज़ीरो के इक्वल। सो 1:37:12 दिस इज़ हाउ वी परफॉर्म अ लॉट ऑफ़ डिफरेंट 1:37:14 ऑपरेशंस ऑन लिस्ट। तो ये तो हमने लिस्ट 1:37:16 डेटा टाइप को कवर कर लिया। इसके बाद जो 1:37:18 सेकंड डेटा टाइप जो काफी यूज़फुल होता है 1:37:20 हमारे लिए दैट इज़ अ टपल। अब जैसे Python 1:37:22 के अंदर लिस्ट म्यूटेबल होते हैं। टपल्स 1:37:24 हमारे इम्यूटेबल होते हैं। मतलब एक बार जो 1:37:27 टपल स्ट्रिंग्स की तरह हमने क्रिएट कर 1:37:28 दिया वो वैसे ही क्रिएटेड रहेगा। उसे हम 1:37:31 चेंज या मॉडिफाई नहीं कर सकते। इफ वी वांट 1:37:33 टू मेक सम चेंजज़ टू इट देन वी हैव टू 1:37:35 क्रिएट अ न्यू टपल। टपल ऑलमोस्ट वैसे ही 1:37:38 दिखते हैं एंड फंक्शन करते हैं जैसे हमारी 1:37:40 लिस्ट फंक्शन करती हैं। बस ये इम्यूटेबल 1:37:42 होते हैं। जैसे इसी मार्क्स को अगर हमें 1:37:44 टपल की फॉर्म में स्टोर करना होता तो कुछ 1:37:45 नहीं करना था। बस एक पैरेंथेसिस को यूज़ 1:37:48 करते एंड दिस विल बिकम आवर टपल। अब हम 1:37:50 प्रिंट करवाएं अगर इफ आई ट्राई टू प्रिंट 1:37:53 आवर मार्क्स एंड टाइप ऑफ़ मार्क्स। तो अब 1:37:56 हमारे पास एक टपल क्रिएट होकर आ जाएगा। तो 1:38:00 इस तरीके से वी विल हैव अ टपल नाउ। एंड 1:38:02 टपल के अंदर भी उसी तरीके से इंडेक्स 1:38:03 वैल्यूज़ को हम एक्सेस कर सकते हैं। जैसे 1:38:06 इफ आई वांट आई कैन गो एंड एक्सेस मार्क्स 1:38:08 ऑफ टू। तो मार्क्स ऑफ टू में हमारे पास 97 1:38:11 आकर प्रिंट हो जाएगा। तो वी विल गेट द 97 1:38:14 वैल्यू। अब टपल्स पर भी कुछ-कुछ ऑपरेशंस 1:38:16 हैं जिनको हम परफॉर्म कर सकते हैं। 1:38:18 डेफिनेटली वो ऑपरेशंस जैसे लिस्ट के अंदर 1:38:20 हम वैल्यूज़ ऐड कर सकते थे, इंसर्ट कर सकते 1:38:22 थे। वैसे ऑपरेशंस टपल्स पर परफॉर्म नहीं 1:38:24 हो सकते जो हमारे टपल को मॉडिफाई कर दे। 1:38:26 पर टपल्स के ऊपर हम डिफरेंट ऑपरेशंस 1:38:28 परफॉर्म कर सकते हैं। जैसे वी कैन काउंट द 1:38:30 अकरेंस ऑफ़ अ नंबर इन अ टपल। जैसे लेट्स 1:38:32 सपोज़ हमारे पास 95 यहां पर आ रहा है। प्लस 1:38:34 उसके साथ में हमारे पास 95 दो बार और आ 1:38:37 रहा है। एंड इफ वी वांट टु काउंट द नंबर 1:38:38 ऑफ़ टाइम्स जितनी बार ये 95 हमारे टपल के 1:38:42 अंदर एग्ज़िस्ट करता है। तो उस काउंट को हम 1:38:44 प्रिंट करवा सकते हैं। एंड इट विल टर्न 1:38:45 आउट टू बी थ्री। हम चाहें तो इंडेक्स भी 1:38:47 प्रिंट करवा सकते हैं। मतलब 95 फर्स्ट 1:38:50 टाइम हमारे टपल के अंदर कहां पर कौन से 1:38:52 इंडेक्स पे एग्ज़िस्ट करता है। तो इट विल 1:38:53 बी 0 1 2 3 तो हमारे पास आंसर आएगा थ्री 1:38:57 के इक्वल इंडेक्स थ्री। तो इस तरीके से हम 1:38:59 डिफरेंट ऑपरेशंस को परफॉर्म कर सकते हैं। 1:39:01 अच्छा इफ़ आई वांट कि मार्क्स ऑफ़ 1:39:04 ज़ीरो की जगह यहां पर 100 आ जाए। सो दैट इज़ 1:39:07 नॉट पॉसिबल इन अ टपल। तो एग्जीक्यूट 1:39:09 करेंगे तो हमारे पास आएगा एरर दैट टपल 1:39:11 ऑब्जेक्ट डज़ नॉट सपोर्ट आइटम असाइनमेंट। 1:39:13 आइटम असाइनमेंट कहने का मतलब है ये जो 1:39:15 वैल्यू ये जो आइटम हम इस टपल को असाइन कर 1:39:17 रहे हैं इंडेक्स को। दिस इज़ नॉट पॉसिबल 1:39:19 बिकॉज़ टपल्स आर इम्यूटेबल। अच्छा टपल्स को 1:39:22 क्रिएट करने के लिए वैसे पैरेंथेसिस लगाना 1:39:23 कंपलसरी नहीं होता। मतलब इवन विदाउट द 1:39:26 पैरेंथेसिस 1:39:27 हम अगर प्रिंट करेंगे टाइप ऑफ मार्क्स तो 1:39:30 इट्स गोइंग टू बी अ टपल बाय डिफॉल्ट 1:39:35 लेट्स रन दिस 1:39:37 मार्क्स 1:39:39 तो इट्स गोइंग टू बी अ टपल बाय डिफॉल्ट बट 1:39:42 फिर भी हम पैरथेसिस को हमेशा लगाते हैं 1:39:45 पाइथन के अंदर टू मेक द कोड मोर रीडेबल 1:39:48 क्योंकि नॉर्मली अगर हम सिर्फ कॉमा से 1:39:50 सेपरेट करके नंबर्स को लिखेंगे दैट इज़ नॉट 1:39:52 अ वेरी इंट्यूटिव वे टू राइट कोड तो जब भी 1:39:54 टपल को क्रिएट करना है, पैरेंथेसिस के साथ 1:39:56 क्रिएट करना है। जब भी लिस्ट को क्रिएट 1:39:57 करना है, हमें स्क्वायर ब्रैकेट्स के साथ 1:39:59 क्रिएट करना है। नाउ लेट्स टॉक अबाउट आवर 1:40:02 थर्ड डेटा टाइप व्हिच इज़ कॉल्ड अ सेट। अब 1:40:04 मैथ के अंदर हमने सेट्स पढ़े होंगे। मैथ के 1:40:07 अंदर सेट्स क्या होते थे? यूनिक आइटम्स का 1:40:09 कलेक्शन होते थे। वही सेम लॉजिक हमारे 1:40:12 प्रोग्रामिंग के अंदर सेट्स फॉलो करते 1:40:14 हैं। मतलब अगर हमें यूनिक आइटम्स का कभी 1:40:16 भी कलेक्शन चाहिए तो उसको हम बना सकते हैं 1:40:18 इन द फॉर्म ऑफ़ अ सेट। हाउ डू वी क्रिएट अ 1:40:20 सेट? वी क्रिएट अ सेट यूजिंग कर्ली बसेस। 1:40:23 जैसे एग्जांपल के लिए लेट्स सपोज हमने कुछ 1:40:25 मार्क्स क्रिएट किए एंड कर्ली बसेस के 1:40:27 अंदर कुछ मार्क्स स्टोर करवाए। हमारे पास 1:40:29 98 है, 97 है, 95 है, 96 है, दोबारा से 95 1:40:34 है एंड दोबारा से 96 है। तो ये 95 यहां पर 1:40:37 रिपीट हो रहा है एंड ये 96 यहां पर रिपीट 1:40:39 हो रहा है। तो हमने एक सेट को क्रिएट किया 1:40:41 है विथ द हेल्प ऑफ़ कर्ली ब्रेसेस। बट इफ 1:40:43 आई प्रिंट द लेंथ ऑफ़ मार्क्स। 1:40:47 अभी कितने नंबर्स हैं? 1 2 3 4 5 एंड 1:40:50 सिक्स। बट द लेंथ ऑफ़ मार्क्स इज़ नॉट गोइंग 1:40:52 टू बी सिक्स। द लेंथ ऑफ़ मार्क्स इज़ गोइंग 1:40:54 टू बी फोर। लेट्स चेक दिस आउट। हमारे पास 1:40:57 फोर ही आइटम्स आएंगे। क्यों? क्योंकि 1:40:59 डुप्लीकेट आइटम्स को सेट बाय डिफ़ॉल्ट 1:41:01 स्टोर ही नहीं करता। अगर सेट के अंदर 1:41:03 ऑलरेडी 95 आ गया, तो सेकंड टाइम 95 को 1:41:05 स्टोर नहीं करेगा। थर्ड टाइम भी स्टोर 1:41:07 नहीं करेगा। एंड इफ आई वांट टू प्रिंट द 1:41:09 मार्क्स सेट। तो इस तरीके से हमारे पास 1:41:12 मार्क्स का सेट आ जाएगा। तो ये हमारा सेट 1:41:15 वर्क करता है। एंड हम चाहें तो सेट पर 1:41:17 लूप्स भी लगा सकते हैं। जैसे इफ आई वांट 1:41:19 टू प्रूट ऑल ऑफ द स्कोर्स इन मार्क्स तो 1:41:21 कुछ नहीं करना। डायरेक्टली जाकर प्रिंट 1:41:23 करना है द स्कोर एंड वी विल गेट द कंप्लीट 1:41:27 लिस्ट ऑफ़ ऑल ऑफ़ द मार्क्स व्हिच आर 1:41:30 स्टोर्ड इन द सेट। तो कभी भी हमें यूनिक 1:41:31 आइटम्स को स्टोर कराना है तो वी कैन जस्ट 1:41:34 डायरेक्टली क्रिएट अ सेट एंड स्टोर आवर 1:41:35 यूनिक आइटम्स देयर। एंड हमारा जो लास्ट 1:41:38 डेटा टाइप जो हमारे पास एग्ज़िस्ट करता है 1:41:39 दैट इज़ कॉल्ड अ डिक्शनरी। डिक्शनरी भी 1:41:42 वैसे ही सिमिलरली वर्क करती है जैसे रियल 1:41:44 लाइफ के अंदर डिक्शनरी होती है। जैसे वी 1:41:46 हैव सीन अ हिंदी और एन इंग्लिश डिक्शनरी। 1:41:48 तो उसमें क्या होता है? हमारे पास वर्ड 1:41:50 मीनिंग्स होते हैं। हमारे पास कोई वर्ड 1:41:52 होता है एंड उस वर्ड का कुछ ना कुछ मीनिंग 1:41:56 हमारे पास स्ट होता है। तो पython 1:41:58 डिक्शनरी के अंदर इसी वर्ड की जगह हमारे 1:42:00 पास की होता है। एंड हर की के लिए हमारे 1:42:03 पास कुछ ना कुछ वैल्यू स्टर्ड होती है। सो 1:42:05 डिक्शनरी इज़ अ कलेक्शन ऑफ़ की वैल्यू 1:42:07 पेयर्स। की और वैल्यू के पेयर्स हमारे पास 1:42:10 स्टर्ड होते हैं। और डिक्शनरी के अंदर 1:42:11 सारी की सारी जो कीज़ हैं वो बाय डिफ़ॉल्ट 1:42:14 यूनिक होती हैं। डिक्शनरी को कैसे क्रिएट 1:42:16 करते हैं? जैसे लेट्स सपोज़ हमें बहुत सारे 1:42:19 स्टूडेंट्स और उनके मार्क्स स्टोर करवाने 1:42:21 हैं। या इससे भी एक सिंपल एग्जांपल लेते 1:42:22 हैं। लेट्स सपोज़ किसी एक स्टूडेंट के लिए 1:42:24 हमें उसके सब्जेक्ट के साथ मार्क्स स्टोर 1:42:26 करवाने हैं। जैसे इफ आई वांट टू स्टोर द 1:42:28 मार्क्स। तो सबसे पहले तो हम मैथ के 1:42:30 मार्क्स स्टोर करवाएंगे। लेट्स सपोज़ दैट्स 1:42:33 99। उसके बाद हम फिजिक्स के मार्क्स स्टोर 1:42:37 करवा लेते हैं 97 एंड उसके बाद केमिस्ट्री 1:42:41 के मार्क्स स्टोर करवा लेते हैं 98। तो इस 1:42:45 तरीके से हमारे पास हर एक सब्जेक्ट के 1:42:46 मार्क्स स्टोर हो गए। एंड दिस इज़ व्हाट अ 1:42:48 डिक्शनरी इज़। इसके अंदर ये एक की वैल्यू 1:42:51 पेयर है जिसके अंदर मैथ इज़ द की एंड 99 इज़ 1:42:54 द वैल्यू। सिमिलरली फिजिक्स इज़ द की एंड 1:42:57 97 इज़ द वैल्यू। एंड की एंड वैल्यू को हम 1:42:59 अपने कोलन से सेपरेट करते हैं और पूरे 1:43:01 पेयर को हम अपने कॉमा से सेपरेट करते हैं। 1:43:03 जैसे इफ आई वांट टू प्रिंट मार्क्स एंड 1:43:07 टाइप ऑफ मार्क्स तो हमारे पास डिक्शनरी 1:43:10 प्रिंट होकर आएगा। डीआईसीटी डिक मतलब 1:43:12 डिक्शनरी। अब यहां पर हमारी जो कीज़ हैं वो 1:43:15 हमेशा यूनिक रहती हैं। वो डुप्लीकेट नहीं 1:43:17 हो सकती। पर वैल्यूज़ डुप्लीकेट हो सकती 1:43:19 हैं। जैसे मैथ्स एंड केमिस्ट्री दोनों में 1:43:21 अगर 99 मार्क्स आए हैं देन दैट इज़ अ वैलिड 1:43:25 वैल्यू दैट कैन एज़िस्ट इन द डिक्शनरी। 1:43:27 उसके साथ में लेट्स सपोज़ अगर हमें किसी भी 1:43:29 स्पेसिफिक सब्जेक्ट के मार्क्स को एक्सेस 1:43:30 करना है। मतलब किसी भी वैल्यू को अगर हम 1:43:32 एक्सेस करना चाहते हैं तो यहां पर 1:43:34 डिक्शनरी में हमारे पास कोई इंडेक्स नहीं 1:43:36 होता। इंस्टेड वी एक्सेस विद द की वैल्यू। 1:43:39 जैसे अगर हमें फिजिक्स के मार्क्स प्रिंट 1:43:40 करवाने हैं तो हम लिखेंगे मार्क्स ऑफ 1:43:46 फिजिक्स। तो उस केस में हमारे पास फिजिक्स 1:43:49 के मार्क्स प्रिंट होकर आ जाएंगे व्हिच इज़ 1:43:50 इक्वल टू 97। प्लस हम एकिस्टिंग वैल्यूज़ 1:43:53 को मॉडिफाई कर सकते हैं। जैसे इफ आई वांट 1:43:55 टू चेंज द मार्क्स इन फिजिक्स फिजिक्स के 1:43:58 मार्क्स को 97 की जगह अगर लेट्स सपोज हम 1:44:00 95 करना चाहते हैं तो वो मॉडिफाई हो 1:44:02 जाएंगे। सो डिक्शनरी इज़ म्यूटेबल। एंड 1:44:05 उसके साथ में इफ वी वांट टू ऐड अ न्यू 1:44:07 आइटम तो वो भी पॉसिबल है। जैसे अगर हम 1:44:09 फिजिक्स के साथ अपने इंग्लिश के मार्क्स 1:44:11 को भी ऐड करना चाहते हैं। लेट्स सपोज़ इसको 1:44:14 95 रख लेते हैं। एंड इफ आई वांट टू प्रिंट 1:44:17 द इंग्लिश मार्क्स हियर। 1:44:20 लेट्स क्लियर दिस। रीरन तो हमारे पास यहां 1:44:22 पर इंग्लिश के मार्क्स भी प्रिंट होकर आ 1:44:24 जाएंगे। अगर हमें लूप लगाना है अपनी पूरी 1:44:26 डिक्शनरी पर तो वी डू इट लाइक दिस कि हम 1:44:29 की को मार्क्स के अंदर मतलब बाय डिफ़ॉल्ट 1:44:33 जब भी हम इन कीवर्ड को यूज़ करते हैं और 1:44:35 फॉर लूप को यूज़ करते हैं तो हमारा जो भी 1:44:37 आइटरेटर होता है उसके अंदर मार्क्स की की 1:44:39 वैल्यूज़ आ जाती हैं। तो हम प्रिंट कर सकते 1:44:42 हैं द की एंड वी कैन आल्सो प्रिंट द 1:44:44 मार्क्स ऑफ़ की। इट्स क्लियर दिस एंड 1:44:48 प्रिंट। तो इस तरीके से वी कैन लूप ओवर दी 1:44:51 एंटायर डिक्शनरी। तो इस तरीके से हमारे 1:44:53 चारों कॉम्प्लेक्स डेटा टाइप्स Python के 1:44:54 अंदर वर्क करते हैं। एंड जस्ट एज़ अ साइड 1:44:56 नोट जब भी हमारे पास म्यूटेबल डेटा टाइप्स 1:44:58 होते हैं वो जनरली स्लोअर होते हैं एज़ 1:45:00 कंपेयर टू इम्यूटेबल डेटा टाइप्स। क्योंकि 1:45:02 इम्यूटेबल डेटा टाइप्स के अंदर कोई एडिशन, 1:45:04 कोई मॉडिफिकेशंस अलाउड नहीं होते। तो वहां 1:45:06 पर इट्स सिंपलर एंड फास्टर इन मेमोरी टू 1:45:08 परफॉर्म ऑपरेशंस ऑन देम। तो इससे हम कह 1:45:10 सकते हैं कि हमारे जो टपल्स हैं वो जनरली 1:45:12 फास्टर होते हैं एज़ कंपेयर टू आवर लिस्ट। 1:45:15 तो कभी भी अगर हमारे पास ऐसा डेटा है 1:45:16 जिसके अंदर हमें ऐड करना है या चीजों को 1:45:18 मॉडिफाई करना है, चीजों को डिलीट करना है 1:45:20 तो वहां पर तो उस डेटा को हम लिस्ट के 1:45:22 अंदर स्टोर करेंगे। पर अगर हमारे पास ऐसा 1:45:24 डेटा है जिसको हमें बस एक बार स्टोर करना 1:45:26 है उसको खास मॉडिफाई नहीं करना तो ऐसे 1:45:28 डेटा को हम अपने टपल्स के अंदर स्टोर करना 1:45:30 प्रेफर करेंगे। सो, दिस इज़ व्हेयर वी 1:45:32 कंप्लीट आवर पार्ट फाइव। एंड इसके साथ में 1:45:34 वी कैन पॉज द लेक्चर हियर एंड कंप्लीट आवर 1:45:36 प्रैक्टिस एक्सरसाइज फाइव। एंड नाउ, लेट्स 1:45:38 मूव ऑन टु द फाइनल पार्ट व्हिच इज़ गोइंग 1:45:40 टू बी पार्ट सिक्स। नाउ इन पार्ट सिक्स 1:45:42 दीज़ आर द कांसेप्ट्स दैट वी आर गोइंग टू 1:45:44 कवर। सबसे पहले बात करते हैं व्हाट 1:45:46 एग्जैक्टली आर फंक्शनंस। हमारे कोड के 1:45:49 अंदर अगर हमें कोई काम परफॉर्म कराना है 1:45:51 तो एक तो तरीका है कि उसी काम को हम 1:45:53 बार-बार बार-बार रिपीट करके लिख सकते हैं। 1:45:55 जैसे लेट्स सपोज़ काम इन द सेंस कोई हमें 1:45:57 ऑपरेशन परफॉर्म करना है। जैसे लेट्स सपोज़ 1:45:59 वी आर गिवन द प्राइस ऑफ़ एन आइटम। हमारे 1:46:02 पास किसी एक आइटम का प्राइस है। द प्राइस 1:46:03 इज़ 100. हमें इस आइटम के प्राइस में 1:46:06 जीएसटी अमाउंट को ऐड करना है। तो जीएसटी 1:46:09 को हम 18% अस्यूम कर सकते हैं। तो प्राइस 1:46:12 से अगर हमें न्यू प्राइस कैलकुलेट करना है 1:46:14 जिसके अंदर हम जीएसटी को भी ऐड करेंगे। तो 1:46:16 एक तो हम ओरिजिनल प्राइस वैल्यू लेंगे एंड 1:46:19 उसके अंदर वी नीड टू ऐड 18% जीएसटी। जिसका 1:46:22 मतलब है कि ओरिजिनल प्राइस को ही हम 1:46:24 मल्टीप्लाई कर देंगे 0.18 के साथ। सो दिस 1:46:27 इज़ प्राइस + 18% जीएसटी। तो हमारे पास 1:46:29 न्यू प्राइस आ जाएगा। तो लेट्स लुक एट द 1:46:32 न्यू प्राइस वैल्यू एंड ये हो गया हमारे 1:46:34 पास 118. अब लेट्स सपोज ये जो जीएसटी ऐड 1:46:37 करने का काम है ये हमें डिफरेंट प्राइसेस 1:46:40 के साथ करना है। मतलब प्राइस वन की वैल्यू 1:46:42 100 है। इसके अंदर भी हमें जीएसटी ऐड करना 1:46:44 है। तो इस तरीके से ऐड करेंगे तो ये हमारा 1:46:46 न्यू प्राइस वन हो जाएगा। सेम काम कल को 1:46:49 हमें प्राइस टू के साथ भी करना है। सो वी 1:46:51 हैव सम प्राइस टू वैल्यू। तो इसके लिए 1:46:53 दोबारा से हमें एक और लाइन लिखनी पड़ेगी। 1:46:55 दोबारा से सारा काम परफॉर्म करना पड़ेगा। 1:46:57 एंड इस तरीके से कोड के अंदर क्या होगा? 1:46:59 एक रिडंडेंसी आएगी। रिडंडेंसी मतलब सेम 1:47:02 लॉजिक हम बार-बार बार-बार लिख रहे हैं। तो 1:47:04 कभी भी एक अच्छे प्रोग्रामर की एक स्किल्ड 1:47:07 प्रोग्रामर की निशानी ये होती है कि कभी 1:47:08 भी वो सेम कोड को सेम लॉजिक को बार-बार 1:47:10 नहीं लिखते। अगर कहीं हमें कोड के अंदर 1:47:13 ऐसा दिख रहा है प्रोग्राम में दिख रहा है 1:47:14 कि वही लॉजिक बार-बार रिपीट हो रहा है तो 1:47:16 वी कन्वर्ट दैट लॉजिक इंटू अ फंक्शन। मतलब 1:47:20 हम एक सिंगल ब्लॉक ऑफ कोड सिंगल पीस ऑफ़ 1:47:22 कोड बना देंगे जो वो उस सेम काम को 1:47:24 परफॉर्म करेगा। जैसे अगर जीएसटी 18% 1:47:27 जीएसटी ऐड करने का काम हमें बार-बार 1:47:29 परफॉर्म करना पड़ रहा है तो हम क्या 1:47:31 करेंगे? उसको एक फंक्शन के अंदर कन्वर्ट 1:47:33 कर देंगे। फंक्शन बनाने का क्या मतलब है? 1:47:35 फंक्शन बनाने का मतलब है जैसे एग्जांपल 1:47:38 लेते हैं। एक ऐसा फंक्शन जो दो नंबर्स का 1:47:41 सम कैलकुलेट करता है। मतलब हो सकता है दो 1:47:43 नंबर्स का सम हमें बार-बार कैलकुलेट करना 1:47:45 पड़ रहा हो कि 1 + 2 कैलकुलेट करना पड़ 1:47:47 रहा है। फिर दोबारा से सम टू में हमें 5 + 1:47:51 4 कैलकुलेट करना पड़ रहा है। इस तरीके से 1:47:53 वी आर कैलकुलेटिंग सम अगेन एंड अगेन। तो 1:47:55 इस सम कैलकुलेट करने को सिंपलीफाई करने के 1:47:57 लिए हम क्या कर सकते हैं? एक सम कैलकुलेट 1:47:59 करने का फंक्शन बना सकते हैं। कैसे 1:48:01 बनाएंगे? वी विल डिफाइन अ फंक्शन। तो 1:48:03 डिफाइन करने के लिए वी राइट द डेफ कीवर्ड 1:48:05 एंड हम अपने फंक्शन का नाम लिखते हैं। तो 1:48:08 फंक्शन को हम सम नाम दे सकते हैं। फिर हम 1:48:10 डिफाइन करते हैं कि क्या-क्या ऑपरेटर्स 1:48:12 होंगे या कौन-कौन सी वैल्यूज़ होंगी जो इस 1:48:15 फंक्शन को चाहिए होंगी। अब अगर हमें दो 1:48:16 नंबर्स का सम कैलकुलेट करना है। तो हमें 1:48:18 दो नंबर्स चाहिए होंगे। a एंड b हमने उन 1:48:21 दो नंबर्स को नाम दे दिया। एंड यहां पर हम 1:48:23 अपने फंक्शन का पूरा लॉजिक लिखेंगे। मतलब 1:48:26 ये फंक्शन क्या करेगा? ये फंक्शन a + b की 1:48:29 वैल्यू को कैलकुलेट करेगा। लेट्स कमेंट 1:48:31 दिस आउट। तो अब कभी भी अगर हमें सम 1:48:35 कैलकुलेट करना है तो हम सिंपली अपने सम 1:48:37 फंक्शन को कॉल करेंगे। इसके अंदर वन और टू 1:48:40 वैल्यूस को पास कर देंगे और हमारे पास उन 1:48:42 वैल्यूस का सम कैलकुलेट होकर आ जाएगा 1:48:44 व्हिच इज़ इक्वल टू थ्री। सो हाउ इज़ इट 1:48:46 वर्किंग? इट्स वर्किंग लाइक दिस कि सम 1:48:49 फंक्शन को यहां से कॉल किया जा रहा है। ये 1:48:51 हमने क्या किया है? यहां पर डेफ कीवर्ड से 1:48:54 हमने क्या किया है? अपने फंक्शन को डिफाइन 1:48:57 किया है। 1:49:00 इसको कहते हैं फंक्शन को डिफाइन करना। और 1:49:03 यहां पर सम लिखकर हमने क्या किया है? 1:49:05 इनफैक्ट इसको प्रिंट करने की जगह ऐसे लिख 1:49:07 लेते हैं। यहां पर सम लिखकर हमने क्या 1:49:09 किया है? यहां पर सम लिखकर हमने अपने 1:49:11 फंक्शन को कॉल किया है। कॉल करने का मतलब 1:49:15 होता है फंक्शन को यूज़ करना। सो वी डोंट 1:49:18 एक्चुअली हैव टू प्रिंट। वी जस्ट हैव टू 1:49:20 कॉल द फंक्शन। और हमारे पास थ्री वैल्यू 1:49:22 आकर प्रिंट हो जाएगी। तो अब हमारे पास 131 1:49:25 एंड 222 है तो इनका सम हमारे पास आ जाएगा 1:49:28 333 के इक्वल। तो इस तरीके से हम फंक्शनंस 1:49:32 को डिफाइन करते हैं। अब यही जीएसटी के लिए 1:49:34 हमें कोई फंक्शन बनाना होता तो कैसे 1:49:36 बनाते? हम सिंपली डिफाइन करते हैं एक 1:49:38 फंक्शन। इसको नाम दे देते हैं कैलकुलेट 1:49:40 जीएसटी 1:49:42 या कैलकुलेट न्यू प्राइस। कुछ भी नाम दे 1:49:44 सकते हैं। अब नया प्राइस कैलकुलेट करने के 1:49:46 लिए क्या चाहिए? हमें ओल्ड प्राइस चाहिए। 1:49:48 तो हमें ओल्ड प्राइस वैल्यू चाहिए होगी। 1:49:50 तो न्यू प्राइस कैसे कैलकुलेट करेंगे? 1:49:52 न्यू प्राइस विल बी इक्वल टू व्हाटएवर इज़ 1:49:54 द ओल्ड प्राइस प्लस प्राइस वैल्यू * 0.18 1:50:00 तो अब हमें इस तरीके से बार-बार सेम काम 1:50:03 परफॉर्म करने की जरूरत नहीं है। लेट मी 1:50:04 रिमूव दिस। तो ये क्या हो गया? ये हमारा 1:50:07 फंक्शन डेफिनेशन हो गया जिसके अंदर हमने 1:50:09 फंक्शन को डिफाइन कर दिया। अब हम अपने 1:50:12 फंक्शन को कॉल करेंगे। जैसे हम कैलकुलेट 1:50:15 जीएसटी को कॉल कर सकते हैं फॉर प्राइस 1:50:17 100। तो हमारे पास 100 के लिए जीएसटी 1:50:19 वैल्यू प्रिंट होकर आ जाएगी। अच्छा लेट्स 1:50:21 आल्सो प्रिंट द न्यू प्राइस वैल्यू। तो 1:50:25 हमारे पास 100 के लिए विद जीएसटी नया 1:50:28 प्राइस आ जाएगा 118। 1:50:30 यही सेम काम हम कोई दूसरे प्राइस के लिए 1:50:32 कर सकते हैं। मतलब अगर 200 वैल्यू है तो 1:50:35 उसके लिए वी विल गेट द प्राइस एज़ 236। तो 1:50:37 कोई भी प्राइस वैल्यू अगर हम ऐड करेंगे। 1:50:39 लेट्स सपोज़ हमारे पास 250 वैल्यू है। तो 1:50:42 ₹550 के लिए जीएसटी ऐड हो के हो जाएगा 1:50:44 ₹449। 1:50:46 सो दिस इज़ हाउ वी क्रिएट अ फंक्शन। अब वो 1:50:48 जो जीएसटी क्रिएट करने का, जीएसटी ऐड करने 1:50:50 का लॉजिक है वो अब हमें हर एक इंडिविजुअल 1:50:53 स्टेटमेंट के साथ बार-बार लॉजिक नहीं 1:50:54 रिपीट करना पड़ रहा। फार्मूला या लॉजिक 1:50:57 हमें एक ही बार लिखना पड़ रहा है। एंड दिस 1:50:59 इज़ अ रयूजेबल पीस ऑफ़ कोड जिसको हम बार-बार 1:51:02 रीयूज़ कर सकते हैं सेम काम को परफॉर्म 1:51:04 करने के लिए। तो अब कभी भी अगर हमें 18% 1:51:06 जीएसटी ऐड करना है, वी कैन सिंपली कॉल दिस 1:51:08 पर्टिकुलर फंक्शन। अच्छा, फंक्शन के अंदर 1:51:10 ये जो वैल्यूज़ होती हैं जिनको हम 1:51:12 पैरेंथेसिस के अंदर लेते हैं इन वैल्यूज़ 1:51:14 को हम कहते हैं पैराटर्स। जो पैराटर्स 1:51:17 हमारे फंक्शन डेफिनेशन के अंदर पैरेंथेसिस 1:51:19 में डिफाइंड होते हैं। एंड जो वैल्यू हम 1:51:21 एक्चुअली पास करते हैं फंक्शन कॉल के अंदर 1:51:24 इसे हम कहते हैं फंक्शन आर्गुमेंट्स। ये 1:51:26 बस टेक्निकल टर्म्स हैं। इसका एज़ सच हमारी 1:51:28 प्रोफिशिएंसी या स्किल्स से कोई रिलेशन 1:51:30 नहीं है। बट स्टिल वी शुड नो कि इस वैल्यू 1:51:32 को पैरामीटर कहा जाता है। इस वैल्यू को 1:51:34 आर्गुमेंट कहा जाता है। एंड आर्गुमेंट्स 1:51:36 जाकर हमारे पैरामीटर्स के अंदर स्टोर होते 1:51:38 हैं। जब भी हम फंक्शन को कॉल करते हैं। 1:51:40 उसके साथ में इंस्टेड ऑफ़ जस्ट प्रिंटिंग द 1:51:42 वैल्यू, वी कैन आल्सो रिटर्न वैल्यूज़ 1:51:44 फ्रॉम द फंक्शन। मतलब किसी भी फंक्शन से 1:51:46 हम चाह तो कोई भी वैल्यू रिटर्न कर सकते 1:51:48 हैं। जैसे हमने इस न्यू प्राइस को रिटर्न 1:51:50 कर दिया। हम सिर्फ एक ही सिंगल वैल्यू को 1:51:52 रिटर्न कर सकते हैं फंक्शन से। तो अगर हम 1:51:55 वैल्यू रिटर्न करेंगे तो इस केस में 1:51:56 फंक्शनंस को जब कॉल किया जाएगा तो कुछ भी 1:51:58 प्रिंट नहीं होगा। बिकॉज़ देयर इज़ नो 1:51:59 प्रिंट स्टेटमेंट। तो इस बार जब फंक्शन 1:52:01 कॉल होगा तो वैल्यू रिटर्न होगी एंड 1:52:04 रिटर्नड वैल्यू को या तो हम कहीं 1:52:06 डायरेक्टली स्टोर कर सकते हैं या फिर 1:52:07 डायरेक्टली प्रिंट कर सकते हैं। तो अब हम 1:52:09 वैल्यू प्रिंट करवाएंगे तो हमारे पास 1:52:10 फाइनल वैल्यू प्रिंट होकर आ जाएगी। सो दिस 1:52:13 इज़ हाउ वी डिफाइन एंड यूज़ आवर फंक्शनंस। 1:52:16 अब हमारे पास तीन तरीके के फंक्शनंस हो 1:52:18 सकते हैं। फंक्शनंस के अंदर एक तरीके के 1:52:20 फंक्शनंस को तो हम ऑलरेडी डिस्कस कर चुके 1:52:22 हैं। व्हिच आर द यूजर डिफाइंड फंक्शन। 1:52:26 यूजर डिफाइंड फंक्शनंस मतलब जिन फंक्शनंस 1:52:28 को हम क्रिएट करते हैं। जैसे कैलकुलेट 1:52:30 जीएसटी का फंक्शन हमने क्रिएट किया। सम का 1:52:32 फंक्शन हम क्रिएट कर सकते हैं। तो ये यूजर 1:52:34 डिफाइंड है। उसके अलावा हमारे पास इनबिल्ट 1:52:36 फंक्शन भी हो सकते हैं जिनका लॉजिक ऑलरेडी 1:52:38 लिखा होता है। जैसे कुछ फंक्शनंस हैं 1:52:41 जिनको हम ऑलरेडी यूज़ करते आ रहे हैं। इफ 1:52:43 वी लुक एट द प्रिंट स्टेटमेंट इफ आई 1:52:45 प्रिंट समथिंग इफ आई प्रिंट हेलो व्हाट इज़ 1:52:48 दिस प्रिंट दिस प्रिंट इज़ एक्चुअली अ 1:52:50 फंक्शन। ये एक फंक्शन है जिसके अंदर ये 1:52:52 हमने एक स्ट्रिंग पास कर दी है। ये हम एक 1:52:54 आर्गुमेंट पास कर रहे हैं फंक्शन को कॉल 1:52:56 करने के लिए। तो टर्मिनल पे प्रिंट करने 1:52:59 का लॉजिक ऑलरेडी प्रिंट फंक्शन के अंदर 1:53:00 लिखा हुआ है। हमें सिर्फ उसको यूज़ करना 1:53:02 है। सिमिलरली हमारे पास वी आल्सो हैव द 1:53:05 लेंथ फंक्शन। जैसे अगर हमें किसी लिस्ट 1 1:53:08 2 3 4 5 दिस इज़ अ लिस्ट ऑफ़ फाइव आइटम्स 1:53:11 इसकी लेंथ कैलकुलेट करनी है। तो इसका 1:53:13 फंक्शन हमारे पास ऑलरेडी है। द लेंथ इज़ 1:53:15 इक्वल टू फाइव। अगर हमें इसके अंदर मिनिमम 1:53:17 वैल्यू को फाइंड आउट करना है। तो उसका 1:53:18 फंक्शन भी ऑलरेडी है। मिनिमम वैल्यू इज़ 1:53:20 वन। वी कैन ऑल्सो फाइंड द मैक्सिमम वैल्यू 1:53:23 व्हिच इज़ इक्वल टु फाइव। उसके साथ में अगर 1:53:26 हमें इसका टाइप चेक करना है तो टाइप नाम 1:53:28 का फंक्शन भी हमारे पास है। तो ये सारे के 1:53:30 सारे क्या हैं? ये सारे के सारे हमारे 1:53:32 इनबिल्ट फंक्शनंस हैं जिनको हम यूज़ कर रहे 1:53:34 हैं। प्लस वी आल्सो हैव मॉड्यूल फंक्शनंस। 1:53:36 मॉड्यूल्स क्या होती है? मॉड्यूल्स आर अ 1:53:38 कलेक्शन ऑफ़ रिलेटेड फंक्शनंस, रिलेटेड 1:53:40 क्लासेस, रिलेटेड वेरिएबल्स। मतलब रिलेटेड 1:53:43 चीजों का अगर हम एक बंडल बना दें Python 1:53:45 के अंदर, तो उसको हम मॉड्यूल कहते हैं। 1:53:46 एंड इस तरीके की काफी सारी यूज़फुल 1:53:48 मॉड्यूल्स ऑलरेडी Python के अंदर एग्ज़िस्ट 1:53:50 करती हैं। जैसे देयर इज़ अ वेरी यूज़फुल 1:53:52 मॉड्यूल इन Python व्हिच इज़ कॉल्ड मैथ। 1:53:54 मैथ मॉड्यूल के अंदर हमारे पास बहुत सारे 1:53:56 फंक्शनंस हैं। जैसे इफ आई प्रिंट 1:53:58 डायरेक्टरी ऑफ मैथ। तो मैथ मॉड्यूल के 1:54:02 अंदर क्या-क्या है वो हमारे पास प्रिंट 1:54:03 होकर आ जाएगा। जैसे मैथ मॉड्यूल के अंदर 1:54:06 इज़ स्क्वायर रूट, फ्लोर का फंक्शन, 1:54:08 फैक्टोरियल का फंक्शन, एक्सप्पोनेंशियल 1:54:10 वैल्यू कैलकुलेट करने का फंक्शन, हमारे 1:54:12 पास log कैलकुलेट करने का फंक्शन, sin 1:54:15 कैलकुलेट करने का फंक्शन, cos कैलकुलेट 1:54:17 करने का फंक्शन। तो बहुत सारे मैथ से 1:54:18 रिलेटेड फंक्शनंस हमारे पास आ जाते हैं। 1:54:21 जैसे एग्जांपल के लिए फ्रॉम द मैथ मॉड्यूल 1:54:25 लेट्स इंपोर्ट स्क्वायर रूट। तो स्क्वायर 1:54:28 रूट को अगर हम इंपोर्ट करेंगे एंड इफ आई 1:54:30 प्रिंट स्क्वायर रूट ऑफ़ 16 तो दिस इज़ 1:54:34 गोइंग टू गिव मी द फोर वैल्यू। तो इस 1:54:36 तरीके से हम स्क्वायर रूट को कैलकुलेट कर 1:54:38 सकते हैं। साथ में हमारे पास log 2 फंक्शन 1:54:40 भी होता है। जैसे log 2 ऑफ़ 16 को अगर 1:54:43 कैलकुलेट करेंगे तो इट इज़ गोइंग टू बी 1:54:46 इक्वल टू 4। log 2 क्या रिटर्न करता है? 1:54:48 log 2 बेसिकली रिटर्न कर रहा है कि टू की 1:54:50 क्या ऐसी पावर रखें कि 16 आ जाए। तो टू की 1:54:53 पावर हम फोर रख सकते हैं कि हमारे पास 1:54:56 आंसर में 16 आ जाएगा। दैट इज़ द मीनिंग ऑफ़ 1:54:58 log बेस टू। तो log बेस टू को हम यूज़ कर 1:55:01 सकते हैं। तो ये मैथ मॉड्यूल हो गई। इसी 1:55:03 तरीके से हमारे पास एक और मॉड्यूल होती है 1:55:05 व्हिच इज़ कॉल्ड रैंडम। इफ आई इंपोर्ट द 1:55:08 रैंडम मॉड्यूल तो रैंडम के अंदर हमारे पास 1:55:11 एक फंक्शन होता है व्हिच इज़ रैंडम डॉट 1:55:14 रैंडम। रैंडम डॉट रैंडम फंक्शन क्या करता 1:55:16 है? ये ज़ीरो से वन की रेंज में कोई एक 1:55:18 रैंडम नंबर हमें जनरेट करके देता है। दिस 1:55:21 इस रेंज के अंदर वन इज़ नॉट इंक्लूडेड। 1:55:24 मतलब वन से छोटी ही वैल्यू जनरेट करके 1:55:26 देगा। एंड हर बार ये रैंडम वैल्यू जनरेट 1:55:29 करेगा। मतलब यू कैन सी दैट ऑल ऑफ़ द 1:55:30 वैल्यूज़ आर डिफरेंट। तो इफ वी वांट अ 1:55:32 रैंडम वैल्यू टू गेट जनरेटेड वो हमारे पास 1:55:34 आ जाएगी। इसी के अंदर हमारे पास एक और 1:55:36 फंक्शन होता है व्हिच इज़ कॉल्ड रैंडम इंट। 1:55:39 रैंडम इंट एक रेंज के अंदर वैल्यूज़ जनरेट 1:55:41 करता है। मतलब a से B की कोई रेंज हो जैसे 1:55:44 अगर हमें वन से लेकर 10 की रेंज में कोई 1:55:47 एक रैंडम वैल्यू जनरेटेड चाहिए। तो पहले 1:55:49 फाइव जनरेट हो जाएगा, फिर से हो जाएगा, 1:55:51 नाइन हो जाएगा, फाइव हो जाएगा, फोर हो 1:55:52 जाएगा। तो रैंडम वैल्यूज़ विल गेट जनरेटेड। 1:55:54 एंड ये जो एंड बी की रेंज होती है, इसमें 1:55:56 दोनों इंक्लूडेड होते हैं। मतलब वन भी 1:55:58 जनरेट हो सकता है, 10 भी जनरेट होता है। 1:56:00 सो, दिस इज़ हाउ आवर मॉड्यूल फंक्शनंस 1:56:02 एग्ज़िस्ट। तो, यहां पर हमारा पार्ट सिक्स 1:56:04 कंप्लीट होता है। एंड नाउ वी कैन पॉज़ हियर 1:56:06 एंड ट्राई एंड कंप्लीट द प्रैक्टिस 1:56:08 एक्सरसाइज़ फॉर पार्ट सिक्स। एंड फाइनली हम 1:56:10 अपने क्रैश कोर्स के लास्ट पार्ट पर आ गए 1:56:12 हैं। व्हिच इज़ द प्रैक्टिस एक्सरसाइज़ सेवन 1:56:15 व्हिच इज़ बिल्डिंग अ मिनी प्रोजेक्ट 1:56:17 यूजिंग Python। तो पाइthन के अभी तक जितने 1:56:19 भी कांसेप्ट्स को हमने सीखा है उन सबको 1:56:20 कंबाइन करके हम एक गेसिंग गेम को बिल्ड 1:56:23 करने वाले हैं। नाउ व्हाट एक्सक्टली इज़ 1:56:25 दिस गेम? बेसिकली हम एक ऐसा गेम बनाने 1:56:27 वाले हैं कोड के अंदर जो क्या करेगा जो एक 1:56:30 रैंडम नंबर जनरेट करेगा इन द रेंज फ्रॉम 1:56:34 वन टू 50। ये रैंडम नंबर कुछ भी हो सकता 1:56:36 है। लेट्स सपोज द रैंडम नंबर इज़ 35। इट 1:56:39 कुड बी एनीथिंग। तो हमारे यूजर को एक गेम 1:56:41 खेलने को मिलेगा जिसमें दे हैव टू गेस दिस 1:56:43 रैंडम नंबर। एंड इस रैंडम नंबर को हम क्या 1:56:46 कहेंगे? हम अपना लकी नंबर कहेंगे। तो यूजर 1:56:48 को अपना लकी नंबर जो है वो गेस करना होगा। 1:56:51 अगर यूजर लेट्स सपोज़ 45 गेस करता है तो उस 1:56:55 केस में हम यूजर को हिंट देंगे कि 1:56:57 उन्होंने काफी हाई गेस किया है। मतलब द 1:56:59 गेस इज़ टू हाई। मतलब नेक्स्ट टाइम उन्हें 1:57:01 45 की जगह लेट्स सपोज़ 30 गेस करना चाहिए। 1:57:04 मतलब थोड़ी कम वैल्यू गेस करनी चाहिए। या 1:57:06 फिर अगर यूजर ने गेस किया 25 तो उस केस 1:57:10 में हम उनको हिंट देंगे टू लो। मतलब यूजर 1:57:12 को अपनी जो गेस है उसको इंक्रीस करने की 1:57:14 जरूरत है। एंड ऐसे-ऐसे हम यूजर को हिंट्स 1:57:16 देंगे। एंड गेम तब तक चलता रहेगा जब तक 1:57:18 यूजर अपने लकी नंबर को गेस नहीं कर लेते। 1:57:21 सो दिस इज़ द गेम दैट वी आर गोइंग टू बिल्ड 1:57:23 विद Python। अब सबसे पहले तो इस गेम का 1:57:26 सबसे इनिशियल पार्ट बिल्ड करते हैं। व्हिच 1:57:28 इज़ जनरेटिंग दिस लकी नंबर। तो लेट्स बिल्ड 1:57:31 आवर गेम। 1:57:33 क्लियर? एंड सबसे पहले एक फंक्शन बना लेते 1:57:36 हैं। ऊपर इंपोर्ट कर लेंगे रैंडम। लेट्स 1:57:38 क्रिएट अ फंक्शन टू प्ले दिस गेम। इस 1:57:40 फंक्शन को नाम दे देते हैं प्ले गेम। एंड 1:57:44 प्ले गेम के अंदर कोई एज सच पैरामीटर 1:57:46 हमारे पास नहीं आएगा। सबसे पहले तो हम 1:57:48 अपने लिए एक लकी नंबर को जनरेट करेंगे। 1:57:51 हाउ आर वी गोइंग टू जनरेट दिस लकी नंबर 1:57:53 यूजिंग द रैंडम मॉड्यूल। तो रैंडम मॉड्यूल 1:57:56 के अंदर रैंडम इंट नाम का फंक्शन होता है। 1:57:58 उससे हम वन से 50 की रेंज में कोई ना कोई 1:58:00 एक लकी नंबर को जनरेट करेंगे। अब हमारे 1:58:02 पास लकी नंबर तो आ गया। नाउ वी नीड टू 1:58:05 आस्क द यूजर टू गेस द नंबर। पर यूजर वो 1:58:08 नंबर एक बार गेस नहीं करेंगे। यूजर को 1:58:10 बार-बार नंबर को गेस करना पड़ेगा क्योंकि 1:58:12 जरूरी नहीं है कि फर्स्ट टाइम में लकी 1:58:13 नंबर को गेस कर ले। तो जो भी काम हमें 1:58:16 बार-बार बार-बार परफॉर्म कराना है सेम काम 1:58:18 रिपीटेडली उसको हम कैसे परफॉर्म कराएंगे 1:58:20 इन द फॉर्म ऑफ़ अ लूप। तो हम क्या कर सकते 1:58:23 हैं? एक सिंपल सा वाइल लूप क्रिएट करेंगे। 1:58:25 अभी के लिए इसमें कोई कंडीशन नहीं डाल 1:58:26 रहे। तो हम चाहते हैं हमारा वाइल लूप चलता 1:58:29 ही रहे। ऑलदो इनफाइनाइट लूप हमें क्रिएट 1:58:32 नहीं करना है। इसके अंदर स्टॉप करने की 1:58:33 कंडीशन हम डेफिनेटली ऐड करेंगे। पर अभी के 1:58:36 लिए टेंपरेरी यहां पर हम ट्रू लिख रहे हैं 1:58:37 कि हमारा लूप चलता रहे और हर बार लूप के 1:58:40 अंदर हम क्या करेंगे? यूजर से नंबर को गेस 1:58:44 करने के लिए बोलेंगे। तो हम यूजर को 1:58:47 बोलेंगे गेस द 1:58:50 लकी नंबर। तो यूजर लकी नंबर को गेस करेंगे 1:58:54 एंड उस नंबर को हम स्टोर करवा लेंगे इन द 1:58:58 फॉर्म ऑफ यूजर नंबर। लेट्स कॉल इट यूजर 1:59:01 नंबर। एक तो लकी नंबर है जो रैंडम नंबर 1:59:03 है। एक यूजर नंबर है जो यूजर ने एंटर किया 1:59:05 है। और फिर चेक करेंगे कि क्या हमारा यूजर 1:59:08 नंबर लकी नंबर के इक्वल है? मतलब क्या 1:59:11 यूजर ने सही गेस कर लिया है? अगर लकी नंबर 1:59:14 यूजर के इक्वल है इफ द यूजर नंबर इज़ इक्वल 1:59:17 टू द लकी नंबर। तो उसका मतलब है कि यूजर 1:59:19 ने सही गेस कर लिया है उस केस में तो यूजर 1:59:21 हैज़ वन द गेम। तो प्रिंट करवा देंगे U1 1:59:27 गेम ओवर। एंड इस तरीके से हम प्रिंट करवा 1:59:31 सकते हैं। बाकी सारे केसेस में क्या होगा? 1:59:33 तीन ही केसेस हो सकते हैं। या तो यूजर का 1:59:35 नंबर लकी नंबर के इक्वल है। या यूजर का 1:59:37 नंबर लकी नंबर से बड़ा है या यूजर का नंबर 1:59:39 लकी नंबर से छोटा है। एलसीएफ वाला केस 1:59:42 क्या होगा? इफ द यूजर नंबर इज़ लेस दैन द 1:59:45 लकी नंबर। तो उस केस में हमें यूजर को 1:59:48 कहना है दैट यू हैव गेस टू लो। तो हम उस 1:59:50 केस में वी कैन प्रिंट 1:59:53 टू लो। एंड इसी का एल्स केस होगा। या तो 1:59:57 इक्वल हो सकता है, लेस हो सकता है, या 1:59:59 ग्रेटर दैन हो सकता है। तो हमने सिंपली 2:00:00 एल्स लिख दिया। एंड इस केस में वी विल 2:00:03 प्रिंट टू हाई। 2:00:06 प्लस अगर यूजर ने सही नंबर गेस कर लिया 2:00:10 एंड गेम ओवर हो गया। तो क्या उसके बाद 2:00:13 दोबारा हमें इस लूप को रिपीट करने की 2:00:14 जरूरत है? डेफिनेटली नो। तो यहां से हम 2:00:17 क्या कर जाएंगे? यहां से हम ब्रेक कर सकते 2:00:19 हैं। सो दिस इज़ हाउ वी कंप्लीट द लूप। एंड 2:00:22 लास्ट में जाके वी कैन सिंपली प्रिंट थैंक 2:00:26 यू फॉर प्लेइंग। इस तरीके से हम प्रिंट कर 2:00:29 सकते हैं। तो ये क्या हो गया? ये हमारा 2:00:31 कंप्लीट लॉजिक हो गया हमारी गेम को प्ले 2:00:33 करने का। नाउ लेट्स स्टार्ट प्लेइंग द 2:00:35 गेम। गेम को एक बार प्ले करके देखते हैं। 2:00:37 कुछ नहीं करना। हमें प्ले गेम फंक्शन को 2:00:39 कॉल करना है गेम को प्ले करने के लिए। एंड 2:00:41 यहां पर आ जाते हैं अपने टर्मिनल पर। 2:00:44 लेट्स स्टार्ट द गेम। वी हैव टू गेस द लकी 2:00:47 नंबर। अब वन से 50 तक रेंज में नंबर है वो 2:00:49 हमें ऑलरेडी पता है। तो लेट मी गेस द 2:00:52 मिडिल नंबर व्हिच इज़ 25। तो 25 टू हाई है। 2:00:55 मतलब वन से 24 की रेंज में है। तो लेट्स 2:00:58 सपोज़ हमने 12 गेस कर लिया। 12 इज़ टू लो। 2:01:01 मतलब 12 से 24 की रेंज में है। तो इस बार 2:01:03 हम 20 गेस कर लेते हैं। तो 20 वाज़ द लकी 2:01:07 नंबर। तो यस वी हैव वन एंड द गेम इज़ ओवर। 2:01:10 तो इस तरीके से वी कैन बिल्ड मल्टीपल 2:01:12 गेम्स इनफैक्ट मल्टीपल डिफरेंट मिनी 2:01:14 प्रोजेक्ट्स यूजिंग Python। तो Python के 2:01:16 अंदर बहुत सारे डिफरेंट कांसेप्ट्स हमने 2:01:18 कवर कर लिए हैं आज के क्रैश कोर्स के अंदर 2:01:19 जिनको यूज़ करके बहुत सारी इंटरेस्टिंग 2:01:21 चीजें हम बिल्ड कर सकते हैं। बहुत सारे 2:01:23 इंटरेस्टिंग काम को लॉजिक को हम कोड के 2:01:26 अंदर कन्वर्ट कर सकते हैं। तो अगर यहां तक 2:01:27 हमने अपने क्रैश कोर्स को कंप्लीट कर लिया 2:01:29 है तो हमने काफी सारे इंपॉर्टेंट 2:01:31 कॉन्सेप्ट्स Python के अंदर कवर कर लिए 2:01:32 हैं। इसके बाद इफ वी वांट टू डाइव डीप 2:01:34 इंटू Python मतलब आगे अगर हम मशीन लर्निंग 2:01:37 सीखना चाहते हैं या इवन डेवलपमेंट सीखना 2:01:38 चाहते हैं तो हम और डिफरेंट कॉन्सेप्ट्स 2:01:40 को पढ़ सकते हैं Python के अंदर इन डेप्थ 2:01:42 जाकर। जैसे फाइल हैंडलिंग हो गया या फिर 2:01:44 ऊप्स के कांसेप्ट हो गए। ऑब्जेक्ट 2:01:45 ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग इन पाइथन हो गया। 2:01:47 व्हिच इज़ आल्सो अ रियलीेंट कांसेप्ट जिसको 2:01:50 पढ़ने में हमें कुछ घंटे का टाइम इन्वेस्ट 2:01:51 करना पड़ेगा। तो ये सारे कांसेप्ट्स को 2:01:53 ऑलरेडी हमने एक डिटेल्ड Python प्लेलिस्ट 2:01:56 के अंदर एंड डिटेल्ड Python वन शॉट के 2:01:58 अंदर कवर कर रखा है। तो अगर हम Python को 2:02:00 और ज्यादा इन डेप्थ पढ़ना चाहते हैं, अपनी 2:02:02 मशीन लर्निंग एंड डेवलपमेंट जर्नी के लिए 2:02:04 Python में डाइव डीप करना चाहते हैं, तो 2:02:06 वी कैन गो एंड रेफर टू द डिटेल प्लेलिस्ट 2:02:08 एंड द डिटेल्ड वन शॉट ऑफ़ Python दैट वी 2:02:10 हैव ऑन अपना कॉलेज YouTube। इनका लिंक भी 2:02:12 हमें नीचे डिस्क्रिप्शन बॉक्स के अंदर मिल 2:02:14 जाएगा। प्लस ऑल ऑफ द रिसोर्सेज दैट वी 2:02:16 टॉक्ड अबाउट दे आर आल्सो अवेलेबल इन द 2:02:18 डिस्क्रिप्शन बॉक्स। सो आई होप कि आज के 2:02:20 लेक्चर से हमें पाइथन को सीखने में बहुत 2:02:22 ज़्यादा मजा आया होगा। एंड इन सारे 2:02:23 कॉन्सप्ट्स को हम प्रैक्टिकली आगे जाकर 2:02:25 अपनी मशीन लर्निंग एंड डेवलपिंग जर्नी के 2:02:27 अंदर भी अप्लाई कर रहे होंगे। तो आज के 2:02:28 लिए इतना ही। मिलते हैं नेक्स्ट लेक्चर्स 2:02:30 के अंदर। टिल देन कीप लर्निंग एंड कीप 2:02:31 एक्सप्लोरिंग।